00:0047 साल तक जहां शराग पर पूरी तरह रूप थी, जहां 97 फीस्ती अबादी मुस्यमों की है, जहां शराग को
00:08सिर्फ परेटकों और कुछ हास चगों तक सिमित रखा गया था, अब इतिहास पदलने जा रहा है।
00:14भारत के सबसे छोटे केंडर शार्शिक परदेश लक्षदीप में 47 साल बाद पुराना शराब बंदी कानून खत्म कर दिया गया
00:22है।
00:44नया लक्षुलीट एकसाइस रेगुलिशन 2026 लागों होगा। नए नियमों के तहट शराब के निर्मान, आयात, लियाद, बिक्री और उभोग को
00:54लाइसेंस के जरिये नियंतित किया जाएगा।
00:56हलाकि सरकार ने साफ किया है कि यह पूरी तरह खुलिया बजार में नहीं बिकेगा। प्रशाशन चाहे तो खरीद और
01:03बिक्री की सीमा तेह कर सकता है।
01:05जरूरत पढ़ने पर फिर से किसी लाके में शराब बंदी लागू की जा सकती है।
01:35प्रेटन सुविधायें ज्यादा विक्सित हूँ और शराब जैसी सुविधायें भी उपलब दों।
01:38दोहजार चौबिस में पर्धान मंत्री नरेन मोदी ने लक्षदीप यात्ता के बाद यहां प्रेटन में जगरदस्त उचाल देखा गया।
01:45सरकारी आकड़ों के मताबिक 2020 में जहां कर यह 4,000 पर्याटक आये थे वहीं 2024 तक यह संख्या बढ़कर
01:5268,000 से साथा हुग गई।
01:54यानि चार साल में प्रेटन कई गुना बढ़ गया। सरकार अब इस रफ्तार को और तेज करना चाहती है। लेकिन
02:01उस पूरे फैसले का दूसरा पक्षदीप की लगबख 97,000 अबादी मुस्लिम है और इसलाम में शराब की मनाई है।
02:10इसी वज़े से 1989 में यहां शराब बं�
02:12दे लागों की गए थी। दशकों तक स्थानिये, संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस परतिबंद को लक्षदीप की संस्कृतिक और
02:19धार्मिक पैचान का हिस्सा बताया। जब 2019 में शराब नियों में धील देने का प्रस्ताव आया था तब भी स्थानिये
02:27इस तर पर का
02:41कई मुसलिम बाउल देशों और शेत्रों में नियांते तरीके से शराब की भिक्री होती है और प्रयाचन को बढ़ावा देने
02:48के लिए ऐसे कदम ज़रूरी हैं।
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