00:00एक विस्मृत द्वीब पर, जहां गुरुत्वाकर्शन काम नहीं करता, पौरानेक उड़ती हुई चट्टान हर पचास साल में नए संरक्षकों को
00:08चुन्ने लोटती है.
00:10वन की रक्षा करने वाले हाथी दादू जानते हैं कि उनका यूग समाप्थ हो रहा है.
00:16वे दो असंभावित नाय को तीनी लोमडी और पेगी कबूतर को बुलाते हैं. दोनों को एक खतरनाक पूल पार कर
00:26अपनी परीक्षा देनी होगी, जो केवल पूर्ण तालमेल में ही स्थिर होता है.
00:30दिव्य पत्थर में प्रवेश करते ही स्थिक के स्तंभ उनका साहस परकते हैं. एक गहनक्षण में दादू का शरीर चमकते
00:40कणों में बदल कर हवाओं में घुल जाता है. अब आखों में सुनरी चमक लिए लोमडी और कबूतर चोटी पर
00:48खड़े हैं. अपने इस पवित्र
00:50घर की रक्षा के लिए तैयार. मिमेफ्लिक्स डॉट कॉम पर पूरी इबुक्स पने और आडियो बुक्स सुने.
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