00:00मखमली आकाश में गोल चंद्रमा लोरी गाता था, तभी एक चंचल मेग की गुदगुदी से उसे आचु आ गई जिसने
00:08घीत को उड़ा दिया.
00:10चारों और सन्नाटा छा गया और सभी शिशु पशु जाग गये.
00:16सहायता के लिए सासी जुगनू पिप पेट चमका कर निकल पड़ा.
00:22उसने शीगरता से उल्लू की सरसराहट, वर्षा की टपटप और बिल्ली के बच्चे की पुरुपुरु ध्वनी को अपने जादूई प्रकाश
00:29में समिट लिया.
00:30पिप तुरंत वापस गया और ध्वनिया चंद्रमा को सौंप दी.
00:36कृतग्य चंद्रमा ने उन्हें मिला कर एक नवीन और भी कोमल गुनगुनाहट गाना आरंब किया.
00:43स्वयं को सुरक्षित अनुभव कर पिप पत्ती पर सिमट गया.
00:47शिशू पशूओं ने आखे बंद कर ली और संपूर्ण संसार सो गया.
00:53पूरे ई-बुक्स और आडियो बुक्स पढ़े एवं सुने मिमिफ्लिक्स डॉट कॉम पर.
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