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LPG Cylinder Price Hike 2026: सरकार के मुताबिक घरेलू LPG Cylinder पर करीब ₹700 का घाटा हो रहा है। Indian Oil (IOC), BPCL और HPCL जैसी Oil Companies को FY26 में लगभग ₹60,000 करोड़ की Under-Recovery का सामना करना पड़ रहा है। आखिर Gas Cylinder की असली कीमत क्या है? सरकार पर कितना दबाव है? क्या आगे LPG के दाम और बढ़ सकते हैं? और इसका आम आदमी की जेब पर कितना असर पड़ेगा? इस वीडियो में जानिए LPG Price Hike, Oil Companies Loss, Delhi, Mumbai, Kolkata, Bengaluru LPG Rates और पूरी कहानी आसान भाषा में।

LPG Cylinder Price Hike 2026: According to the government, there is an under-recovery of nearly ₹700 on every domestic LPG cylinder. Oil Marketing Companies such as Indian Oil (IOC), BPCL, and HPCL are expected to face an under-recovery of around ₹60,000 crore in FY26. What is the actual cost of an LPG cylinder? How much pressure is the government under? Could LPG prices rise further in the coming months? And how will this impact the pockets of ordinary households?
In this video, we explain the complete story behind the LPG price hike, the losses faced by oil companies, the latest LPG cylinder rates in Delhi, Mumbai, Kolkata, and Bengaluru, and what it all means for consumers—in a simple and easy-to-understand way.

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~HT.410~GR.510~PR.476~ED.472~GR.506~VG.HM~

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Transcript
00:27GAS SELENDER
00:30लेकिन इस बार सिर्फ 39 रुपे की बढ़ोत्री की खबर नहीं है
00:33बल्कि इसके पीछे छिपा हुआ है 60,000 करोगा बढ़ा खेल
00:37जो आने वाले महीनों में आपकी रसोई का बजट हिला सकता है
00:41सरकार ने 14,02 किलो वले घरेलू LPG सेलेंडर की कीमत 29 रुपे बढ़ा दी है
00:47दिल्ली मैप सेलेंडर 913 रुपे से बढ़कर 942 रुपे हो गया है
00:52यह सिर्फ 3 महीनों में दूसरी बढ़ोत्री है
00:55मार्च में 60 रुपे का इजाफ़ा किया गया था
00:58यानी कुल मिला कर 3 महीनों में सेलेंडर 89 रुपे मेंगा हो चुका है
01:02लेकिन असली कहानी यहां से सुरू होती है
01:05सरकार का कहना है कि आज एक घरेलू LPG सेलेंडर को खरीद कर
01:09भारत तक लाकर स्टोर करके और ग्राहक तक पहुँचाने के कुल लागत
01:14सोला सु रुपे से जादा बैठ रही है
01:16जबकि उपभुकता से केवल 942 रुपे लिये जा रहे हैं
01:20दोनों के बीच का अंतर लगभग 700 रुपे है
01:23जिसे अंडर रिकवरी कहा जाता है
01:25अब आईए आपको बताते हैं कि देश के प्रमुख सहरों में
01:29एलपीजी सेलेंडर के नए रेट क्या है
01:31बात करे दिल्ली की तो पुराना रेट 913 रुपे था
01:35और नया रेट 942 रुपे हो गया है
01:37बात करे वुम्माई की तो पुराना रेट 912.50 रुपे था
01:42और नया रेट 941.50 रुपे हो गया है
01:54�ameska 250 रूपई ह puff
01:57ैंज 23550 रूपई हुग
02:00। cucarment 257 ५ाra
02:12खाटा अखिर किसका है
02:13यहाँ एक बात समझना बेहत जरूरी है यहाँ घाटा सीधे सरकार का नहीं बलकी सरकारी तेल कमपनियों का भी है
02:20मुख्यरूप से इंडियन ओयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम
02:25इन कमपनियों को हर घरेलू सेलेंडर बेशने पर लगभग 700 रुपए का नुकसान हो रहा है
02:30अगर मालने की किसी देश में करोडों सेलेंडर हर महीने बिखते हैं तो यहाँ नुकसान हजारों करोड रुपए में पहुंच
02:37जाता है
02:38इसी वज़े से पिछले वित्ती वर्ष में घरेलू लपीजी पर कुल अंडर रिकाबरी लगभग 60,000 करोड रुपए तक पहुंच
02:45गई थी
02:45अब सरकार पर आखिर इसका कितना दबाओ है यही सबसे बड़ा सवाल है
02:50जब तेल कमपनिया लगातार नुकसान उठाती हैं तो आखिरकार सरकार को उनकी मदद करनी पड़ती है
02:55सरकार पहले से इन कमपनियों को राहत देने के लिए लगभग 30,000 करोड रुपए के मुआपजे को मनजूरी दे
03:02चुकी है
03:03मतलब सीधी वासा में समझे तो एक तरफ सरकार चाहती है कि आम आदमे को सस्ता गैस सिलेंडर मिले
03:09तो वहीं दूसरी तरफ अगर कीमते नहीं बढ़ाई जाएं तो तेल कमपनियों का घाटा लगातार बढ़ता जाता है
03:15यानी सरकार दो तरफ से दबाओ में हैं जनता को राहत भी देनी हैं और कमपनियों को बचाना भी है
03:22अब सवाल है कि अचानक इतना घाटा क्यों बढ़ गया इसके पीछे का सबसे बढ़ा कारण है वेस्ट एसिया में
03:28चल रहा तनाओ
03:29सरकार के मताबिक फरवरी से जून 2026 के बीच LPG का अंतराष्टिय बेंचमार्क प्राइज लगभग 46 प्रतिसत बढ़ गया है
03:38खासकर स्टेट औफ और मोच के आसपास पैदा हुई परिस्थितियों ने गयस की सप्लाई और सिपिंग कोस्ट दोनों को प्रभाविक
03:44किया है
03:45यानि भारत को बाहर से गयस खरीदने में पहले के मुकाबले कही ज़्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है
03:51अब बात करते हैं आम आदमी की कि आम आदमी को इससे कितना फरक पड़ रहा है
03:55पहली नजर में 29 रुपए ज़ादा नहीं लगते हैं लेकिन एक परिवार साल में 10 से 12 सेलेंडर इस्तेमाल करता
04:03है
04:03सिर्फ इस बार की बढ़ोत्री से सालाना खर्च लगबख साड़े 300 रुपए तक बढ़ सकता है
04:08और अगर मार्च से अब तक कुल 89 रुपए की बढ़ोत्री को देखें तो साल भर में 1000 रुपए का
04:15अतरिक्त खर्च बैठ सकता है
04:17मिडल क्लास के लिए भले ही या रकम छोटी लग सकती है
04:21लेकिन जिन परिवारों का मासिक बजट पहले से ही रासन, स्कूल फीस, बिजली बिल और किराय के बीच फसा हुआ
04:28है
04:28उनके लिए ये अतरिक्त प्रेशर महसूस होने लगता है
04:31अब सवाल ये है कि आखिर इस घाटे का बिल कौन भरेगा
04:35सरकार, तेल कंपनी या फिनाने वाले दिनों में आम आदमी
04:39अब सबसे बड़ा सवाल कि क्या फिर से गैस सेलेंडर महंगा होगा या नहीं
04:43यही सबसे बड़ी चिंता का विशय है
04:45जब कॉमर्सियल एलपीजी सेलेंडर महंगा होता है
04:48तो होटल, रेस्टोरेंट, धाबे और कैटरिंग बिजनस की लागत बढ़ जाती है
04:52दिल्ली में 19 किलो वाला कॉमर्सियल सेलेंडर 3,113.50 रुपे तक पहुँच चुका है
04:59इसका असर धीरे-धीरे खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिख सकता है
05:04यानि गैस सेलेंडर की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रहता है
05:09बलकि बाहर खाने के खर्च तक भी पहुँच सकता है
05:12अब सबसे बड़ा सवाल क्या गैस सेलेंडर और महंगा होगा या नहीं
05:16तो इसका जवाब पूरी तरीके से अंतर राष्टे वाजार पर टिका हुआ है
05:20अगर वेस्ट एसिया का तनाव लंबा चलता है और 700 रुपे प्रती सेलेंडर का घाटा जारी रहता है
05:26तो सरकार के सामने तीन रास्ते होंगे
05:28पहला रास्ता सरकार बड़ी सबसेडी दे और कमपनियों का नुकसान खुद उठाए
05:32दूसरा रास्ता तेल कमपनियों को घाटा सहने दे
05:36और तीसरा रास्ता है धीरे-धीरे सेलेंडर की कीमते और बढ़ाई जाए
06:07
06:09और अगर अंतर राष्ट ये हालात नहीं सुधरे तो आने वाले समय में LPG की कीमते फिर से बढ़ती हुई
06:14नजर आ सकती हैं।
06:16ऐसी ही और खबरों और अपडेट्स को जानने के लिए देखते रहें।
06:19गुड रिटन्स डिजिटल
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