00:27GAS SELENDER
00:30लेकिन इस बार सिर्फ 39 रुपे की बढ़ोत्री की खबर नहीं है
00:33बल्कि इसके पीछे छिपा हुआ है 60,000 करोगा बढ़ा खेल
00:37जो आने वाले महीनों में आपकी रसोई का बजट हिला सकता है
00:41सरकार ने 14,02 किलो वले घरेलू LPG सेलेंडर की कीमत 29 रुपे बढ़ा दी है
00:47दिल्ली मैप सेलेंडर 913 रुपे से बढ़कर 942 रुपे हो गया है
00:52यह सिर्फ 3 महीनों में दूसरी बढ़ोत्री है
00:55मार्च में 60 रुपे का इजाफ़ा किया गया था
00:58यानी कुल मिला कर 3 महीनों में सेलेंडर 89 रुपे मेंगा हो चुका है
01:02लेकिन असली कहानी यहां से सुरू होती है
01:05सरकार का कहना है कि आज एक घरेलू LPG सेलेंडर को खरीद कर
01:09भारत तक लाकर स्टोर करके और ग्राहक तक पहुँचाने के कुल लागत
01:14सोला सु रुपे से जादा बैठ रही है
01:16जबकि उपभुकता से केवल 942 रुपे लिये जा रहे हैं
01:20दोनों के बीच का अंतर लगभग 700 रुपे है
01:23जिसे अंडर रिकवरी कहा जाता है
01:25अब आईए आपको बताते हैं कि देश के प्रमुख सहरों में
01:29एलपीजी सेलेंडर के नए रेट क्या है
01:31बात करे दिल्ली की तो पुराना रेट 913 रुपे था
01:35और नया रेट 942 रुपे हो गया है
01:37बात करे वुम्माई की तो पुराना रेट 912.50 रुपे था
01:42और नया रेट 941.50 रुपे हो गया है
01:54�ameska 250 रूपई ह puff
01:57ैंज 23550 रूपई हुग
02:00। cucarment 257 ५ाra
02:12खाटा अखिर किसका है
02:13यहाँ एक बात समझना बेहत जरूरी है यहाँ घाटा सीधे सरकार का नहीं बलकी सरकारी तेल कमपनियों का भी है
02:20मुख्यरूप से इंडियन ओयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम
02:25इन कमपनियों को हर घरेलू सेलेंडर बेशने पर लगभग 700 रुपए का नुकसान हो रहा है
02:30अगर मालने की किसी देश में करोडों सेलेंडर हर महीने बिखते हैं तो यहाँ नुकसान हजारों करोड रुपए में पहुंच
02:37जाता है
02:38इसी वज़े से पिछले वित्ती वर्ष में घरेलू लपीजी पर कुल अंडर रिकाबरी लगभग 60,000 करोड रुपए तक पहुंच
02:45गई थी
02:45अब सरकार पर आखिर इसका कितना दबाओ है यही सबसे बड़ा सवाल है
02:50जब तेल कमपनिया लगातार नुकसान उठाती हैं तो आखिरकार सरकार को उनकी मदद करनी पड़ती है
02:55सरकार पहले से इन कमपनियों को राहत देने के लिए लगभग 30,000 करोड रुपए के मुआपजे को मनजूरी दे
03:02चुकी है
03:03मतलब सीधी वासा में समझे तो एक तरफ सरकार चाहती है कि आम आदमे को सस्ता गैस सिलेंडर मिले
03:09तो वहीं दूसरी तरफ अगर कीमते नहीं बढ़ाई जाएं तो तेल कमपनियों का घाटा लगातार बढ़ता जाता है
03:15यानी सरकार दो तरफ से दबाओ में हैं जनता को राहत भी देनी हैं और कमपनियों को बचाना भी है
03:22अब सवाल है कि अचानक इतना घाटा क्यों बढ़ गया इसके पीछे का सबसे बढ़ा कारण है वेस्ट एसिया में
03:28चल रहा तनाओ
03:29सरकार के मताबिक फरवरी से जून 2026 के बीच LPG का अंतराष्टिय बेंचमार्क प्राइज लगभग 46 प्रतिसत बढ़ गया है
03:38खासकर स्टेट औफ और मोच के आसपास पैदा हुई परिस्थितियों ने गयस की सप्लाई और सिपिंग कोस्ट दोनों को प्रभाविक
03:44किया है
03:45यानि भारत को बाहर से गयस खरीदने में पहले के मुकाबले कही ज़्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है
03:51अब बात करते हैं आम आदमी की कि आम आदमी को इससे कितना फरक पड़ रहा है
03:55पहली नजर में 29 रुपए ज़ादा नहीं लगते हैं लेकिन एक परिवार साल में 10 से 12 सेलेंडर इस्तेमाल करता
04:03है
04:03सिर्फ इस बार की बढ़ोत्री से सालाना खर्च लगबख साड़े 300 रुपए तक बढ़ सकता है
04:08और अगर मार्च से अब तक कुल 89 रुपए की बढ़ोत्री को देखें तो साल भर में 1000 रुपए का
04:15अतरिक्त खर्च बैठ सकता है
04:17मिडल क्लास के लिए भले ही या रकम छोटी लग सकती है
04:21लेकिन जिन परिवारों का मासिक बजट पहले से ही रासन, स्कूल फीस, बिजली बिल और किराय के बीच फसा हुआ
04:28है
04:28उनके लिए ये अतरिक्त प्रेशर महसूस होने लगता है
04:31अब सवाल ये है कि आखिर इस घाटे का बिल कौन भरेगा
04:35सरकार, तेल कंपनी या फिनाने वाले दिनों में आम आदमी
04:39अब सबसे बड़ा सवाल कि क्या फिर से गैस सेलेंडर महंगा होगा या नहीं
04:43यही सबसे बड़ी चिंता का विशय है
04:45जब कॉमर्सियल एलपीजी सेलेंडर महंगा होता है
04:48तो होटल, रेस्टोरेंट, धाबे और कैटरिंग बिजनस की लागत बढ़ जाती है
04:52दिल्ली में 19 किलो वाला कॉमर्सियल सेलेंडर 3,113.50 रुपे तक पहुँच चुका है
04:59इसका असर धीरे-धीरे खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिख सकता है
05:04यानि गैस सेलेंडर की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रहता है
05:09बलकि बाहर खाने के खर्च तक भी पहुँच सकता है
05:12अब सबसे बड़ा सवाल क्या गैस सेलेंडर और महंगा होगा या नहीं
05:16तो इसका जवाब पूरी तरीके से अंतर राष्टे वाजार पर टिका हुआ है
05:20अगर वेस्ट एसिया का तनाव लंबा चलता है और 700 रुपे प्रती सेलेंडर का घाटा जारी रहता है
05:26तो सरकार के सामने तीन रास्ते होंगे
05:28पहला रास्ता सरकार बड़ी सबसेडी दे और कमपनियों का नुकसान खुद उठाए
05:32दूसरा रास्ता तेल कमपनियों को घाटा सहने दे
05:36और तीसरा रास्ता है धीरे-धीरे सेलेंडर की कीमते और बढ़ाई जाए
06:07।
06:09और अगर अंतर राष्ट ये हालात नहीं सुधरे तो आने वाले समय में LPG की कीमते फिर से बढ़ती हुई
06:14नजर आ सकती हैं।
06:16ऐसी ही और खबरों और अपडेट्स को जानने के लिए देखते रहें।
06:19गुड रिटन्स डिजिटल
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