00:00रानी कर्णावती के बारे में माना जाता है कि वो कांगडा की निबासी थी।
00:05वो धरती जिसे जहांगीर के शासनकाल में मुगलों ने अपनी शक्ती दिखाने के लिए जीत लिया था।
00:14शायद उस पराजय की याद उनके मन में अब भी जल रही थी।
00:20अपनी जन्म भूमी पर कपजा, मंदिनों का अपमान और अपने लोगों की शर्मिंदिकी।
00:27अब भागे ने उन्हें गरवाल की उची पहावियों में स्थापित किया था।
00:32और उन्होंने ठान डिया कि इस भूमी पर कोई आखरानता कभी भी अपना दावा नहीं जमा सकेगा।
00:40अब भागे नहें जमा सकेगा।
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