00:00राहुल को नया अपार्टमेंट मिला था, सब ठीक था, बस मकान मालिक में अजीब शर्त रखी, रात में बालकनी का
00:06दर्वाजा मत खोलना, पहली ही रात राहुल को बेडरूम के कोने से धीमी फुस-फुसा हट सुनाई दी, बालकनी की
00:13कुंडी बंद थी, फिर भी शीशे पर
00:27ही औरत कमरे में खड़ी थी, लंबे बाल चहरे पर, आँखें खाली गड्डों जैसी, वो फुस-फुसाई, मैं अभी भी
00:34यहां रहती हूँ, सुबह तक फ्लैट खाली था, सामान वहीं था, पर राहुल गायब, दर्वाजे पर नया बोड टंगा था,
00:41किराय के लिए उपल
00:42पर दोबड़ खाली खाली था, आँखें वो फुस-फुसाईब, पर प्लाप खाली था, किरा बोड़ी था, जा दोबड़ था, आँखें
00:43वाट शाबड़ ए।
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