00:006 जून यानि कल दिल्ली में हुए प्रदेशन के बाद सिक्षामंत्री धर्मिंद्र प्रदान के इस्तेफे की मांग एक बार फिर
00:06तेज हो गई है
00:07प्रदेशन का नेतरित्व कर रहे CJP फाउंडर अभीजी दीपके ने साफ कहा है कि या अंदोलन यही रुपने वाला नहीं
00:13है
00:13उनका कहना है कि आने वाले दिनों में देश भर में इस मुद्दे को लेकर बड़ा अभ्यान चिलाए जाएगा
00:18और सरकार पर दबाव लगातार बढ़ाया जाएगा
00:20यानि सवाल अब सिर्फ प्रदेशन का नहीं बलकि एक राजनीतिक दबाव का है
00:24जो धीरे-धीरे केंद्र सरकार पर निशाना बनाया जा रहा है
00:27लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या धर्मिंदर प्रदान वाके इस्तफा देंगे
00:33क्या बढ़ता विरोध और सड़क पर उतर रहे जेंजी सरकार को फैसला बदलने पर मजबूर कर सकते हैं
00:38या फिर मोजी सरकार का अब तक का राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड कुछ औरी कानी बताता है
00:46नमस्कार मेरा नाम है दीपक बेश्ट और आप देख रहे है वन इंडिया हिन्द
00:50दर्शको आखिर क्यों लगातार विरोध के बाद सरकार पीचे हटती हुई नहीं दिख रही है
00:54और क्यों राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस्तिफे की संभाबना काफी कम है
00:58अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो आप सही जगा आए है
01:02आज के इस वीडियो में हम आपको बताएंगी वो तीन बड़े कारण जिनकी वज़े से फिलहाल धर्मींद्र प्रधान का इस्तिफा
01:08होता नजर नहीं आता है
01:09पहला कारण मोधी सरकार में इस्तिफे नहीं होते हैं
01:12इस लाइन को समझने के लिए चलिया आपको ले चलते हैं 2015 में जब ललित मोधी विवाद चल रहा था
01:18विपक्ष आरोब लगा रहा था कि विदेश मंत्री सुश्मा सुराज और राजिस्तान की मुख्य मंत्री वसुंद्रा राजे ने लंडन में
01:24रह रहे ललित मोधी को वहाँ से पूर्त गाल जाने में मदद की थी
01:28इसको लेकर विपक्ष लगातार हमले कर रहा था और साथ ही स्तिफ़े की मांग हर दिन उट रही थी
01:33तबके ग्रहमंती राजनाथ सिंग ने कहा था कि ये UPA सरकार नहीं है
01:37ये NDA सरकार है या मंत्रियों के इस्तिफ़े नहीं होते हैं
01:40उस वक्त शायद किसी ने इस बयान पर साथा ध्यान नहीं दिया होगा
01:44लेकिन आज कही न कही ये लाइन इस्तिफ़े की देली में लोगों से कनेक्ट हो रही है
01:48यानि अगर धर्मेंदर प्रदान के खिलाब प्रडेशन हो रहा है तो सिर्फ मांग उड़ जाने से इस्तिफ़ा हो जाएगा
01:53ऐसी मोजी सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड को देख कर तो नहीं लगता है
01:56दूसरा सबसे बड़ा कारण
01:58इस्तिफ़ा मतलब सरकार की गलती स्युकार करना होगा
02:01राजनीती में इस्तिफ़ा सिर्फ एक व्यक्ति का पच छोड़ना नहीं बल्कि उसका सिंबॉलिक मीनिंग भी होता है
02:06अगर आज धर्मिंद्र प्रदान इस्तिफ़ा देते हैं तो विपक्ष और आंदोलन चिला रहे लोग तुरंफ कहेंगे
02:11कि देखिये सरकार ने अपनी गलती मान ले
02:14इससे सरकार की छवी गलत दिखेगी और आगे जाकर विपक्ष और लोग बार बार ऐसे आंदोलन कर सकते हैं
02:19और सरकार पर दवाओ बना सकते हैं
02:21दर्शो को यही वज़ा है कि मोधी सरकार आम तोर पर ऐसे मामलों ने बहुत साबधानी से कदम उठाती है
02:27वही सीनर पत्रकारों का भी यही मानना है कि सरकार ऐसा कोई मेसेज नहीं देना चाहती कि दवाओ पड़ा और
02:32मंत्वी हटा दिया गया
02:33सरकार की कोशिश रहती है कि चाहे कितनी भी आलोचना हो लेकिन डिसीजन उसका अपना दिखाई दे
02:38किसी आंदोलन या विपक्ष की जीत नहीं यानि अगर आज इस्तिफा होता है तो नरेटिव सरकार से निकल कर विरोध
02:44करने वाले लोगों के हाथ में चला जाएगा और सरकार शायर यही नहीं चाहती है
02:48तीसरा सबसे बड़ा करण धर्मेंदर प्रदान को प्यमो का डिलीवरी लीडर माना जाता है चली अब बात करते हैं खुद
02:54धर्मेंदर प्रदान की राजनीची सफर फिर आपको खुच समझ आ जाएगा कि क्यूं इस्तिफा नहीं हो सकता आपको बता दे
03:01धर्मेंदर प्र�
03:16राले में बरोसे मौंद और रिजल्ट ओलिएंटेट चेरा चाती है धर्मिंदर प्रदान का नाम सब से उपर आता है दिल्ली
03:22के पॉलिटिकल क्राइसेस में उन्हें पीमो का डिलीवली लीडर माना जाता है मतलब ऐसा नेता जिसे कुछ जिम्मेदारी दी जाए
03:28तो उसे जमी
03:41होता ही नहीं अगर आने वाले दिनों में आंदोलन और बढ़ता है विपक्ष का दबाव बढ़ता है या कोई और
03:46राजनीतिक समीकरण बनता है तो तस्मीर कभी ही बदल सकती है लेगन फिलहाल जो संकेत दिखाई दे रहे हैं वो
03:52यही बताते हैं कि धर्मिंदर प्रदान का
03:54इस्तिफा इतना आसान फैसला नहीं होने वाला है अब आप इस पूरे मुद्दे पर क्या सोचते हैं कि सरकार को
04:00धर्मिंदर प्रदान से इस्तिफा लेना चाहिए या सिर्फ विरोध और दबाव के अधार पर ऐसा फैसला नहीं होना चाहिए अपनी
04:06राए हमारे साथ कमें�
04:11देखते रहे ये वन इंडिया हिंग डाउनलोड तो वन इंडिया अपनाव
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