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उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की है।कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में पुलिस न्यायिक आदेशों का सम्मान करती हुई नहीं दिखती।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए।हाई कोर्ट की टिप्पणियों के बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
विपक्ष ने इसे कानून व्यवस्था और जवाबदेही से जोड़कर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।वहीं सरकार की ओर से मामले में अपना पक्ष रखा जा रहा है।आखिर कोर्ट ने क्या कहा और इस टिप्पणी का क्या असर पड़ सकता है, जानिए इस रिपोर्ट में।पूरी जानकारी के लिए वीडियो अंत तक देखें।

Serious questions have been raised over the functioning of the police in Uttar Pradesh.During a recent hearing, the Allahabad High Court made strong observations regarding police conduct.The court indicated concerns about whether judicial directions are being properly followed.Questions were also raised about the role of the state administration in the matter.The observations have sparked discussions across political and legal circles.Opposition leaders have used the remarks to criticize the government’s handling of law and order.
Meanwhile, the state government has presented its position on the issue.What exactly did the court say, and why has this matter become so significant?Watch the full report for a detailed breakdown.

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Transcript
00:00यूपी पुलिस की वफादारी सम्विधान के प्रती नहीं बलकी मौजूदा सरकार के प्रती हैं ये बात मैं नहीं कह रहा
00:07हूँ और ये कोई आम भाशन नहीं है ये बेहत गंभीर और संगीन टिपणी है देश की सबसे बड़ी हाई
00:13कोच में से एक अलाबाद हाई कोट की
00:15जस्टिस विनो दिवाकर ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने उत्तर पदेश के पूरे आड्मिनिस्ट्रेशन और पॉलिटिकल एकोसिस्टम को बेनकाब
00:24कर दिया है उनका साफ कहना है कि यूपी में सिरफ नेता जी के हिसाब से पुलिस चल रही है
00:29और अब पुलिस सम्वि
00:43विडियो में हम इस पूरी रिपोर्ट को डिकोट करेंगे हम समझेंगे कि कैसे ट्रांसवर्ज और पोस्टिंग को एक हतियार की
00:49तरह इस्तमाल किया जा सकता है विकास दूबे जैसे मामले में साथ तो मिल जाता है पबलिक का पर ये
00:56कितना सही है और क्यूं हाई कोट को ये क
01:10चैरी के मामलों को हमेशा इंसाफ का बाधा क्यों माना जा रहा है यूपी में ये सवाल उठाया है यूपी
01:18के अंदर अलाबाग हाई कोट ने दर्शकों इस वीडियो के अंदर हम इस संगीन दास्तान की एक एक पार्ट को
01:25खोलेंगे के परत को खोलेंगे कहानी की शुरु�
01:39जाकर ने कहा कि यूपी में पुलिस ऑफिसर्स के ट्रांसफर्स उनका प्रमोशन और उनकी पोस्टिंग्स मेरिट के हिसाब से नहीं
01:45बलकि पॉलिटिकल पाट्रिनेज यानि राजनीतिक संरक्षन के हिसाब से तै की जाती है कोट ने टर्म यूज किया है ट्रांसफर
02:05पोस्
02:05तो उन्हें क्या करना होगा उन्हें समविधान के नियम नहीं बलकि अपने पॉलिटिकल बॉस्स के ओर्डर को फॉलो करना होगा
02:13जो अफसर सरकार की लाइन पर चलते हैं और उन्हें नाम मिलता है और जो थोड़ी भी इंडिपेंडेंडन्स दिखाने की
02:19कोशिश करते हैं �
02:20जो समविधान के हिसाब से चलना चाहते हैं उन्हें प्यूनिटिवली यानि सजा के तौर पर किसी ऐसी जगह ट्रांसवर कर
02:27दिया जाता है जहां उनका कोई असर ही ना रहे नतीजा नतीजा ये होता है कि एक वोटिकल लॉयल्टी बदल
02:34जाती है एक पुलिस वाले का धरम ह
02:36होना चाहिए समविधान की रक्षा करना लेकिन इस ट्रांसवर के डर से उनकी लॉयल्टी रनिंग डिस्पेंशन यानि जो भी पाटी
02:43पावर में है उसकी तरफ शिफ्ट हो जाती है अब भाईया बात करते हैं सिस्टम के इंपक्ट की जब पुलिस
02:50समविधान से भटक जात
03:04हैं जो पिरियोडिक जुडिशियल नोटिस में आती रहती है यानि कोट इन पर बार बार उंगलियां उठाता है भईया आप
03:11खुश तो हो जाते हैं इनकाउंटर देखके लेकिन क्या वो सही समविधानिक प्रक्रिया से हुआ है जस्टिस दिवाकर ने कहा
03:17कि एक बहुत ब�
03:33होता है कि बिना ड्यू प्रोसेस के अरेस्ट होते हैं अल्टीरियर मोटिव जैनी बदले की भावना से या किसी भी
03:40दबाव में आकिर एफायार को दबा जिया जाता है या फिर जबर्दस्ती रेजिस्टर कर दिया जाता है और भाया प्रेवेंटिव
03:48डिटेंशन प्रोवि�
04:02इसी में थे और अब भारतिय नागरिक सुरक्षा सनिता में उन्हें रूटीन तरीके से बाइपास किया जाता है यानि उन्हें
04:08फॉलो नहीं किया जाता और सबसे हैरान करने वाली बात अगर कोट कोई ओर्डर दे भी दे तो कानून के
04:14डर से उसे पेपर पर तो कंप्लाइड �
04:17जाता है लेकिन उसकी आत्मा को मार दिया जाता है और इसी आरोप को लेते हुए अखिलेश यादव ने भी
04:24योगी सरकार पर तंज कसा है उन्होंने अपने एक्स प्लाटफॉर्म पे इन खबरों को शेर किया और सवाल उठाया कि
04:32यूपी पुलिस सही तरीके से काम नहीं कर
04:35रही है यूपी पुलिस सरकार का काम कर रही है लेकिन सम्विधान की रक्षा करने का काम वो नहीं कर
04:42रही है मैंकिन यहाँ पर एक दूसरा पहलू भी आता है यूपी का बुल्डोजर आक्शन और यूपी का इंस्टेंट चस्टिस
04:51सिस्टम अब भाईया यूपी में नयाए
04:53जल्दी शायद मिल जाता है गाजियाबाद में अभी जो केस हुआ जहां पर इंकाउंटर कर दिया गया वो भी एक
05:00ऐसा केस था जिसने लोगों के अंदर सरकार के प्रती अपना सपोर्ट बढ़ा दिया लोगों को अच्छा लगा कि कैसे
05:10दो दिन के अंदर इंसाफ हो गया ले
05:23का छोड नहीं रहा है वहिया कई सारे ऐसे केसे हैं चाहे वो गैंक्स्टर आक्ट के तहत हो या फिर
05:31किसी और आक्ट के तहत लेकिन क्या यूपी सरकार अपने मतलब के लिए पुलिस का इस्तमाल कर रही है ये
05:38एक बड़ा सवाल बन गया है ऐसे में आपकी जो भी डाय है आ�
05:50झालोबाद कर दोलाइ गूपे पहान आपकी तूप्ट कर रही है ये एकार अपन, अव्क्यू, पूपिवर्ट सवचर लग्सान इस पिर्देशान आपकी
05:59तूबाद का जोबाद कर रही है ये इस और बन वेकिन का का जिल्स अबगदाट का धूबाद कि वी उल्ड़ाद
05:59
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