00:00महिरावण और हनुमान जी का महायूत
00:06पाताल लोक का राजा महिरावण तंत्रमंत्र और काले जादू का बहुत बड़ा ग्याता था,
00:12जिसने रावण की मदद के लिए अपनी मायावी शक्तियां जुटाएं.
00:16a
00:18The morning morning, at a noon, he came to his own
00:47महिरावन के 5 प्रांदीपक अलग-अलग दिशाओं में जल रहे हैं।
00:53महिरावन का अंत करने के लिए हनुमान जी ने अपना अद्बुत पंचमुखी रूप धारण किया,
00:59जिसमें गरुड, नरसिंग, हायग्रीव, वरा और हनुमान के मुख थे।
01:06हनुमान जी ने एक साथ पाचों दिशाओं में जल रहे दीपकों को बुझा दिया,
01:12जिससे महिरावन का अहंकार तूटा और उसका अंत हो गया।
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