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Jantar Mantar CJP Protest: क्या Cockroach Janta Party के फाउंडर Abhijeet Dipke के साथ दिल्ली में कुछ हुआ है? जानिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर मचे इस भारी बवाल का पूरा सच।

The online youth movement, Cockroach Janta Party (CJP), led by founder Abhijeet Dipke, launched its first major physical protest at Jantar Mantar, New Delhi. Thousands of students and youth gathered to demand the immediate resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan over alleged irregularities in national examinations, including NEET-UG and CBSE evaluations.

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Transcript
00:00वहाँ पर जैसरी राम के नारे भी लगे थे और वहाँ पर लाल हिट ले करके भी लोग आये थे
00:06सारी बाते हुई थी लेकिन पुलिस की वश्था भी बहुत ही मुश्तायत थी ऐसे किसी भी बिरोभी तत्व जिसकी वजह
00:12से वहाँ माहौल खड़ाब हो सकता था उनको इमीडि
00:27देश के सबसे उपर के अदालत शिर्षस्थ जो न्यायाले है उसके उनकी तरफ से ये कमेंट देश की युवाओं के
00:38लिए कहीं से शुनिये नहीं है और उसके प्रतिकार स्वरूप जिस आंदोलन का जन्म हुआ है दरसल मुकुन वह पांच
00:47घंटे का आंदोलन नहीं था व
00:57बहुत बड़ा प्रस्ण इस ववस्था पर है ऐसे आंदोलन और इनकी मांग क्या है मांग है कि नीट पेपर लीक
01:04की अकाउंटिबिटी टैग हो बहुत अच्छी बात है ना जिस देश पे कितने सारे लोग ऐसे सपने देखते हैं उस
01:13सपने को पूरा करने के लिए दिन रात
01:15एक करते हैं और इम्तिहां तक चाते हैं परिक्षा होते ही पता चलता है कि पेपर लीख हो लिए और
01:22यह पेपर लीख की पहली घटना नहीं है
01:25किसी सरकार में तीन तीन बार पेपर लेख दो चुके हैं नीट के 2021, 2024, 2026 और 2024 में जब
01:33पेपर लीख हुए तो यही शिक्षा मंतरी भी थे और इन्हों ने ही कहा था कि अब भविश्य में ऐसा
01:39कभी नहीं होगा तो उनकी मानत बहुत जायज है
01:43सप्ता की दरसल, सुनील जी बहुत बरिष्ट पत्रकार है और इस बात से सहमत रही होंगे
01:47कि सप्ता की प्रकिर्टी ही दमनकारी होती है
01:51सप्ता की सबसे बरी दुरबलता है कि वो समवाद नहीं करते, पता नहीं वो किस गुरूर में रहते हैं यह
01:57समझ नहीं आता
01:57आज जो सप्ता के सिंहासन पर बैठे हुए है, वो खुद भी कहते हैं, मैं और किसी की बात नहीं
02:16जानता
02:17और पतना के गांधी मैदान से शुरू हुआ, यहां आंदोलन चिंगारी बनकर पूरे देश में फैला, उसमें जो लोग शामिल
02:25से पुछ से अंता पार्टी की सरकार में सत्ता में आए, खिर जब 2000 माम माफ करें
02:34मेंSIf seen on in 96 अंधी तेरह दिनों के लिए अन्ट व्यारी वाजपय जी की सरकार में
02:37उसमें आये, 48 की सरकार में 69 की सरकार में मोदी जी की सरकार में भी वो लोग हैं। जब
02:43ये जानते
02:44हैं आंदोलन की तासीर क्या होती है आंदोलन की जरूरत क्यों होती है और फिर यह समवाद नहीं करते हैं
02:51अक्रोच जिन्हें कहा जा रहा है क्या इस देश में उनकी कोई भागीदारी है या नहीं है सिर्फ आप उनकी
02:59स्थिती को उपहास बनाकर प्रस्तुत करें इससे समस्या
03:04का समाधान कते ही होगा मैं सुबह के सारे साथ बजे से लेकर और करीब तीन सबा तीन बजे तक
03:12जब
03:12तक सारे वहां से लोग निकल नहीं गए मौझूब का अपनी टीम के साथ हमारे कई सारे साथी
03:18पत्रकार वहां पर थे इस जेट की भरी दुपहरी में जब आस्मान से शोले बरस रहे हो
03:26दो हजार से अधिक युकों का जुटना कोई छोटी बड़ी छोटी बात नहीं है डिल्ली की चिलचिलाती गर्मी में चिलचिलाती
03:35धूत में
03:36और केवल युवा ही नहीं थे इस आंदोलन की तस्वीरे देखे हम वहां से माफ कीजिए का हम फीट लगातार
03:43भीज नहीं पा रहे हैं देखाई है जिसमें लगातार बुज़ूर्ग नजर आए कई महिलाएं हैं जिनके उम्रे शायट साथ सतर
03:52साल की भी है और वो इस आंद
04:06बूद नहीं कर रहे हैं लेकिन देश के युवाओं के साथ देश के बच्चों के साथ उनकी सेवा के लिए
04:10कि बिल्कुल मुकुंद बस एक बात में और एड कर दूँ हमेशा जैंजी आंदोलन को परिहास के रूप में देखा
04:17उनका मॉखाल हो रहा जाता है और जैंजी आं
04:32मैंने सुना जब वो मंज पर आये बार बार लोगों को कह रहे थे अपने समर्थकों को कह रहे थे
04:38कि भाई हमें शांत प्रदर्शन करना है हमें शांत पनाये रखनी है किसी भी तरह की उगरता नहीं चाहिए यहां
04:45तक कि वो नारे बाजी के लिए भी मना कर रहे थे वहां प
05:00कोई नहीं कह रहा है कि उनका सरकार से विरोध है उनकी जो मांग है बहुत ही वाजिब है और
05:11वह जो प्रदर्शन मैंने देखा है आज जंतर मंतर पर उसको बया करने के लिए मुझे अगर पूछे तो मुझे
05:18दुशयंत कुमार से कुछ उनकी पंक्तियां उधार लेनी परेग
05:21अगर आपकी इसाज़ों तो अभी बोल दूंगा बिल्कुल जोड़ी आप यह जो आज की स्थिती थी उसको दुश्यंत कुमार ने
05:30बहुत पहले लिखा है
05:31कि हो गई है पीड़ परबत सी पिगलनी चाहिए इस हिमाले से कोई गंगा निकलनी चाहिए
05:38मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए
05:45तो यह आग जलनी चाहिए जो मशाला जलाई गई है वो मशाला अनबरत जलनी चाहिए
05:51और सब्सक्रा को समवाद करना चाहिए
05:53बहुत बड़ी जरूरत है
05:54बिल्कुल केशफ जी
05:57बिल्कुल हमाई साथ स्टूडियो में ही
06:00शिवेंद्र जी जो की वन इंडिया के हमारे समवाद आता है
06:03लगातार जमीन से आपके लिए
06:05वो रिपोर्ट्स लाते हैं जो की
06:21वो रिपोर्ट भेजते नसर आ रहे थे
06:22शिवेंद्र सर आज
06:25स्टूडियो में आप हमाई साथ हैं बचाऊंगा
06:26पूरी टाइम लाइन हम समझेंगे आप से
06:29कि सुभ़े साथ पैंतालिस पर
06:31जब अभीजी दीप के
06:33पहुंचते हैं जंतरमंतर उसके बाद
06:34बारा पैंतालिस और एक बची के आज़ पास
06:36वो जंतरमंतर से निकलते हैं
06:38क्या हुआ इस पूरे दर्मियाँ पांच घंटे का
06:40ये प्रस्ट था तमाम तस्वीरें
06:42हमने अपने दर्शकों को दिखाई और अलग-लग जवासे
06:45आई भी जिसमें प्रधानमंतर नरेंदर मोदी को घेरा गया
06:47धर्मियंद प्रधान से स्तीफे की बात की गई
06:49और इसके साथ-साथ कुछ तस्वीरें ऐसी भी थी
06:52जो की बीजेपी की गुणबई के बारे में बता रही थी
06:54लिया फिर बीजेपी समर्थेद वो लोग हो सकते हैं
06:57हां में थोड़ी सी टाइम लाइन आप समझा पाए
06:58देखे सबसे बड़ी बात ही सुबह की जो टाइम लाइन सीधा सही है था
07:02कि जब एरपोर्ट पर आते हैं महां तक का सब को पता ही है
07:05टाइम था आट वजे से वो आते हैं लेकिन वो लगबख आज शाले आट और पॉने नौ के आज बहाँ
07:08से निकलते हैं
07:09और जिस तरह की सबसे बड़ी बात ये थी कि जो सबसे बड़ी बिबात का विस है था कि इनको
07:14परमीशन मिलेगी नहीं मिलेगी
07:16वो सरकार ने दी मैं पहले भी बता चुका हूँ वो सरकार ने परमीशन देना मजबूरी भी थी
07:21क्योंकि इसलिए मजबूरी थी कि जब कोई आंदोलन इतना बड़ा हो जाता है अगर सरकार उसको मना करती
07:28तो यह आंदोलन और जजयाद उगर हो सकता था मुखर हो सकता है इसका समर्थन और जश्यादा बढ़ सकता था
07:33दूसरी बात इस आंदोलन को ना सिर्फ भारत बलकि अंतराष्ट्य समधाय अंतराष्ट्य मेडिया भी देख रही थी
07:39तो जिस तरह कि हम लोकतंत राष्ट हैं लोकतंत हैं और हम सबसे बड़ा लोकतंत हैं तो बहाँ पर हमारी
07:45जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि आवाज, लोगों की जो आवाज है उन्हें उठाने का मौका दिया जाए और वो प्रोटेस्ट
07:52इस्थल ही है दिल्ली का जहां पर को�
07:55बात रख सकता है छोटा हो बड़ा हो तो यहां सरकार ने यह किया और यह उसने एक रण नीती
08:01के तहट जो जरूरी था वही किया अब सवाल यह कि बहां पर क्या हुआ सबसे बड़ी बात जो देखा
08:08गया बहां पर इक तो इंटरनेट यह वहां जो थे यह सोसल मीडिया का पू
08:24सदुपयोग करते हैं हम जानते हैं सोसल मीडिया का सदुपयोग भी बहुत सारे लोग करते हैं कई ऐसे स्टार हैं
08:30जो सोसल मीडिया के जरीही आगे आए हैं उसमें के क्रियेटर्स हैं जो आज मोधी सरकार में जो हैं बिधायग
08:37भी है उबिहार में जिसे हम कहते हैं मिथाल
08:51कि लगता है कि हमारी सरकार
08:53सोसल मेडिया को जो
08:55पॉजिटिव चीज है उसको करने
08:57वालों को आगे बढ़ाना चाहती है
08:59लेकिन उसी बक्त में देश का
09:01सरवोच नियाल है जिससे नियाय का
09:03मंदिर हम कह जहां से सबको लगता है
09:05वहां का अगर सरव
09:07CGI अपनी भासा पर
09:09मैं इसलिए कह रहा हूँ कि मनसा कुछ भी हो
09:11लेकिन उस सक्स से हम सीखते हैं
09:13उस पद से किस तरह किसी भासा की
09:16बहाँ पर हमें लगता था कि
09:17अप कोई भूले गाने मैंने इस बात को यह इसलिए करा
09:19कि जब एक नियाले कईवा कहते हैं
09:21कोट हो जाएगा यह हो जाएगा
09:23तो यह वहाँ ने बताया
09:25इस जरीए चाहें वो अभी जी दीपके की बात हो
09:28कि नहीं अगर गलत होगा
09:30तो आपको उसको उसकी चुनोती
09:32आपके सामने आएगी आप किसी भी पत पर
09:35बैठे हो और यही भारत के लोग
09:36कि खूबसूरती है उसके बाद सीजी आई ने उसको कुछ बोला नहीं
09:40वह उन्होंने उसकी सफाई दी मैं कहूंगा यह उनका बड़ अपन है
09:43लेकिन जो बोल गए उसका प्रिवाव यह रखा कि उसी वक्त में जो और तमाम समस्याएं
09:50चात्रों की नीट का पेपर लीक होना दूसरी समस्याएं भी आ गई और अब जीत दीपके ने उसको इसके साथ
09:55जोड़ करके
09:56उस बंक को खत्म किया और बंक को आगे बढ़ाया लेकिन एक चीज बहाँ पर है इंटरनेट बहाँ पर बंद
10:01होना इंटरनेट टूजी चला जाना तो बहाँ पर ही हुआ जो बहाँ पर यह कत्र हुए थे वो बहाँ पर
10:08क्या चाहते थे कि जो बहाँ पर जो हो रहा है वो अ
10:25आपने कहा गुंडा गिर्दी या वो वाली बात भी आई वो भी मेरे सामने आई लेकिन देखिए बहां अब आप
10:30सोचिए कि उन्हीं लोगों का अनुसासन देखिए जहां पर दो हजार के आसपास लोग हों वो भी युवा हों हम
10:37आम तोर पर मानके चलते हैं युवा उतना ध
10:53बंदे कीडे हैं अगर सोचिए बहां पर यह हुआ जो काकरोच का मुखोटा लगा हुए इस तरह का मैं दिखाना
10:59चाहूंगा अगर कैमरे पर दिख रहा है इस तरह का मुखोटा लगाके वो चल रहे हैं तो वो कहीं न
11:07कहीं इस से जुड़े वो अपनी मुहम उन्होंने बन
11:20है और वो मुखोट वो तब दिखाते हैं जब दोहजारे की संख्या में होते हैं और दो लोग वह हिंग
11:25लीए होते हैं हम उस समय की बात करा है जब इस देश की कई विद्धान सवाओं में माईक एक
11:31दूसरे को पर फेके गए तरक भीन हो गए लोग पर दूसरे को पर फेक �
11:37रहे हैं, माईक खेच रहे हैं, अगर उस वो परिपक्त नेता कहलाते हैं, उन नेताओं के बजाएब जो हमारा ये
11:45हुआ आता है, वो हिटली हुए लोगों से तर्क करता है, लड़ता नहीं है, कोई मारपीट नहीं होती, आप सोचिए
11:52ये कितना बड़ा द्रस है, मेरे देश क
11:55हुआ, डंडा, लाठी, पत्तर नहीं उठा रहे हैं, अपनी बात कह रहे हैं, और बिरोधी का, बिरोधी के पास खड़े
12:04हो करके, तर्क से उसे जीतने का, उसकी मनसा बदलने का, अपनी तरफ लाने का प्रयास करते हैं, आपको नहीं
12:10पता है हमें क्या नुक्सान हुआ है, �
12:14नीट के जोनों ने दिया, वो किस तरीके से, कोई कहता आद्भत्या कर लिया, आप उनको देखो, तो निश्चित तोर
12:19पे मैं कहूंगा, मनसा कैसी रही हो, किसकी कैसी रही हो, लेकिन युवाओ ने, जो मैंने देखा इस आंदोलन में,
12:25जो कहते थे कि, जैन जी, नैपाल की
12:38के खरीदेगा, अगर सरकार नहीं चेहतेगी, तो ये समर्थन बोटों को रूप में भी खड़ा हो सकता है, बहले ये
12:44पार्टी के रूप में खड़ा हो, तो सक्ता को गिराने के लिए बोट बिवक्ष में दिये जा सकते हैं, और
12:50ये तरीका गलत नहीं है.
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