00:00वहाँ पर जैसरी राम के नारे भी लगे थे और वहाँ पर लाल हिट ले करके भी लोग आये थे
00:06सारी बाते हुई थी लेकिन पुलिस की वश्था भी बहुत ही मुश्तायत थी ऐसे किसी भी बिरोभी तत्व जिसकी वजह
00:12से वहाँ माहौल खड़ाब हो सकता था उनको इमीडि
00:27देश के सबसे उपर के अदालत शिर्षस्थ जो न्यायाले है उसके उनकी तरफ से ये कमेंट देश की युवाओं के
00:38लिए कहीं से शुनिये नहीं है और उसके प्रतिकार स्वरूप जिस आंदोलन का जन्म हुआ है दरसल मुकुन वह पांच
00:47घंटे का आंदोलन नहीं था व
00:57बहुत बड़ा प्रस्ण इस ववस्था पर है ऐसे आंदोलन और इनकी मांग क्या है मांग है कि नीट पेपर लीक
01:04की अकाउंटिबिटी टैग हो बहुत अच्छी बात है ना जिस देश पे कितने सारे लोग ऐसे सपने देखते हैं उस
01:13सपने को पूरा करने के लिए दिन रात
01:15एक करते हैं और इम्तिहां तक चाते हैं परिक्षा होते ही पता चलता है कि पेपर लीख हो लिए और
01:22यह पेपर लीख की पहली घटना नहीं है
01:25किसी सरकार में तीन तीन बार पेपर लेख दो चुके हैं नीट के 2021, 2024, 2026 और 2024 में जब
01:33पेपर लीख हुए तो यही शिक्षा मंतरी भी थे और इन्हों ने ही कहा था कि अब भविश्य में ऐसा
01:39कभी नहीं होगा तो उनकी मानत बहुत जायज है
01:43सप्ता की दरसल, सुनील जी बहुत बरिष्ट पत्रकार है और इस बात से सहमत रही होंगे
01:47कि सप्ता की प्रकिर्टी ही दमनकारी होती है
01:51सप्ता की सबसे बरी दुरबलता है कि वो समवाद नहीं करते, पता नहीं वो किस गुरूर में रहते हैं यह
01:57समझ नहीं आता
01:57आज जो सप्ता के सिंहासन पर बैठे हुए है, वो खुद भी कहते हैं, मैं और किसी की बात नहीं
02:16जानता
02:17और पतना के गांधी मैदान से शुरू हुआ, यहां आंदोलन चिंगारी बनकर पूरे देश में फैला, उसमें जो लोग शामिल
02:25से पुछ से अंता पार्टी की सरकार में सत्ता में आए, खिर जब 2000 माम माफ करें
02:34मेंSIf seen on in 96 अंधी तेरह दिनों के लिए अन्ट व्यारी वाजपय जी की सरकार में
02:37उसमें आये, 48 की सरकार में 69 की सरकार में मोदी जी की सरकार में भी वो लोग हैं। जब
02:43ये जानते
02:44हैं आंदोलन की तासीर क्या होती है आंदोलन की जरूरत क्यों होती है और फिर यह समवाद नहीं करते हैं
02:51अक्रोच जिन्हें कहा जा रहा है क्या इस देश में उनकी कोई भागीदारी है या नहीं है सिर्फ आप उनकी
02:59स्थिती को उपहास बनाकर प्रस्तुत करें इससे समस्या
03:04का समाधान कते ही होगा मैं सुबह के सारे साथ बजे से लेकर और करीब तीन सबा तीन बजे तक
03:12जब
03:12तक सारे वहां से लोग निकल नहीं गए मौझूब का अपनी टीम के साथ हमारे कई सारे साथी
03:18पत्रकार वहां पर थे इस जेट की भरी दुपहरी में जब आस्मान से शोले बरस रहे हो
03:26दो हजार से अधिक युकों का जुटना कोई छोटी बड़ी छोटी बात नहीं है डिल्ली की चिलचिलाती गर्मी में चिलचिलाती
03:35धूत में
03:36और केवल युवा ही नहीं थे इस आंदोलन की तस्वीरे देखे हम वहां से माफ कीजिए का हम फीट लगातार
03:43भीज नहीं पा रहे हैं देखाई है जिसमें लगातार बुज़ूर्ग नजर आए कई महिलाएं हैं जिनके उम्रे शायट साथ सतर
03:52साल की भी है और वो इस आंद
04:06बूद नहीं कर रहे हैं लेकिन देश के युवाओं के साथ देश के बच्चों के साथ उनकी सेवा के लिए
04:10कि बिल्कुल मुकुंद बस एक बात में और एड कर दूँ हमेशा जैंजी आंदोलन को परिहास के रूप में देखा
04:17उनका मॉखाल हो रहा जाता है और जैंजी आं
04:32मैंने सुना जब वो मंज पर आये बार बार लोगों को कह रहे थे अपने समर्थकों को कह रहे थे
04:38कि भाई हमें शांत प्रदर्शन करना है हमें शांत पनाये रखनी है किसी भी तरह की उगरता नहीं चाहिए यहां
04:45तक कि वो नारे बाजी के लिए भी मना कर रहे थे वहां प
05:00कोई नहीं कह रहा है कि उनका सरकार से विरोध है उनकी जो मांग है बहुत ही वाजिब है और
05:11वह जो प्रदर्शन मैंने देखा है आज जंतर मंतर पर उसको बया करने के लिए मुझे अगर पूछे तो मुझे
05:18दुशयंत कुमार से कुछ उनकी पंक्तियां उधार लेनी परेग
05:21अगर आपकी इसाज़ों तो अभी बोल दूंगा बिल्कुल जोड़ी आप यह जो आज की स्थिती थी उसको दुश्यंत कुमार ने
05:30बहुत पहले लिखा है
05:31कि हो गई है पीड़ परबत सी पिगलनी चाहिए इस हिमाले से कोई गंगा निकलनी चाहिए
05:38मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए
05:45तो यह आग जलनी चाहिए जो मशाला जलाई गई है वो मशाला अनबरत जलनी चाहिए
05:51और सब्सक्रा को समवाद करना चाहिए
05:53बहुत बड़ी जरूरत है
05:54बिल्कुल केशफ जी
05:57बिल्कुल हमाई साथ स्टूडियो में ही
06:00शिवेंद्र जी जो की वन इंडिया के हमारे समवाद आता है
06:03लगातार जमीन से आपके लिए
06:05वो रिपोर्ट्स लाते हैं जो की
06:21वो रिपोर्ट भेजते नसर आ रहे थे
06:22शिवेंद्र सर आज
06:25स्टूडियो में आप हमाई साथ हैं बचाऊंगा
06:26पूरी टाइम लाइन हम समझेंगे आप से
06:29कि सुभ़े साथ पैंतालिस पर
06:31जब अभीजी दीप के
06:33पहुंचते हैं जंतरमंतर उसके बाद
06:34बारा पैंतालिस और एक बची के आज़ पास
06:36वो जंतरमंतर से निकलते हैं
06:38क्या हुआ इस पूरे दर्मियाँ पांच घंटे का
06:40ये प्रस्ट था तमाम तस्वीरें
06:42हमने अपने दर्शकों को दिखाई और अलग-लग जवासे
06:45आई भी जिसमें प्रधानमंतर नरेंदर मोदी को घेरा गया
06:47धर्मियंद प्रधान से स्तीफे की बात की गई
06:49और इसके साथ-साथ कुछ तस्वीरें ऐसी भी थी
06:52जो की बीजेपी की गुणबई के बारे में बता रही थी
06:54लिया फिर बीजेपी समर्थेद वो लोग हो सकते हैं
06:57हां में थोड़ी सी टाइम लाइन आप समझा पाए
06:58देखे सबसे बड़ी बात ही सुबह की जो टाइम लाइन सीधा सही है था
07:02कि जब एरपोर्ट पर आते हैं महां तक का सब को पता ही है
07:05टाइम था आट वजे से वो आते हैं लेकिन वो लगबख आज शाले आट और पॉने नौ के आज बहाँ
07:08से निकलते हैं
07:09और जिस तरह की सबसे बड़ी बात ये थी कि जो सबसे बड़ी बिबात का विस है था कि इनको
07:14परमीशन मिलेगी नहीं मिलेगी
07:16वो सरकार ने दी मैं पहले भी बता चुका हूँ वो सरकार ने परमीशन देना मजबूरी भी थी
07:21क्योंकि इसलिए मजबूरी थी कि जब कोई आंदोलन इतना बड़ा हो जाता है अगर सरकार उसको मना करती
07:28तो यह आंदोलन और जजयाद उगर हो सकता था मुखर हो सकता है इसका समर्थन और जश्यादा बढ़ सकता था
07:33दूसरी बात इस आंदोलन को ना सिर्फ भारत बलकि अंतराष्ट्य समधाय अंतराष्ट्य मेडिया भी देख रही थी
07:39तो जिस तरह कि हम लोकतंत राष्ट हैं लोकतंत हैं और हम सबसे बड़ा लोकतंत हैं तो बहाँ पर हमारी
07:45जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि आवाज, लोगों की जो आवाज है उन्हें उठाने का मौका दिया जाए और वो प्रोटेस्ट
07:52इस्थल ही है दिल्ली का जहां पर को�
07:55बात रख सकता है छोटा हो बड़ा हो तो यहां सरकार ने यह किया और यह उसने एक रण नीती
08:01के तहट जो जरूरी था वही किया अब सवाल यह कि बहां पर क्या हुआ सबसे बड़ी बात जो देखा
08:08गया बहां पर इक तो इंटरनेट यह वहां जो थे यह सोसल मीडिया का पू
08:24सदुपयोग करते हैं हम जानते हैं सोसल मीडिया का सदुपयोग भी बहुत सारे लोग करते हैं कई ऐसे स्टार हैं
08:30जो सोसल मीडिया के जरीही आगे आए हैं उसमें के क्रियेटर्स हैं जो आज मोधी सरकार में जो हैं बिधायग
08:37भी है उबिहार में जिसे हम कहते हैं मिथाल
08:51कि लगता है कि हमारी सरकार
08:53सोसल मेडिया को जो
08:55पॉजिटिव चीज है उसको करने
08:57वालों को आगे बढ़ाना चाहती है
08:59लेकिन उसी बक्त में देश का
09:01सरवोच नियाल है जिससे नियाय का
09:03मंदिर हम कह जहां से सबको लगता है
09:05वहां का अगर सरव
09:07CGI अपनी भासा पर
09:09मैं इसलिए कह रहा हूँ कि मनसा कुछ भी हो
09:11लेकिन उस सक्स से हम सीखते हैं
09:13उस पद से किस तरह किसी भासा की
09:16बहाँ पर हमें लगता था कि
09:17अप कोई भूले गाने मैंने इस बात को यह इसलिए करा
09:19कि जब एक नियाले कईवा कहते हैं
09:21कोट हो जाएगा यह हो जाएगा
09:23तो यह वहाँ ने बताया
09:25इस जरीए चाहें वो अभी जी दीपके की बात हो
09:28कि नहीं अगर गलत होगा
09:30तो आपको उसको उसकी चुनोती
09:32आपके सामने आएगी आप किसी भी पत पर
09:35बैठे हो और यही भारत के लोग
09:36कि खूबसूरती है उसके बाद सीजी आई ने उसको कुछ बोला नहीं
09:40वह उन्होंने उसकी सफाई दी मैं कहूंगा यह उनका बड़ अपन है
09:43लेकिन जो बोल गए उसका प्रिवाव यह रखा कि उसी वक्त में जो और तमाम समस्याएं
09:50चात्रों की नीट का पेपर लीक होना दूसरी समस्याएं भी आ गई और अब जीत दीपके ने उसको इसके साथ
09:55जोड़ करके
09:56उस बंक को खत्म किया और बंक को आगे बढ़ाया लेकिन एक चीज बहाँ पर है इंटरनेट बहाँ पर बंद
10:01होना इंटरनेट टूजी चला जाना तो बहाँ पर ही हुआ जो बहाँ पर यह कत्र हुए थे वो बहाँ पर
10:08क्या चाहते थे कि जो बहाँ पर जो हो रहा है वो अ
10:25आपने कहा गुंडा गिर्दी या वो वाली बात भी आई वो भी मेरे सामने आई लेकिन देखिए बहां अब आप
10:30सोचिए कि उन्हीं लोगों का अनुसासन देखिए जहां पर दो हजार के आसपास लोग हों वो भी युवा हों हम
10:37आम तोर पर मानके चलते हैं युवा उतना ध
10:53बंदे कीडे हैं अगर सोचिए बहां पर यह हुआ जो काकरोच का मुखोटा लगा हुए इस तरह का मैं दिखाना
10:59चाहूंगा अगर कैमरे पर दिख रहा है इस तरह का मुखोटा लगाके वो चल रहे हैं तो वो कहीं न
11:07कहीं इस से जुड़े वो अपनी मुहम उन्होंने बन
11:20है और वो मुखोट वो तब दिखाते हैं जब दोहजारे की संख्या में होते हैं और दो लोग वह हिंग
11:25लीए होते हैं हम उस समय की बात करा है जब इस देश की कई विद्धान सवाओं में माईक एक
11:31दूसरे को पर फेके गए तरक भीन हो गए लोग पर दूसरे को पर फेक �
11:37रहे हैं, माईक खेच रहे हैं, अगर उस वो परिपक्त नेता कहलाते हैं, उन नेताओं के बजाएब जो हमारा ये
11:45हुआ आता है, वो हिटली हुए लोगों से तर्क करता है, लड़ता नहीं है, कोई मारपीट नहीं होती, आप सोचिए
11:52ये कितना बड़ा द्रस है, मेरे देश क
11:55हुआ, डंडा, लाठी, पत्तर नहीं उठा रहे हैं, अपनी बात कह रहे हैं, और बिरोधी का, बिरोधी के पास खड़े
12:04हो करके, तर्क से उसे जीतने का, उसकी मनसा बदलने का, अपनी तरफ लाने का प्रयास करते हैं, आपको नहीं
12:10पता है हमें क्या नुक्सान हुआ है, �
12:14नीट के जोनों ने दिया, वो किस तरीके से, कोई कहता आद्भत्या कर लिया, आप उनको देखो, तो निश्चित तोर
12:19पे मैं कहूंगा, मनसा कैसी रही हो, किसकी कैसी रही हो, लेकिन युवाओ ने, जो मैंने देखा इस आंदोलन में,
12:25जो कहते थे कि, जैन जी, नैपाल की
12:38के खरीदेगा, अगर सरकार नहीं चेहतेगी, तो ये समर्थन बोटों को रूप में भी खड़ा हो सकता है, बहले ये
12:44पार्टी के रूप में खड़ा हो, तो सक्ता को गिराने के लिए बोट बिवक्ष में दिये जा सकते हैं, और
12:50ये तरीका गलत नहीं है.
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