00:00दिल्ली के जंतर मंतर पर शनिवार को एक ऐसा प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने सोशल मीडिया की ताकत और जमीनी
00:06राजनीटी के बीच के फर्क पर नहीं बहस छेड़ दी।
00:09कौकरो जंता पार्टी यानी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के दिल्ली पहुँचने के साथ ही हजारों समर्थक जंतर मंतर पर
00:17जमा हुए।
00:18मांग थी नीट पेपर लीक मामले में केंद्रिय शिक्षा मंतरी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
00:30लेकिन सवाल ये है कि पूरे दिन चले इस प्रधर्शन से आखिर हासिल क्या हुआ।
00:54सुभा एरपोर्ट से लेकर जंतर मंतर तक समर्थकों का उच्साह दिखाई दिया।
00:58प्रधर्शन स्थल पर दो से तीन हजार लोगों की मौजूद्गी का दावा किया गया।
01:03मंच से अभिजीत दीपके ने कहा कि लोग पूछते थे कि सोशल मीडिया पर पेट चला कर क्या होगा।
01:08लेकिन आज जंतर मंतर पर जुटी भीड उस सवाल का जवाब है।
01:37उन्होंने इसे किसी राजनीतिक दल का कारिक्रम नहीं बलकि चातरों की आवाज बताया।
01:41उनका कहना था कि देश की युवा शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जवाब चाहते हैं।
01:48हाला कि प्रदर्शन के दौरान सबसे बड़ी चर्चा इस बात की रही कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली लाखों की
01:54ताकट आखिर जमीन पर कितनी दिखाई दी।
01:56इंटरेट पर जिस आंदोलन को लाखों लोगों का समर्थन मिलता दिख रहा था, वो जंतर मंतर तक पहुंचते पहुंचते, कुछ
02:03हजार लोगों की भीर तक सीमित नजर आया। प्रदर्शन में शामिल युवाओं का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। कई
02:09छात्र सव
02:10उठा रहे थे कि अगर परीक्षाए ही निश्पक्ष तरीके से नहीं हो पाएंगी तो मेहनत करने का क्या मतलब रह
02:15जाएगा। उनका कहना था कि सरकार को जवाब देही तै करनी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में सुधार करना चाहिए। दिलचास
02:22बात ये रही कि इस प
02:38से एहम सवाल की क्या इस प्रदर्शन से कोई बड़ा राजनीतिक या नीतिगत बदलाव हुआ। फिलहाल इसका जवाब है नहीं।
02:45न तो केंद्रिय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया नहीं सरकार की तरफ से कोई ततकाल बड़ा एलान हुआ। लेकिन प्रदर्शन
02:51ने
02:52एक बात जरूर साबित की कि नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर युवाओं में नाराजगी मौजूद है। दूसरी
02:58और आलोचक ये भी कह रहे हैं कि केवल भीर जुटा लेना किसी आंदोलन की सफलता की गारंटी नहीं होता।
03:04असली सफलता तब मानी जा�
03:18के गल्यारों तक कितना प्रभाव छोड़ पाता है। फिलहाल तस्वीर यही है कि सोशन मीडिया से निकला एक आंदोलन राजधानी
03:25की सडकों तक तो पहुँच गया। लेकिन क्या वो व्यवस्था में बदलाव ला पाएगा। ये सवाल अभी भी खुला हुआ
03:31है। आने �
03:45व्यवस्था है।
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