00:00तो इस देश की जंटा का उसूल है कि जो आदमी से ही करेगा उसका विरोद करेंगे
00:05वरोद ने हमारा का मैं सवाल पूश रहे हैं
00:07आजम बागयस जबातन तो से क्यों हुए क्योंकि देश के अपने ही लोग गदार थे
00:12इतने जादा लोग थे जब भी देश को गुलाम क्यों बना लिए गया क्योंकि समझ नहीं थी जाती वाद के
00:17नाम पे लड़ रहे थे द्रम के नाम पे लड़ रहे थे इसलिए और आग फिर वही हो रहा है
00:27करने के लिए यहां पर उनके समर्थक है हाथ में भगत सिंग का फोटो लेकर आए हुए हैं और प्रदर्शन
00:33में हिस्सा लेने के लिए आए आपका नाम क्या है लक्ष क्या मागें आपकी सबसे पहले आप जल्दी से बता
00:40दीजिए एजुकेशन मिनिस्टर का रिजाइन क्यों
00:49पेपल लीग ना हो दान्दरी वाजी ना हो चैस के लाव और क्या मांगें तो तैवाने पर ही बताएंगे लेकि
00:56पहले काम तो करें एक काम तो पहले ठीक है क्योंकि इतना यह इतना अच्छा सिस्टम नियें कि हमारे मांगों
01:01इतने बिल्कुल एक बार में मान लेगा इतना �
01:04इस पर इसासन लगा इससे बढ़िया कि इस्तिफत हैं इस जरूती नहीं होती उतने लोग परिशान नहीं है आपकी नाराजगी
01:10किससे है धरमेंदर प्रदान से हैं पूरे सिस्टम से हैं पूरे सिस्टम से हैं आप में को कोई एक सीद
01:17बता दिए जिसमें सब सीब बड़े �
01:18चल रही है वह सारी योजना इनकी है जो अच्छी जा रहे हैं और बहुत सारी असीपियां जो खराब जा
01:26रहे हैं तो आप देखिए ना रोड़ गड़ों में गिनने से लोगों की मौत हो रहे हैं पानी वाजाता है
01:32इसकी टाइम पर परियावरन को यह नहीं छोड़ रहे है
01:35स्कुल में चिंऔर बच्चों की मौत हो रही है खराब दबाई खाने से बच्को की मौत हो रहे है गन्र
01:40पानी पीने से बच्चों की अगलगों मैं दूसार sist घना शोई हैं Karena
02:00उमर खालिद के सपोर्टर हैं अब एक तरफ आप हाथ में भगत सिंग का फोटो लिए हुए हैं जो बटवारे
02:06के खिलाफ थे एक उमर खालिद हैं जो कश्मीर को अलग करने की राय जाहिर कर चुके हैं कई मौकों
02:12का देखो बैक अब जो पुरानी बात हैं इस पे आम बात प�
02:31देश की जंता का उसूल है कि जो आदमी सही करेगा उसका विरोध करेंगे हमारे कामें सवाल पूछ रहे हैं
02:41वह सारी बात है ठीक है लेकिन उमर खालिद की जो सोच है उसको लेकर हमिशा से सवाल उठते रहे
02:57हैं
03:20वोट दिया था किसको वोट देते हो आप किसको वोट देते हो आप
03:31किसको वोट देते हैं जो सरकार चला रहे हैं एक दो पहल तो प्राइम मिनिस्टर हो गए उसके नीचे अपने
03:39ग्रह मंत्री हो गए इस जो अधिकारी है अरे रस्ते पे दिखते हैं कि पुलीश घूश का रहे हैं आम
03:44जन्ता से हैं भाई इतना टैक्स जा रहा है हरे दस बारा�
03:57इतना वेगा सिस्टम को चल रहे हैं ठीक है इसके लाव बस आखरी सवाल में समझना चाहता हूं कि आपकी
04:05लड़ाई सता से हैं या व्यवस्ता से हैं हमाई लड़ाई ना तो किसी नेता से हैं न सरकार से माँ
04:12बता दो हमाई लड़ाई एक करफ्षन के खिलाफ रिष्टर च
04:25कह सकते हैं जिसके नाम पर इन्हों ने पार्टी बनाई है फिलाल यह सही है गलत है वो बात का
04:31विशा है लेकिन इन्हें समझना इस वक्त पर थोड़ा सा मुझे लगता हूं उसको मिलनी चाहिए अगर इनको समझ जाते
04:38हैं ना देश की जनता तो आज यह दिन नहीं देखने
04:54और क्या यह अपनी मांगों पर अडे रहते हैं क्या यह उतने ही ट्रंस्पेरेंट रहते हैं जो त्ने आज हैं
04:59या फिर इनकी कोई और रण मीती आगे आने वाले समय आगे लेकिन इनको मिल सकते हैं
Comments