00:00हमारे साथ थे गाड साहब हैं, गर्मी को लेकर कैसी आपको परचानिया में सब्सक्राइब हो जाता है
00:19यह जो महा प्रले आच चुकी है वो सबसे अधिक हमारे उपर ही तूटनी है
00:26हालां कि उसके जो जिम्मेदार लोग हैं, वो हम नहीं है, गजप नाइनसाफी है
00:30के लॉन मस्क के जो दो जेट हैं, वो एक साल में जितना कारबन उतसरजित कर देते हैं, उतना आउसत
00:36भारती है, 2700 सालों में भी नहीं कर पाएगा
00:38और अभी हम उस अमीरादमी के पूरे फुट्परिंट की बात नहीं कर रहे हैं, हम उसके सिर्फ दो जेट्स की
00:42बात कर रहे हैं, और यह बात सिर्फ किसी एक अमीरादमी की नहीं है, इन सब की है
00:45कर्तूत इनकी है भुगतने हम वाले हैं
00:47वो अपने आपको एक अलग प्रजाती ही मानते हैं
00:49वो कहते हम रहेंगे हम बचे रहेंगे
00:51और जब प्रत्वी पूरी आग लग जाएगी तो हम अपने रॉकेट पर बैठ कर
00:54किसी और ग्रह में चले जाएगे
00:55समस्यासारी यह है कि उनकी राजनेताओं के साथ साथ गाठ है
00:59और हम उन राजनेताओं को भी पूचते हैं
01:00हमारी आखों के सामने हमारी ही जेब से पैसे ले करके
01:04और हमसे ही वोट ले करके हमें बरबाद किया जा रहा है
01:07हम जैसे रहें हैं अतीत में
01:10जो भी हमारी व्यवस्था रही है पारिवारिक व्यवस्था राजनेतिक व्यवस्था धार में एक सांस्कृतिक व्यवस्था अर्थिक व्यवस्था वो सब गलत
01:17रही है और चूकियों सब की सब गलत रही है तो उन्होंने हमें ला करके इस बरबादी पर खड़ा कर
01:22दिया है �
01:23और हमें इमानना पड़ेगा आज, हमारा जितना आतीत रहा है, हमें उसका कुनर मुल्यांकन करना पड़ेगा,
01:29अपने बच्चों गों कौन सी दुनिया दे रहे हैं ये, गों हमें कोसेंगे, कि हमें क्यों प्यादा किया,
01:34भुन-भुन के मरने के लिए, रोस्टेड टु डेथ, आप बताओ ये बिचारे, जो दिहाडी मजदूर होते इंका क्या होगा,
01:43ये कैसे दिन में काम करेंगे और कंस्रक्शन एक्टिविटी तो सब दिन में होती है,
01:48अगर कुछ मुठी भर इंसान बच गए, तो वो हमारी पीडी से पूछेंगे, कि तुम कितने बेवकूफ लोग थे, तुम
01:55राजनीती में घुसे हुए थे, तुम तूतू मैमा में घुसे हुए थे, तुम खेल, कॉमेडी, मनुरंजन इसमें घुसे हुए थे,
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