00:00Kuna shay ke bade vishdharo ke khilaaf
00:04Kundaliy Marker Shikanja
00:05Jadne ka yi karovar
00:09Apne pruvain pa chalha rakhahe Aetf na
00:11Pahle Rajaastaham mein
00:14Phrir Jharakhand mein
00:17Or áaj Madhya Pradess ke Ujjayan mein
00:19Ek bade hath, safalta arjit hoi
00:22Jav eek kukhyaat
00:24Malak dubbiyo ka taskar
00:27Antar Raja Jaya taskar
00:28जो पिछले दस वर्सों से नशे के धंदे में आकंठ लिप्त था, पिछले तीन सालों से पुलिस की आखों में
00:37धूल जोग कर भरार चल रहा था, राकेश, पुत्र चत्रभुज, निवासी, नीमच, मध्यप्रदेश.
00:45इस तसकर की कहानी थोड़ी सी हैटकर है, आम तर पर सारे तसकर आठमी फैल, दसमी फैल होते हैं, यह
00:52वह तसकर है जिसने आईटी आई से डिप्लोमा किया, पर डिप्लोमा धारी एक युवक छोटे पैसों की नौकरी उसे रास
01:00नहीं आई, और बड़ी कमाई करने की मक्तव का
01:04में कब वह नशे के दलदल में डूब गया उसको खुदी पतानी चला, पिछले दस साल से लगातार एक संग्राहक
01:13के रूप में, जिसको कहते हैं, ना हरे लगे ना फिटकरी लगे और रंग चोखा आजाए, ना उत्पादन करना पड़े,
01:20नहीं ग्राहक को बेचना पड़े
01:23बस चुप चाप उत्पादगों से, अवैद उत्पादगों से संग्राह करके संग्राहक के रूप में जमा करना, और दलाली करते हुए,
01:31राजस्थान के तसकरों को वह पुरी खेप पकड़ाना, राकेश का पिछले दस वरसों से, पहले मुकरत में दर्ज हुए मध्य
01:38प्र
01:52के साथ दे याता, तो कभी चौकसी कामा जाती है, और हर बार परार होने में कामयाब हुआ, पर जब
01:59से एंटीएफ की टीम उसके पीछे पड़ी, उसके दिन का चैंग, और रातों की नीद हराम हो गई, लगतार परिशान
02:06होने के बाद राकेश ने एक जोतिशी को पुरोहि
02:17इसके लिए उसे बताया कि उसकी कुंडली में कालफ सर्फ दोश है, और इसके लिए उसे उज्जेन जाके महाकाल के
02:24हां लंबी पुजा अर्चनासा लना करनी पड़ेगी, तभी एक कालफ दोश हटेगा, और उसको दुखों से मुक्ती मिलेगी, और यही
02:32टिप, किसी ने कि
02:35इसी माधिरम से एंटीफ तक पहुंच गई, और एंटीफ की टीम राकेश के पीछे पहुंच गई, उज्जेन महाकाल के दरबार
02:42में, मंदिर दर मंदिर भूंती रही, कभी भक्त बनकर, कभी यग्य कराने वाला बनकर, एंटीफ की टीम में घुंती रही,
02:51अखिर एक छोट
02:52मंदिर में कालसर्ब दोश की मुक्ति का की साधना कराता हुआ राकेश, एंटीफ को दिख गया, और वहीं धर्द बोचा
03:00एंटीफ की टीम ने उसको
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