00:00एक मुआम्मा है समझने कन समझाने का
00:21एक मुआम्मा है समझने कन समझाने का
00:30जिन्दगी काहे को है खाब है दीवाने का
00:42एक मुआम्मा है समझने कन समझाने का
00:51और सुनिये मौतरवा, फरमाते हैं क्या?
00:56हुस्न एजात मेरी, इश्क सिफत है मेरी
01:04क्या बात कही?
01:06हुस्न एजात मेरी, इश्क सिफत है मेरी
01:14हुस्न एजात मेरी, इश्क सिफत है मेरी
01:23इश्क सिफत है मेरी, इश्क सिफत है मेरी
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