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  • 25 minutes ago
नेपाल में क्यों शुरू हुआ पीएम बालेन शाह का विरोध? देखें

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00:08नमस्कार आप देखरें आज तक मैं हूँ आपके साथ इमान शुद्धिक्षित नेपाल के प्रधार मुल्तिरी बाले इंच शाह भारत से
00:14सीमा विवात पर दिये गए अपने बयान को लेकर मुश्किल में फस्ते जा रहे हैं
00:18नेपाल के विपक्षी दलों की ओर से भारी विरोध प्रधर्शन के बाद चात्र संगठन भी अब सड़कों पर उतराए हैं
00:25चात्र संगठनों ने सोमवार को काटमांडू के मैतिघर मंडला में बालिनशा की ओर से रईवार को संसद में भूमिय अतिक्रमन
00:32को लेकर की गई व
00:46उनके बयान पर विवाद रुक नहीं रहा एक रिपोर्ट आपको रिखाते हैं और फिर समझेंगे कि क्या इस मामले में
00:53अब आगे होता दिख रहा है
01:00नेपाल की सत्ताधारी राश्ट्रे स्वतंत्र पार्टी के भीतर प्रधान मंत्री बालेन शाह के उस पुर्वादित बयान कुली कर मतभीत सामने
01:09आए
01:09जिसमें उन्होंने कहा था कि नेपाल ने भी भारत ये शेत्र पर अधिक्रमन किया है
01:14सबसे दिल्चस्प बात ये है कि जिस वक्त नेपाल में भारत को लेकर बवाल मचा
01:19ठीक उसी वक्त आरेसपी के अध्यक्ष रवी लमी चाने का नई दिल्ली के बीजेपी आफिस में भव्य स्वागत किया गया
01:25बीजेपी दफ्तर में रवी लामी चाने पर फूलों की बारिश की गई और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनका पार्टी
01:32दफ्तर में फूलों के गुलदस्तों के साथ स्वागत किया
01:35दूसरी तरफ आरेस्पी में नेताओं का एक भड़ा कथित तौर पर बालेइन शाह से संसद में भारत को लेकर दिये
01:42गए बयान पर माफी मांगने की मांग कर रहा है
01:44नेपाली वेबसाइट खबर हब ने पार्टी सूतरों के हवाले से कहा है कि पूलों विवेक शील्ड साजह समू से जुड़े
01:51नेताओं के साथ साथ आरेस्पी के कई वरिष्ट नेताओं का मानना है
01:55कि प्रधान मंत्री बाले इन शाह को अपना बयान वापस ले लेना चाहिए और संसत के माध्यम से राश्च्र से
02:01माफी मांगनी चाहिए
02:02वहीं एक दूसरा धड़ा जिसमें प्रधान मंत्री के करीवी नेताश शामिल है वो कथे तोर पर इस मांग का विरोध
02:09कर रहे है
02:10नेपाल के पिएम बाले इन शाह को भारत का जवाब कालापानी विवाद पर चाहते हैं मध्यस्तता
02:16यूएन से की विवाद सुलशाने की मांग भारत ने अब दिया नेपाल को जवाब तीसरे पक्ष के रोल पर उठाई
02:23उंगली
02:23इसलिए सवाल ये है कि बाले इन शाह जिनोंने भारत और चीन को लेकर अभी तक संतुलित खुनी का निभाई
02:29है
02:29जिनोंने भारती प्रधान मंत्री नरींद्र मोदी से मिलने के लिए नई दिल्ली का दोरा अभी तक तैय नहीं किया
02:35और जिन्होंने भारत के विदेश सचीव विक्रम मिस्री को भी मिलने का वक्त नहीं दिया
02:41क्या रवी लामी छाने का बीजेपी दफ्तर में भव्य स्वागत कर उन्हें संदेश देनी की कोशिश की गई है
02:46नेपाल के नेताओं का भारत की राजनीतिक पार्टियों के दफ्तर में स्वागत होता रहा है
02:51और रवी लामी छाने का स्वागत भी कोई नई परिपार्टी नहीं है
02:56लेकिन मौझूदा नेपाल की राजनीति को देखते हुए इस पर खास नजर है
03:00इसे सीधे तोर पर नेपाल के प्रधान मंत्री बालین शाह पर दबाव बनाने की कूटी की और नेपाल के भी
03:07तर राजनीतिक संतुलन साथने की भारत्य कोशिश के रूप में देखा जा रहा है
03:13भारत ने नेपाल के साथ बॉर्डर विवाद को सुल्जाने के लिए तीसरे पक्ष की किसी भी मध्यस्तता को सपश्ट रूप
03:19से खारज किया
03:20भारत का ये बयान तबाया जब नेपाल के पीम बालेइन शाह ने हाल ही में कहा था कि नेपाल भारत
03:26के साथ सीमा मुद्दे को सुलजाने के लिए प्रिजेन और चीन की मध्यस्तता चाहता है
03:31विदेश मंत्राले के प्रवक्तार अनधीर जैस्वाल ने कहा कि दोनों पक्षों ने सीमा मुद्दे के सभी पहलों से निपटने के
03:38लिए दुए पक्षियत अंत्र स्थापित किये हैं और भारत नेपाल सीमा का लगभग अंधानवे प्रतीशत हिस्सा सीमांकित किया जा चु
03:50कि सीमा विबाद पर भारत के साथ चर्चा के अलावा नेपाल, चीन और विटेन के भी संपर्थ में है।
04:20जब से यह स्तरकार बनी है, तब से पिछले रवी बार तक उन्होंने संसद में कुछ भी नहीं बोला था,
04:28जबकि प्रधान मंत्री को राश्पती के अभिभाशन पर उनको भाशन दिना था, उस समय भी उन्होंने वह नहीं का, राश्पती
04:36का जब नीती कारेक्टर वहां सं
04:50अरक सरत से लेकर संसद तक उनका विरोध हो रही है, लेकिन यह समझना ज़रूरी है कि बादिन्शा ने आगर
04:56संसद में क्या कहा और उसके क्या-क्या माइने निकाले जा रहे हैं।
05:31प्रिटिस इंडिया और उस समय के नेपाल सरकार के बीच हुआ है तो इसलिए उन्होंने इस बात का जिक्र तिया
05:37संसद में कि हमने ब्रिटेन को भी पत्र लिखा है चुकि यह जो मसला है यह अभी की सरकार या
05:44नेपाल के वर्तमाल सरकार के बीच का नहीं है
05:47या पिछले कुछ द्रसा कर नहीं है बलकि 1816 में जब ब्रिटिस इंडिया और नेपाल के तकाली शाषक के बीच
05:55में एक समझाता हुआ था उस समय इन भूमी को भारत को प्योग करने के लिए दिया गया था तो
06:01प्रधार मंतरी के कहने का मतलब यह था कि यह समस्या कोई आज की
06:04की नहीं है कोई आज की सरकार की नहीं है इसलिए हमें इस समस्या को सुधाने के लिए जो सक्टे
06:10बात है इस मामले पर राजनिती छोड़के कूटनिती में जो सक्टे बात है उसको आगे लाना चाहिए हाला कि उनके
06:17बातों का गलत मतलब निकाला गया क्योंकि उन्होंने यह
06:34तीसरे पक्ष का कोई भी उसमें मज्जोर नहीं है, जबकि प्रधान मंत्री ने संसद में बोलते समय कोई भी तीसरे
06:42पक्ष की मज्जोर की बात नहीं की थी, उन्होंने यह कहा था कि चुकि यह समझाता जो है, वो बृटिस
06:47इंडिया और नेपाल के ततकालिम सरकार के बीच ह
06:52यूके को भी हमने पत्र लिखा कि वात्रविक्ता क्या है, क्योंकि जो 1816 का संधी है, उसकी ओरिजिनल कॉपी भी
06:59नेपाल में नहीं है, जो बृटिस इंडिया और नेपाल के बीच में हुआ था, वो भी यूके में ही है,
07:04तो इस बावर्ट जो है सरकार ने पत्र लिखाया क
07:07कि वो उरिजिनल कॉपी हमें उपलब्द कराई जाए, ताकि उस आधार पर बादचित को आगे बढ़ाया जाए, अब भारत तो
07:14हमेशा से ही लिपूरिक लिंपियादुरा की बात को नकारता रहा है, और वो नेपाल की भूमी है, इस बात से
07:19इंकार करता रहा है, उस बात प
07:37आई गए है, उसको लेकर, तो उस पर बात्चित, कुटितिक बात्चित हो सकती है, तो पुधान मंतरी के संसर में
07:43बोलने के कई अलग-अलग मतलब निकालते हुए, यहां सड़क से लेकर सदन तक बिलकुल, सदन नहीं चलने देने का
07:49सारी विपक्षी पार्टियों ने जो ह
07:51लगतार अवरोध कर रहे हैं, सदन नहीं चलने दे रहे हैं, और सड़क पर भी जो स्टुडेंट यूनियन हैं, जो
07:56कौमिश पार्टियों के स्टुडेंट यूनियन, उनका विरोध चल रहा है, कल इंडियन एमबसी के सामने भी उन्होंने विरोध किया सा,
08:02हलाकि पूलिश
08:21तो क्या ये चिंता का विशाय नहीं है और इसको ध्यान में रखते हुए, अगला कदम क्या उठा सकते हैं,
08:25मतलब कुछ शारा या फिर हो सकता है, दोबारा से वो सबी लोगों के सामने आके अपनी बात रखें, क्या
08:31ऐसा कुछ संभव है?
08:38अगर जो वास्तविक्ता है, उसको हमें स्विकार करना होगा, कि ये जो मसला है नेपाल और भारत के बीच पे
08:48लिपूलेक और लिम्पिया धुरा का, वो नेपाल और भारत की समस्या नहीं है, बलकि ब्रिटिश इंडिया और उस समय के
08:55नेपाल के शाशक के बीच है, लेकिन
08:58ये समस्या है, तो इसको सुल्जाना भी सरकार की प्रात्मिक्ता में है, तो उन्होंने कहा, प्रधान मंत्री ने जो भी
09:04कहा, वो पिल्कुल सही कहा है, और इस बात को लेकर ब्रिटिश इंडिया से, जो भी बात, उस समय के
09:11जो ब्रिटिश इंडिया थी, अभी जो यूके उ
09:14उनसे दफ्तावेज बांगा जाएगा और दूसरी बात जो दस्कजा है नेपाल और भारत के बीच में हम यह देखते हैं
09:21कि कई जगा आपको पता ही नहीं चलता है कि बॉर्डर कहां से शुरू हुए और कहां खतम हो गई
09:26तो इतने नजदी की एतना खुला बॉर्डर है तो उ
09:42प्रधार मंतरी निकाला लेकिन उनके कहने का जो अंदाज था उनके कहने का जो मत्रब निकाला गया उसको लेकर बिपक्षी
09:51नहीं तिर्फ उनकी पार्टीयों के सांसदों में भी बहुत जादा नराजगी दिखाई देती है हलां कि खुलकर एक-दो सांसदों
09:59नहीं बाहर �
09:59अपनी बात कही है चुकि रवी लामी चाने जो इस समय डिली में है और अभी प्रधार मंतरी के मिलने
10:05वो जा रहे हैं अब से साड़े-दस बजे करीब आसपास उनकी प्रधानती से मीटिंग है लेकिन इस बीच में
10:10निपाल में जाने से पहले उन्होंने सब को ये हिदायत दी
10:14पार्टी का कोई भी विरोद नहीं करेगा इस पर दिली से लोटने के बाद बाकित होगी कि पार्टी इस पर
10:21क्या आधिकारी करूख अपनाती है पार्टी के बीतर जबरदस्त जो रवी लामी चाने का खेमा है तो कि हम जानते
10:27है कि इस पार्टी में चुनाव सी ठीक पहले �
10:29बालेन का खेमा शामिल हुआ था लेकिन रवी लावी चानिश पार्टी के अज्यक्ट हैं तो उनके जो खेमे के लोग
10:35हैं उनको जवाब देते नहीं बन रहा है ना वो संसर में जवाब दे पार हैं ना मीडिया को जवाब
10:40दे पार हैं सारे लोग चुप बैठे हुए इस समय �
10:43तो मिश्चित रुप से एक बहुत ही मुश्किल की घड़ी है उस पार्टी के लिए भी और बालेन के तरफ
10:49से कहा गया है कि अगर जरुवत परी तो प्रधार मंत्री फिर से संसर में जवाब दे सकते हैं
10:54अगे क्या होगा चलिए वो देख लेंगी को कि सेंसितिव मुद्दा है सीमा से मुद्दा है सीमा से जड़ा हुआ
10:59मुद्दा है भारत नेपाल दोनों देश ही इसमें इंवाल्व हैं तो ऐसे ही इस पूरे मामले को सुल जाना भी
11:06पड़ेगा शुक्री आपका हमारे साथ ज
11:24सीमा का लगबख अंठानवे फिज दिस्सा निर्धारित हो चुका है और आगे उरों ने क्या कहा वो सुरिये हैं हमने
11:30भारत नेपाल सीमा के संबन में नेपाल के प्रधानमंतरी के
11:36टिप्नियों को उनके ब्यान को और उनके साथ साथ जो उनके विदेश मंतराले के तरफ से ब्यान आया है उसको
11:41देखा है अलाकि भारत नेपाल सीमा का लगबख अंठानवे प्रतीशक्त हिस्सा निर्धारित हो चुका है फिर भी कुछ हिस्सों में
11:50कुछ मसले हैं जिसको स�
11:55परिवर्तन होने कारण ये स्थिति उत्पन हुई है इसके अतरिक्त सीमा के निर्धारित हिस्सों में सीमा पार कबजे और नो
12:06मैंस लैंड पर अतिम क्रमन के मामले भी हैं जिसका संजुक्त रूप से मान्चितरन किया जा रहा है हमने सीमा
12:16संबंदित सभी मामलों से निपटने
12:20के लिए दूपेक्षिये तंत्र स्थापित किये हैं सभी संबंदित पक्षो कोई असपष्ट होना चाहिए कि भारत और नेपाल के बीच
12:30जो भी दूपेक्षिये मामले हैं उसमें किसी तरह से तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है
12:39तो दूसरी और नेपाली स्थाधारी पाइटी आरेसपी के अध्यक्ष रभी लाभी चाने ने कल नई दिली में बीजेपी अध्यक्ष नितिन
12:45नवीन से मुलाकात किये वोई ही तस्वीरे हैं
12:48दोनों निताओं में भारत नेपाल के बीच संबन्दों को लेकर चर्चा हुई साथ ही राजदीती में यवाओं की किशमता प्रतिबा
12:54के इस्तिमाल को लेकर भी विजार विमर्श हुआ
12:56इस दोरान बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरेसपी चीफ को बताया कि पियम मोदी की यवाओं में अद्वत पकड़ है
13:03उन्होंना बताया कि यवाओं की सोच आकंगशा भाशा और उर्जा को प्रधाल मंतरी मोदी बहुत अच्छे से समझते हैं
13:11इसलिए जब वो मिलेनियल से मिलते हैं तो उन से जादा मिलेनियल से दिखाई पड़ते हैं और जब वो जैन्जी
13:17के साथ संबाद करते हैं तो उन से जादा जैन्जी के साथ गुल मिल जाते हैं
13:21पियमोदी ने युवाओं को हमेशा विकास केंडर में रखा ऐसा नितिन नभीन की तरफ से कहा गया
13:29तो अभी इतना ही आप देखते रहिए आज तक
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