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  • 3 hours ago
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में कौन-कौन जिम्मेदार? देखें विशेष

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00:00नमस्कार विशेश में आपका स्वागत है
00:01मैं हूँ मारिया शकील दिल्ली में आखी लप्टों ने पूरे देश को जगजोड दिया है
00:06बिल्डिंग से जान बचाने के लिए कूदते लोग
00:09चारो तरफ मची चीख पुकार और लाचार नजर आता सिस्टम
00:13आज विशेश में हम उसी सिस्टम से पूचेंगे
00:17आखिर बार बार दिल्ली को हादसों में क्यों जोका जाता है
00:21सवाल सरकार से भी कि तमाम दावे करने वाले मंतरी जी पर आक्शन क्यों नहीं लिया जाता
00:27मालविया नगर अगनी कांड में गुनागारों की एक लंबी लिस्ट है
00:32जिसका काला चिट्था खोलती ये विशोष की रिपोर्ट देखिया
00:38सरकारें बदल जाती हैं अधिकारी बदल जाते हैं
00:42लेकिन नहीं बदलती तो देश के राजधानी की किसमा
00:46जहां इंसानों की जान की कीमात चंद भ्रष्ट अधिकारी तै करते हैं
00:50नेताओं के दावे जबान पर होते हैं
00:53कागजों में लिखा कानून नोटों के बंडल के नीचे दम तोड़ देता है
01:00दिल्ली में ऐसी नजाने कितने इमारत चिता की सेज की तरह सजी ही है
01:04बस इंतजार है एक चिंगारी
01:12दिल्ली बालों को अंदाजा भी नहीं कि जिन बस्तियों में वो रहते हैं
01:15वो किसे इश्मशान से कम नहीं है
01:18ये आप दिल्ली ने पहली बार नहीं देखी
01:20ये चीखें दिल्ली में पहली बार नहीं सुनाईए
01:22और नहीं दिल्ली के आस्मान पर ऐसा धुआ पहली बार उला है
01:26एक पूरा सिस्टम है जिसमें नेता हैं, अधिकारी हैं, विभाग हैं
01:30जहाँ चेहरे बदलते हैं लेकिन सिस्टम इतना मजबूत कि कोई हिला तक भी सकता
01:36इस सिस्टम को सिलसलेवार तरीके से समझते हैं, जहाँ शुरुवात ओपरेटर या मालिक से होती है
01:42जिस से पैसे और जुबाल के साथ बाजार में उतरता है, फिर भवन का मालिक, लाइसन्स देने वाली एजन्सियां, निरीक्षण
01:49करने वाले विभाग और फिर स्थानी प्रशासा, सब कुछ सेक किया जाता है
01:53और आम लोगों की जान का सौदा होता है
01:57मालवी नगर में हुए इसाथ से को इसे सिस्टम के जिम्मेदार लोगों के जरिये समझने की कोशिश करते हैं
02:04पहली जिम्मेदारी M.C.D. की
02:07बताया जा रहा है कि लाइसन्स सिर्फ रेस्टोरेंट का था, लेकिन इस पर होटल अवैद तरीके से चलाया जा रहा
02:13था
02:14अब M.C.D. बताये कि बिल्डिंग का नक्षा किस ने पास किया
02:18छे कमरों के लाइसन्स में 25 कमरों का होटल कैसे चल रहा था
02:21इमारत में बेस्मेंट बनाने की इजाज़त किस ने दी
02:24अब एध निर्माण पर आक्शन क्यों नहीं लिया गया
02:26बिल्डिंग के अतरिक्त फ्लोर की पर्मिशन कहां से लिया
02:31और अगर इसकी इजाज़त नहीं ली गई तो फिर अब तक आक्शन क्यों नहीं हुआ
02:35क्योंकि ये पिछले 5 सालों से चल रहा था जहां हर साल रिन्यू का प्रावधान है
02:41सिर्फ एक डिपार्टमेंट की ये मिली भगत तो नहीं हो सकती
02:43MCD या फायर की पूरी तरह से मिली भगत से दिली के तकरिबन हर इलाके में इस तरह का गोरक
02:49धंदा चल रहा है
02:52कोई यहां पर किसी तरह की जो इंस्पेक्शन नहीं होता है कोई ड्राइब नहीं चलाया जाता है
02:57कभी हासा हो जाता है उसके बाद फिर MCD का कोई असिस्टेंट इंजीनियर सस्पेंट करके खाना पूर्ती कर दी जाती
03:05है
03:18बिल्डिंग जब आग की लप्टों में थी तो लोग च्छत और खिलकी से कूदने को मज़ूर थे क्योंकि निकासी का
03:23कोई रास्ता ही नहीं था
03:24ऐसे में फायर सर्विस की इनोसी पर भी सवाल उते हैं जिसके बगार ये रेस्टोरेंट चल रहा था
03:31दिल्ली फायर सर्विस को जवाब देना हुगा कि आखर जब होटल चल रहा था तो फिर फायर एक्जिट क्यों नहीं
03:36था
03:36फायर एलार्म क्यों नहीं लगे थी एक एंट्री एक्जिट क्यों था आग बुझाने के बेसिक इंतजाम क्यों नहीं थी
03:43पूरी बिल्डिंग को initial inquiry में बताया जा रहा है कि exit entry महज एक थी बहुत छोटी छोटी विंडोज
03:49आप देख सकते हैं इस इमारत में जिसकी वज़े से जब आग लगी तो धुआ निकलने की जगह नहीं थी
03:54fire NOC के सरह से मिला इतने इस इमारत में इतने सारे कमरे बनाए गए और जो initial investigation है
04:01नहा उसके बारे में भी आपको बताऊंगी कि इसको permission थी लगभग 6 कमरों की लेकिन यहाँ पर basement को
04:08मिलाकर और तमाम अलग-अलग इलाकों को मिलाकर और आसपास की जो building's हैं उन सब को मिलाकर लग
04:24इस विभाग को भी केचन में आग के सुरक्षा को लेकर इजासत देनी होती है लेकिन ना मालिक ने इसकी
04:29जरूरत समझी और ना ही विभाग ने action लेने को काम समझा
04:37होटल मालिक के पास BNB यानी bed and breakfast का license था जिसमें नई सरकार ने कमरों की संख्या 6
04:43से बढ़ा कर आठ कर दी गई है लेकिन यहाँ बाकाइदा 25 कमरों का होटल चल रहा था
04:48BNB license कोई एक ही license नहीं होता बलकि ये कई विभागों के अनुमती का set होता है जिसमें पहले
04:54बताए गई विभागों के अलावा दिल्ली पुलिस के अनोसी भी रहती है जहां यहां रुखने वाले महमानों का बेवरा होता
05:00है
05:01दिल्ली पुलिस बताए कि रेस्टोरेंट और होटल चलाने की अजाज़त किस ने दी विदेशी महमानों को रुखने की जानकारी क्या
05:08दिल्ली पुलिस को नहीं थी क्या महमानों का रेकॉर्ड दिल्ली पुलिस नहीं माग रही थी
05:12ना सिर्फ दिल्ली पुलिस की मिली भगत से बलकि तमाम लोगों की मिली भगत से ये दिली के अलग-अलग
05:19हिलाकों में रेश्ट्रेंट होटल चलाए जाते हैं और ये पूरा मेगा ड्राइब चलाना चाहिए दिल्ली सरकार को,
05:25एमसीडी को और यकीन जानिये जैसा आपने पूछा अगर मेगा ड्राइब चलाए जाएगा तो कई रहायसी इलाकों में जो रेश्ट्रेंट
05:32है जो होटल है वो बंद किये जा सकते हैं कई की जो आप जो नहीं मिली है लेकिन जब
05:40हाथा हो जाता है उसके बाद कवरेज होती है
05:42तो इस तरह से दिली के जो सब इस्पेक्टर है ये आने लगते हैं आसपास के लोगों को जो बिल्डिंग
05:48माली का उनको धम काने लगते है कि आपने मीडिया को यहाँ जो कवरेज करने कि इसके लिए रोका
05:55सवाल फिर वही है क्या दिल्ले सगनिकांड से सबक लेगी या फिर एक्षन के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ती होगी
06:02आज तक देरो
06:06इस वक्त की बड़ी ख़बर आ रही है दिल्ली आग हाथसे की जिम्मेदारी तै करने के लिए मैजिस्ट्रेट जाज के
06:12आदेश दिये गए है
06:13LG तरंजीत सांदू ने फायर सेफटी का पालन ना करने वाली जगों के खिलाफ सीलिंग की कारवाई का आदेश दे
06:21दिया है
06:21फायर सर्वेस पुलीश और पुलीश को शहर में फायर टेंडर के लिए चोक पॉइंट्स को पहचान करने के लिए एक
06:30सर्वे का निर्देश दिया गया है
06:31तो ये सब सारे निर्देश आए हैं LG आफिस से मैं सीदे जाऊंगी अरविंद होजा के पास
06:38सवाल ये है कि ये सब निर्देश हाथसे के बाद क्यों पहले त्यूने एक प्रिकोशनरी मेजर लिया जाता है ताके
06:48हाथसार टल सके
06:52कि अब मैंने इस तरह के कई हाथसे देखे हैं बवाना से लेकर साउथ दिल्ली तक और जब इस तरह
07:00के हाथसे होते हैं
07:02दरजन भर्ट से ज़्यादा लोगों की मौत हो जाती है तब सोसल मीडिया पर इस तरह से चाहे दिल्ली के
07:07LG हो चाहे दिल्ली के CM हो और तमाम अधिकारियों इस तरह से पोश्ट करते हैं
07:11लीगल एक्सल लिया जागा कानूनी कारवाई की जाएगी हाला कि अभी दिल्ली LG ने जिस तरह का पोश्ट किया है
07:18और यह बताया है कि जो अवैट तरीके से जिनको फायर के NOC नहीं है उनको सील किया जाएगा और
07:23अगर यह जो धावा किया LG सहाब ने अगर यह सही होता है तो
07:40दिल्ली फायर डिपार्टमेंट के जो डिप्टी हेड है उन्होंने उस पर मोहर भी लगाई तो एक आज तक की मुहिम
07:46का खबर मुहिम का असर भी आप इसे कह सकते है क्योंकि LG ने साफ साफ यह कहा है कि
07:51उन होटल को रेश्टरून को जिसको NOC नहीं है उनको सील किया जाए�
07:59यह क्योंकि बात सही है कि दिली के कई ऐसे इलाके रियाइसी इलाके हैं वहाँ पर होटल रेश्टमेंट ऊपन कर
08:09लिए जाते बड़ा सवाल यह भी है कि जब इस तरह के कंजिस्टिट इलाके में कोई दुरघटना हो जाती है
08:14आग लग जाती है तो फायर डिपार्टमेंट
08:29को मिलकर इस तरह का ड्राइब चलना चाहिए बहुत जरूरी है अरविज साथ जिम्यदारी
08:33फिक्स भी होनी चाहिए गाइड लाइन्स हम देख चुके हैं पहले बी इस तरह
08:39की घटनाए होती रही हैं दिल्ली में हरون दोजा जैसा कह रहे थे
08:43ये पहली बार नहीं है जब दिल्ली ने आग की ऐसी तस्वीरे देखी हैं
08:47देश की राजधानी में ऐसे अगनी कांड आमज हो चुके हैं
08:51जिसमें डील करने का एक पूरा सिस्टम बना हुआ है
08:54एक्शन के नाम पर सिर्फ खानापूर्ती होती है
09:05ये आग लोगों को जिन्दा जला सकती है
09:07लेकिन देश की राजधानी के सिस्टम पर आँच तक नहीं ला सकती
09:11ये धुआ आजमान को काला कर सकता है
09:13लेकिन सरकारों की सफेद पोशाक पर दाग नहीं लगा सकता
09:21ये चीखें आपको जगधोर सकती हैं
09:24लेकिन भरस अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेन सकती
09:30ये आशू आपका दिल पिखला सकते हैं
09:33लेकिन जिम्मेदार लोगों के माथे पर पसीना तक नहीं ला सकते
09:36ये आग दिल्ली के तिहास को नहीं जला सकती
09:39जिसे दिल्ली का लाचार सिस्टम हर सरकार में बुझाता आया है
09:471997 में दिल्ली उपहार सिनेमा अग्मिकांड हुआ
09:5169 लोगों की जान चली गई
09:52मालिक के खिलाफ F.I.R हुई जेल गया
09:55अधिकारियों पर एक्शन हुआ, सस्पेंड हुए और तबादले हुए
09:58लेकिन मंत्री पर कोई एक्शन नहीं हुआ
10:012018 में बवाना पटाखा फैक्टरी में आग लगी
10:0417 लोगों की जान चली गई
10:06फिर अधिकारियों पर एक्शन हुआ
10:07MCD के कई अधिकारियों को निलंबित भी किया गया
10:10लेकिन मंत्री पर कोई एक्शन नहीं हुआ
10:132019 में अनाज बंडी अगनी कांड हुआ, 45 लोगों की जान चली गई, MCD के कुछ अधिकारी सस्पेंड हुए, मगर
10:20मंत्री पर कोई आक्शन नहीं हुआ
10:232019 में होटल अर्पिक पहलेस में आग लगी, 17 लोगों की जान चली गई, मालिक के खिलाफ केस हुआ, जूनियर
10:29ओफिसर्स को जिम्मेदार ठेराये गया, लेकिन मंत्री पर फिर कोई आक्शन नहीं हुआ
10:33यानि घूम फिर कर दिल्ली में अगनिकांड पर आक्शन का एक फॉर्मेट बन गया है, जिसके आधार पर ये आक्शन
10:39लिया जाता है, इस सिस्टम के पूरे पैटर्न को समझने की कोशिश करते हैं
10:44शुर्वात कैसे होती है, अधिकारी पर आक्शन होता है, सस्पेंट किया जाता है, विभागी जांच की जाती है, तबादला किया
10:50जाता है, और इसके बाद क्या होता है वो भी जान लीजिए
10:53बहुत कुछ मामलों में टर्मिनेशन होता है, कुछ केस में आप राधिक लापरवाही के आरोप लगते हैं, अधिकतर मामलों में
10:59विभागी ए क्लोजर होता है
11:02यानि किसी भी बड़े अधिकारी के खिलाफ ऐसा अक्शन नहीं होता कि वो दोबारा इस तरह की लापरवाही के खिलाफ
11:08कोई बड़ा कदम उठाए
11:09ज्यादा तर मामलों में आक्शन के नाम पर मालिक को पकड़ा जाता है, लेकिन वहाँ भी आक्शन पूरी तरह से
11:14सेक्ट पैटर्ण में लिया जाता है
11:17FIR होती है, गैर इरादतन हप्या का केस दर्ज होता है, कोट में ये केस लापरवाही में तबदील हो जाता
11:23है
11:23जिसके बाद चंद सालों की सजा के बाद मालिक बाहर आ जाता है, कई मामलों में केस भी नहीं होता
11:28यानि घूम फिरकर जिम्मेदारी जादा तर मालिक, MCD, Fire Department पर डाली जाती है
11:33और ऐसे Charges लगाये जाते हैं, जो कि कोट में दम तोड़ देते हैं
11:37जहां तक मंत्री और नेताओं की बात है, तो उनकी इस तरह के मामलों में कोई जवाब देही नहीं तय
11:42होती है
11:42जिस पर राजनीती का भी एक पैटर्ण है
11:46नेताओं की ओर से बयान आता है कि जिम्मेदारी तर होगी, जाँच कमीटी बनेगी और विपक्षिस्तिफेगी मांग करता है
11:52अब सोचिए, जब हर चीज़ का सिस्टम बना हुआ है, तो फिर दिल्ली को जलने से कौन रोख सकता है,
11:57कौन हाथों पर लगाम लगा सकता है
11:59अगर मालवी नगर की बात करें, तो यहाथसा लाल डोरा गाउं में हुआ है, जहां इस तरह की लापरवाही आम
12:05है, और एक बड़ी संख्या में जान को खत्रे में डाला जाता है
12:09दिल्ली के अगर अर्बन इलाकों की बात करें, तो लाल डोरा में करीब 150 गाउं आते हैं, जो कि दिल्ली
12:15का करीब 15 प्रतिशत इलाका है, वहीं यहाँ दिल्ली के करीब 15 प्रतिशत आबादी रहती है
12:21इन गाउं में M.C.D. ध्यान नहीं देती और नियमों को ताख पे रखा जाता है, आज तक ब्यूरो
12:30दिल्ली में कैसे नियमों को ताख पे रखकर कमर्शिल अक्टिविटी की जा रही है, आईए देखते हैं हमारे समवादाता सुशांत
12:37महरा की ये रिपोर्ट
12:40जो इजाज़त है, जिस तरीके से जिस होटल में आग लगी, छे कमरों की इजाज़त थी, टोटल लेकिन बनाए गए
12:48थे 25
12:49अगर आप यहाँ देखेंगे, अब यहाँ पर आईए कि ग्राउन फोर पर भी तीन कमरों की इजाज़त है
12:54यहाँ पर अगर आप देखेंगे, तो एक रूम है यहाँ पर आपको नजर आएगा, यह वन जिरो टू, दूसरा कमरा
13:01नहपर है जो नजर आएगा
13:04और ये एक तीसरा कमर आपको यहापर मैजर आएगा, इसके अलावा अगर आप देखेंगे, यह फर्स फ्लोर है, यहापर आपको
13:12और आपने देखा, कि तीन कमरे वहाँ हैं, और चार, और यह पांच, एक सो पांच, यानि कि इस फ्लोर
13:21पर भी पांच कमरे, जब कि इजाज़
13:23जो है वो तीन कमरों की है इसके अलावा इससे उपर भी चलेंगे पांच कमरे यहां पर छे कमरों की
13:31इजाज़त है पांच कमरे जो है वो फर्स्ट फ्लोर पर तीन कमरे जो है वो ग्रांड फ्लोर पर अब इसके
13:37बाद इससे उपर आएंगे तो यहां पर भी आपको रूम नं�
13:44कि इस सेकिंड फ्लोर पर भी तक्रीबन तक्रीबन जो इजाज़त है तीन कमरों की महाँ पर भी इस तरीके से
13:54पांच-पांच कमरे जो है वो बनाए गए हैं 204-205 अब आप देखिए कि अगर कोई फायर का इंसिडेंट
14:04हो जाए
14:05कि और यह देखिए किस तरीके से यहाँ पर open wire आपको इहाँ पर नजर आएगी अगर कई आग लग
14:12जाए तो यह जो रूम है इसके भार balcony होगी उस बार कोनी से भी आप भार जो है वो
14:18नहीं निकल सकते यह रूम भी पुर्षरीके से लॉख है किस तरीके से यहाँ पर जो तोल
14:34प्राइदारी है किसी को नहीं पता अब इसके बाद इसके उपर फ्लोर पर जाते हैं इस फ्लोर पर भी आपको
14:39इतने ही कमरे जो है वो नजर आएंगे
14:44पांच कमरे यहां पर हैं इजाज़त सिर्फ छे कमरों की है यहां पेंट्री जो है वो बनाई गई है और
14:53अभी आप देखेंगे इसके पीछे विंडो है और आप देखें कि अगर कोई हाथ साइज पूरी बिल्डिंग में हो जाए
15:03तो किसी प्रकार के फायर के कहीं से भी कोई
15:06इंतिजाम जो है वो यहाँ पर नहीं किये गए है
15:11देखते रहिए आज तक
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