00:10लक्डी की धीमियाच और सुलगती मिट्टी की भट्टी ताजा टमाटर और सिमला मिर्च की खुजबू और भट्टी से निकलता गर्मा
00:18गर्म पिज्जा यह नजारा किसी इटालियन गाउं का नहीं बलकी राची से करीब 25 किलोमेटर दूर टाटारोड इस्थीद बयांगड
00:26जरिया का है यहां स्थीत आमारो मियो आज उन लोगों के लिए खास ठिकाना बन गया है जो पिज्जा में
00:33सिर्फ स्वाद नहीं बलकी एक कहानी भी तलासते हैं इस कहानी की शुरुआत बरसों पहले इटली से आये मिशनरी दंपत्ती
00:40फादर कार्लो और मेडम हायारी से होत
00:48स्कूल परिसर में बच्चों के लिए कैंटीन की विवस्था नहीं थी इसलिए फादर कार्लो ने अपने देश की पारंपरिक शैली
00:55में मिट्टी और लक्डी की भट्टी बनवाई और वहीं पिज्जा तयार करना शुरु किया छेत्र के लोग बताते हैं कि
01:02उस समय लोगों
01:02ने पहली बार इस तरह का पिज्जा देखा था धिरे दिरे इसका स्वाद लोगों की जुबान पर चड़ गया हलाकि
01:09बाद में यह भट्टी बंद हो गई लेकिन 2014 में कुछ स्थानिय युबाव ने इसे फिर से जिवीत कर दिया
01:15आज भी यहां पिज्जा उसी पुराने अं
01:31केतों से आते हैं यही बज़ा है कि इसका स्वाद बाजार के पिज्जा से अलग महसूस होता है
02:01आज पर आज बनाते हैं हम ही लोगा अपना प्रड़क्ट राता है सब खुछ अपना पकाने का तरीका पर हम
02:09हम ही लोग पकाते हैं और जिस्ट जाल हावू डोवे नहीं होगा उसे कम शुरुआज पहनी बार का उबद है
02:16शुरुआज दस बारसल फुट पहले लिग पहनी �
02:31राची से पहुंचे ग्राहक ने कहा पहले दोस्तों से इस जगह के बारे में सुना था यहां आकर लगा कि
02:36सचमुच स्वाब में कुछ अलग है लक्री की भट्टी में बना पिज्जाइक अलग ही फ्लेवर देता है
03:13यही कारन है कि छुटियों के दिनों में यहां लोगो की अच्छी खासी भीड जुटती है
03:31दिल्चस्प बाद स्रिप पिज्जा की नहीं इसके नाम की भी है
03:35अमारो मियो इटालियन भाषा का सब्द है जिसका अर्थ है मेरा प्यार
03:40भारते सिनमा प्रेमियो को है शब्द अमिता बच्चन और जिनेत आमन के फिल्म
03:45दा ग्रेट गेंबलर के चर्चित गीत दो लबजों की है दिल की कहाने की यार भी दिलाता है
03:50एक बिदेशी मिस्नरी की सोच से सुरू हुई यह पहल आज गाउं के स्थानियों के लिए रोजगार का जर्या बन
03:57चुकी है
03:58मिट्टी की भट्टी में पक्ता यह पिज्जा स्रिफ स्वाद नहीं परोस्ता बलकि इतली और जहारखन के बीच एक अनोखी सांसकतिक
04:06कहाने भी शुनाता है
04:07चन्दन भट्टाचारिया, ETV भारत, राची
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