Skip to playerSkip to main content
  • 1 week ago
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी में टूट हो गई है. पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी समेत 58 बागी नेताओं को विधानसभा स्पीकर ने मंजूर दे दी है. स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दी. ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 60 विधायकों ने स्पीकर रवीन्द्र नाथ बोस से मुलाकात कर उनसे कहा था कि वे टीएमस के असली गुट हैं और ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दे दी जाए. वैसे, चुनावों में हार के बाद, तृणमूल कांग्रेस ने शुरू में बालीगंज से विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विधायक दल का नेता चुना था. इसके बाद, पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव ने विधानसभा को एक पत्र भेजा. इस पत्र में आधिकारिक फैसला बताया गया और अनुरोध किया गया कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता दी जाए. जल्द ही उस पत्र पर हस्ताक्षर की जालसाजी के आरोप सामने आए. सीआईडी ने मामले की जांच शुरू कीय जांच अधिकारी कई विधायकों के घरों पर गए, और अभिषेक बनर्जी को भी नोटिस दिया गया. इस बदलते हालात के बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबन्ना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तृणमूल के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने हस्ताक्षर की जालसाजी का मामला सामने लाया था. इसके तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस ने इन दोनों विधायकों को पार्टी से निकाल दिया.

Category

🗞
News
Transcript
00:26
00:36पार्टी विधायक दल पर इन विधायकों का अधिकार है।
01:17पार्टी विधायकों के घरों पर इन दोनों विधायकों पर आरोप है कि उन्होंने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर दावा किया,
01:26कि उनके हस्ताक्षर वाला जो पत्र स्पीकर को लिखा गया है, उसमें उनके हस्ताक्षर जाली है।
01:32पार्टी ने इसे पार्टे विरोधी कतिविधी माना और उन पर कारवाई की।
01:40इधर सियासी संकट के बीच ममता बैनर जी ने बड़ा कदम उठाते हुए,
01:44राज्य की सभी पार्टी कमेटियों और फ्रंटल संगठनों को ततकाल प्रभाव से भंग कर दिया है।
01:49ये घटना करम TMC के गठन के बाद से लिये गए सबसे व्यापक संगठनात्मक फैसलों में से एक है।
01:56और ये ऐसे समय में आया है जब पार्टी हाल के वर्षों के सबसे बड़ी आंतरिक चनौती से जूज रही
02:01है।
Comments

Recommended