Skip to playerSkip to main content
  • 4 weeks ago
जयपुर की 60 वर्षीय साइकिलिस्ट रेणु सिंघी ने 1,200 किलोमीटर लंबी और दुनिया की सबसे कठिन एंड्योरेंस रेसों में से एक ‘पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस’ को पूरा कर नया इतिहास रच दिया है. 51 साल की उम्र में साइकिलिंग शुरू करने वाली रेणु आज भारत की प्रमुख एंड्योरेंस साइकिलिस्टों में गिनी जाती हैं. उन्होंने अब तक 15 सुपर रैंडोन्यूर खिताब जीतने के साथ करीब 1.5 लाख किलोमीटर साइकिलिंग पूरी की है. अपने सफर में गंभीर सड़क हादसों, फ्रैक्चर और कई शारीरिक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. कश्मीर, खारदुंगला, नेपाल और देश के कई हिस्सों में साइकिलिंग कर चुकी रेणु अब भारत के बाकी क्षेत्रों को भी साइकिल से नापने का सपना देख रही हैं. उनकी कहानी साबित करती है कि जुनून और हौसले के आगे उम्र कोई मायने नहीं रखती.

Category

🗞
News
Transcript
00:07यह है रेनु सिंगी जो 1200 किलोमीटर लंबी और बेहद मुश्किल पैरिस ब्रेस्ट पैरिस साइकल रेस पूरी करने वाली पहली
00:18भारतिय महिला है
00:20जैपुर की रहने वाली 60 साल की इस महिला साइकलिस्ट के लिए ये कोई छोटी मोटी उपलब दी नहीं है
00:26उन्होंने 15 बार प्रतिष्टिस सूपर रेंडनूर एंडोरेंस का खिताब जीता है
00:31इसके अलावा उनके नाम कई राष्टिय और अंतराष्टिय खिताब भी दर्ज है
00:36किसी पेशिवर एथलीट के विपरीत रेंडनू की साइकलिंग याता 51 साल की उम्र के बार शुरू ही
00:42जब उन्होंने अपने बेटे के लिए साइकल खरीदने के साथ अपने लिये भी एक साइकल खरीदी
00:48भारत की सबसे मशूर एंडोरेंस साइकलिस्ट में गिनी जाने वाली रेंडू ने
00:52पहाडों की पग्डंडियों से लेकर यूरोप की मुश्किल सडकों तक अलगलग तरह के रास्तों पर साइकल चलाई है
00:58एक साइकलिस्ट के तोर पर उनकी ये यात्रा बिल्कुल भी आसान नहीं रही और नहीं इसमें कोई चकाचा उन्द थी
01:05इसके बजाए उन्हें अपने सफर में कई गंभीर हाथ सों और रुकावटों का सामना करना पड़ा
01:11फिर भी रेंडू ने कभी भी अपनी जीत के लक्ष को अपनी नजरों से ओजल नहीं होने दिया
01:17यही वजा है कि उनकी जीत का ये सिलसला आज भी जारी है
01:35मेजर एक्सिडेंट हो गया दो तीन एक्सिडेंट हो गया तो उसमें मूपे लगी बत पक्चिस्ति स्टाक के आए दात अभी
01:42भी हिल रहा है
01:43फिर फैक्चर था दो महीं ने रेस्ट किया फिर वापस चली फिर पीछे से गाड़ी ने उड़ा दिया मूप साइकल
01:49वाले ने
01:50अभी थोड़े दिन पहले MTV राइड की एक रेस थी उसमें पार्टिस्पेट किया उसमें भी सैकेंड आए और फिर अभी
01:59जैपूर कैलकटा गर के आई
02:01रेनु को उमीद है कि वे भारत के बाकी हिस्सों में भी साइकल से यात्रा कर सकेंगी
02:06दो
02:12साइकलिंग में इंडिया में थोड़े से इश्व है क्योंकि साइकल लेन नहीं है तो यहां पे चलाना थोड़ा रिस्की लगता
02:18है
02:30साइक्लिंग शुरू करने के एक दशक से भी ज्यादा समय बाद भी रेणू लगातार नई उचाईयों को छूने की कोशिश
02:36कर रही है
02:37उनका ये काम्याब सफर ये एहसास दिलाता है कि जुनून, लगन और पका इरादा हो तो उम्र माइने नहीं रखती
Comments

Recommended