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  • 5 months ago
Laag - PTV Classic Drama Serial Ep 16

Huraira is a child from a family struggling to get by in the Indian-administered Kashmir. In an attack planned by JKLF area commander Ghulam Butt, all of Huraira's siblings are killed. Huraira is lucky enough to escape and is found by a Hindu couple. The couple raises him as "Kailash", and he leaves his former life behind. However, he is haunted by his past when he grows into a man and witnesses hostile elements in the Indian-controlled part of Kashmir.

Written by Rauf Khalid
Directed by Rauf Khalid
Cast:
Rauf Khalid as Kailash Agarwal/Huraira
Zeba Bakhtiar as Bisaal Indaraabi
Nadia Khan as Safia
Fareedullah as Waleed Abdullah
Azra Aftab as Zubaida
Sohail Asghar as Ghulam Butt / Kaku Lala
Nayyar Ejaz as Major Kalidas
Naima Khan as Riffat Ara
Nirma as Squadern Leader Sheetal Kaali Das
Rashid Mehmood as Moomal
Lateef Arshad

Category

📺
TV
Transcript
00:00:06काकुलरा, आप जो भी फासला करेंगे मुझे मन्जूर, मुझे मन्जूर है काकुला?
00:00:16हाँ, हाँ, हाँ, टीका, शबाश करेंगे
00:00:58करेंगे मन्जूर, मुझे मन्जूर, मुझे मन्जूर, मुझे मुझे जुआ है
00:01:07आप ऐसे जखमी थे तो मुझे ख़बर तो की होती है
00:01:12खेर मैं ख़बर कर भी देता तो आप कहा आती
00:01:16खेर मैं ऐसे पथर भी नहीं
00:01:20चलो अगली मर्द तो जखमी होंगा ना तो मैं इतला करते हुआ
00:01:25अजा ना करें
00:01:28बिसाल मुझे लगता है कि मेरे दुश्मन बहुत ज़्यादा है
00:01:33और मैं अक्रीडा हूँ
00:01:34प्लीज इस बात को छोड़ें कोई और बात करें
00:01:40हाँ जखमी होने से मुझे एक फाइदा हुआ है
00:01:45फाइदा? कैसा फाइदा?
00:01:48मुझे एक तौफा मिल गया
00:01:51क्यों? जहां पर आपको गोली लगी थी वहाँ पर कोई ख़जाला पड़ा था क्या?
00:01:57बिसाल मैंने तुम्हे उस द्रख्त के बारें बताया था
00:02:00नहीं, कैसा द्रख्त?
00:02:03एक द्रख्त है जिसे मैं सुचता रहता हूँ
00:02:10जैसे वो मेरे जहन पर नक्ष है
00:02:16वो द्रख्त मेरे तहतो शुऔर में है
00:02:21फिर?
00:02:24ये लोग मुझे पर फाइरिंग करते करते मुझे उस द्रख्त तक ले गए
00:02:33मुझे समझ नहीं आ रही कि ये लोग मेरे दुश्मन थे या रहबर
00:02:39मुझे तो पक्रा यकिन है कि एक ना एक दिना आप सच को जरूर पा लेंगे
00:02:48मैं इस द्रख्त के मिलने से कमस कम इस कन्फूजन से निकल आया हूँ
00:02:52कि मैं चीज़ें इमेजिन करता हूँ
00:02:57इस द्रख्त में जैसे मुझे अपने होने का एहसास दिलाया है
00:03:00जैसे मैं सच की एक मजबूत चटान पे कड़ा हूँ
00:03:06जैसे मैं जैसे मैं से जैसे घ्रख्त करता हूँ
00:03:36कर दो, कर दो, कर दो, कर दो!
00:04:21कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो,
00:04:27कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो,
00:04:31कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो,
00:04:32कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, कर दो, क
00:04:35झाल झाल
00:05:05झाल
00:05:37झाल
00:05:42झाल
00:05:56झाल
00:05:57झाल
00:05:59झाल
00:06:01झाल
00:06:06झाल
00:06:07झाल
00:06:38झाल
00:06:40झाल
00:06:40झाल
00:06:41झाल
00:07:08झाल
00:07:09झाल कि अ झाल
00:07:39बस जो कज भी है आपके साम नहीं है, लौरब बेटिंग।
00:07:44आउ, यह है मेरी बेहन।
00:07:48ये सवमीना मेरी बेटी है ये बेटी रौमीन।
00:07:52और ये मेरी बच्ची सफिया है।
00:07:56हादी साम, आपके ये हैं कि वेखिया हैं?
00:07:58नहीं, मेरी एक बेटी और है, अमीना।
00:08:02दरसल मैं उसी की बात तैकरने चाहता हूँ
00:08:04हाँ हाँ, क्यों नहीं?
00:08:07अमीना अपनी तालीब मुकमल कर चुकी है
00:08:09जबके समीना भी पढ़ रही है
00:08:12सफिया बेटी, आपने कहा तक पढ़ा है?
00:08:17मैंने पढ़ी
00:08:21मैं समझ की
00:08:23हाँजी साब ने आपको सरफ दीनी तालीब दी है
00:08:25और क्यों न देते?
00:08:27आखराब बेटी किसकी है?
00:08:29बहन, मेरा ख्याल है अमीना को बुलवाले
00:08:33ठीक है
00:08:35जो सफिया, बहन को ले हो
00:08:42आप लुख लेना कुछ?
00:08:45लेन, बिस्केप लेना बहन
00:08:47शुक्रिया भाई साब
00:08:49हम लोग घर से चाए पी कराए थे
00:08:51बहन, आप कुछ तो लीजे, आप ऐसे बैठें
00:08:55नहीं, नहीं, बहन
00:08:57जे, चाए, अच्छा, शुचे
00:09:07सफिया, मैं चकाप लिगा रख दो
00:09:11क्यलाश, इस वत मैंने एक छोटे से काम के लिए फॉन किया
00:09:17क्या थी वत मैं
00:09:20हुआ
00:09:20ुआ
00:09:45झाल झाल
00:10:03तो आट कर फान where time camp
00:10:05आया थाल, मैंने अपने काम से के आल ता कि दोन्स की ता कि के थाल
00:10:19मैंने अपने काम से थालाश की ता था
00:10:21ठ जढ्क्र निजंट!
00:10:23Mary!
00:10:35ब...
00:10:36ब...
00:10:37बचब बच्चोंटी नमाजकादा
00:10:38उतफ़ सिर्टा..
00:10:40उतव से, सीद्ब
00:10:42आहे और आहे、
00:10:43environmentally प्रीश प्रीश
00:10:43प्रीश प्रीश
00:10:43practice이다
00:10:55पर अपने खावन की आख कता रहा होगी
00:11:00जब उसका खावन तो उसको समझ लेगा
00:11:03तो वो सफिया की दर्द भरी कहानी भी समझ लेगा
00:11:29आपका अपनी शोर के साथ कभी कुई जगड़ा तो नहीं हुआ था
00:11:33नहीं है
00:11:34सुने हैं आपका शोर आपको तंग करता है
00:11:38जी नहीं
00:11:39आप किसी का नाम लेना चाहती है
00:11:43पच्छे किसी दे जुड़ी नहीं मारी
00:11:46फिर मैं किसी का नाम क्यों लूँ
00:11:52लिटी, लिटी वहाँ दुश्वन तो नहीं
00:11:58अमा, अपनको पहले मर्दों ने क्या दिया
00:12:02जो यह देगा
00:12:06सफिया, दुनिया में अच्छे लोग भी होते हैं
00:12:09अब देखना हाजी साब को
00:12:12तुझे बीटीं की तरह रखा है ना
00:12:18अमा, अमा मेरी बिटिया कहा होगी
00:12:24कैसे बुदा दो उसको, अमा कैसे
00:12:29समझती हूँ बिटी, समझती हूँ
00:12:34जानती हूँ, जिन्दगी बड़ी मुश्किल है
00:12:39लेकिन क्या करें, क्या करें बेटो, गुजारनी तो बढ़ती है ना
00:12:48अमा, में कुछ शादी नहीं कर देखा
00:12:53और फिर, फिर क्या
00:12:57ये रिष्टा आमिना के लिए हाया था, मेरी लिए नहीं
00:13:02देख बिटी, हाजी साब बड़ी खेरत वले आदमी है
00:13:13वो, बिटी, वो चाते हैं कि अगर तू ये रिष्टा मन्सूर कर लेगी तो उनकी लाज रह जाएगी
00:13:20अगर अमा मेरे देख बिटी, हाजी साब हमारे महसेन है
00:13:30अगर वो चाहते हैं कि तुझे अपनी बेटियां की तरह रुखसत करते हैं
00:13:39और इसी मून की इज़त है तो बिटा, तुझे मान देना चाहिए
00:13:58केलाश, जी अमी, बहुत चल्दी है तुमें, हाँ, मुझे बताना मुनासिब समझोगे, मैं कहीं जा रहा हूँ, रात को वापस
00:14:07आ जाओगे, अमी प्लीज, तंसमत किया करें, जाना कहा है, मुझे किसी ने एक खोजी का पता दिया है, उसके
00:14:15पास जा रहा हूँ,
00:14:16खोजी, वो किसलिए, वो लोगों की गुमशिदा चीज़ें तलाश करता है, गुमशिदा चीज़ें तलाश करने और माबाब तलाश करने में
00:14:26बहुत फरक है,
00:14:28क्या करूं भीर, है कोई रास्ता मेरे पास, मैं अमर्नाथ जाते वक्त बेहोश हो गया था, जागिंग करते वे मुझे
00:14:37इलूजन शुरू हो गए थी, मैं कोट में गिर लिया था,
00:14:43साइकॉलोजिस्ट कहते है, मुझे मदद की जरूरत है, क्या करूं मैं, है कोई जवाब आपके पास,
00:14:57सफिया के अबबा, आज तुम होदत देख थे, तुमारा उरेरा बहुत बड़ा वकील बन गया है, सफिया की शादी हो
00:15:10गई है,
00:15:11वो अपने घर में बहुत खुश है, हाजी साब की सूरत में, मुझे बहुत ही शफिया बाब, या बड़ा भाई
00:15:21मिल गया है,
00:15:24सख्तियों का दोर खब्म हो गया है, सुफिया की अबबा, मुश्क्ले सारी, खब्म हो गई है, ऐसा लगता है, रात
00:15:38गुजर गई है,
00:15:39हाब सुबा हो नवाली,
00:15:42धुबाली, मुझे बहुत है,
00:16:11आ सहाइब समय है,
00:16:38मैं बात कुस है जी मैं बात कुस हैं
00:16:46जी मिरे कुस सर्फ बता जी मुझे बात में बता चला कि तुम कश्मीरी नहीं हूँ
00:17:06नहीं, अपन कास मेरी होवे है, पर बच्पन में अपन को, मुझे पता है, का पता है, कि बच्पन में
00:17:17आपको एक अदमी अगवा करके ले गया था, और, और, और ये के तुम ले अपनी जिन्दगी फकीरों की बस्ती
00:17:25भी बजार दी, और, और, और क्या, बस तुम मुझे पसं�
00:17:36कोई गर्ज नहीं कि तुम पहले कहां रहती रही हो, बस एक काम करो, अब तुम कश्मीरी से लो, पर
00:17:46अजीन, अच्छा, अब तुम जाओ, और, अच्छी सी चाह बना कर लाओ, मगर, बईवाली नहीं, कश्मीरी चाह बना लोगी ना,
00:18:10नहीं हम भाओ, मुझे कहां धोगी झाना है, लाओ, वगाली नहीं हम जाओ, तुम ऑरा जाओ, बजगे हो, जाओ, जा
00:18:33तुम एको झाह बना हुआरी, तुम आत्या है Mmm
00:18:51के लाज़ जेशी तरू शुक्रिया किस बात का आने का
00:19:03किसी बाते कर रहे हैं शीटा नहीं के लाज़ क्या पता चलता है किस चीज का किसी भी चीज का
00:19:19वक्त का मर्द का उम्र का जिद्धकी का
00:19:30नाउमेदी की बाते मत करो शीटा चलाश आज तो मुझे मत चांटा आज तो मुझे मर्सी करने तो
00:19:43शीटा तुम आराम करो बस आँखें बंद कर लो आँखें बंद करने की देर है फिर तो हराम ही आराम
00:19:54है
00:19:58मुझे तो दूसरा जनम चाहिए भी नहीं
00:20:05मैं फिर कभी यहां नहीं आओगी
00:20:11और किस लिए हूँ
00:20:16शीटा मुझे अपसेट मत करो देखो तुम ठीक हो जाओगी तुम्हें कुछ नहीं होगा
00:20:25मैं तुम्हें कालिदास के अजाब से निकाल लूँगा
00:20:31मैं
00:20:34मैं
00:20:35मैं तुम्हारे साथ
00:20:36प्लीज बूलो
00:20:38प्लीज बूलो के अलाश
00:20:42मैं तुम्हारे साथ
00:20:43शादी कर लोगे
00:20:48सच
00:20:58जब तुम ठीक हो जाओगी
00:21:06प्लीज बूलो
00:21:07जब तुम्हें
00:21:09जब अज़ प्लीज अज़ तुम्हें
00:21:20जब चल्ड़ी
00:21:27प्लीस के लाश, अकर आच, अकर आच हम दोलों के बीच कोई आया, तो इदा, तुबहे कभी माफ नहीं करूगी
00:21:45शितन तुहारी तब इत बहुत खाग
00:21:50नहीं, वबात करो, शादी वाली के लाश, तुम ने मुझे, तुमने मुझे, तुमने मुझे अपनाने को बात
00:22:05कर दिजी हा नगा। बहुत झालाश, तुमने मुझे फिसले no story of the police, let me.
00:22:15परने मुझे तुमने मुझे नहीं हैसे पौड़ूबे हाग करते हैं जैगा।
00:22:23इरहां तो पकली
00:22:35तो मिरे जोड़ा
00:22:37पहां?
00:23:23मालूम यह हुआ है कि वो आज़ानी बर्गेडियर मलोतरा के बहुत आजीज दोस्तों में थे
00:23:29और वो किसी वे जैसे कन्मेस हो गए
00:23:34कि शीतर मलोतरा का थी अचार कालिदास में किया है
00:23:39यह सब उसी बैरिस्टर का किया धर है सर
00:23:44बैरिस्टर के राज अगरवाल
00:23:47यह सर
00:23:49अगरों हिंदू ना होता तो कम उसका भी बंदुबस कर लेते
00:24:13कहा बात है अजीम तब यह तु छीक है
00:24:17हुँ ठीक हूँ
00:24:21नराज है क्या नहीं
00:24:26अच्छा बाहर किसी से लड़की आया है
00:24:29बदाया नहीं नहीं
00:24:33कोई बात तो जरूर है
00:24:36मुझे जूट से और जूट बोलने वारे आदमी से सब दवरत है
00:24:40कौँ जूट बोले
00:24:42ज्यादा बनने की जरूरत नहीं
00:24:44मुझे मादूम हो गया कि तुमने अपने पिछले शोहर को गत्तु किया था
00:24:50यहिता आपको तेरे को बताना चाहती तब तुमने की सुना है नहीं
00:24:55और यह भी बताना चाहती थी कि तुमने अपनी बेती को बेग दाला था
00:25:00अब करूठा को
00:25:01काव चना है क्वर था है कि तुमने ओला था
00:25:07अँगए अब तुमने कहें थी मुझे अभी कहें
00:25:09अब करोगी अगोगी कान खूँ खॉलो
00:25:11वह होगा कोई ममभाही का
00:25:13बेबस बेकस
00:25:14अभी जदे बात करने की काशिचिश कृता
00:25:17तो काप, तो आपन को ड़से रिकाल देगा ना?
00:25:20आप, ड़से रिकाल दूँगा
00:25:24ठीक है अजीव
00:25:26और अल्ला का सब अपन में अपन की दिनाने मिट्या को नहीं बेचा
00:25:32तो आपन को नहीं रखना तो ना चाहिए
00:25:36पर आपन को इना बड़ा अजाम ना दे अजीव
00:25:41इसाबरा अजाम ना दे
00:25:48अजीव
00:25:48आप
00:25:54यह ओनर, मिसिस शीतर मज़ोतरा शाम पाँच बज़े जखमी हुई
00:25:59और पाँच बज़े पैंतारिस मिन पर वो हास्पिटल में थी
00:26:03मेरा मुहकर खोड़ उन्हें टिबपी इमदाद पहुचाने के लिए हास्पिट ले करके अजाए
00:26:15अगर उस काहिवाला को इसका इव्हाला कशल करने का था तो उसने बड़ने क्यों जिया इस लिए उस लिए
00:26:19इस लिए उस पर हमला मुझ़ ने टैख नहां करके था था
00:26:32कि ये महज़ एक इत्फाकिया हादसा था, इत्फाकिया हादसा था, वो तीन दिन हास्पिटल में जेरे लाज नहीं, जहां उनके
00:26:42लिए बेहतरीं तिप्पी सहूलते मैसर थीं, ये बयान उन्होंने मरने से पहले दिया, जो रेकॉर्ड में मुझूद है, ये और
00:26:49हानर, मेरा म�
00:26:52एक मौज़ शहरी और बेहतरीन आर्मी आफिसर है, ये मुकदमा उसके खिलाफ इंटेंशनली बदनियती से बनाया गया ताकि उसकी आला
00:27:00शोहरत को नुकसान पो जाए जा सके, हाँ, आला शोहरत, ही इस वुल्फ, प्लीज आव के लिए स्वाई को अपने
00:27:08द्राल मकमल करने �
00:27:17इस वाके का कोई अनिशाहिद मुझूद नहीं और नहीं पोलीस आला कतल बरामत कर सकी है, मेरे मुकदम के खिलाफ
00:27:28तमाम कहानी बनाई गई है, जिसका हकीकत से कोई तालुक नहीं, इस द्रहाजा के पास कोई ढोस सबूत नहीं, कि
00:27:37जिसकी वज़ा से मेरे मुकदम के खिला�
00:27:39जिर्म 302 बनता हो, लिहाज़ा मुकदम के बियान और हलात वाकियात की रोशनी में मेरे मुकदम की जमानत मनजूर की
00:27:49जाए, ठैंक्यू यूर अरॉनर।
00:28:09की हैं, इन तमाम बातों का सबूत आपके फाइल पर मौजूद है, वो मुल्जम को छोड़ कर एक मरतबा अपने
00:28:16मेके भी जा जुकी हैं, जिस से थाबित होता है कि मुल्जम और मक्तूला के दर्मयान घरेलो जगड़े हमेशा रहें,
00:28:24यूर अनर, मुल्जम के जराइम की लि
00:28:39298 को कर्फियू के दुरान मुल्जम ने एक ग्रेर मुसला शख्स को गतल किया, जिस के लिए मैंने प्रेस कांफरेंस
00:28:46का एलान किया, जिस की कटिंग आपके इस फाइल में मौजूद है, लेकिन प्रेस कांफरेंस से एक दिन कबल मुझे
00:28:53आर्मी ने अरेस्ट किया, और मुझ
00:29:16यूर अनर
00:29:19ये कदल का केस ही नहीं है
00:29:21और उसका सबसे बड़ा सबूत ये है
00:29:24कि आर्मी में कोड मार्शल की बजाए
00:29:26ये केस क्रिमिल कोड रिफर कर दिया
00:29:30आपको मालूम है कि आर्मी इस वस्ट कश्मीर में कोई भी स्केंडल अफोर्ड नहीं कर सकती
00:29:35मेजर कालिदास आर्मी के बेतरी अफसरों में शुमार होते है
00:29:39और फिर भी आर्मी ये केस क्रिमिन कोड को देने पर रज़ावन हो गई
00:29:46इसलिए कि उनको यकीन है कि उनकी अफसर के खिलाफ कुछ नहीं होगा
00:29:51इसलिए केस केस में सिरे से कुछ है ही नहीं
00:29:55That's all your honor
00:30:04Sir, ये बात गलत है क्योंकि इस केस को क्रिमिनल कोड में लाने के लिए कोड कमांडर साब को जाती
00:30:12मुदाखिलत करनी पड़ी
00:30:14मेजर कालिदास के इमेजियट अफसरान ने पूरी कोशिश की कि अफ़ल तो ये केस चले ही नहीं
00:30:19और अगर चले तो ये आर्मी ही के हाथ में रहे
00:30:23लेकिन हमारे पस कुछ ऐसे शवाहिद मौजूद थे जिनकी बिना पर जर्नल साब को ये येकीन आ गया
00:30:28कि इस केस में इनसाफ सिर्फ क्रिमिनल कोड ही कर सकती है
00:30:33Thank you sir
00:30:36Your Honor
00:30:38मकतूला ने मौत से कब्र जो बयान दिया है
00:30:40क्या उसके बाद किसी मज़ीद शहादत की जरूरत है
00:30:45आप जानते है Your Honor
00:30:46कि मरने से पहले हर शख सिर्फ सेच बोलता है
00:30:49This is an historic fact
00:30:52ये केस की पोजिशन आज भी इंटरिम बेल वाली दिन वाली है
00:30:57मैं दर्खास करता हूँ प्लीज कि मेरे मौकिल की जमानत कन्फरम कर दे जाए
00:31:02Thank you sir
00:31:13Sir, dying declaration की बेसिस पे इस केस को कमजोर ना समझा जाए
00:31:18इसलिए कि dying declaration ना तो अदालत में होती है
00:31:22और ना ही उस पे कोई जिरह की जाती
00:31:24Please sir
00:31:27ये मुल्जिम एक इंतहाई खततनाक और जालिम शख्स है
00:31:33इसकी जमानत किसी तोर भी कन्फरम ना की जाए
00:31:36That's all your honor
00:31:37Thank you sir
00:31:43Bail rejected
00:31:44How the bail can be rejected
00:31:47Dying declaration की मुझूदी में
00:31:51How the bail can be rejected
00:31:53How the bail can be possible sir
00:32:02How the bail can be rejected
00:32:04We are a जिसे समझषशम आने बेवफा
00:32:10वो चला के बात ना जाए रे जाए
00:32:20सच
00:32:23हट हो गई
00:32:24यह नि मख्दूला की डाइंड डेक्लिरेशन मौजूद है
00:32:28और जज्ज ने कालिदास की समाना दो रिजेक्ट कर दी
00:32:32सर मैं इसलिए कहता था के
00:32:35जज्ज कोई आर्मी का बंदा होना चाहिए
00:32:39लेकिन हमारा ख्यालता के
00:32:40जज्ज चाहे कश्मीरियों का
00:32:42कितना ही हमायती क्यों ना हूँ
00:32:44डाइंड डेक्लिरेशन पर आखे बंद नहीं करेगा
00:32:48सर अब एक ही हर्वा है
00:32:50कि जज्ज बदल दिया जाए
00:32:52मैंने जनले साब से कहा है
00:32:53कि वो कोर कमानर साब से बात कर ले
00:33:09आप ना जाए
00:33:11फिर क्या गर
00:33:14अब उतको ना हिमा लो
00:33:17याद रखो सफिया
00:33:20किसी की इज्ज़त और खिद्मत करने से
00:33:23इनसान के अंदर का शेतान
00:33:26कमजोर और इनसान मजबूत होता है
00:33:30दूसरों की इज्ज़त और खिद्मत में ही अपनी तक्मील होती है
00:33:34तक अब वो टोट जाता है
00:33:37तक अब बुर्खात में ली जाता है बिठे
00:33:53आप इंडियन आर्वी में करनेल हैं
00:33:55और एक बिटालियन को कमान कर रहे हैं
00:33:58जे हूँ
00:33:58क्या आपके पास ये साब कैलाश अगरवाल
00:34:02लॉइन ओर्डर की को शिकायट करने हाई थे
00:34:04जी नहीं
00:34:06क्या ये सच है कि आपने कैलाश अगरवाल की शिकायट अंसुनी कर दी
00:34:10जी नहीं
00:34:11क्या आर्मी ने कभी कैलाश अगरवाल को अरेस्ट किया
00:34:14हकीकत ये है कि इन साब को
00:34:17जिन्देगी में पहली मरतबा मैंने इसी कोड में देखा है
00:34:20क्या आपने कैलाश अगरवाल की प्रेस कांफरेंस के बारे में अखबार में कुछ पढ़ा था
00:34:25देखेंजी आई रोज अखबार में किसी न किसी प्रेस कांफरेंस के बारे में लिखा होता है
00:34:30लेकिन हमारे पास इतना टाइम कहां कि हम इन चीज़ों को देखें
00:34:32तेखेंगी सार
00:34:42आप कितने अर्से से बतुर करनल कश्मीर में तायूनात है
00:34:46दो साल को करें
00:34:47क्या ये सच है कि आर्मी एक डिवीजन के तोर पर एक जनरल के अंडर काम करती है
00:34:52जे हम
00:34:54क्या हर बटालियन का एक करनल इंचार्ज भी होता है
00:34:57जे हम बिलकुल
00:34:59क्या ये सही है कि मुल्जिम कालिदास जम्मार कभी कभी अपनी डिस्क्रिशन पे भी काम कर जाता है
00:35:06आर्मी में एक हिरार्की होती है
00:35:08और तमाम काम एक और्डर के ताहत होते है
00:35:11मेजर कालिदास ने कोई भी काम
00:35:13अपनी डिस्क्रेशन पर नहीं किया
00:35:16सर ये कैसे हो सकता है
00:35:18कि एक शखस इसके कहने पर
00:35:20खतल और गारत करता हो
00:35:21और वो इसका मनजूर नजर ना
00:35:24क्या ये आज इस भरी अदालत में
00:35:26ये कह सकता है
00:35:27कि ये करणनल मेजर कालिदास का
00:35:29तमाम के तमाम जराइम में
00:35:31बराबर का शरीक है
00:35:38आपके मेरे बची जलبाजी ना करना
00:35:41ठीश
00:35:43आपकी अगर इसमे अजीण के साथ
00:35:45बडतमीजी की ना भाई साहब
00:35:46मैं इससे नाराज हो जाओंगी
00:35:49यानि मेरी बेटी को आप मेरे सामने ही डाट रही है
00:35:53भाई साहब
00:35:57सबी कुछ आपका दिया हुआ है
00:35:59मेरी बेटी
00:36:02लोग क्या कहेंगे कि हाजी अलताफ की बेटी
00:36:05बार-बार घर क्यों आ रही है
00:36:07फिर ना ही करो
00:36:10अल्लाह आपको खुश्ठीक है बेटा
00:36:13चल्लो पचति
00:36:16दिया हो भी
00:36:17जाँ कऱी प्यरी बेटी
00:36:19आल्ला करें तु जब वहाँ आए
00:36:23खुशी होशी आए
00:36:25खुशी खुशी आए
00:36:27या लाह सेवाग आदे
00:36:30या लाह defense को खुशी रहा candela
00:36:39आपने इनसाब को कभी देखा थे?
00:36:43जी हम
00:36:44कहां देखा?
00:36:46मैं आगरा में इंस्पेक्टर पॉलीस हूँ
00:36:48ये मेरे पास एक मरतबा आये थे
00:36:52किस लिए?
00:36:53इन्होंने कहा था कि स्टेडियम में कतल हुआ है
00:36:56और वहां पर एक लाश पड़ी है
00:36:58तो आपने क्या किया?
00:37:00मैं कुछ सिपाईयों के लेकर मोका पर गया
00:37:03वहां क्या देखा?
00:37:04वहां पर कोई लाश नहीं थी
00:37:06और?
00:37:07और इन्होंने कहा था कि एक शख्स ने इनके मूपर खून मारा है
00:37:12तो इसके मूपर खून कैसा था?
00:37:14नहीं इनके मूपर खून था
00:37:16और नाही मोका पर फून मजूद था
00:37:19बेर्ट सोजियो आँए
00:37:21वकील इस्तगासा
00:37:26मैं पर कोई जिराह नहीं करना चाहता
00:37:28थैंक यू सर
00:37:34जनाब वाला
00:37:35जैसा के शुरू दिन से ही जाय था
00:37:39मेरे मौकल
00:37:40कालिदास के खिलाब
00:37:41जर्म का ये मौकल को
00:37:46आर्मी आफसर होने
00:37:48शीतल मलहतरा का
00:37:50शौर होने के वज़े से
00:37:52वकील इस्तगासा जो
00:37:53मौकुला के इश्ट के चक्कर में थे
00:37:55शादी करनी चाहते थे
00:37:58नाकामी की सुरत मेरे बड़
00:38:00मौकल के दुश्मा बगे
00:38:02और इसी जाती अनात की वज़े से
00:38:05महज एक हासाती वाके को बन्याद बना कर
00:38:09और अपनी वकालत चमकाने की खातर
00:38:12मेरे मौकल को
00:38:14एक ऐसे मौकदमे में मौलवस कर दिया गया
00:38:16जो सरसर छूटा
00:38:18और इलूजन की वन्याद पर था
00:38:22जनाबे वाला
00:38:23डाक्टर साब की रिपोर्ट
00:38:25और पॉलीस इंस्पेक्टर के बयान की रोशनी में
00:38:27ये वात वाज़ा है
00:38:29कि मौकल के साथ
00:38:30मैज इत्फाकी आद्सा पेशा पेशा आया
00:38:32जिससे वो जहांबार ना हो सकी
00:38:33डाक्टर साब की रिपोर्ट से वाज़ है
00:38:36कि मौक्टूला को जो जखम आया था
00:38:38वो चार इंच गहरा था
00:38:40जबकि इत्फाकी तोर पर ऐसा जखम
00:38:42कमर पर लग ही नहीं सकता
00:38:43और फिर बकॉले
00:38:45वकीले सफाई उस रोज
00:38:47मक्टूला के हाथ में
00:38:48फरूट काटने वाली घरीलू छुरी थी
00:38:51ये कैसे मुम्किन है
00:38:53कि इत्फाकी तोर पर
00:38:54फरूट काटने वाली छुरी से
00:38:56चार इंच गहरा जखम लगा
00:38:57और फिर डाक्टर साब ने
00:38:59इस अमर को तसलीम किया है
00:39:01कि मक्टूला को लगने वाला जखम
00:39:03किसी फोजी या शिकारी चाकू से लगा हुआ था
00:39:05जबकि मक्टूला के बारे में
00:39:07एक बोगस और फर्जी डाइंग डेकलिरेशन
00:39:10मिली भगत से तयार किया गया है
00:39:12सर मक्टूला ने पुलीस इंस्पेक्टर
00:39:15के सामने दम नहीं तोड़ा
00:39:16नहीं उसका ये बयान
00:39:18किसी मजिस्ट्रेट या डॉक्टर की
00:39:20मौजूदगी में लेया गया है
00:39:21लहाजा अदालत ऐसे किसी बयान पे
00:39:24भी किसी तरह से रिलाइब नहीं कर सकती
00:39:27सर मुल्जम पर
00:39:29तमाम तर जर्म साबित हो चुका है
00:39:31और इंसाफ के तकाज़ों को
00:39:33पूरा करते हुए उसको
00:39:34कड़ी से कड़ी सजा यानि सजा
00:39:36मौत दी जाए ताके आएंदा
00:39:39कोई काली दास किसी शीत
00:39:41लमलहुद्रा का इस्तेसाद ना कर सके
00:39:43और आएंदा कोई शखस
00:39:44ऐसा घनाउना जर्म करने की जुरत
00:39:47ना कर सके
00:39:47तो आएंदा आएंदा
00:39:51जनाब वाला मेरा मुक्ल
00:39:53बेगुना है
00:39:54मेरे दर्खास है कि उसको बाइज़र
00:39:57बरी किया जाए
00:39:58जबके वकील इस तखासा
00:40:01एक नफसियाती मरीज है
00:40:03शवायत के पताबिक
00:40:05उनको उलूजिन्स होते है
00:40:07वो एक माहरे नफसियात के
00:40:09जेरे इराज भी रहे है
00:40:10इसलिए मरी दर्खास है कि उनका
00:40:13प्रैक्टिसिंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा
00:40:16थैंक्यो आएंदा
00:40:17और एडजर्ल
00:40:21गौहाँ के बियानाद
00:40:23और पाइल पर मुझूद शवायत से ये बात
00:40:25खुल कर सामने आ गई है
00:40:27कि इस तगासा मुल्जम
00:40:29काली दास जम्वाल के खलाब
00:40:30मक्तूला मिसिस शीतल महलूतरा के
00:40:33कतल का इर्जाम थाबत नहीं कर सका
00:40:35तहम इस मुकदमे में
00:40:37बाद ऐसे हकाइक सामने आ गई है
00:40:39कि जिस पर अदालत आंकें बंद करने से कासिर है
00:40:42ये बात थाबत हो गई है
00:40:44कि बिरिस्टर कैलाश अगरवाल एक नफसियाती मरीद है
00:40:48और उन्हें अलूजन्स होती है
00:40:51लहाज़ वो किसी तोर पर भी वकालत के काबिल नहीं है
00:40:55अदालत ये फैसला करती है
00:40:57कि बिरिस्टर कैलाश अगरवाल के प्रेक्सिंग लेसंस को चार साल के लिए सस्पेंड कर दिया जाए
00:41:03इन चार साल के दुरान उन पर पूरे कश्मीर में
00:41:07किसी भी अदालत में किसी भी मुकदमे की पैरवी करने पर पबंदी आइद होगी
00:41:12अदालत ये भी फैसला करती है कि मुल्जम काली दास जमाल को जर्म साबत ना होने की वज़ा से
00:41:18बाइज़त तोर पर बरी कर दिया चारती है
00:41:44बाइज़त बाइज़त ना होगी
00:42:25प्रूटे डरो मत, हम कुछ नहीं करेंगे, अपना नाम बताएगे
00:42:42कुछ आक खेंगे, अपना नाम बताएगे slicknew».
00:42:56हूप
00:43:17झाल झाल
00:44:07मेरा बेटे दूर मत जाना
00:44:10बाबा ये क्या इतनी सार पिरिंदे कहां जा रहे हैं
00:44:17पेटे ये अपने घूसलों में जा रहे हैं
00:44:28सर जिसना बुक्त में को गर लेता है
00:44:30अब सरों को गालियां देते हो
00:44:33तुमें पता है मैं तुमारा पोर्ड मार्शल कर दूँगा
00:44:35जो मर्जी करने ना मैंने और पोच्पी लोकरी नहीं करने
00:44:41तुम समझते हो मैं तुम्हें इतनी आसानी से जाने दूगा
00:44:44मैं तुम्हें इबरत बना दूगा
00:44:46समझे मैंने तुम्हें तुम्हें तीन साल के लिए अंदर ना कर दिया
00:44:50तो मैं तुम्हारा बेटा और तुम तेरे बाप ले ज़रे से, दफाए जो में निर्जों किसा में से
00:45:20कैके एसे, मैं इसने कंड़स पा तुम मार दिया ज़िए
00:45:25हेई, कर लाँ
00:45:31जोदो इसको
00:45:35अव्दार, मेरी गिंती तक तुम भाग गए
00:45:39इपट्यों के, वादनाँ
00:45:43को
00:45:45वाँ
00:45:48अकर बकर बंबापो, असीनवे पूरा सो, तौक लूटा, सीतर वोटा, जल बदारी
00:46:04पैसा खोटा
00:46:06अले किसे वो बज़िद पाके जी वो कमर साथ से बात देमने जाता
00:46:10तुम गदार लेके गया उसने
00:46:13गार के बंदूग शीनी, तीन अपसरों को मार गया बाद में उसने ते, आपको बोनी मार गया
00:46:19सेर्, नो सेर्, नो सेर्, छुटी का कोई मज़ना है ने
00:46:24सेर्, पैक सर्, विल्कम सेर्, थैक्ट
00:46:36फिर सारी गरवाले मुझे उर्यरा उर्यरा उर्यरा उकार मुझे, उस दिन में अपने बाबा के साथ खेट होगया, शाम हुए,
00:46:48तो हम खेट से बाबे सामें ने,
00:46:53हमारे गर के सामने एक कच्छा रोट था, इस दोट की दूसरी तरफ मेरी अमी हमारा इंतिजार कर रही थी,
00:47:05मैंने अमी को देखा तो मैं अमी की तरफ दौर बाब, दूसरी तरफ से आ रही है कि इस भी
00:47:12आ रही है,
00:47:16वब मुचे बचाते हुदू, साकसे नीचे गरिए, उ बुदी ने,
00:47:26फिर उसे एक बजी उत्वा, शगवे बाब बाब बबसे लोग्से ने चे रही है,
00:47:38वब बबसे लोग्से लोग्से ने चेड़ी,
00:47:42मेरे बाबा ने कहा, साउं गरती होगे, उसने मेरे बाबा को परवाना है,
00:47:56मैंने देखा कि ने मेरे बाबा को परवारा तो मैंने जाके इसके पाउं परकाश,
00:48:04उसने वगे एक लाद मार के दूर थे, मेरी अम्मी आई और उसको लखी की डोई से मारा, इसने मेरी
00:48:15अम्मी को भी दूर पहेंगी आए,
00:48:27मेरे बाबा ने ये देखा तो इस पाउंजी के साथ लुड़ पाउं, उस्यादा थी और मेरे बाबा के लेज़,
00:48:38इस परवसी परवसां के लेज़,
00:48:45कुछ दिन मेरे बाब की नाशी नियुक्त आए,
00:48:51राद बुन के लुड़ लखी कि लुड़ लुड़ लुड़,
00:49:01कुछ दिन उबाद रोगिए,
00:49:07किस दिन उबाद,
00:49:10तुस रात में जो ख्यास लगी गी था और में दूने में आज़ता है
00:49:19मैं पानी पीने करीब बाहर लेता तो मैंने चट पे उन लोगों को देखा
00:49:28मैं तरके मारे तंदूर में चुक्षिया
00:49:33जो उनक हमारे धर के अंदर आए और सारे मर्दों को मार गए
00:49:39मेरे दादा को भी मारा घुर मी जचचा को भी मारा और बच्छा को जिम्हें चोट से
00:49:48तो मैं आपते था
00:49:49मरी मा और बैमें को रहते चले जाए
00:49:55तुसके दिन गमी बुक लेगी
00:49:58तो मैं रोटी लेने कि इस दिएम्डी उन से बाहर मतीई आए
00:50:04प्रोक्टी मिजे मिल गई मज़ा मैं ख़ा नहीं सका।
00:50:09प्रोक्टी मैं सारा जिर अपने खाथ मिलेके बैट हुआ।
00:50:28हमारे घर के पास कोई दूसरे घर भी नहीं था।
00:50:33लाथ हुई तो मुझे पने जाना के दाख से ड़ने खाथ मिलेके।
00:50:41में तुर्ड के मारे कांपना लगा। फिर में द़र नहीं लगा।
00:50:50मैं दोड़ता रहा दोड़ता रहा। मैं सारी राफ दोड़ता रहा।
00:50:58मैं एक खर्दर में पहुंच गया। वह पता निस चैसे मैं सो गया।
00:51:10दूसरे दिन आगरे से आए गए एक बेवलाद जोड़े को मिलाना तब तक मैं अपनी यादास्त को गया था।
00:51:20jumbo
00:51:24लिजद मैं आटि शक्यर जादी जोड़ादी
00:51:28जयकल सकी शक्यर जादी
00:51:46अलाव बम Delta
00:51:50झाल
00:51:55झाल
00:52:23इप्रहीम भाई
00:52:25जबर से कांगे
00:52:27सब कोई ठीक हो जाएगा
00:52:30बस मैं किसी तरह अपने बच्चों के पास चाना जाता हूँ
00:52:34मैं आर्मी में किसी से पदा कर लेता हूँ कि आखिर उनके इरादे क्या है
00:52:39आँ आर्मी वालों से माद ना करें
00:52:42ये नहों आपके लिए को मसला हो जाए
00:52:44आप चन दिन यहां रहें बस ये फ्याल रखें कि किसी के लाजर ना पड़ें
00:52:49खिराई शाब आप पहुत अच्छे आप लेकिन आपको मालूं नहीं कि आर्मी वालों को किसी के अच्छे होने से या
00:52:57पुरे होने से कोई खरस ने
00:53:00जो जिसको एक बार टाकट बना देते हैं तो उसे उमसे कोई भी बचा रहते हैं
00:53:07इब्रहिम भाई प्रूमादी के बातें नहीं करते हैं
00:53:13इब्रहिम साब मुझे बहुत अफ्सोस है लेकिन अब क्या किया जा रखता हैं
00:53:19हमे आज ही कर तोचना हैं अगर हम कल के बारे में रोते रहेंगे तो आज हमारे हाथ से निकलने
00:53:26हैं
00:53:27भक्मादी के खेश की प्रात्ना करें
00:53:30यह ज़िस के आदासना ही रूप सकता हूँ
00:53:32आर्मी बारे मेरे पीछे पहुंच जाएंगे यावी
00:53:36मेरे होते ही आपको कुछ नहीं होगा
00:53:38ये मेरा बादा है
00:53:40हम साइट करेंगे
00:53:41मुँ आपको और आपकी सैमिली को मजीद नुसान नहीं बहुच लेदूगा
00:54:02अधको आपको देंगे लोगा
00:54:04पुला आपको वोगा
00:54:24इसो गदा तूम
00:54:33इतने सानों बात
00:54:38तुम में किनन हैरान हो रहा गाकुर।
00:54:42कि तुमारे हाथ की बेक्वी औरत को तक्दील है, फिर से तुमारे सामने कैसे लाख रख रखी है।
00:54:50भाई जुबेदा, सच्ची बात तो ये है के
00:54:55हमें पता था कि तुम अपनी बेटी को लेकर वापस कश्मیरा चुकी हो, लेकिन हमने फैसला किया कि तुम्हें जीने
00:55:08दिया जाए।
00:55:10फिर उसके बाद तुमारा मिलता आ गया है
00:55:14हमने फैसला किया कि उसे भी जीने दिया जाए।
00:55:24काखू, तुम्हारे तकब्र में और भी असाफा हो गया है
00:55:28अब तुम लोगों तो जिन्दकी और मौद भी बाढ़ने लगे हो
00:55:36तुम्हें खुदा से डर नहीं लगता
00:55:43जो बादा, तुने पहले भी मुझे इसी तरह एक अजाब के आने से डराने की कोशिश की भी
00:55:49है ना, अरे मैं तु बुरा था, अब तु बुरा हूँ, तु तु अच्छी थी
00:55:57और देखो तो, अब मेरी इस्द, मेरी दॉलत, मेरी ताकत है, कहा है आज
00:56:09तेन बेटों का बापू, हम हारमीद
00:56:23हारमी दर्ती है मुझसे, है, अवाब दर्ते हैं, चीफ मनिस्टर सहाब दर्ते हैं, है, भूमत दर्ती हैं, और मुझायदेर का
00:56:40तु मेने सफाय कर दिया,
00:56:42मुझपर तो कोई कहब नहीं तूटा, ना, और तू, अपने आप को देख, है, तेरी पाखीजा सोच में, तेरी जुन्दगी
00:56:58को कितना करब धाक बना दिया हैं,
00:57:06अरे, लोगों को इबरत मुझसे नहीं, तुझसे मेने चाहिए, तुझसे,
00:57:18काकू, काश के तुम अपने अंदर के इंसान की सड़ी रिलाश को देख सकते हैं, लेकिन ये सच है, कि
00:57:28कभी-कभी अंदा होना भी खुदा की निमत होती है,
00:57:34जुवाइदा, तु पहले की परा, अकल की बाते करती हैं, काकू, तुम्हारे दुरी की अफिर कभ होगी,
00:57:47बाखुदा, जुवाइदा, हम तुम्हारे बेटे से कोई दिश्वन ही नहीं करना चाहते थे,
00:57:53है, लेकिन वो बरावर हमारे काम में तीवार बनता रहा,
00:58:02काकू, अगर मैं इतने मजबूरे इंसान ना होती जितनी के आज हूँ,
00:58:07तुम्हार सायद भी कभी तुम्हारे करीब चलद बरता है,
00:58:12तुम्हे एक परिष्टे को कहत कर रखा है,
00:58:15उसे जाने दो,
00:58:17हाह, हाह, लब, अंजिनो, हाह, हाह, हाह, हाह,
00:58:24हरे हम तो खुद शैतान की खैद में हैं,
00:58:28और यी कहती ए ह। हमने फरिष्टे को खैद, हाह, हाह, हाह, हाह, хват
00:58:34काकू, हारी अग्टास को जाने दो,
00:58:38हुझ ए इंसान में दूटता है,
00:58:41अरे, हमने उसे क्या कहना है, है, अरे वो तुम्हारे बेटे के बारे में हमें मालूमाद दे और चला जाए,
00:58:52हाँ
00:58:53काकुलाला, मैं पहले भी तुम्हारी कैट में रह चुके, अब भी मुझे रख लाओ, और इस फरिष्टा से इंसान को
00:59:06छोड़ दो, सजाने दो
00:59:08हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, अब जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए,
00:59:21जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, जाए, �
00:59:38कर दो कर दो
00:59:39कर दो
01:00:10कर दो
01:00:11कर दो
01:00:11कर दो
01:00:11कर दो
01:00:12कर दो
01:00:13कर दो
01:00:14कर दो
01:00:15कर दो
01:00:17कर दो
01:00:17कर दो
01:00:19कर दो
01:00:19कर दो
01:00:19कर दो
01:00:30कर दो
01:00:50ये है अधियलता हूँ
01:00:53जी हाँ
01:00:54मैं ही अधियलता हूँ
01:01:02बहुत शाख है तुम्हे औरतों की खिर्मत करने का
01:01:06बफद्गताना मैं खुद भी तीन बेटलों का बाप हूँ
01:01:09फिर से तुम्हे ये भी मानूम होगा के कश्मीर में
01:01:13बेटियों के बापी को भी चड़ी लगी
01:01:16अल्दा का शुक्र है
01:01:18कि मेरी बेटियां मेरे लिए बाइसे इंसत हैं
01:01:23काम खोल का सुन बुटे
01:01:26अगर मेरे साथ चराकी की
01:01:28तो तेरी बेटियां तेली बाइसे जिल्द भी हो सकती है
01:01:31बोड़ी जाब
01:01:36दिर्क रिटाब
01:01:41आप जो भी है
01:01:43अब मुझे तो ये भी नहीं पता
01:01:45कि ये पोजी बचन कौन कि पे लगाता है
01:01:48बच्ट
01:02:01बच्ट बच्ट बच्ट
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01:02:06बच्ट
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01:02:09बच्ट
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01:02:46यहाई लगते हैं
01:02:49राप कौन है
01:02:52तुमारा तुमने यह सवाल किया तो तुमारी जबान को दीजे खेश तूगा
01:02:56मेरे वतन की मच्टी पे खड़े होकर
01:03:00मेरी उमर के शख्त की यह इज़त
01:03:03यकिना यह तुमारी बर्दी का तोक्रा है
01:03:08ओहो वतन की मच्टी
01:03:12ओह मेरे वतन की मच्टी
01:03:15मैं तो गूंगे था कि मैं तुमारे वतन की मच्टी पे खड़ा हूँ
01:03:19सुन बुड़े
01:03:21यह कश्मीर है
01:03:24इसकी मच्टी दो क्या
01:03:26अगाज पिकरी का इनकाई
01:03:28क्या क्या जब का अगुपट
01:03:32анс कि एंख से वंख सर्फ टकेन केक कि एंख – मैं उनीया गिर प्रखुश से वार siis रुह हो
01:03:43एंज तरेन केंज
01:04:07यह दोड़ा है
01:04:32कर दो झाहिए ही बाप्र गाहिए है कर दो कि कर दो झाहिए है
01:05:29झाल झाल
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