15 दिन में चार बार बढ़े दाम, आमजन का बजट बिगड़ा, परिवहन पर पड़ा असर
सवाईमाधोपुर. देशभर में आमजन को राहत देने के बजाय पेट्रोल‑डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी ने महंगाई की आग को और तेज कर दिया है। महज 15 दिनों में चार बार कीमतें बढ़ीं और अब तक पेट्रोल 7.94 तथा डीजल 8.02 रुपए महंगा हो चुका है। यह बढ़ोतरी केवल वाहनों की टंकी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीधे आम आदमी की रसोई और जेब पर असर डाल रही है। परिवहन खर्च बढ़ने से सब्जियों, अनाज और दूध जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें ऊपर चढ़ने लगी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में महंगाई का बोझ और ज्यादा बढ़ेगा और आमजन का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा।
परिवहन और माल ढुलाई पर पड़ रहा असर
पेट्रोल‑डीजल की कीमतें बढ़ने से बसों, ट्रकों और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ना तय है। इसका सीधा असर सब्जियों, अनाज और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी माल ढुलाई महंगी होने से किसानों और उपभोक्ताओं दोनों पर दबाव बढ़ेगा। ट्रांसपोर्ट कंपनियों का कहना है कि ईंधन खर्च बढ़ने से किराया बढ़ाना मजबूरी है, जिसका असर हर वस्तु की कीमत पर पड़ेगा।
दूध और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी
डीजल महंगा होने से डेयरी उद्योग पर भी असर पड़ा है। दूध की ढुलाई और उत्पादन लागत बढ़ने से कीमतें बढ़ने लगी हैं। इसी तरह सब्जियों और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आने लगी है। ईंधन महंगा होने से हर उस वस्तु की कीमत बढ़ेगी, जिसकी सप्लाई ट्रांसपोर्ट पर निर्भर है।
महंगाई और बढ़ने के आसार
लगातार बढ़ते दामों ने आमजन को महंगाई का नया तड़का दिया है। यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में महंगाई और ज्यादा बढ़ेगी और आमजन का बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा। घरेलू उपभोक्ता पहले से ही महंगाई से परेशान हैं और अब ईंधन की बढ़ोतरी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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15 दिन में पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों पर एक नजर...
- पहले अब
पेट्रोल 106.22 114.16
डीजल 91.16 99.18
जिला मुख्यालय पर कब-कब बढ़े दाम
तिथि पेट्रोल डीजल
15 मई 109.46 94.63
19 मई 110.40 95.54
23 मई 11.34 96.46
25 मई 114.16 98.18
इनका कहना है....
ईंधन दरों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा कारण अंतरराष्ट्रीय हालात हैं। कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर गईं और सरकार को मजबूरन पेट्रोल‑डीजल के दाम बढ़ाने पड़े। इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर परिवहन क्षेत्र पर पड़ा है। बसों, ट्रकों और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से आमजन की जेब पर सीधा बोझ पड़ा है। पेट्रोल‑डीजल की कीमतें बढ़ने से न केवल परिवहन खर्च बढ़ा है बल्कि हर उस वस्तु की कीमत भी ऊपर जा रही है, जिसकी सप्लाई ट्रांसपोर्ट पर निर्भर है।
अभिषेक गोयल, पेट्रोल पंप संचालक, सवाईमाधोपुर
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