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  • 2 days ago
यह वीडियो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कूटनीतिक बयानबाज़ी और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर पैदा हुए नए विवाद पर आधारित है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ शांति वार्ता तेजी से आगे बढ़ रही है और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म होने की ओर है, वहीं दूसरी तरफ पेंटागन और CENTCOM ने साफ कर दिया कि ईरान के खिलाफ समुद्री प्रतिबंध और सैन्य तैनाती अब भी पूरी तरह जारी हैं। इस विरोधाभास ने दुनिया भर में सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर अमेरिका की वास्तविक नीति क्या है। दूसरी ओर, ईरान ने भी ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि किसी भी समझौते का भविष्य बयानों से नहीं बल्कि जमीनी कार्रवाई से तय होगा। इस रिपोर्ट में जानिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य, परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े उन बड़े मुद्दों के बारे में, जिन पर अमेरिका और ईरान आमने-सामने खड़े हैं।



This video explores the growing tensions between the United States and Iran, the conflicting diplomatic signals coming from Washington, and the latest controversy surrounding the Strait of Hormuz. On one hand, U.S. President Donald Trump claimed that peace talks with Iran were progressing rapidly and suggested that the naval blockade could soon be eased. On the other hand, the Pentagon and CENTCOM made it clear that maritime restrictions and military deployments against Iran remain fully in place.
The contradiction has raised serious questions worldwide about the true direction of U.S. policy toward Iran. Meanwhile, Tehran has rejected Trump's claims, insisting that the future of any agreement will be determined by concrete actions rather than political statements. In this report, we take a closer look at the key issues at the heart of the dispute, including control of the Strait of Hormuz, Iran’s nuclear program, economic sanctions, and the broader struggle for security and influence across the Middle East.




#USIranTensions #IranNews #Trump #DonaldTrump #StraitOfHormuz #MiddleEast #IranNuclearProgram #USForeignPolicy #Pentagon #CENTCOM

~HT.178~PR.516~ED.104~GR.538~VG.MX~

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Transcript
00:00एक तरफ दुनिया का सबसे शक्तिशाली नेता सोशल मीडिया पर आकर एलान करता है कि जंग का खत्रा टल गया
00:06है
00:06हमारी नौ सेना के जहाजों को घर लोटने का वक्त आ गया है लेकिन ठीक कुछ घंटों बाद उसी देश
00:13की सेना कहती है रुकिये
00:14एसा कुछ नहीं हुआ है हमारी बंदू के अभी भी तनी हुई है और ना के बंदी पूरी तरह लागू
00:20है
00:21ये वाशंटन और तहरान के बीच चल रहे हाई वोल्टेज रामे की हकीकत है जुसने पूरी दुनिया को उल्जा दिया
00:28है
00:28अमेर्की राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रॉम्प का एक बयान और इसके बाद पेंटेगॉन का बिलकुल उल्टा दाव
00:34आखे स्ट्रेट ओफ होर्मूज में चल क्या रहा है
00:37क्या बाके अमेर्क और इरान के बीच शांती होने वाली है या फिर सिर्फ एक कूटनी तिक ब्रहम है
00:42हम अभी एक अच्छा समझहोता कर सकते हैं लेकिन शायद बहुत बढ़िया नहीं और अगर यह बहुत बढ़िया नहीं है
00:47तो हम इसे नहीं कर रहे हैं
00:48क्युकि हम इस आदमे के सार्थ की एक बाहुत बढ़िया समझहोता कर सकते हैं और आप जानते है यह बहुत
00:53जयादा मुश्तिल है क소य finish नहीं जल्दी होगा
01:02मुझे लगटा है कि हम बहुत अच्छा कर रहें।
01:09जो भी था वो सबसे खराफ समझ वहूता था
01:16वव हो इरान के लिए बहुत जल्दी पर्मानुहत्यार हासल करने का एक रास्ता था
01:21सालों पहले उनके पास पर्मानुहत्यार होता
01:23हम अभी यहां इस बारे में बात नहीं कर रहे होते
01:26उनके पास परमानों हत्यार होता
01:32इस पूरे सस्पेंस की शुरुआत होती है
01:34अमेरिकी राष्टपती डॉनाल्ड ट्रॉम्प के एक सोशल मीडिया पोस्स से
01:38ट्रॉम्प ने कैसा दावा कर दिया है
01:41उससे लगा कि मिडलीस में महीनों से चला रहा तनाव अब खत्म होने की कगार पर है
01:46ट्रॉम्प ने बेहद सकरात्मक रुक दिखाते हुए कहा कि तहरान यानि इरान के साथ
01:50अमेरिका की बातचीत बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है
01:53उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देश एक सीजफायर को एक स्थाई शांती समझोते में बदलने के बेहद करीब है
02:00लेकिन बात सुर्फ इतनी नहीं थी ट्रॉम्प ने इस बातचीत के बदले इरान के सामने अपनी कुछ सक्त शर्ते भी
02:06रख दी
02:07वो शर्ते क्या है
02:08पहली शर्त, इरान को हमेशा के लिए परमाणू हतियार बनाने का रास्ता छोड़ना होगा
02:14दूसरी शर्त, स्ट्रेट ओफ होर्मूस जहां से पूरी दुनिया का तेल गुजरता है उससे पूरी तरह खुला रखना होगा
02:21तीसरी शर्त, वहाँ से गुजरने वाले जहाजों उपर किसी भी तरह का कोई रोक टोक या ट्रांजिट टाक्स नहीं लगाया
02:28जाएगा
02:28और इसी शर्त के साथ ट्रम्प ने वो बात कही जो इसने दुनिया भर के अकपारू की सुर्खिया बटोर लिए
02:34ट्रांप ने कहा कि अमेरिका की जो अद्बूत और अभूत पूर्णों से निक नाके बंदी चल रही थी उसमें फसे
02:41जहाज अब अपने घरों की ओर लोट सकते
02:43इसे दुनिया ने अमेरिका की तरफ से एक बहुत बड़ी कूटनीतिक रियायत माना
02:48लगा की बस समझोताब हो ही गया है लेकिन पूटनीती की दुनिया इतनी सीधी नहीं होती
02:53ट्रांप के इस बयान के अभी कुछ ही घंटे बीते थे कि वाशिंटन के पावर कोरिडॉर से एक और खबर
02:58आई
02:58जिसने पूरी तस्वीर को 180 डिगरी घुमा कर रख दिया
03:02ये बयान आया अमेरिकी सेंट्रल कमान यानि सेंट कॉम की तरफ से जो इस पूरे इलाके में अमेरिकी सेना की
03:07कमान सभालती है
03:08सेंट कॉम ने साफ साफ कह दिया कि जमीन पर या यू कहे कि समंदर में कोई बदलाब नहीं हुआ
03:14है
03:14अमेर्की सेना अभी इरान की खिलाफ सक्त समुद्री प्रदीबंद और नाकिबंदी लागू कर रही है
03:20सेना ने जो आकड़े दिये हैं वो हैरान करने वाले हैं
03:23इरान से होने वाली वेपार को रोकने के लिए अब तक 115 से जादा कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया
03:29है
03:29अमेर्की सेना मिरलीस में पूरी तरह तैनात है और हाई अलर्ट पर है
03:33या एक बड़ा विरोधा वास खड़ा हो गया है
03:36एक तरफ राश्त पती कह रहे हैं कि जहाज घर लोट सकते हैं
03:39तो दूसरी तरफ उनकी खुद की सेना कह रही है कि ना के बंदीजारी है
03:43तो क्या अमेर्की प्रसाशन के अंदर ही मत भीदे
03:45या फिर ये ट्राम्प की कोई नई कूट नीतिक चाल है
03:48इस सवाल इस वक्त पूरी दुनिया के रणीतिकार पूछ रहे हैं
03:51अब जब वाशिंटन में ऐसा भ्रहम फैला हो तो इरान कैसे चुप रह सकता है
03:55इरान ने तुरन ट्राम्प के इंदावों की हवा निकाल दी
03:58तहरान ने साफ कहा कि बात जीत जरूर चल रही है
04:01लेकिन किसी भी फाइनल अग्रिमेंट या सीस फायर पर मोहर्म नहीं लगी
04:05इरान के विदेश मंत्रा लेके प्रवक्ता इसमाइल बगाई ने तो ट्राम्प की करना ही होगा वाली भाशन पर कड़ा एतरास
04:13जताया
04:13उन्होंने बेहत तलक लहजे में कहा कि तहरान ने ऐसी धोस वाली भाशा दश को पहले सुनना छोड़ दिया है
04:20उन्होंने अमेरिका पर अवेद समुत्री प्रतिबन लगाने का आरोप लगाया और एक बेहत पते की बात कही
04:26बगायी ने कहा कि सीस फायर का भवश्य अमेरिकी निताओं की बयानों पर नहीं बलकि समंदर में उनकी कारवाई पर
04:33डिपेंड करेगा
04:34सिर्फ बगाही ही नहीं इरान की संसद के अध्यक्ष मुहमद बाकिर गालिबाफ ने भी अमेरिका पर गहरा अवश्वाश रताया
04:42उन्होंने साफ कह दिया कि इरान अमेरिका की बातों पर नहीं बलकि उसके जमीनी कदमों को देख कर ही कोई
04:47फैसला करेगा
04:48यही साफ है इरान जुकने के मूड में बिलकुल नहीं है
04:51तो लबूलू आब यह है कि फिलाल दोनों पक्ष टेबल पर वैठे हैं प्रगिती का दावा भी कर रहे हैं
04:56और कूटनीती की दुहाई भी दे रहे हैं
04:58लेकिन हकीकत यही है कि इरान की नाकिबंदी का ये पूरा मुद्धा इस वक्त राजुनीतिक बयानों और सेने सच्चाईयों की
05:05बीच बुरी तरह फसा हुआ है
05:07जब तक राश्च्रपती ट्राम्प की घोशनाओं और पेंटगॉन की बंदूकों में ताल मेल नहीं बैठता तब तक इस इलाके में
05:13शान्ती की उम्मीद करना जल्दिवाजी होगी
05:15फिलाल इस खबर में बस इतना ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहें One India
05:20Hindi
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