00:00कुछ हो रहा है उससे मुझे बहुत डर लग रहा है अपराम
00:03खौफ जदा ना हो साराई
00:05अल्ला हमारे साथ है
00:29असलाम आलेकम
00:30वालेकम असलाम
00:31तुम इन मवेशियों को वादी की तरफ क्यों नहीं ले जाते
00:34बहुत बहतर जनाब
00:41झालेकम में विया परो करको रहा है
00:44जलर दर शाल में चीजेन
00:47मुईच अआब हुआ
01:08मुईच
01:12मुादिया
01:15अगर पानी ना मिला, तो हम सब प्यासे मर जाएंगे, या फिर जल्दी हम किसी दूसरे मकाम पर मुन्तकिल हो
01:23जाएं, कल ही हम उस पहार पर चड़कर एक कुर्बान गाह बनाएंगे, कुर्बान गाह किस लिए, इबादत के लिए, हमारे
01:32पास वक्त नहीं है,
01:34मैंने सुना है कि यहीं करीब में एक बुरी औरत रहती है, जो जादो टोना करती है और तावीज बनाती
01:40है, तो क्यों नहाम उस बुरी औरत से एक तावीज बनवा कर गुर्बान गाह में लटका दें?
01:46सही है, इसे हमें बहुत फाइदा होगा
01:48हम पहाड पर अल्ला ताला की अबादत करेंगे, सच्चे और हकीकी खुदा की, अल्ला जिसका सादी कोई नहीं
01:59अबराहम, हमारी हालत पर नजर करो, हम प्यास से मर जाएंगे
02:03आपका अल्ला तो हारान में रह गया, वो हमारे साथ नहीं आया
02:07फिर क्यों नहीं हम किसी मुदालिका देवता से मदद मांगी?
02:11साराई हम पहाड पर चड़कर गुर्बान गाह बनाएंगे
02:16अपने अल्ला के लिए जो हमें इस जमीन तक लाया है
02:20लेकिन देंगे किस की कुर्बानी?
02:22हम एक बेदाग मेमना कुर्बान करेंगे
02:25तमाम हिदायतों पर अमल लाओ
02:29अलियाजर, एक बहतरीन भेड का बच्चा चुन लो
02:32जी बहतर, चाओ और सब से कह दो
02:34ठीक है मालिक
02:36जाओ
03:02यही है वो जगह जिसका बादा
03:04अल्ला ने मुझ से और मेरी नसल से किया
03:08इसका वादा चचा चान
03:11चिडिया भी यहाँ से जा चुकी है
03:12ऐसी खुशक और बंजर जगह
03:15तमाम लोग यहाँ से भाग रहे है
03:18जैसे उस पर किसी जिन का साया हो मेरे आका
03:22आपने खुदा से पूछा कि वो आपको अरजल मौत क्यों दे रहा है
03:25इतनी दूर आकर एक बंजर और बेमसरफ समीन को देखने के लिए
03:30यह खुशकी खत्म हो जाएगी
03:34और हर चीज हजब मामूल हो जाएगी
03:37उस बुढ़े शख्स ने कहा था यहां हर्याली और समर बारी हुआ करती थी
03:45जब तक हर चीज हजब मामूल हो जाएगी
03:49यह जगा यकीनन उस से पहले हमें मार डालेगी
03:52हम कुएं खो देंगे
03:54और यकीनन अल्ला हमारी जरूरतों को पूरा करेगा
04:00उसकी आवाज नहायत ही साफ थी
04:03जब उसने मुझे बताया
04:05अबराहम तुम्हारी नसल के लिए मैं यह जमीन दे रहा
04:20क्या पानी का कोई नामो निशान मिला
04:23नहीं यह खुशक है आली जिनाम
04:26खोदते जाओ जब तक पानी ना मिले
04:29और मैं वही कर रहा हूँ
04:31खोदते चले जाओ
04:32बहते हैं
04:40हमारे पास कितना पानी बचा है
04:42मुझे लगता है दो दिन से ज़्यादा नहीं चलेगा
04:47फिर तो हम प्यास से मर जाएंगे
04:50आप
04:52अगर हमें उनकुओं से पानी नहीं मिला जो हम खोद रहे हैं
04:55तो अब क्या करें
04:58हमें अब राम को ये जगे छोड़ने पर आमादा करना होगा
05:02ठीक है
05:05ये कहते हुए मैं माफी चाहती हूँ
05:08उनको रिजानी के कोशिश तुम खुद क्यों नहीं करती हो
05:11हो सकता है इस बार तुम हामिला हो जाओ
05:15हाँ
05:16मैं तो कोशिश करती हूँ लेकिन उन्होंने कोई दिल्चस्पी नहीं दिखाई
05:20वो तो बस पानी के खल्लत के लिए परेशान रहते हैं
05:23वो हमेशा ये सूचते हैं कि अब इस परेशान के लिए आगे क्या करना चाहिए
05:31बराही करम ये लीजिए
05:33जरा इसे सुंगे तो
05:39इसकी महद बहुत ही अच्छी है
05:42इसको अपने जिल्द पर मल लीजिए
05:44फिर मेरे मालिक काबू न रख पाएंगे
05:47इस उम्दा खुश्बू से वो वही करेंगे जो तुम चाहोगी
05:57सोने से पहले तुम्हे इसको पीना है
05:59इस जड़ी बूटी को पानी में उबाल कर
06:01ये तुम्हे हामिला होने में मदद करेगी
06:04इस जड़ी बूटी को पीने से भेड़नी तक को बच्रा हो सकता है
06:08सेच
06:09बिल्कल सेच
06:10मैंने बहुत सी टोटके और तावीज इस्तमाल करके देख लिए
06:13पर किसी ने काम न किया
06:15जाओ इस जड़ी बूटी से एक मश्रूप तयार करो
06:19इससे एक मश्रूप तयार कर लो
06:26शब्बा खेर मेरे मालिक
06:28शब्बा खेर
06:37कितनी भीनी भीनी खुश्बु है
06:46ये आप के लिए है
06:48लेकिन तुम क्या कर रही हो
06:50आप जानते हैं कि मुझे आपसे बेहत प्यार है
06:53और आपकी ही चाहत है
06:55मेरा भी यही हाल है
06:58मगर फिक्र मुझे मारे डाल रही है
07:01कौन से फिक्र अलाग है जिसने आपको मुझे से दूर तर दिया
07:04मेरे लोग ठक गए हैं
07:07वो हार मानने वाले है
07:09हम वहीं वापस जा सकते हैं जहां से हम आए हैं
07:12हारान
07:13लेकिन अल्ला का इनकिशाफ नहायाती साफ था
07:15उसने कहा
07:17तुम्हारी नसल के लिए मैं ये जमीन दे रहा
07:20हम पहले भी इस पर बात कर चुके हैं आपको मेरी राय पता है
07:24मुझे यखीन है
07:25अल्ला हमारी जरूरतों को पूरा करेगा
07:28उम्मेद करती हूँ वो मेरी जरूरत भी पूरी करेगा
07:31महतर्मा बराही करम एक लमह तकलीफ करें
07:46ये वो बूटी है इसे जल्दी से पी लीजी
07:54शुक्रिया नेक खौईशाद
08:09अबराहम
08:31आप खुश और सेहत मन्द रहें
08:33और आप भी जनाब
08:43ये मिट्टी गीली क्यों है
08:46क्या तुमने इसे खोदने के लिए गीला किया
08:49जी नहीं जनाब जब अल सुबह हमने शुरू किया
08:52तो कुवे की तह में थोड़ा सा पानी भी मिला था
08:55तुमने मुझे इसकी इत्तिला क्यों नहीं दी
08:58मैं क्या गरता जनाब मिगदार ही बहुत कम थी
09:01लेकिन इससे उम्मीद पैदा हो गई है
09:03खोदना जारी रखो
09:06कहराई में पानी हो सकता है
09:13कैसा असर किया उस खुश्मूने मेरे मालिक पर
09:16अच्छा था बुरा नहीं
09:18पर नीन दून पर कुछ ज्यादा ही हावी थी
09:23उसको छोड़ना नहीं मौतर मा
09:38अस्तलाम अलेकुम
09:40वालेकुम अस्तलाम मालिक
09:42अबराहम चचा कहा है
09:43वो अन मुलाजिमों के पास गए हैं जो कुआ खोद रहे हैं
09:47लीजिये ये ताजा रोटी है खाईए मेरे मालिक
09:50शुक्रिया
10:00मेरे आका अबराहम आ रहे है
10:03मैं उनसे एक एहम और जरूरी मौामले पर बात करना चाहता हूँ
10:10अस्सलाम अलेकुम
10:14मैंने अलियजर को बाहर जाते देखा भेडों के साथ
10:17शायद वो सूखी घास ढूनने जा रहा था
10:19क्या उसने आपको बताये नहीं कि ये मैं आपको ढून रहा था
10:22हाँ ठीक है अंदर आओ अंदर आओ
10:30बैठो
10:37अच्छा बताओ
10:42तुम्हारे दिमाग में क्या चल रहा है
10:44चचा जान हमें जल्द से जल्द ये जगा छोड़ देनी चाहिए
10:49हमारे पास थोड़ा सा ही पानी रह गया है
10:53हमारे पास थोड़ा सा पानी रह गया है
10:56क्या अल्ला हमें प्यास से मरने के लिए छोड़ देगा
11:00हमें अपनी अखलो फाहम का इस्तमाल करना चाहिए
11:03और इस बारे में तुम क्या राए देना चाहोगी
11:08बताओ हम ऐसा क्या कर सकते हैं जो अब नहीं कर रहे हैं
11:11हमें चले जाना चाहिए
11:16यह से मिस्र रवाना हो जाना चाहिए
11:18जहां पर पानी और हर्याली की बहुत तात है
11:23मेरे ख्याल से यह बहुत अच्छी राय है
11:27लेकिन अल्ला ने वादा किया है
11:30वादा किया है लेकिन तारिख मुकर्रन नहीं की है
11:33हम मिस्र चलते हैं
11:36और जब सही वक्त होगा आ जाएंगे
11:41मुझे एक और दिन दो
11:45हो सकता है कोई मौजिज़ा हो जाए
11:47और कुवे से पानी उचल पड़े
11:50क्यूंकि उस कुवे की तह में पानी की मौजूदगी की निशानी है
11:56लेकिन आप वादा कीजे कि अगर पानी उपर नहीं आया
12:00तो कल हम लोग रवाना हो जाएंगे
12:04हाँ, हम लोग चल पड़ेंगे
12:11या अल्ला, मुझे लगता है तूने मुझे छोड़ दिया है
12:18हमारे पास बहुत थोड़ा सा पानी बचा है
12:21या अल्ला, मेरी मदद कर कि मैं तेरे वादे से गाफिल ना हो जाओ
12:26अगर तेरे किये हुए वादे को कायम न रख सका
12:29तो ये मेरी मजबूरी होगी, अल्ला
12:34अगर मैं मिस्र की तरफ कूच कर जाओं
12:36तो मेरी मिलकियत और मेरे रेवलों की हिफाज़त करना
12:41मैं जहाँ जाओं मेरे साथ रहना
12:45मैं जहाँ जहाँ जाओं मेरे साथ जाओं
13:15मार्ण कर तो प्रहाँ जाओं मेरे साथ जाद कर तूएं
13:20अगर प्रहाँ प्रहाँ जहाँ जो जाओं मेरे साथ जाओं
13:46परमाईए तुम्हारे गुजारिश पर हाकिम आला फिराउन ने मिस्र की जमीन पर रहने की अजाज़त दे दी है
13:53मैं हाकिम मिस्र फिराउन का बहुत बहुत शुक्र गुजार हूँ
13:58हाकिम मिस्र आप से मिलना चाहते हैं
14:01वो आपको और आपकी बीवी को कल महल में आने की दावत देते हैं
14:06ये मेरी बीवी नहीं है
14:08ये मेरी बहन है
14:10और ये मेरा भाती जालूत
14:13अच्छा, कल मैं आपको लेने आऊँगा अपने हाकिम फिरॉन से मुलाकात करवाने
14:18शुक्रिया
14:19कल मिलते हैं
14:20कल मिलेंगे
14:31जनना चाता हूँ कि फिराउन के खासद से आप ने ये क्योगा कि सराई आपकी बेहन है बीवी नहीं है
14:37उनका ये मानना है कि एक कुवारी ऑर्रत बाइस रह्मत है
14:40जब की एक बांश ऑर्रत किसी भी जमीन के लिए लानत होती है
14:47बहराद आपने जूट नहीं बोला
14:49क्योंकि देखा जाए तो वो आपकी आधी बहन है चचाजान
14:53वो मेरी आधी बहन
14:55मगर बीवी भी है और वो बाँज है
15:10मेरे आका, महमान आ चुके है
15:12उन्हें बेश करो
15:32असलाम अलैकुम फिरावन मिस्र
15:34वो अलैकुम सलाम
15:36यह अबराम है
15:38यह इनका भतीजा लूट और यह इनकी बहन सराई
15:44दिले इस्तिक्बाल है
15:47असीन सराई
15:49अमीद है आपको हमारा मुल्क पसंद आया होगा
15:52बहुत खुब है जनाब
15:54क्या आपके मुल्क की तमाम ओरतें आपकी बेहन की तरह ही खुबसूरत है अबराहम
15:58जरा अपने हाथ की तरफ देखिए
16:01क्या आपके पांच उंगलियां एक सी है जनाब
16:04मैं समझ गया अबराहम
16:06आप बहुत समझदार इनसान हैं
16:10अमीद है कि आपकी बहन के लिए हमारी महमान नवाजी पर आपको एतराज नहीं होगा
16:14वो हमारे महल के जनान खाने में रहकर महल की खुबसूरती में अदाफ़ा करेंगे
16:18ये तो इनहीं पर मुनस्सर है इनहीं से पूछ ले
16:24साराई महल सरा में रहना आपको कैसा लगेगा
16:26ये तो मेरे खुश नसीबी होगी
16:29बात खुब
16:30हजरा को बलाओ
16:32जी मेरे आपका
16:46हुक मुफरमाया आपका
16:49साराई को जनान खाने में ले जाओ
16:51और ख्याल रखो इनकी तमाम जरूरियात का
16:54इन्हें हर चीज दी जाए
16:58हर चीज
16:59बहतर है मेरे आपका
17:06तश्रीफ फर्माए
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