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अगर मुस्लिम देश घुसपैठिये भगा सकते हैं तो भारत क्यों नहीं? देखें ब्लैक एंड व्हाइट विश्लेषण
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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजरा उंकश्यप व ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत-बहुत स्वागत है आज सबसे पहले हम आपको
00:06यह बताएंगे कि जब दुनिया के तमाम मुस्लिम देश घुसपैटियों को खदेर सकते हैं तो भारत में इस पर तुष्टी
00:12करण और सियासर क्
00:14यह मुद्दा अगर हमारी देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है तो इस देश में कुछ लोग बिलबिलाते क्यूं है
00:22जब घुसपैटियों का मुद्दा उटता है पाकिस्तान ने इसी साल डेड़ लाग अफगानी मुसल्मानों को घुसपैटिया बता कर खदेर दिया
00:44है इस देश से जिसे अपना आदर्श मानते हैं उस यूएई ने इसी महीने साड़े साथ हजार पाकिस्तानियों को डिपोर्ट
00:54कर दिया सुदी अरब से लेकर तुर्किये जॉर्डन तमाम देशों ने अपनी राष्ट्रे सुरक्षा के लिए अपने मजहब के लोगों
01:03को ही
01:04की बाहर का रास्ता दिखा दिया यह मुस्लिम कंट्रीज हैं मुस्लिम देश जिन्होंने मुस्लिमों को ही हटाया क्योंकि वो उनके
01:11देश के नागरिक नहीं तो वहां किसी ने इसे सरकार का अजेंडा नहीं कहा लेकिन भारत में भारत में जब
01:21पशिम मंगाल के हकिमपूर �
01:23से लेकर देश के कोने कोने में फैले बांगला देशी घुसपैटियों पर आक्शन होता है तो यहां कुछ राजनितिक दलों
01:30के पेट में दर्ध होने लगता है वो इसे राश्त्रे सुरक्षा नहीं बीजेपी का अजेंडा बताने लगते हैं तो आज
01:36आकडों के साथ पू�
01:52आज़त नहीं है अगर हम चाहते हैं कि इस देश के संसाधन उनके लिए सुरक्षित रहे या गुसपैटियों का भी
02:00इस पर अधिकार माने जाने वाला दौर आ गया है लेकिन इसके बाद आपको यह बताएंगे कि भारत में विपक्ष
02:05के नेता जब जै फिलस्तीन के नारे �
02:07लगाते हैं जब बहरत की आम जनता जै इसराइल के नारे लगाती है भारत की जनता
02:13के साथ इसराइल के इस अनोखे रिश्टे पर खुद इसराइल के प्रधानवंजरी बेंजमिन नेटन्याहु ने चर्चा की है ने दन्याहु
02:21का कहना है कि जहां आज दुनिया के
02:23कई देशों में इसराइल को आलोचना और नफरत का सामना करना पड़ रहा है
02:28वहीं भारत में स्थिती बिलकुल अलग है भारत के लोगों से इसराइल को जो
02:33जबरदस और अविश्वसनिया प्यार मिलता है वो एक मिसाल है और यही वज़ा है
02:39कि आज खुद इसराइल भी भारत और भारतियों के सम्मान में पलके बिचाये खड़ा है
02:44और आखर में आपको बताएंगे कि देश की सुरक्षा का मामला हो
02:47तो सेना की जिम्यदारी बाड़, भूकंप और आपदा तो भी सेना
02:52दंगे शांत कराने हो या चुनाव कराना हो तो भी सेना
02:57और अब देश में परीक्षा करानी हो तो भी सेना ही याद आई
03:01पेपर लीग के दलदल में फसी देश की शिक्षा व्यवस्था को उबारने के लिए
03:05अब सेना की मदद लेने की तयारी है
03:07नीत परीक्षा के विवादों के बीच अब ये बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इस देश में सिर्फ
03:13फौज ही भरोसे लाइक बची है
03:15आखिर हमारी प्रशास्निक विवस्थाएं हमारी जाँच एजनसियां हमारे बड़े बड़े शिक्षा बोर्ड इसकदर खोकले हो चुके हैं
03:27इसकदर बेइमान हो चुके हैं इस तरह से ब्रश्टाचार में डूब गए हैं कि अब हर मर्ज की कलौती दवा
03:35है
03:35सिर्फ देश का सैनिक देश की सेना नजर आता है वेराल लेकिन आज पहली ख़बर के साथ शुरुआत करते हैं
03:43शुरुआत हम आपको कुछ आकडों से करना चाते हैं और कारण यह है कि कई बार दावे बहुत होते हैं
03:48आरोप लगते हैं फिर इदर से प्रतारोप पियाते हैं सच में जूट की मिलावट भी हो जाती है
03:54और उनमें नारेटिव भी खूब सारे होते हैं जिसको अपना पक्ष बोलना है वो तो नहीं चीक चीक कर बोलता
04:01है
04:01लेकिन आखिर में नंबर्स आकड़े ही वो आईना बनते हैं जिनमें किसी भी मुद्दे का असली निश्कर्ष दिखाई देता है
04:08और शायद घुस्पेट के मुद्दे पर भी आज इन ही आकड़ों का एकाईना दिखाना बहुत जरूरी है
04:13शुरुआत पाकिस्तान से करते हैं जिसने इस साल अफगानिस्तान के एक लाग एक लाग च्छियालिस हजार लोगों को घुस्पेटिया बता
04:23कर देश से निकाल दिया
04:25कौन थे ये लोग ये सभी लोग इसलाम धर्म को मानते थे
04:30खुद को मुसल्मान कहते थे लेकिन फिर भी पाकिस्तान में किसी भी राज्यूतिक पार्टी ने इसे वहाँ की सरकार का
04:36एजंडा नहीं कहा
04:39इसकी जग़ ये बोला गया कि इन घुस्पेटियों का पाकिस्तान के संसादनों पर कोई हक नहीं है घुस्पेटिये
04:48आपके देश के नहीं हो सकते हैं
04:50इसके बाद इरान जून दोहजार पच्छिस से फरवरी दोहजार चबिस के बीद जानते कि इतने लोगों को निकाला 15 लाख
04:5715 लाख लोगों को घुस्पेटिया बता कर अपने देश से बाहर निकाल दिया
05:03इरान भी एक मुस्लिम देश है उसने जिन लाखों घुस्पेटियों को बाहर निकाला वो भी मुस्लिम ही थे
05:09और मूल रूप से अफगानिस्तान के रहने वाले थे लेकिन इरान में भी किसी ने ये नहीं कहा
05:14कि वहां की सरकार इन घुस्पेटियों को निकाल कर अपना अजंडा चला रही है
05:19इसके बाद UAE ने भी इसी महीने साड़े साथ हजार पाकिस्तानी शिया मुसल्मानों को अपने देश से निकाल दिया
05:27इन लोगों को इतना भी समय नहीं दिया गया कि अपना सामान पैक करके अपने साथ ले जा सकते
05:34UAE का कहना है कि इन में कई लोग घुस्पेटिये थे और नियमों का उलंगन करके UAE में इरान की
05:39मदद कर रहे थे
05:41और यहां भी UAE एक मुसलिम देश है और उसने जिन पाकिस्तानी नागरिकों को डिपोर्ट किया वो भी मुसलिम थे
05:49लेकिन UAE में भी किसी ने इसे वहां की सरकार का अजेंडा नहीं बताया और नहीं गुस्पेटियों का धर्म देखा
05:56क्योंकि law of the land law of the land होता है किसी भी देश में अवैद गुस्पेटियों के लिए जगा
06:02नहीं होती है
06:03और उनको अगर उनको डिपोर्ट करने का प्रावधान है तो यह हर देश कर रहा है
06:08इसके बाद सौदी अरब ने भी इसी साल एक जनवरी से 7 जनवरी के बीश
06:1218,836 गुस्पेटियों को हतकडियां लगा कर अपने देश से बाहर निकाला
06:18जिसमें 60 प्रतिशत गुस्पेटिये इथियोपिया के थे और 49 प्रतिशत येमिन के थे
06:23और इनका धर्म भी इसलाम था
06:25लेकिन फिर भी सौदी अरब में किसी ने ऐसा नहीं कहा कि वो एक मुस्लिम देश होकर
06:30मुसल्मानों को ही गुस्पेटिया बता कर डिपोर्ट क्यों कर रहा है
06:34और यही कहानी मुस्लिम देश तुर्किये की भी है
06:38जिसने एक जूर
06:402023 से 11 अप्रेल 2025 के बीच में
06:442,60,000 घुस्पेटियों को बाहर निकाला है
06:49कलपना कीजे तुर्किये अपने आपको मुस्लिम ब्रदर हुट का सबसे बड़ा जंडा वरदार्म कहता है
06:54और चाहता है कि सारे मुस्लिम देशों का वही आका बने
06:58उनको लीड करे
07:00नेटों का भी सदस्य है
07:01और उसने देखिये कितने लोगों को
07:042,60,000 लोगों को हटाया है
07:06और इसमें भी आप सबसे बड़ी घौर करने वाली बात है
07:10कि मानवाधिकार पर बड़े बड़े लेक्चर देने वाले सारे लोगों को
07:14तुर्किये से निश्कासित लोग नहीं दिखते है
07:17ये अवैद गुसपैटियों का जाना तुर्किये के हक में है
07:23आप मुस्लिम देश जॉर्डन को अब देखिए
07:26जानते हैं जॉर्डन जिसने गुसपैट करके आए
07:296,75,000 मुसलमानों को अपने देश में
07:33बड़ा दिल दिखाते हुए शरंड दीती
07:34और ये कहा था कि गुसपैटिये जॉर्डन में रहकर खेती कर सकते हैं
07:39लेकिन बाद में यही लोग जॉर्डन के लोगों की नौकरियां खाने लगे
07:43सरकारी योजनाओं का लाप
07:44सबसिडी का फायदा निगलने लगे
07:47और बाद में स्थिती ये हो गई कि जॉर्डन को इन में से 1,75,000 घुसपैटियों को
07:52अपने देश से बाहर निकालना पड़ा
07:54जिन में फिलस्तीन, सिरिया, येमन, पाकिस्तान के घुसपैटिये ज़ादा थे
07:59लेकिन जॉर्डन में भी किसी ने से अजेंडा नहीं का
08:04यारी अब तक हमने आपको जितरे भी देशों के नाम गिनाए
08:07उस सारे मुसलिम देश है और जिन लाखों घुसपैटियों को इनोंने
08:11अपने देश से बाहर निकाला वो भी ज्यादा तर मुसलिम थे
08:14लेकिन फिर भी इन देशों में कोई विवाद नहीं हुआ
08:18किसी ने इसे किसी एक पार्टी का अजेंडा नहीं बताया
08:22ये देश का अजेंडा था देश की सुरक्षा का अजेंडा था
08:25और घुसपैटियों के लिए जगा अगर बनाई जाएगी
08:28तो मूल निवासी क्या करेंगे
08:30संसादनों का फाइदा अगर वो उठाएंगे
08:33तो मूल निवासी क्या करेंगे
08:36हमारे देश में लेकिन जब बांगलादेश से आए
08:38घुसपैटियों को गिरफ्तार किया जा रहा है
08:40तब इस पर खूब विवाद हो रहा है
08:42और विपक्षी दले से बीजेपी का अजेंडा बता रहे है
08:45आज हम यही सवाल पूछेंगे
08:47कि घुसपैट बीजेपी का अजेंडा है
08:51या राश्ट्रि सुरक्षा का सबसे बड़ा मुद्धा
08:58यह तस्वीर बीएसेफ के एक चेक पोस्ट की है
09:02दिखाईए
09:04बीएसेफ के चेक पोस्ट की है जो पश्चिम बंगाल के हकिमपूर से आई है
09:08हकिमपूर उत्तर 24 परगना के बशीर हाट इलाके में पढ़ता है
09:12जहां 2016 से लगतार मम्ता बानजी की पार्टी जीत रही है
09:15इस बार भी जब बीजेपी ने 208 सीटे जीती
09:18तब भी बशीर हाट की दोनों सीटों पर टीमसी ही जीती
09:21संयोग की बात ये है कि जहां टीमसी का किला काबिज रहा
09:25वो बांगलादेशी घुसपैटियों का सबसे पसंदीदा इलाका है
09:29आज भी यहां 27 माई को 1500 घुसपैटियों की जाच हुई
09:33जिन में 60 घुसपैटियों के दस्तावेस पहली नजर में ही
09:37बांगलादेश के पाए गए और उन्हें तुरंट उनके देश भेज दिया गया
09:41और ये तो सिर्फ एक उदाहरण है
09:44अभी आपको एक बड़ा दिल्चस्प किस्सा एक केस सटडी हम दिखाने वाले है
09:47पश्रम मंगाल में जहां भी बांगलादेशी घुसपैटियों की तादाद ज्यादा है
09:51वहाँ इस वक्त सिर्फ भगदर और अफरात अफरी का महौल है
09:55और इसके पीछे कारण ये है कि अगर ये घुसपैटिये पकड़े गए
09:59तो पुलिस पहले इन्हें गिरफतर करेगी
10:01फिर इसके बाद इनका बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षत किया जाएगा
10:05और आखिर में इन्हें बांगलादेश डिपोर्ट कर दिया जाएगा
10:09इस पूरी प्रक्रिया से इन गुसपैटियों का वापस से भारत में लौटना लगभग असंभव हो जाएगा
10:16क्योंकि डेटा बैंक में इनकी बायोमेट्रिक इन्फरमेशन आ जाएगी
10:21और जैसे ही ये क्रॉस करने की कोशिश करेंगे
10:24और इनकी बायो मेट्रिक्स देखी जाएगी तो पहचान हो जाएगा कि अवैद गुसपैटी हैं जिनको वापस भीजा गया है
10:29तो फिर ये दुबारा आ नहीं पाएंगे और यही कारण है कि बंगाल में गुसपैटियों के लिए एक पुल भी
10:35गुजरना मुश्किल हो रहा है
10:39एक पल भी वहाँ पर गुजरना मुश्किल हो रहा है
10:42आईए मैं आपको अब स्क्रीन पर दिखाती हूँ कि पश्चिम बंगाल में अब तक कहां से कितने गुसपैटियों गिरफतार हो
11:03चुके हैं
11:04उनको लेकर भी बवाल हो रहा है अभी पहचान बहुत कम लोगों की हुई है लेकिन अगर आप देखिए कि
11:09मुर्शीदाबाद का यह सबसे पहले तो यह समझ लीजे बांगलादेश से लगा हुआ यह पूरा बॉर्डर का इलाका जो यहां
11:15से आप देख रहे हैं ऐसे होता ह
11:33मुर्शीदाबाद, जांगीपूरा, बरुविपूर, सुंदर्बान, बशीरहाट, 335 लोग यहां पर भी हैं बारसाथ, तीन कुष्णारगर, एक बोन गाउं, दक्षन दिनाजपूर इन
11:43तमाम जगों पर जब आप देखेंगे तो आपको मिलेगा है यह बिहार से लगा ह�
11:58नौ, कुछ बिहार में उपर में देखेंगे, यहां पर बांगलादेश से ही लगा हुआ यह लगा हुआ है पश्चिम बंगाल
12:03का, तो यहां पर दो है, पदक्षन दिनाजपूर में यहां पर आपको आठ लोग है, क्रिश्ण अगर बोनगा, तो यह
12:10335 से लाका पूरा आप
12:12को समझ में आ रहा होगा, कि यह पूरे वो इलाके हैं जहां पर अभी तक बंगाल में कितने घुसपैठी
12:17हैं, जिनको पहचान की गई है, और उनको वहां पर गिरफतार किया गया है, खैर, आगे बढ़ते हैं और आपको
12:22बताते हैं कि यह स्थिती आगे क्या होगी, अब यह
12:25गिरफतारियां बता रहे हैं कि कैसे घुसपैठी है, परशिम बंगाल में फैल चुके हैं, परशिम बंगाल छोड़िये, पिछले कुछ सालों
12:31में सबसे जादा बांगलादेश घुसपैठी है, केरलम, करनाटक, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार और यहां तक की महराश
12:37जैसे राजियों से गिरफतार हो चुके हैं, तो आईए, आपको यहां पर बड़े मैप पर एक बार फिर से दिखाते
12:42हैं, जब आप देखेंगे कि कहां पर सबसे जादा गिरफतारियां हुई है, तो मांगलादेश से भारत में यह जादा जादा
12:49घुसपैठी, अगर यहां
13:04से आप चले जाएं, इला से करके आपको दिखाते हैं, यहां से देखें, तो यह उत्तर प्रदेश में, उत्तर प्रदेश
13:10में भी होता है, वहां से फिर आप देखिए तो दिल्ली में भी घुसपैठी यह पहुंचते हैं, जहां जहां पर
13:15उनको संसाधन, नौकरी, ऐसी ची
13:32हैं, जहां पर यह पहुंचते हैं, क्योंकि यहां पर पहुंचकर महाराश जैसा कि हमने आपको बताया, तो यहां से इन
13:37गुसपैठीों के आने के बाद, उनको चाहिए यहां के संसाधनों पर अधिकार, कई बार तो अभी बड़ी दल्शस्प चीज हमां
13:43आपको बताने वा
13:58राज्यों में, तो कहीं पर फ्री बिजली, कहीं पर फ्री राशन दिया जा रहा है, तो उनको लगता है कौन
14:04से राज्य में जाएं, जहां पर टिक कर हमको सबसे जादा फाइदा हो सकता है, सबसे जादा मुफ्त का सामान
14:09मिल सकता है, अब देखिए यह तमाम राज्यों में
14:12जो इस वक्त इंफ्लो हो रहा है अवेद घुसपैटियों का कहने का मतलब यह है कि अभी तो सिर्फ पर्शिम
14:17मंगाल के घुसपैटिये पकड़े जा रहे हैं जब कि हकीकत में यह घुसपैटिये कई राज्यों में फैल चुके हैं जिनकी
14:23आबादी राज्यसभा में दी गई �
14:25जानकारी के मताबिक दो करोड है ओफिशल जानकारी जो राज्यसभा में दी गई है दो करोड की है दो करोड
14:34का मतलब यह है कि न्यूजिलेंड जैसे चार देशों की आबादी फिर से सुनिए दो करोड का मतलब है न्यूजिलेंड
14:44जैसे चार देशों की आबादी हमारे दे
14:55विडियो के संसादनों को दीमक की तरह चाट रहें कैसे उसका एक उदारन आपको देते हैं इस व्यक्ति का नाम
15:02जिसको आप टेलविजन स्क्रीन पर मेरे साथ देखेंगे इस व्यक्ति का नाम है रकीबुल शेक जिसके बैंक खाते में टीमसी
15:10की पिछली सरकार ने लखी भं�
15:22बंडार जिसको लखी भंडार वहां कहते हैं दरसल मतलब है लक्षमी भंडार जिसके तहट 1500 रुपए दिये जा रहे थे
15:301500 ये सारा का सारा पहरा पैसा इस रकीबुल शेक के अकाउंट में जा रहा था ये पैसा किसके लिए
15:37था ये पैसा महिलाओं के लिए जाने वाला था �
15:41जहाँ पर महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए दिये जा रहे थे लक्षमी भंडार यानि लखी भंडार योजना के तहर
15:46लेकिन इस शक्स के खाते से उस लखी भंडार योजना से आये पूरे डेड़ लाक रुपए जब और जाज की
15:55गई तो पता चला कि चुनाव आयोग ने र
16:10भारतिय नागरिक्ता संदिक्द थी उसके अकाउंट में डेड़ लाक रुपए गये हैं लक्षमी भंडार योजना के अब रकीबुल शेक उसी
16:19मुर्शीदाबाद में रहता है जहां मुसलिमाबादी है शियासत प्रतिशन जहां ममता बानाजी की पिछली सरकार बॉर्डर
16:27फेंसिंग के लिए बीएसेफ को जमीन नहीं दे रहे थी और ऐसा सिर्फ एक मामला नहीं है आप मुक्यमंत्री शुबेंदु
16:35अधिकारी को सुनिये जो ये बता रहे कि लक्षमी भंडार योजना का पैसा जिन दो करोड दस लाक बैंक खातों
16:41में डाला जा रहा था उनमें क
16:58ठाई भावे नाम बाद गया छे एबंग ट्राइबुनाले बा सिये ते एप्लिकेशन करें नी एमान अंतोतो तिरिस लखेर काचा काची
17:12एप्रोक्स बोल छी संकाटा आरो क्लियार होए जाबे फोर्म गुलो फेरो तेले ताराओ लख्षिर भंडारे टाका पाच्छे
17:22तो आपना दिरेक्टा उधार हों दिया मी एई मूर्ते लोख्षिर भंडार पाच्छेन राकीबुल सेक तार पितान नाम मुन्सुर सेक तार
17:39बाडी होच्छे सियाल मारा पोस्ट होच्छे बहरंपुरे रादारघाट
17:44इनि रादारघाट एक नमब जीपी तार एपिक नामबर उच्छे एसे एफ वान टू फोर डॉबल टू फाइप फोर
17:55और तत जेक और मुसुची मोहिला ते जुन्नो जेक और मुसुची तो भेजाल एबंग बेनोजाल भेडी पिके सन नाथाकर फोले
18:05डूगे बोशे आचे
18:09इस बयान से आप खुँच समझ जाएंगे कि बांगलादेश के मुसल्मान गुस्पैट करके भारत क्यों आना चाहते हैं
18:14बांगलादेश में सरकारी योजनाओं का दायरा बहुत सीमित है जिस तरह भारत में मुफ्त राशन, मुफ्त बिजली, पानी मुफ्त, मुफ्त
18:21गैस सिलिंडर, गैस सिलिंडर पर सबसिदी, पक के मकान के लिए पैसा महिलाओं को मासिक मदद, बिना गैरंटी के लोन
18:28और अ
19:05बांगलादेश से घुसपैट करके आए, ये लोग खुद बता रहे हैं, हमें कुछ कहने की ज़रूरत ही नहीं है,
19:12बांगलादेश में वापस जाने वाले ये लोग खुद बता रहे हैं कि ममताब आने जी की सरकार में इनका अधार
19:17कार्ड बना, इनका राशन कार्ड बड़ी आसानी से बन जाता था, सुनिए
19:27मैं बांगलादेश से आया था, मेरे पास सभी पहचान पत्र हैं, मैं यहाँ काम की तलाश में आया था, अब
19:32मैं वापस बांगलादेश जाना चाहता हूँ, क्योंकि यहाँ सरकार अब पहले जैसी नहीं है, मेरे पास आधार कार्ड भी है,
19:44मैं यहाँ साध-ाड साल पहले आया था, लेकिन अब सरकार बदल गई है, मेरे पास सभी दस्तावेज हैं, मैं
19:50सीमा पार करके यहाँ आया था,
20:01हमारे पास सभी दस्तावेज हैं, अब हम कैसे रहेंगे यहाँ?
20:08बीजेपी के लोग है नहीं, ये बांगलादेशी घुसपैटिये हैं, ये खुद बता रहे हैं कि पिष्टी सरकार में इने कैसे
20:15स्पेशल ट्रीट्मेंट मिल रहा था और इनके लिए पश्चिम बंगाल में रहना पूरी तरह सुरक्षित था
20:20अगर हम इस बात को छोड़ भी दे, तब भी ये सवाल बना रहेगा कि अगर टीमसी सरकार में इन
20:26गुसपैटियों पर महरबानी नहीं होती थी, तो फिर उस वक्त सरकार ने बीएसेफ को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन क्यों
20:32नहीं दी?
20:33पश्रिम मंगाल की 2216 किलोमीटर लंबी सीमा बांगलादेश से लगती है, जिसमें से 579 किलोमीटर लंबी सीमा पर बीएसेफ इसलिए
20:43बॉर्डर फेंसिंग नहीं कर पाई, क्योंकि ममता बैने जी ने इसके लिए जमीन नहीं दी थी
20:492017 से 25 के बीच कुल 80 सी हपार इस मुद्दे पर टकरा हुआ, कलकत्ता हाई कोट ने भी इस
20:55पर नाराजगी जताई, लेकिन फिर भी ममता बैने जी कि पूर सरकार ने उस वक्त जरूरी कदम नहीं उठाए तो
21:02नहीं उठाए, लटका रह मामला
21:05और बॉर्डर पर बार नहीं होने से घुस्पैटियों का भारत में आना जारी रहा और सोचे इसकाम के लिए हमें
21:11सरकार बदलने का इंतजार करना पड़ा
21:14आज बांगलादेश में नहीं सरकार का शपत ग्रहन होने के सिर्ब 20 दिनों में शुबेंदू अधिकारी के शपत ग्रहन के
21:26बाद आप देख रहे हैं सरकार ने बोर्डर फैंसिंग के लिए जरूरी जमीन ब्यस एफ को दे दी है
21:30जिससे ये सवाल उठता है कि जो मुद्दा राश्ट्रे सुरक्षा का था उसे मम्ता बानर जी की सरकार में बीजेपी
21:35का मुद्दा क्यूं माना गया? सुन्यों
21:38हमारी सुरक्षा धीरीड सबसे बड़ी कभी थी बंगाल की अदूरी बॉर्डर फ्रेंसी नोगोलिक परिस्थिती तो हम बदर नहीं सकती है
21:54मगर जहां जमीन पॉडर बन सकती है वहां पर भी हमें अब सकती नहीं दिन पहले ही बंगाल की जन्ता
22:06के आसिर्वाद चींद बंगाल में फुद्द रूप से भार्टी जन्ता मार्टी की जन्दार बनी है और मुख्यमंत्री जी ने एक
22:15ही सब्दा के अंदर पैंसिंग के �
22:18लिए सारी भूमी देने का फैसला साइधान्तिक रूप से कर दिया है और कुछ कमिन तो देने का भी काम
22:26होते ही जुद्द की जक्रिया बहुत बड़ी मात्रा में रोकने में हम सब्सक्राइब
22:38ग्रेवन जी अविच शाह ने ये भी कहा है कि पहले हर दिन पांच से दस हजार गुस्पैठिये परश्रिम बंगाल
22:43में आते थे लेकिन अब हर दिन इतने ही गुस्पैठिये अपने देश वापस जा रहे हैं सुनिए
22:50अब बंगार मां तो अजी बंगार ना मुख्यमंत्रिये सपत लिधा जे अजी तो खाली सपत लिधा जे पहला रोज पांच
23:02दस हजार नी गुशन खोरी थती दी अवे रोज पांच दस हजार पाचा जवाना चालू था
23:14आखिर में हम यही कहना चाहते हैं कि जब हम अपने घर पर किसी बाहरी व्यक्ति का कबजा बरदाश नहीं
23:19कर सकते तो फिर इन घुस्पैटियों को अपने देश में हमारे और आपके संसादनों पर कबजा करने कैसे दे सकते
23:25हैं
23:26खेर आगे बढ़ते हैं आगे आपको यह बताते हैं कि आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होगी आदिते नाथ ने किस
23:31माफिया का जिक्र किया जो जीप पर पिस्तॉल लहराते हुए हिंदूों को धंकी देता था
23:43अगर कोई किसी राम लीला में किसी यग्यार कथा में किसी धार्मिक आयोजन में राम नोमी हो
23:54सिवरात्रियो जन्वास्तिमी हो रक्सावंदन हो इन आयोजनों में अगर किसी ने ब्योधान डाला
24:03तो पर वो तो मनाई लेगा लेकिन उसके बाद ये तैय है कि रावण और कंस जैसी दुर्गती उसकी तैय
24:10है जो ब्योधान डालने वाला है
24:16ये तैय है कि अगर बेटी और ब्यापारी की सुरक्सा में सेंद लगाई
24:24तो सेंद लगाने वाले का अंतजार तो फिर यमराज ही करेगा बाकी किसी को नहीं करना चाहिए
24:38आज माफिया आज माफिया पिस्टोल लहराते वे कोई धमका करके खुली जीप में चल करके किसी हिंदू को धमका नहीं
24:52सकता है
24:53अब नहीं धमका सकता है
24:59यहां मुक्यमंत्य योगी आदे तिनाच जिस माफिया की बात कर रहे हैं वो माफिया मुखतार अंसारी है
25:03जिसकी दोहजार चौबीस में मौत हो गई थी
25:07तो देखिए यह तस्वीरें
25:09साल दोहजार पांच
25:12वर्ष दोहजार पांच में
25:14जब मौँ में सामपरदाइक दंगे हुए थे
25:17तबारूप लगता है
25:18कि उन दंगों में मुखतार अंसारी ऐसे ही
25:21खुली जीप पे घूम कर
25:22हिंदूओं पर हमले कर रहा था
25:24उसके खलाफ तक कालीन सरकार ने
25:26कोई आक्शन नहीं लिया
25:28हाथ में हतियार तो आपको दिखी रहा होगा
25:30और कोई ये पुलिस वाला
25:32या सेना से जड़ा हुआ व्यक्ती तो है नहीं
25:34ये है मुखतार अंसारी
25:36और मुखतार अंसारी ऐसे
25:37अपना दबदबा कायम करता था
25:39साल दोजार पांच में देखे
25:40कैसे ये घूम रहा है
25:42पीछे संड्रक्षन है ऐसे मिला हुआ
25:44अब मुखतार अंसारी की हनक ऐसी थी
25:47कि उसे कई राज़तिक पार्टियों का
25:49संड्रक्षन मिला
25:50और संड्रक्षन के ही कारण
25:52उसके लिए गाजीपुर जेल में
25:55एक बाड्मिंटन कोट तक बनाया गया
25:57और उस कोट में मुखतार अंसारी के साथ
26:00बाड्मिंटन खेलने के लिए
26:01घाजीपुर के ततकालीन डियम
26:03खुदाया करते थे
26:05और ऐसी सिर्फ एक कहानी नहीं है
26:07उस वक्तार अंसारी को ताजा
26:09मचलियां बड़ी पसंद थी
26:11जिसके लिए जेल में एक तालाब बनाया गया
26:13ताकि उसे मचली बनाकर
26:15खिलाई जा सके
26:17और मुखतार अंसारी के लिए
26:18एक स्पेशल कुक रखा जाता था
26:20जो सिर्फ उसके लिए खाना बनाता था
26:22यानि पिछली सरकारों का पूरा संद्रक्षन
26:24इस अपराधी को मिला हुआ था
26:25और अब जब साल दोजास सताइस के
26:27विदान समा चुनाओ नस्दीक है
26:29तब मुख्यमंत्य योगी आदितिनाद
26:31मुखतार अंसारी और अतीक एहमद
26:32जैसे माफिया गुंडों की
26:34पूरी कुंडली खोल रहे है
26:36और ये भी बता रहे हैं
26:38कि इस बार यूपी का चुनाओ
26:39एक नए M Factor पर लड़ा जाएगा
26:41और वो है माफिया Factor
26:45इसके पीछे एक बड़ा कारण ये है
26:47कि योगी राज से पहले
26:48उत्तरप्रदेश के लोग भी ये
26:50कलपना नहीं करते थे
26:51कि मुखतार और अतीक एहमद
26:53जैसे माफियाओं का सामराज
26:55कभी मिट्टी में भी मिल सकता है
26:57वरना सोचिये न
26:58जो इस तरह की हनक के साथ
27:00पहरेदारों के साथ
27:02हतियार बंद सुरक्षा कर्मियों के साथ
27:05उपन जिपसी पर लोगों को डराता था
27:08उनका अंत होगा
27:09लेकिन ऐसा हुआ
27:11और अब जब वो बाते याद की जाती है
27:13तो सोचकर हहरानी होती है
27:14कि ये माफिया उस वक्त खुले कैसे गूंते थे
27:17उदारन के लिए मुखतार अंसारी नहीं
27:19साल 1996 से 2017 के बीच
27:21पांच बार विधान समा चुनाओ कर जीता
27:23और इनमें भी वो तीन बार
27:25जेल से चुनाओ लड़कर विधाइक बना
27:27लेकिन उस समय किसी भी विपक्षी दल
27:29को भारत का लोकतंतर खतरे में नज़र
27:31नहीं आया
27:32और किसी को भारत के सम्विधान की तब चिंता नहीं हुई
27:35सम्विधान लेकर कोई नहीं गुमा
27:37मौ के जिन साम्प्रदाइक दंगों में
27:39साथ लोग मारे गए थे
27:41उन दंगों में मुखतार अंसारी की भूमिका होते हुए भी
27:44सिर्थ मुस्लिम बोटों के लिए
27:45मायवती ने 2007 में मुखतार अंसारी को
27:47अपनी पार्टी में शावल कर लिया
27:51और 2009 में
27:53मुखतार अंसारी ने
27:54बीएसपी के टिकेट पर
27:55जेल से लोगसमा का चुनाव लगा
27:57यानि मायवती तो मुखतार अंसारी पर
28:00इतनी महरबान थी
28:01इतनी महरबान थी
28:02कि वो उसे जेल से ही
28:03विधायक से माननिय सांसत
28:05बनाना चाहती थी
28:06लेकिन वारा अंसी के लोगों
28:07ने ऐसा नहीं होने दिया
28:09और मुखतार अंसारी को लगवा
28:1017,000 वोटों से हरा दिया
28:13इसके अलावा उत्तर प्रदेश में
28:15मायवती और अखिलेश यादव की सरकारों में
28:17ऐसा चमतकार हुआ
28:18कि जेल में रहते हुए
28:19मुखतार अंसारी की संपत्ती
28:2121 करोड रुपे बढ़ गई
28:23जेल में रहते हुए
28:26साल 2007 में
28:27जब मायवती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी
28:29तब मुखतार अंसारी की कुछ संपत्ती थी
28:31लगबग 82 लाख रुपे
28:33लेकिन साल 2017 में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री के पद से हटे
28:37तब तक मुखतार अंसारी की यही संपत्ती
28:39लगबग 22 करोड रुपे की हो चुकी थी
28:41यानि जो व्यक्ती 2005 से
28:43कभी जेल से बाहर आया ही नहीं था
28:47उसकी संपत्ती
28:48बीएसपी और समाजवादी पार्टी की सरकारों में
28:52जेल में रहते रहते
28:5421 करोड रुपे बढ़ गई
28:56और ये इतना बड़ा चमतकार हो गया
28:59और सोचे यह कितनी गंभीर बात है
29:01कि जिस व्यक्ती पर साल 1988 में
29:03पहली बार हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था
29:06उसे पहली बार किसी मामले में
29:08सजा साल 2022 में हुई
29:10यारी पहला फैसला आने में ही
29:1234 साल लगे
29:13ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आरूप लगता है
29:16पहले की सरकारे मुक्तार अंसारी के खिलाफ
29:18पुलिस को किसी मामले में ठीक से जाच नहीं करने देती
29:21जो गवा होते थे उन्हें मुक्तार अंसारी जेल से मरवा देता था
29:26अब आगे बढ़ते हैं
29:27और आपको यह बताते हैं कि जब भारत के बहुत सारे
29:30विपक्षी नेता जे फिलिस्तीन कहते नहीं ठकते
29:33तब भारत के लोग जे इसराइल का समर्थन क्यों करते हैं
29:37यह बात इसराइल के प्रधानवंतरी बेंजमिन नतन्याहू ने
29:39खुद जॉर्डन वाली में एक कारिक्रम में पूरी दुनिया के सामने रखी
29:44उनका कहना है कि इसराइल को दुनिया के कई देशों में आलोचनाओं का
29:48नफरत का सामना करना पड़ता है लेकिन भारत में स्थिति अलग है
29:51भारत में इसराइल के लिए और विश्वस्निय और जबरदस्त प्यार देखने को मिलता है
29:57और इसलिए वो भी हमारे देश का बहुत आदर सम्मान करते हैं
30:05आप जिन बातों की बात कर रहे हैं वो इनको और बड़े स्थर तक बढ़ाने की बात है
30:09और वो जो स्थर है वो है एक बहुत बड़ी ताकत यानि भारत के साथ खास रिश्टे
30:14मैं कह रहा हूँ कि हमें दुन्या में वैलिडेशन को लेकर समस्या है
30:18मैं जानता हूँ लेकिन भारत में नहीं
30:21सच तो यह है कि भारत में इसराइल के लिए काफी समर्थन है
30:24यह सच है बहुत है और वो भी काफी हग तक
30:27मुझे लगता है भारत में मेरे सबसे ज़्यादा फालोवर्ज हैं किसी भी और जगे से ज़्यादा लिकिन गया अच्छी बात
30:33है उनके पास लगभग 140 करोर लोग हैं और भारत और शेतर के बाकी देशों के बारे में जिनका आपने
30:40जिक्र किया मैं उनके डीटेल में ज्याद
31:14लिकनेस लिपरतीन
31:20ये चार अलग-अलग जगों के हम तस्वीरें दिखा रहे हैं हमारे देश में आज भी जादतर लोग इस्राइल को
31:24पसंद करते हैं
31:26जिसके कारल प्रधानुंति बेंजमिन नतन्याहु ने ये बयान दे है
31:34अगर आपको विश्वास नहों तो आप मेरिका के मशूर थिंक टांक प्यूर रिसर्च सेंटर का ये पिछले साल का सवे
31:40देखिए
31:41जिसमें दुनिया के लगबग सभी देशों के मुकाबले भारत के लोग इस्राइल को नापसंद कम करते हैं और पसंद जादा
31:47करते हैं
31:48भारत में इस्राइल को नापसंद करने वाले लोगों की संख्या 39 प्रतिशत है पसंद करने वाले लोगों की संख्या 34
31:55प्रतिशत है ये इसलिए भी एहम है क्योंकि बाकी देशों में अगर आप देखिए तो इस्राइल को नापसंद करने वाले
32:00लोगों की संख्या 50, 60, 80 प
32:12प्रतिशत है जपान में 89 प्रतिशत है जो इस्राइल को नापसंद करते हैं लेकिन भारत में ऐसा नहीं है सिर्फ
32:20इस्राइल ही नहीं भारत के लोग प्रधानवंत्री बेंजमिन अरतन याहू को पसंद करते हैं जब दुनिया के लगवक सभी देशों
32:25में प्रधानवंत्री न
32:42जब इस्राइल के लोग खुद ये नहीं मानते कि अंतराश्य स्तर पर उनके देश का परयाप तसम्मान होता है
32:48इस्राइल के 58 प्रतिशत लोगों को लगता है कि वेश्विक स्तर पर उनके देश की साख अच्छी नहीं है
32:53जबकि 49 पॉरी दुनिया में भारत को सब्सेयादा पसंद करते हैं
33:12अर यही है इस्राइल और भारत के गहरे होते संबंधों की सबसे मजबूत मी
33:18जिसका प्रधानवंत्री बेंजमिन नतनियाहु ने जिक्र किया है
33:51अगली ख़बर का रुक करते हैं
33:57अगली ख़बर का रुक करते हैं
34:51ताकि पेपर सुरक्षत पहुंच सके तब भी सेना को बुलाने की चर्चा हो रही है
34:53जवाब बहुत सरल है और वो है हमारी सेना की इमानदारी उसका चरित्र
35:01सेना के पास कोई जादूई तक्णिक नहीं है
35:06उसके पास कोई अलोकिक शक्ति भी नहीं है
35:09उसके पास भी इंसानी है जो स्वेवस्था को चलाते है
35:13उसी समाच के लोग हैं जनके बीच हम रहते हैं
35:16फिर भी जब कोई राश्ट्रे संकट आता है तो देश का नागरिक सबसे पहले सेना की तरफ दिखता है क्यूं
35:21क्यूंकि सेना ने दश्कों में एक ऐसी साख बनाई है जिस पर देश आख बंद करके भरोसा करता है
35:30एक सैनिक जानता है कि उसकी छोटी सी चूप भी राश्ट्रे सुरक्षा का प्रश्ण बन सकती है और इसलिए वो
35:36अपने काम को नौकरी नहीं जिम्यदारी मानता है
35:40लेकिन दुखत सवाल यह है कि क्या यही भावना हमारे बाकी संस्थानों में है अगर एक परीक्षा का प्रश्ण पत्र
35:46सुरक्षित रखने के लिए भी वायू सेना के विमानों की जरूरत पड़ जाए तो यह सिर्फ सेना की ताकत की
35:51कहानी नहीं है यह हमारे प्रशासन की क
35:54कमजोरी का आरोपत्र है इसका मतलब यह है कि जिन संस्थानों को यह काम करना था उन पर भरोसा ही
36:04कम पड़ गया इसका मतलब यह भी है कि पेपर लीग सिर्फ अपराद नहीं रहा बलकि व्यवस्ता की विश्वस्नियता पर
36:09हमला बन चुका है हमारी सेना के जवानों में यह
36:12इमानदारी इसलिए है क्योंकि वहाँ जवाद दे ही है वहाँ गलती की कीमत ते है वहाँ करतब विसर वो परी
36:18है वहाँ व्यक्तिगत लाब से उपर संस्था की प्रतिश्था रखी जाती है लेकिन हमारे प्रशासन हमारे सिस्टम में ऐसा नहीं
36:25है इस मामले में जिस महिला
36:40संजय हवलदार
36:43और ये एक प्राइवेट कॉलेज में
36:45फिजिक्स की टीचर है
36:46जिसने डेढ़ लाख रुपे
36:48मासिक तनख्वा होते हुए भी
36:50पेपर लीक कर दिया, बेइमानी कर दिया
36:54डेढ़ लाख महीने में
36:58इनका मन शांत नहीं हो रहा था
37:00लेकिन हमारे जवानों की ओसत मासिक तनख्वा जानते हैं कितनी हैं
37:03सिर्फ 40,000 रुपे
37:06लेकिन फिर भी देश सर्वो परी
37:08और इससे ये पता चलता है कि
37:10इमानदारी पैसे से नहीं आती है
37:12इमानदारी देश प्रेम से आती है
37:14कर्तव विसे जीवित रहती है
37:16और इसलिए आज असली सवाल ये नहीं
37:18कि इनी का पेपर वायू सेना पहुंचाएगी या नहीं
37:21असली सवाल ये है कि
37:22क्या हम कभी ऐसी व्यवस्था बना पाएंगे
37:25जहां सेना की जरूरत सिर्फ युद और राष्ट्रे सुरक्षा तक सीमित रहे
37:29जहां शिक्षा व्यवस्था इतनी इमानदार हो
37:31कि किसी सैनिक को परीक्षा का चौकीदार ना बनना पड़े
37:34जहां प्रशासन इतना विश्वस्थनिय हो
37:36कि जनता को हर बार फौज का नाम सुनकर ही राहत महसूस ना हो
37:40और जहां देश की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ उसकी सेना नहीं
37:43बलकि उसकी पूरी व्यवस्था उसका सिस्टम हो
37:49खेर इस भरोसे से आगे बढ़ते हैं और आपको ये बताते हैं
37:51कि कैसे अमेरिका में भारत के लोगों को लेकर
37:54इंडोफोबिया बढ़ता जा रहा है
37:55इंडोफोबिया का मतलब है वो नफरत
37:57जो अमेरिकी धर्ती पर भारतियों को निशाना बनाने का लाइसंस बन गई है
38:02इस वक्त अमेरिका में सोशल मीजा के बंद कमरों से निकल कर
38:05अब सडकों पर भारतियों को डराया जा रहा है, धमकाया जा रहा है
38:09और इस पूरी नफरत के पीछे जो नाम और वज़ा सामने आ रही है, वो हैरान करने वाली है
38:15इस नफरत का सिलसिला शुरू होता है एक बेहत आपत्ती जरक्त वीडियो से
38:19सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर एक यूजर जो खुद को अपने बायो में, बायो डेटा में
38:25फैश वेव प्रोपगेंडिस्ट लिखता है, वो इक भारतिय कपल का रास्ता रूपता है
38:31और वो चामरे के सामने चिलाता है और कहता है तुम भारत में क्यों नहीं रहते हैं, मेरे देश से
38:36दफा हो जाए, पहले आप इस वीडियो को देखें
39:09देखा आपने, सवाल यह है कि अचानक अमेरिकी समाज के एक हिस्से में भारतियों के प्रती इतनी करवाहट कहां से
39:15आई
39:16सालों से अमेरिका भारतियों के लिए Land of Opportunities रहा, लेकिन इस साल 22 April को कुछ ऐसा हुआ, जिसने
39:23इस नफरत को मानों Legitimize यानि जायज ठहरा दिया
39:26इससे पहले आपको याद होगा, अमेरिका की राशपदी डॉनल्ल्ट ट्रम्प ने अपने सोचल मीडिया प्लाटफॉर्म टूथ सोचल पर एक पोस्ट
39:32को शेर किया था, जिसने भारत को Hell Hole यानि नरक कहा गया था
39:37ट्रम्प के इस एक री पोस्ट ने जैसे अमेरिका में बैठे भारत विरोधियों को एक नया होसला दिया, एक्सपर्ट इसे
39:44ट्रम्प हेलो कह रहे हैं, जिसके साई में आंटी इंडिया प्रपगांड़ा को खुली छूट मिल गई है
39:51इंडिया टुडे की ओपन सौस इंटेलिजिंस यानि ओसन टीम ने जब इस नफरत की गहराई को मापा तो चौकाने वाले
39:59आकड़े सामने आए
40:00इस दोरान एक्स को ऐसे एक दर्जन अकाउंट का विशलेशन किया गया जो लगातार भारत के खलाफ जहर उगल रहे
40:09है
40:09और राश्पती टुम्प की उस हेल होल वाली पोस्ट के बाद ऐसे आठ बड़े अकाउंट की रीच उनका इंगेजमेंट बिजली
40:17की रफतार से उचल गया है
40:19इन आठ अकाउंट पर टुम्प की पोस्ट से पहले कुल एंगेजमेंट्स यानि लाइक्स, रीपोस्ट, कमेंट्स सिर्फ एक हजार एकत्स थी
40:26लेकिन टुम्प के भारत को नर्क यानि हैल होल बताने के बाद इनकी कुल एंगेजमेंट बढ़कर 35,479 हो गया
40:34यानि इसमें 34 गुना उचालाया, सोचे जो नफरत पहले सोशल मीडिया के किसी कोने में दबी थी
40:40उसे अचानक 34 गुना जादा लोग देखने लगे, बढ़ावा देने लगे
40:44अब देखें कि ये अकाउंट किस हद तक भारत के खलाफ नफरत पहला रहे हैं, एक्स पर एक अकाउंट है
40:50मिसस बी
40:54ये अकाउंट लगातार भारत और डिवेलपिंग कांट्रीज को गाली देता है
40:58आठ एपरिल को इस अकाउंट में लिखा गया था कि उसे भारत देखा है, ये एक ओपन एर लैंडफिल यानि
41:04कचरे का धेर है
41:06तब इस पोस्ट पर सिर्फ 450 लाइक्स और कमेंस दे
41:09लेकिन राश्वपती ट्रॉम्प के पोस्ट के ठीक है एक महीने बाद इसी अकाउंट ने दोबारा जहर उगला और लिखा भारत
41:15इस प्लैनेट को बरबाद कर रहा है
41:16और इस बार इस नफरत को 14,000 से जादा लोगों का समर्थन रहा
41:21इतना ही नहीं हाली में बने कुछ नए अकाउंट्स तो सिर्फ और सिर्फ आंटी इंडिया कैंपेंग चला रहे है
41:26ऐसा ही एक अकाउंट है डॉक्टर एंटी एक्स न्यूस जो आप देख रहे है
41:31नौट टेक्सस न्यूस के नाम से पिछले साथ दिनों में सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड चलाया गया
41:37हाश्टाग रिटर्न टो इंडिया
41:38इस हाश्टाग के तहट सारे 9,000 से जादा पोस्ट की गई जिसे ये अकाउंट लगतार प्रोमोट कर रहा था
41:45हैरानी और शर्म की बात देखे इस हाश्टाग ने टेक्सस में खेल रहे मासूं भारते मूल के बच्चों का एक
41:50विडियो शेर किया
41:51और कैप्शन में लिखा
41:53यानि वाइरस की तरह फैल रहते
41:56ये सीधे सीधे जमोग्राफिक चेंज के नाम पर अमेरिकी समाज में डर और नफरत पैरा करने की कोशिश थी
42:03ये सभी ऐसे लोग हैं जिनोंने वैद रूप से वहाँ पर रहना शुरू किया है
42:09ये कोई illegal immigrants नहीं है
42:12ये वो लोग है जो भारते मूल के जरूर है
42:15लेकिन जिनोंने अब अमेरिका को अपने देश के रूप में अपनाया है
42:18वहाँ पर उनका अपना योगदान दे रहे हैं
42:21वहाँ के टैक्सस दे रहे हैं
42:22वहाँ की बड़ी बड़ी कमपनियों को चला रहे हैं
42:25लेकिन इस पर अमेरिका में कोई कुछ नहीं बोलेगा अब आगे बढ़ते हैं आपने आंधी तुफान से जुग्गी जोपडियां गिरते
42:34देखी होंगी तेज हवाओं से टीन की जो टिन की छते होती है बो उड़ते हुए देखी होंगी उखडती हुई
42:40लेकिन अभी तक आ�
42:54में ठेहते हुए देखिए कल रात उत्तरप्रदेश के हमीरपूर में निर्मानाधीन पुल का एक पूरा हिस्सा गिर गया इस हाथसे
43:01में छे मजदूरों की दर्ड़नाक मौत हुई हाथसे के बाद की जो तस्वीरें आई उसमें धिकर आए कि मरने वाले
43:06मजदूरों पर सेक
43:24इस हाथसे पर दी गई सफाई लोगों को हैरान कर रही है दावा ये एक ही निर्मानाधीन पुल तेज तूफान
43:29और बारिश की वज़ा से ठेह गया
43:32यूपी ब्रिज कॉर्पोरेशन के मुताबिक पुल बनाने के लिए पिलर्ज पर सिमेंट के स्लाब लगाए जा रहे थे
43:38रात में आई आंधी ने स्लाब के नीचे लगा सपोर्ट सिस्टम हिला दिया जिसे पूरा स्लाब नीचे गिर गया और
43:44इसके नीचे सो रहे मज़़ूर मलबे में दब गया
43:48हमारे देश में अकसर इस तरह के फिजूल तर्क देकर जवाब देही से बचा जाता है
43:54पुल गिर गया तो कह दिया जाता है आंधी ने गिराया
43:57सड़क दस जाती है तो कहते हैं बारिश बहुत तेज हुई
44:00सड़क पर गड़े होंगे तो कह दिया जाएगा कि लोग ओवर लोड़ेट गाडिया चलाते हैं
44:05मतलब ये है कि जवाब देही से बचने के लिए जितने पैतरे अपनाए जा सकते हैं
44:10उस सारे अपना लिये जाते हैं
44:13यूपी परेश कॉर्पोरेशन को सबसे पहले तो ये बताना चाहिए
44:15कि उन्होंने निर्माडादीन फुल के स्लाब के नीचे कौन से प्रकार का सपोर्ट सिस्टम लगाया था
44:20जो तेज हवाए नहीं जेल पाया
44:22और अगर वो इतना सपोर्ट सिस्टम देने के लाइक नहीं था
44:26कि वो तेज हवाओं को जھیल सके तो उसके उपर सिमेंट का स्लाब कैसे रखवा दिया
44:31क्योंकि आम तोर पर इसके लिए भारी लोहे का इस्तमाल किया जाता है
44:35तब सिमेंट स्लाब रखा जाता है उन्हें ये भी बताना चाहिए
44:39कि जिस construction site पर हजारों टन वजनी cement और लोहे को fit किया जा रहा था
44:44उसके नीचे मज़़ूरों को सोने क्यों दिया गया
44:47सच ये है कि हाथसा इतना गंबीर है कि अब इसको लेकर हरकंप मचाए
44:52तो करें क्या
44:53इससे जुड़े आधिकारियों विभागों को समझ नहीं आ रहा है हाथसे की वज़क क्या बताई जाए
44:59मुम्किन है कि इस पर आपस में विचार विमर्ष हुआ होगा
45:02कि अपनी अपनी गर्दन कैसे बचाई जाए
45:05और यही कारण है कि हाथसे पर अलग अलग तरह कि अब दावे किये जा रहे है
45:08ताकि पूरी घटना को जलेबी की तरह गोल गोल गोल गोल घुमाया जाए
45:14यह पुल हमीरपुर में मोराकांट और कुरारा गाउ के बीच बेतवा नदी पर बना रहा था
45:20यूपी ब्रिच कॉर्पोरेशन के मताबिक इस 700 मीटर लंबे फुल को 90 करोड रुपे में तयार किया जा रहा है
45:28और अंत क्या मजदूरों की मौत यानि 90 करोड रुपे यह खर्च हुए ताकि इस तरह की घटना हो और
45:37इनकी जान चली जाए
45:38इसका काम मार्च 2024 में शुरू हुआ इस साल दिसम्बर में ये पूरा होने की उम्मीद है
45:43हलाकि इस हादिसे के बाद अपुल के निर्मान में देरी हो सकती है क्योंकि जांच होना ज़रूरी है
45:50ये सोचने वाली बात है कि आम तोर पर किसी भी निर्मानादीन साइट पर मजदूरों को बिना हेलमेट के जाने
45:55नहीं दिया जाता है
45:56यहाँ पर दावा ये कर दिया गया कि मारे गए मजदूर स्लाब और लोहे के सपोर्ट सिस्टम के नीचे सो
46:02रहे थे
46:02ये तर्प थोड़ा जीब है दावा तो ये भी कर दिया गया कि बारिश से बचने के लिए वहां के
46:07मजदूर इसके नीचे आकर खड़े हो गये थे
46:09अब आप जमीन से पुल की उचाई देखें क्या बारिश के दौरा आन इस उचाई का जो शेड है वो
46:15भीगने से बचा पाएगा
46:17सच यह है कि पुल निर्माण में बरती गई लापरवाही का ठीक रा आंधी तूफान पर फोड़ कर जिमेदार लोग
46:25पतली गली पकड़ कर भागना चाहते हैं
46:28हाला कि यह इतना असान नहीं होने वाला है क्योंकि मौसम विभाग ने यूपी ब्रिज कॉर्परेशन और स्थानिय प्रशासन को
46:33इसकी जानकारी दी थी
46:34मौसम विभाग ने बताया था कि ब्रिहस्पतिवार की रात को 70-80 किलोमेटर प्रती घंटे की रफ्तार से हवाय चलेंगी
46:41बारिश की भी संभावना है बावजूद इसके पुल निर्मान में लगे मजदूरों से काम करवाया जाता रहा
46:48अगर एक बार के लिए मान भी लिया जाए कि तुफान से पुल गिर जाते हैं तो मजदूरों से आंधी
46:52के दौरान काम करवाना भी तो लापरवाई है
46:54इस मामले में स्थानिय गावालों का आरोप है कि पुल को बनाने के लिए दिन रात काम चल रहा था
47:00रात में जबांधी आई उस वक्त भी काम को रोका नहीं गया गावालों के मताबिक तेज हवाओं के दौरान
47:06बीच का पिलर नीचे गिरा था जिससे अगल बगल लगे जो बॉक्सेज है और जो ब्लॉक्स थे उठे गए
47:14इस साथ से को लेकर बीजेपी सांसद बाबुराम निशाद ने भी अलगी बात कह दी
47:17कहा कि किसी भी तरह की लापरवाई से इंकार किया दावा किया कि जिस तरह की आंधी में पुल का
47:23स्लाब गिरा है
47:24वैसी आंधी बुजर्गों ने कई वर्षों के बाद देखी थी
47:28निर्माडा धीन था पुल निश्चितरूप से और ऐसा तूफान जो मैं अभी गाओं के अंदर से होके आया हूँ
47:36तो मुझे बताया बुजर्गों लोगों ने कि ऐसा तूफान हमने कभी जीवन में देखा नहीं है
47:44तो अब प्रक्रती है इसके आगे तो किसी की चली नहीं है प्रक्रती आफदा है जिसमें छे लोग हता हत
47:53हुए है
47:54यानि किसी भी तरह से ये बताने की कोशिश है कि निर्माडा धीन पुल गिरना कुदरत का प्रकोप था
48:00इंसानी लापरवाही नहीं है विशे चार वर्षों में देश के अंदर 170 से जादा छोटे बड़े पुल गिर चुके है
48:07इसमें 200 से जादा लोगों की मौत हो चुकी है 440 से जादा लोग घायल हुए है
48:15साल 2021 से बच्चिस के बीच जिन्राजियों में सबसे जादा पुल गिरे उनमें बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, जमुक मिश्च
48:24कश्मीर, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, करनाटक, केरल, सिक्किम
48:27बिहार में 27 पुल गिरे, उत्राखंड में 25 पुल गिरे, हिमाचर प्रदेश में 17 पुल गिरे, गुजरात में 16 पुल
48:38गिरे, जमुकश्मीर में 14 पुल गिरे, मध्य प्रदेश में 12, यूपी में 9, करनाटक में 6 और केरल और सिक्किम
48:46में 55 पुल गिर चुके हैं
48:49आज के लिए ब्लाक और वाइट में इतना ही, अब आप से हमारी अगली मुलाकात होगी, कल रात 9 बजे,
48:52तब तब खुश रहिए, स्वस्त रहिए, सुरक्षित रहिए, और बड़ा आदमी बनना अच्छी बात है, लेकिन अच्छा आदमी बनना बहुत
49:02बड़ी बात है, नमस
49:05ये है TV Today Network, और आद देख रहे हैं, आज तर सबसे तेज़
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