00:00COVID के बाद दुनिया में वाइरस शब्द फिर से डर पैदा करने लगा है
00:03अब चर्चा में है दक्षिन अमेरिका से जुड़िये गटना
00:06अन्टार्क्टिक के लिए जा रहे है एक इंटरनेशनल क्रूज शिप
00:08MV होडियन्स पर हंटा वाइरस संक्रमन के मामले सामने आए
00:30कि यह कहां से आया कितना खतरनाक है और भारस समेथ पूरी दुनिया के लिए कितना वड़ा खत्रा बन सकता
00:35है
00:35हंटा वाइरस कोई नया वाइरस नहीं है यह दश्कों से दुनिया में मौजूद है
00:39इस वाइरस का नाम हांतान रिवर से आया जो दक्षिन कोरियम है
00:431970 के दशक में वहां सैनिकों में एक रहसे में विमारी देखी गए
00:47बाद में वैग्यानिकों ने एक नए वाइरस की पहचान की और वहीं से इसका नाम हंटा वाइरस पड़ा
00:52असल में हंटा वाइरस वाइरसों का एक पूरा परिवार है
00:55जो मुखे रूप से चूहों और ऐसे छोटे जनवरों जो अपने तेज दातों से चीजे खुतरते हैं उनमें पाया जाता
01:01है
01:01दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह के चूहें पाया जाते हैं
01:06और उनी के साथ हंटा वाइरस के अलग-अलग परकार भी जूड़े होते हैं।
01:09जैसे अमेरिका में सीन नॉम्ब्रे वाइरस, दक्षिन अमेरिका में एंटीज वाइरस, और यूरोब वे एशिया में हान्तान और सियोल वाइरस,
01:17डबलु एच्चो और सीडियस के मुताविके वाइरस इंसानों तक ज्यादा तर संक्रमी चूहों के पेशा मली अलार के जरिये पहुंचता
01:24है।
01:47दुनिया में जादा तर हंटा वाइरस इंसान से इंसान में नहीं फैलता,
01:51लेकिन एंडीज वाइरस हंटा वाइरस का एक ऐसा प्रकार है,
01:54इसमें सीमी तिस्तर पर इंसान से इंसान में संक्रमन फैलने के मामले देखे गए हैं।
01:58हलाकि WHO और CDS साफ कह रहे हैं कि इसके लिए लंबे समय तक बहुत नज़िदे की संपर्ख जरूरी होता
02:05है।
02:05ये COVID जैसा बहुत तेजी से फैलने वाला वाइरस नहीं है।
02:08लेकिन वैज्यानिकों का जवाब फिलाल साफ है।
02:11इस्तिती गंभीर है लेकिन COVID जैसी नहीं है।
02:14हंटा वाइरस शरीर में पहुँचने के बाद शुरूआत में सामान्या वाइरल फीवर जैसा लगता है।
02:18लक्षन हो सकते हैं तेज बुखार, शरीर दर्द, कमजोरी, सिर्दर्द, उल्टी, पेट दर्द, लेकिन खत्रा तब बढ़ जाता है जब
02:26वाइरस लंग्स या किड्नी को प्रभावित करना शुरू करता है।
02:29हंटा वाइरस दो बड़ी बिमारिया पैदा कर सकता है।
02:31पहली हंटा वाइरस प्लोमिनरी सिंड्रोम यानी HPS इसमें फेपड़े में पानी फ्यूट भन लगता है, सांस लेने में दिक्कत बढ़
02:38जाती है और मरीज की हालत इतनी गंबीर हो सकती है कि उसे आईशू तक ले जाना पड़े।
02:43और दूसरी बिमारी है Hemorrhagic Fever with Renal Syndrome यानी HFRS इसमें किड्नी प्रभावित होने लगती है, ब्लीडिंग और किड्नी
02:51फेल होने जैसे इस्तिती भी पैदा हो सकती है।
03:13कोई खास दवावी उपलब्द नहीं है। डॉक्टर सपोर्टिव ट्रीटमेंट देते हैं, ऑक्सिजन सपोर्ट, आईस्च्यू मोनिटरिंग और रेस्पिरेटरी केर यानी इस
03:21बिमारी में सबसे बड़ी चीज है अल्ली डिटेक्शन, जितनी जल्दी मरीज अस्पताल प
03:39देखी गए। हाल में क्रूश्चिप आउटब्रेक के दोरान दो भारते नागरुकों की निगरानी की गई, लेकिन ICMR और National Institute
03:46of Virology यानी NIV ने कहा है कि फिलाल भारत के लिए कोई तातकालिक सायजनिक स्वास्त खतरा नहीं है।
03:52ICMR के मताबिक भारत का Disease Surveillance System सक्री है, IDSP यानी Integrated Disease Surveillance Program निगरानी कर रहा है
03:59और देशवर की Virology Labs अलर्ट मोड पर है।
04:22लेकिन फिलाल एक्सपर्ट का कहना है कि हंटा वारस COVID की तहें तेजी से नहीं फैलता, इसका संक्रमंट सीमी ती
04:28स्थर पर होता है और इसे नियंतरित करना तुलनात्मक रूप से आसान माना जाता है।
04:52अगला वारस को फिलाल अगला COVID नहीं माना जा रहा है। लेकिन यह हमें याद दिलाता है कि जानवरों से
04:57इनसानों में फैलने वाली विमारियों को खत्रा हमेशा बना रहता है। डर नहीं लेकिन सतर्कता जरूरी है और शायद यही
05:04इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा सबख
05:05तो फिलाल इस वीडियो में इतना ही बने रही है ETV भारत के साथ।
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