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  • 2 months ago
महाभारत के अनुसार, अर्जुन की मृत्यु और माता गंगा का मुस्कुराना कर्मों के सिद्धांत (विधि के विधान) को दर्शाता है। जब अर्जुन अपने ही पुत्र बभ्रुवाहन के हाथों मारे गए, तो शोक के बीच देवी गंगा के हंसने के पीछे एक पौराणिक रहस्य था।
Transcript
00:00अर्जुन की मृत्यू का रहस्या
00:26हजारों साल पहले
00:28अर्जुन ने महाभिक्षु नामक एक शक्टिशाली असुर के रूप में जन लिया था, जो अपनी शक्तियों के एहंकार में चूड़
00:36था
00:38DNA
00:44DNA
00:45गंगा अत्यंत क्रोधित हो गए और उसे श्राप दिया। देवी गंगा ने श्राप दिया कि उसे मनुष्य बनकर प्रित्वी पर
00:55जन्म लेना होगा और अपने ही पुत्र के हाथों मृत्यू का सामना करना पड़ेगा।
01:02वर्षो बाद मनिपुर में अर्जुन का सामना अपने पुत्र बब्रुवाहन से हुआ जिनोंने अंजाने में अपने पिता पर घातक प्रहार
01:10कर दिया।
01:13जब माता कुंती अपने पुत्र अर्जुन की मृत्यू पर विलाप कर रही थी, तब देवी गंगा वहाँ प्रकट हुई और
01:21रहस्य में धंग से मुस्कुराई।
01:25गंगा ने समझाया कि यह मृत्यू कोई दुरघटना नहीं, बलकि फूर्व जन्म के कर्मों का फल है, क्योंकि विधी का
01:33विधान अटल होता है।
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Mahabharat - Arjun Ki Mrityu par kyu hasi Ganga Maa... Anokha Rehasya महाभारत - अर्जुन की मृत्यु पर क्यों हसी गंगा मां... अनोखा रहस्य

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