00:00अर्जुन की मृत्यू का रहस्या
00:26हजारों साल पहले
00:28अर्जुन ने महाभिक्षु नामक एक शक्टिशाली असुर के रूप में जन लिया था, जो अपनी शक्तियों के एहंकार में चूड़
00:36था
00:38DNA
00:44DNA
00:45गंगा अत्यंत क्रोधित हो गए और उसे श्राप दिया। देवी गंगा ने श्राप दिया कि उसे मनुष्य बनकर प्रित्वी पर
00:55जन्म लेना होगा और अपने ही पुत्र के हाथों मृत्यू का सामना करना पड़ेगा।
01:02वर्षो बाद मनिपुर में अर्जुन का सामना अपने पुत्र बब्रुवाहन से हुआ जिनोंने अंजाने में अपने पिता पर घातक प्रहार
01:10कर दिया।
01:13जब माता कुंती अपने पुत्र अर्जुन की मृत्यू पर विलाप कर रही थी, तब देवी गंगा वहाँ प्रकट हुई और
01:21रहस्य में धंग से मुस्कुराई।
01:25गंगा ने समझाया कि यह मृत्यू कोई दुरघटना नहीं, बलकि फूर्व जन्म के कर्मों का फल है, क्योंकि विधी का
01:33विधान अटल होता है।
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