00:00पिहार और बंगाल से फैल रही पूरे साउथ एशिया में ग्लोबल वामिंग
00:05नासा क्यों दुनिया के सबसे गरीब इलागों को ठहरा रहा है प्रदूशन का जिम्मेदार
00:10और अब वही प्रदूशन हिमालिय को निगल रहा है
00:14नासा की इस नई रिपोर्ट ने पूरी दुनिया में हड़कम मचा दिया है
00:19जिस हिमालिया को भारत की जीवन रेखा कहा जाता है
00:22उसकी सफेद बर्फ अब धीरे धीरे काली पड़ती जा रही है
00:26और सबसे चौकाने वाली बात ये है
00:29कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है
00:32बिहार और पश्चिम बंगाल से उठने वाला प्रदूशन
00:36नासा और क्लाइमिट रिसर्चर्चर्स की हालिया स्टेडी में खुलासा हुआ है
00:40कि पिछले 25 वर्षों में गंगा के मैदानी इलाकों में प्रदूशन खतर नाक स्टर पर बढ़ चुका है
00:46साल 2000 से 2024 के बीच
00:49पार्टिकुलेट पॉल्यूशन यानि हवा में मौजूद सूक्षम जहरीले कड़ों में 20 प्रतीशत से जादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है
00:57यही कड़ अब हवा के जरिये हिमाले तक पहुँच रहे हैं और वहां की बर्ग को प्रभावित कर रहे हैं
01:04रिपोर्ट के मुताबिक बिहार और पस्चिम बंगाल इस समय देश के सबसे बड़े पॉल्यूशन होट्सपोट बन चुके हैं
01:11एरोसोल अप्टिकल डेप्थ यानि AOD इंडेक्स में बिहार का स्कूर 0.71 और बंगाल का 0.70 दर्ज किया गया
01:21है
01:21वग्यानिकों के मुताबिक ये बेहच चिंता जनक स्थर है
01:25अब सवाल ये है कि आखिर बिहार और बंगाल का प्रदूशन हिमाले तक पहुँच कैसे रहा है
01:32दरसल गाडियों का धुआ, पैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआ, कोईला, इट भट्टे, डीजल जनरेटर और खेतों में पराली जलाने जैसी
01:42गतिविधिया हवा में ब्लैक कार्बन छोड़ती है
01:44ये सूक्षम काले कर्ण हजारो किलो मीटर दूर हिमाले की उची चोटियों तक पहुँच जाते है
01:51जब ये कर्ण बर्फ पर जमते हैं तो हिमाले की चमकदार सफेज सत्व काली पढ़ने लगती है
01:57इस से बर्फ की गर्मी सोकनी की शमता बढ़ जाती है
02:00यानि जो बर्फ पहले सूरज की किर्णों को वापस अंतरिक्ष में भेजती थी
02:05अब वही गर्मी को अब्जॉप करने लगती है
02:08यही कारण है कि ग्लेशियर तेजी से पिगलने लगे है
02:12वेग्यानिक इसे अल्बीडो इफेक्ट का कमजोर होना बताते है
02:16और यही सबसे बड़ा खत्रा है
02:18क्योंकि हिमालिय सिर्फ पहार नहीं है
02:21हिमालिय करोडो लोगों के जीवन का आधार है
02:24गंगा, ध्रमपोत्र, कोसी, कंदक, बागमती और तीस्ता जैसी बड़ी नदिया इनी ग्लेशियरों से निकलती है
02:32भारत, नेपाल, भुटान और बांगला देश तक करोडों लोग पीने के पानी, खेती और बिशली के लिए इन नदियों पर
02:40निर्भर है
02:40अगर ग्लेशियर तेजी से पिगलते रहे तो शुरुआत में बार्ट और फ्लैश लट्स का खत्रा बढ़ेगा
02:46बिहार जैसे राज्य इसका सबसे बड़ा शिकार बन सकते हैं
02:50कोसी नदि को पहले ही बिहार का शोक कहा जाता है
02:54वैज्यानिकों का कहना है कि अचानक ग्लेशियर मेल्ट होने से नदियों का फ्लो और जादा अनप्रेडिक्टिबल हो सकता है
03:01इसके अलावा Glacier Lake यानि बर्फ के पारे से बनने वाली जीले भी खत्रा बन रही है
03:08अगर इन में से कोई जील पड़ती है तो उत्राखंट, नेपाल, बिहार और बंगाल तक भारी तबाही आ सकती है
03:15लेकिन असली खत्रा भविश्य में हैं क्योंकि जब धीरे धीरे Glacier खत्म होने लगेंगे तब यही नदिया कमजोर पड़ जाएंगी
03:24यानि आने वाले समय में पानी की कमी, खेती पर संकट, फूट शॉर्टेज और माइग्रेशन जैसी समस्याय पैदा हो सकती
03:32है
03:32वहीं पश्चिम बंगाल को दोरे खत्रे का सामना करना पड़ सकता है
03:36एक तरफ नौर्स बंगाल में हिमालियी फ्लड्स और लांड्सलेट का खत्रा बढ़ सकता है
03:42दूसरी तरफ सुन्दरबंस और कोस्टल बंगाल पहले से सी लेवल राइस और साइकलोन की मार जेल रहे हैं
03:48विशेशग्यों का कहना है कि अगर अभी भी पॉल्यूशन और कार्बन एमिशन पर सक्त कदम नहीं उठाए गए
03:55तो साउथ एशिया आने वाले दशकों में दुनिया के सबसे बड़े वेधर क्राइसिस का केंदर बन सकता है
04:01सोचिए अगर हिमाले की बर्फ खतम होने लगी तो सिर्फ पहार नहीं बदलेंगे पूरा भारत बदल जाएगा
04:08मौसम बदलेंगे, खेती बदलेंगी, नदिया बदलेंगी और करोडों लोगों की जिन्दगी बदल जाएगी
04:14अब सबसे बड़ा सवाल क्या भारत क्लाइमिट क्राइसिस को अभी भी सिर्फ एन्वारिमेंटल इशू समझ रहा है
04:20या ये आने वाले समय का सबसे बड़ा नाशनल एमर्जेंसी बनने वाला है
04:25आपको क्या लगता है क्या बिहार और बंगाल के बढ़ते प्रदूशन पर अब सक्त और बड़े कदम उठाने चाहिए
04:32अपनी राए नीचे कमेंट में जरूर लिखिए और देखते रहिए One India Hindi
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