करौली. यहां मण्डरायल मार्ग पर जिला चिकित्सालय के नवीन भवन का विस्तार कार्य धीमी गति से चल रहा है। निर्माण कार्य दो वर्ष पहले ही पूरा होना था, लेकिन अब तक कार्य आधा-अधूरा ही है। इसके चलते परेशानी भी हो रही है। जिला कलक्टर अक्षय गोदारा निर्माण कार्य को लेकर सख्त हुए हैं। साथ ही वार्डों की निर्माण अवधि भी तय कर संवेदक को समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
जिला कलक्टर अक्षय गोदारा बुधवार को अस्पताल के नवीन भवन पहुंचे, जहां निर्माणाधीन इनडोर यूनिट का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण में करीब दो वर्ष की देरी पर नाराजगी जताते हुए आरएसआरडीसी अधिकारियों और संवेदक को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए। उन्होंने शिशु वार्ड को 30 जून तक नवीन भवन में स्थानांतरित करने योग्य बनाने तथा अन्य निर्माण एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को 15 अगस्त तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि जिला अस्पताल की सभी इकाइयों को नए भवन में शिफ्ट किया जा सके। इस दौरान जिला कलक्टर ने निर्माणाधीन वार्डों, मरीजों के लिए बनाई जा रही सुविधाओं, फायर सेफ्टी सिस्टम, रैंप, कूङ्क्षलग सिस्टम और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की धीमी गति को लेकर जवाब तलब किया और कहा कि लंबे समय से निर्माण अधूरा रहने के कारण मरीजों और चिकित्सा स्टाफ को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब कार्यों में लापरवाही या देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलक्टर ने अस्पताल भवन में मरीजों और परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भवन केवल निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें स्वास्थ्य सेवाओं के अनुरूप सभी आधारभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। इस दौरान अस्पताल के पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरसी मीना, आरएसआरडीसी के परियोजना निदेशक मनोज श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
छात्रावास तैयार, जल्द होगा हैण्डओवर
जिला कलक्टर ने मेडिकल कॉलेज परिसर में नर्सिंग कॉलेज के निर्माणाधीन छात्रावासों का भी जायजा लिया। इस दौरान आरएसआरडीसी अधिकारियों ने बताया कि नर्सिंग छात्राओं के लिए निर्मित छात्रा हॉस्टल का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे हैंडओवर कर दिया जाएगा। वहीं छात्र हॉस्टल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है और अगले 15 से 20 दिनों में इसके पूर्ण होने की संभावना है। इस दौरान पीएमओ डॉ. रामकेश मीना ने छात्रावासों में कुछ अन्य जरुरतें भी बताई, जिस पर कलक्टर ने प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।
समय सीमा निर्धारित की है
कलक्टर अक्षय गोदारा ने बताया कि अस्पताल निर्माण की प्रगति को लेकर पूर्व में भी संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें की गई थीं।
इसके बाद अब नई समय सीमा तय कर कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिशु वार्ड को प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जा रहा है और इसे 30 जून तक शिफ्ट करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही अस्पताल भवन के अन्य वार्डों को उपयोग के लिए तैयार करने के लिए 15 अगस्त तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।
Comments