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  • 6 minutes ago
लद्दाख के कारगिल में आयोजित ‘एस्ट्रो फेस्ट 2026’ के दौरान हजारों लोगों ने हिमालय के निर्मल आसमान के नीचे दुर्लभ खगोलीय नजारों का आनंद लिया. ऊंचाई और कम प्रदूषण के कारण लद्दाख एस्ट्रो-टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. कार्यक्रम में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान के वैज्ञानिकों ने डार्क स्काई और अंतरिक्ष विज्ञान पर जागरूकता सत्र आयोजित किए. विशाल दूरबीनों के जरिए लोगों ने चांद, ग्रहों और तारों को बेहद करीब से देखा. आयोजन में खगोल फोटोग्राफी, सौर अवलोकन, अंतरिक्ष कथाएं और पारंपरिक लद्दाखी संस्कृति का भी प्रदर्शन किया गया. स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने इसे विज्ञान, संस्कृति और पर्यटन का अनोखा संगम बताया.

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Transcript
00:02लद्दाख के कारगिल में रविवार को आम लोग, सैलानी और खगोल विज्ञान के शौकीन नायाब खगोलिय नजारा देखने के लिए
00:10खटा हुए
00:11मौका था एस्ट्रोफेस्ट 2026 के आयोजन का
00:14जादा उचाई और कमप्रदुशन के कारण लद्दाख खगोलिय पिंडो को देखने के लिए आदर्श चकर है
00:20इस कारण ये एस्ट्रो परिटन और अंतरिक्ष जागरुकता का उभरता हुआ केंद्र बन रहा है
00:26कारिक्रम में लद्दा के परिटन विभाग ने खगोल विज्ञान पर व्याख्यान भी आयोजित किया था
00:31इनका मकसद आकाश संरक्षन और विज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा देना था
00:37ईसका जो मेन मकसद जो है इस fossil का वो लोगों में यह जो क्वोलोड लोग हैं उन में नाइट्
00:46-सकाई के वारे में द्�no राक सकाई के वारे में जागरुकता लाना है
00:49थाला कि अधरूरुक्ता ना कि डार्क स्काई है यहां के लोगार खीए बहुत बर्यायूब्ल है
00:55you
00:55know
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01:21you
01:22Sanskritic and Paramparic
01:23Pakwano ka swad chakne ka bhi adbhudh moka mila
01:28यहां पर दूर्बीने को बहुत करीब से देख सकते हैं
01:37उसके अलावा आज हमारे यहां पर डिफरेंट डिफरेंट कल्चर्स देखने को मिलेंगे
01:41और साथ में हमारे स्टाल लगे हुए हैं
01:43हमारे पूरे ट्रडिशनल फूड हो गया
01:47और हमारे पेने के कपड़े हो गया हूँ आज यहां पर लगाए गए
01:51यह कारिक्रम 20-26 मई तक आयोजित किया गया है
01:54इस दौरान हमालय के निर्मलाकाश के नीचे
01:57खगोल फोटोग्राफी, खगोल ये कहानिया सुनाना
02:00और सोर अवलोकन जैसी गतिवीधिया शामिल है
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