00:00Idul Azhar 2026 की सबसे बड़ी और इंतहाई मुंतजर रिलीज लवदी सौन के इस खास तज्जिये में खुशामदीद
00:08आज हम मिलकर देखेंगे के आखिर इस फिल्म के पीछे ऐसी क्या खास बात है जो हर तरफ इसके चर्चे
00:14हैं
00:15तो सबसे पहले एक इंतहाई दिल्चस्त पहीली पर गौर करते हैं
00:19क्या आपने सोचा है कि एक मुकमल उर्दू फिल्म का नाम आखिर पंजाबी में क्यों रखा गया है
00:24सुनने में थोड़ा अजीब लगता है ना चली इसे समझते हैं
00:28पहला हिस्सा अंद्रूने लहोर में खुशामदीद
00:31असल में लव दी साउन का मतलब है प्यार की कसम या प्रॉमिस ओफ लव
00:35अब देखिए ये टाइटल एक आम सी उर्दू फिल्म को एक इंतिहाई जजबाती और तसवराती पंजाबी बुनियाद फरहम करता है
00:43हम सब जानते हैं कि पंजाबी जबान अपनी एक अलगी मिठास और गहराई रखती है जो बिल्कुल दिल पर लगती
00:49है
00:49और ये इंतिजाज लाहोर की आम बोलचाल को क्या खूब जाहिर करता है
00:55फरहान सईद में इस हवाले से बताया कि अगर्चे उर्दू पूरे पाकिस्तान में समझी जाती है
01:00लेकिन मजा और जजबात इन दोनों जबानों के दर्मियान इंतिहाई फित्री अंदाज में बहते हैं
01:06बिल्कुल वैसे ही जैसे आम जिंदगी में लोग आपस में बात करते हैं
01:10अब जरह इसकी चमक्ती दमक्ती कास पर नजर दालते हैं
01:13स्क्रीन पर तजर्बा कार अदाकारों और नए सितारों का एक बहतरीन संगम मौझूद है
01:17फरहान सईद और मामिय शजाफर की नई और फ्रेश चोड़ी तो ही
01:21लेकिन इनके साथ साथ बाबर अली और सल्मान शाहिद जैसे लेजंड्स और राना एजाज
01:25जो के तरपाल सिंग हैपी का मजाया किरदार निभा रहे हैं
01:28इस फिल्म को वाकी चार चांद लगा रहे हैं
01:30मेरुनी साइकबाल भी इस स्टार स्टेंडेड लाइन अप का एहम इस्सा हैं
01:33यानि सिनमा में एक जबरदस तवानाई की तवक्व बिलकुल की जा सकती है
01:41अब अगर जाहिरी तोर कर देखा जाए
01:43तो ये किसी भी आम हलकिफुल की ईद की फिल्म जैसी लगती है
01:46लेकिन यहां एक ट्विस्ट है
01:49इसकी हकीकत काफी तलख और गहराई वाली है
01:51ये सिर्फ एक आम रोमैंटिक कॉमेडी नहीं है
01:54बलके दरसल ये जिसम फुरोशी और शदीद मौशरती दबाओं जैसी संगीन हकीकतों को बियान करती है
01:59जो के ईद की रिलीज के एसाब से वाकई एक बहुत बड़ा कदम है
02:02और किरदारों पर ये जजबाती बोज वाकई हकीकी था
02:06खुद फरहान सईद ने इस बात का इतराफ किया है कि एक ऐसे आम लड़के का किरदार निभाना
02:10जो इस अंधेरी दुनिया में धखेल दिया जाए बिलकुल भी आसान नहीं था
02:14उन्होंने बताया कि उन्हें सेट पर बकाईगा एंग्जाइटी महसूस होती थी
02:17क्योंकि ये किरदार और ये महौल उनके लिए बहुत भारी और नया था
02:21बिलकुल इसके बरक्स दूसरी तरफ मामिया शाजफर इस बात पर रोशनी डालती है
02:26कि एक पसमांदा किरदार को निभाना आखिर कितनी बहादुरी का काम था
02:30उनका सोचना था कि अगर मैं ये नहीं करूँगी तो आखिर कौन करेगा
02:34ये कहानी तरअसल जिंदगी में दूसरे मौके की तलाश के बारे में है
02:37जो कि हम सब की जिंदगियों से कहीं ना कहीं जुड़ी होती है
02:45इस फिल्म की प्रोडक्शन के तरीके भी मामूल से जरा हट कर थे
02:48डिरेक्टर इमरान मलिक ने एडिटिंग इन दी हेड तकनीक का इस्तिमाल किया
02:52इसका मतलब क्या है?
02:53बजाए इसके के लंबे-लंबे और मुसलसल टेक लिये जाएं
02:57वो फिल्म को पहले ही अपने जहन में एडिट कर लेते थे
03:00और सिर्फ मखसूस एंगिल्स के लिए दरकार लाइन्स ही शूट करते
03:03इसके फॉरण बाद अदाकार अगली पोजीशन पर चले जाते
03:06ये मुक्तलिफ स्टाइल फिल्म साजी को इंतहाई तेज और मुन्फरिद बनाता है
03:09लेकिन इन तमाम तक्नीकी महारतों के बावजूद
03:13फिल्म को एक इंतहाई बड़ा जटका लगा
03:15जब लीड अक्ट्रेस ममिया शजफर को लूपस नामक बिमारी का सामना करना पड़ा
03:20देखिए ये एक ऐसी आटो इम्यून बिमारी है जिसमें इंसानी जिसम का मुदाफाती निजाम
03:25यानि इम्यून सिस्टम हाइपर एक्टिव होकर अपने ही सेहतमन टिशूस पर हमला कर देता है
03:31इसकी वज़ा से प्रोडक्शन पूरे आठ महीने तक रुकी रही और ममिया को चार महीने वीलचेर पर गुजारे परे
03:37लेकिन इस मुश्किल वक्त में एक रोशन किरन ममिया की बेमिसाल हिम्मत थी
03:42इस थका देने वाले और तकलीव दे इलाज के बावजूद उन्होंने हार बिलकुल नहीं मानी
03:46February 2026 में वो एक नए जजबे के साथ वापिस सेट पर आई ताके फिल्म के आखरी गानों की शूटिंग
03:52मुकम्मल की जा सके
03:53ये वाकई उनकी लगन और जजबे का एक इंतहाई शांदार सबूत है
04:03अब बात करते हैं इड़ 2026 के बॉक्स आफिस की जो किसी मैदाने जंक से कम नहीं लग रहा
04:09लव दिस साउंड को मुक्तलिफ जॉनराज की बड़ी फिल्मों का सामना है
04:12एक तरफ हॉरर कॉमेडी जॉम्बिट खड़ी है जिसमें फाद मुस्तफा और महवेश आयात है
04:27अगर बिलकुल गैर जानिब दाराना होकर बात की जाए तो ट्रेलर आने के बाद अवाम का रदे अमल काफी तकसीम
04:34नजर आ रहा है
04:35कुछ लोग इस नई जोड़ी और शानदार विज्वल्स की बहुत तारीफ करते वे इसे पाकिस्तानी सिनमा के लिए एक बहादुराना
04:42कहानी करार दे रहे हैं
04:44जबके वहीं दूसरी तरफ कुछ तनकीद निगार ऐसे भी हैं जो एक्शन को बहुत ज्यादा ओवर दे टॉप और कहानी
04:50को रिवायती और गेर जरूरी ड्रामे से भरपूर कह रहे हैं
04:54और आखिर में एक बहुत एहम सवाल बाकी रह जाता है
04:57क्या संजीदा मौजवात और धमाकेदार अक्शन का ये बहादुराना इंतिजाज पाकिस्तानी ईद ब्लॉक बस्टर की तारीफ बदल पाएगा
05:05या ये चुटियों के इस रश में कहीं खोकर रह जाएगा
05:09फैसला जो भी हो इस ईद पर सिनमा में हंगामा जरूर होने वाला है
05:13आपका इस बारे में क्या खयाल है ये वाकई सोचने वाली बात है
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