00:00BULBULEYA का ये scene देखो
00:01मतलब starting में ही आता है
00:03बहुत starting में
00:03जब परेश्टावलेस कारिगर को कुछ न कुछ समझा रहा होता है
00:07and देखो वो क्या बोलता है
00:16जब 5-6 पहलवानों के फेफ़डे फटेंगे
00:18तब जाकर ये पलंग खिसकेगा
00:20और फिर ये scene आता है third act में
00:34So ये जो peak detailing थी
00:36वो Chekhov's Gun नाम के एक principle पे बेस्ट है
00:38Basically वो principle क्या कहता है
00:40कि आप film के starting में कुछ भी अगर information दिखा रहे हो
00:44तो eventually उसका payoff मिलना चाहिए
00:46कि कुछ भी information random नहीं होनी चाहिए
00:48अब यहां पे starting में हमको बता दिया था
00:50कि पलंग कितना भारी है
00:52तो last में जब विद्याबालन का character उस पलंग को उठाता है
00:55तो उसको समझ में आता है
00:56कि आर वो जो उसका जो psychosis था
00:58वो कितना powerful था
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