Skip to playerSkip to main content
  • 5 hours ago
रेगिस्तान की जमीन पर पानी केवल संसाधन नहीं, भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी बनता जा रहा है। ऐसे समय में जल संरक्षण को सरकारी कार्यक्रमों की सीमाओं से निकालकर सामाजिक व्यवहार में बदलने की नई कवायद शुरू हो रही है। जिले में 25 मई से 5 जून तक चलने वाला वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 इसी बदलाव की बड़ी तस्वीर तैयार करेगा, जहां जल बचाने की जिम्मेदारी प्रशासनिक तंत्र से आगे बढ़कर आम नागरिकों तक पहुंचेगी। करीब 12 दिनों तक चलने वाले अभियान में 23 विभागों का समन्वित मॉडल तैयार किया गया है। जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, हरियाली विस्तार और सामुदायिक भागीदारी को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर बहुस्तरीय कार्ययोजना बनाई गई है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी ने अभियान को सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए स्थानीय सहभागिता पर जोर दिया। डिजिटल मॉनिटरिंग को भी इस बार प्रमुख आधार बनाया गया है, जहां गतिविधियों की ट्रैकिंग मोबाइल एप और पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।

Category

🗞
News
Comments

Recommended