00:09ुपी आई ट्रांजेक्शन्स अटकने लगें आफिस की जूम मीटिंग्स बार बार कटने लगें आम आदमी को लगेगा कि सायद नेटवक
00:16कमपनी की दिक्कत है लेकिन इस बार मामला सिर्फ मोबाईल नेटवक का नहीं बलकि हजारों किलोमेटर दूर समुद्र के निचे
00:23ब
00:29इन ही अंडर सी इंटरनेट केबल्स पर खत्रे की चर्चा तेज हो गई है और सवाल उठ रहा है कि
00:35अगर यह संकट बढ़ गया तो क्या भारत में इंटरनेट स्लो हो सकता है जवाब है हाँ असर पढ़ सकता
00:41है लेकिन पूरा इंटरनेट बंध होने जैसी स्थिती तुरंत �
00:44इरान और अमेरिका की बढ़ते तनाओं के बीच स्टेट ऑफ हॉर्मोच और आसपास के समुद्री इलाकों में बिछी इंटरनेट केबल्स
00:51चर्चा में आ गई है रेपोर्ट्स के मताबिक इरान ने इन समुद्री रूट्स पर दबाव बनाने यानि अंतरड बढ़ाने की
00:57�
00:58कही है ये रूट्स सिर्फ टेल गैसी ने बलकी डिजिटल डाटा ट्रैफिक के लिए भी बेहद हम माना जा रहा
01:04है दुनिया की बड़ी टेक कंपनिया और कई देशों का डाटा इन ही केबल्स से गुजरता है अगर इन रूट्स
01:10पर कोई भी प्रॉब्लम होती है तो इंटर
01:25सर्विसेस इन ही से चलती है भारत का इंटरनेट डाटा ट्रैफिक भी इन ही रूट्स से जुड़ा हुआ है अब
01:32बात करें खत्रे की तो मिडल इस्ट दुनिया का सिर्फ ओयल चेक पॉइंट ही नहीं बलकी डिजिटल चेक पॉइंट भी
01:37बन चुका है स्ट्रेट ओफ हॉर
01:39और रेट सी के आसपास कई एहम सम्मरीन केबल्स गुजलती है युद्ध सैन निगतविधियां या सिपिंग डिस्ट्रिब्यूशन की वज़े से
01:48इन केबल्स पर खत्रा बढ़ सकता है हाला कि एक्सपर्ट का कहना है कि केबल्स को नुकसान पहुचाना आसान नहीं
01:55है और द
02:09में जोने पर रिपेर सिप्स का कॉंफ्लिक्ट जोन में ना पहुच पाना डाटा री रूटिंग से इंटरनेट स्लो हो सकता
02:16है गल्फ रिलीजन में सर्विसेश पहले से प्रभावित होंगी भारत की जनता पर इसका क्या असर होगा अगर बड़ी प्रॉब्लम
02:23होती है तो �
02:24भारत में पूरा इंटरनेट बन नहीं होगा लेकिन कुछ इंटरनेशनल सर्विसेश धीमी पड़ सकती है असर इन चीजों पर दिख
02:31सकता है अब बात करते हैं आम आदमी की कि आम आदमी पर इसका क्या असर पड़ेगा तो वाट्सैप, शोशल
02:38मीडिया, अपलोड्स और ड
03:12बात करते हैं कि इन सबसे किसको फायदा हो सकता है हर संकट में कुछ सेक्टर्स को हमें सामोका मिलता
03:19है सैटलाइट इंटरनेट कंपनीज बैकप केनेक्टिविटी के डिमांड बढ़ सकती है
03:23डाटा सेंटर कंपनीज और लोकल होस्टिंग की भी मांग तेजी से बढ़ सकती है
03:27साइबर सेक्योरिटीज और नेटोर्क प्रोटेक्शन की भी जरूरत बढ़ सकती है
03:31अल्टरनेटिब केबल्स रूट प्रोजेक्ट्स मिडिल इस्ट बाइपास इंफ्रास्ट्रेक्शर को भी बूस्ट मिल सकता है
03:37अब सबसे बड़ी बात
03:38फिलाल ये खत्रा वार्निंग लेबल पर जादा है
03:40पैनिक लेबल पर नहीं है
03:42एक्सपोर्ट्स मानते हैं कि ग्लोबल इंटरनेट में रेडेंसी होती है
03:46इसलिए एक रूट पर दिक्कत आने से पूरी दुनिया ओफ्लाइन नहीं हो जाती
04:07स्क्रीन तक पहुँचने वाला असर भी साबित हो सकता है
04:10ऐसी ही और खबरों और अपडेट्स को जानने के लिए देखते रहें
04:13गुड रिटन्स डिजिटल
Comments