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Iran के इतिहास का एक ऐसा काला अध्याय, जिसे आज भी लोग डर और खौफ के साथ याद करते हैं SAVAK। इस episode में जानिए कैसे शाह के दौर में बनी यह खुफिया agency देश की सबसे ताकतवर और खतरनाक Secret Police बन गई। कैसे निगरानी, पूछताछ और दमन के जरिए SAVAK ने सत्ता को मजबूत रखा, और क्यों आज भी इसका नाम विवादों में रहता है। The Iran Files E02 में हम खोलेंगे SAVAK के रहस्य, उसकी working और उसके पीछे की सच्चाई।


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~ED.472~GR.122~HT.96~VG.AI~

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00:00This is not a nightmare.
00:03Iran has a story of a story.
00:07It was a story of a more nightmare.
00:10The name was Sawak.
00:12This nightmare was finally on the king's side.
00:15Last time we saw Iran and Israel's family.
00:20This time it was the most common story.
00:23This was the most common story.
00:24In 1957, he was Sawak.
00:27C.I.A. के दस्तावेज बताते हैं,
00:29अमेरिका और इसराइल दोनों ने इसे ट्रेन किया।
00:32वो ट्रेनिंग थी बूच ताच की, जासूसी की और आवाजें बंद करने की।
00:37एक प्रोफेशनल मशीन, वो मशीन पहुंची युनिवर्सिटीस में,
00:41मस्चिदों में, बाजारों में।
00:44अमेरिकी आर्काइब्स के मताबिक हजारों एजेंट्स, लाखों मुख्विर।
00:48इसका नतीजा था तहशत।
00:51अगला आदमी एजेंट है, पडोसी, दोस्त, भाई, कोई नहीं जानता था।
00:56लेकिन एक नौजवान था जो डरा नहीं, अली खामने, सबैक ने उसे पहली बार पकड़ा, वो पहली बार नहीं था।
01:04खामने.IR की ओफिशल बायोग्रफी के मताबिक कई बार गिरफता रही, हर बार और सख्त होकर नहीं।
01:11लेकिन एक दिन, 1976 में, Amnesty International ने दुनिया को बताया, इरान में टॉर्चर सिस्टेमाटिक है।
01:18उस रिपोर्ट के बाद, Carter Presidential Library के मताबिक, Carter ने शाह पर दबाव डारा।
01:24शाह ने सुधार का वादा किया, वो वादा आधा अधूरा था।
01:28सवैक को थोड़ा धीला किये, लेकिन बहुत देर हो जुगी थी।
01:33और उनहीं दिनों, 1977 से 78 में, सडके भरने लगी।
01:38सवैक का जवाब था और दबाव।
01:40उस दबाव का नतीजा, काला शुक्रवार।
01:43एससुएटेड प्रेस के मताबिक, फौज ने भीड पर गूलियां चलाई।
01:47सवैक का सबसे काला दिन और उसके बाद जनवरी 1989 शाह गए।
01:53सवैक, अब किसके लिए काम करें।
01:56और जो आया, वो सवैक का सबसे पुराना दुश्मन था।
02:00एक फर्वरी 1989 एपी के मताबिक, खुमैनी तहरान पहुचे और उन्ही के हुक्म से फर्वरी 1989 रॉइटर्स के मताबिक, सवैक
02:10ऑफिशली बंद हुआ, 22 साल खते।
02:15जब सवाक बंद हुआ, उसकी हजारों फाइल्स नई सरकार के हाथ लगी।
02:22एपी के मताबिक, हजारों नाम, हजारों रास। उन फाइल्स में एक नाम था, अली खमेने। सवैक का शिकार, अब सवैक
02:31का उत्तराधिकारी।
02:35इसलिए सवाक ने शाह को बचाने की कोशिश की। लेकिन सवाक ही वो वजह बन गया, जिसने शाह को डुबोया।
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