00:08नमस्कार आपके साथ वो मैं पड़ाय उपात आए
00:10कूट्डीती में आज बार डिप्लामसी के उस यूटर्न की जिसने पश्चिमी देशों के दावों की हवा निकाल दी गए
00:16बिटन ने दो साल तक छाती ठोक कर कहा कि वो रूस की युद्ध मशिनिरी को सुखा देगा
00:22इसके लिए बड़े बड़े जुमलों वाले लंबे चौड़े भाशन दिये गए
00:25लेकिन अब खबरे आ रही हैं कि रूसी तेल को बिटिश बाजार में आने की या लाने की मनजूरी देदी
00:31है
00:31एक सरकारी वेबसाइट पर दस्ताविज जारी कर बताया गया है कि भारत और तुर्किये में रिफाइन होकर ये तेल बिटन
00:38पहुंच रहा है
00:39इस मनजूरी पर कोई प्रेस कॉंफरेंस नहीं हुई, कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया, सब बस चुपचाप कर दिया गया
00:46आज कुटीती में विश्टेशन करेंगे कि आखिर अमेरिका, इरान, युद्र और हॉर्मूस के स्ट्रेट की नाके बंदी से कैसे उर्जा
00:54के संकट से जूज रहे यॉरप की मुश्कले और बढ़ गई
00:56साथ ही, ये सवाल उट रहा है कि क्या राश्पती व्लादिमिर पुतिन बिना बंदूक और बारूत का इस्तमाल किये ही
01:02ये बाजी जीत गए है
01:05यॉरप के वो सारे देश जो कभी रूसी उर्जा को हाथ न लगाने की कस्मे खा रहे थे
01:10अब अचानक सोवियत दौर की पुरानी पाइप्लाइनों को जिन्दा करने में बिचुट गए
01:14वज़स साफ है, फिलहाल मामला कोरी सियासत का नहीं, बल्कि घरे जरूरत का है
01:33हर्मू स्ट्रेट बंध होने से पहले यॉरप में, जो जेट फियूल करीब 800 डॉलर प्रतिटन था, वो अब अपरेल तक
01:40आते आते 1800 डॉलर प्रतिटन पहुँच गया
01:42एरलाइन्स के उड़ाने रद्ध होने लगी और जेब का बजट लडख़डा गया
01:46नतीजा, पिछले साल अक्टूबर में जिस रूसी क्रूड पर पूरी तहन से बैन लगाने की योजना बनाई जा रही थी
01:52अब बिटन की उसी सरकार ने फेजन का नाम देते हुए पाबंधियों को धीरा कर दिया
01:57अब इसे जरूरत की मजबूरी कहिए या फिर उतनीती का लचिलापन, हालात ने बिटन को यूटन लेने पर और अपनी
02:04नीतियों को बदलने पर मजबूर कर दिया है
02:08पश्ची मेशा संकट और हॉर्मू स्ट्रेट के बंद होने का जटका यॉरप को सीधे लगा है
02:12जब खाड़ी से तेल की सप्लाई रुकी तो एशियाई खरीदारों ने वेश्ची बाजार में उची बोलियां लगाना शुरू कर दिया
02:18और इसका खाम्याजाई यॉरप की रिफानीरियों को भुकरतना पड़ रहा है
02:23यॉरपी संग ने आपात काली इन तेल भंडार जारी किये और मांग कम करने की चेतावनी भी दे दी
02:28लेकिन जरूरत पूरी न हो सकी
02:31हकीकत तो यही है कि 2022 में रूस यॉक्रेन जंग शुरू होने के बाद यॉरप ने तेल आयात के विकल्प
02:37तो तलाशे
02:38पर जो कोशिशे की वो काफी नहीं थी
02:40खाड़ी से आ रहे तेल को आश्वास्ता आपूर्थी मान लिया गया
02:43मगर जैसे ही खाड़ी में युद्ध की चंगारी भड़की यॉरपी तैयारियों और कमजोरियों की पोल खुल गली
02:49ये सारी कमजोरियां उजागर होगी ऐसे में हंगरी और स्लवाकिया जैसे पूर्वी यॉरप के देशों के लिए
02:54सस्ता तेल उपलब्द कराने वाली रूसी पाइपलाइन की तरफ देखना उनकी मजबूरी बन गया है
03:00जब वैश्वी कीमते चरम पर हो तो पाइपलाइन से आने वाला रूसी कच्चा तेल सस्ता सौधा भी है और आपूर्ती
03:06का आश्वासन की है
03:09वैसे हंग्री और स्लोवाकिया जैसे देशों ने दुरुजबा पाइपलाइन को चालू रखने के लिए बड़ी कूटी तिक जंग भी लड़ी
03:14क्योंकि उनकी रिफाइनरियां खास तोर पर रूसी क्रूड के लिए ही तैयार की गई थी
03:19तेल रिफाइनरी बदलते से इस बड़लाव को लागू करने में हफतों नहीं बलकि सालों का वक्त लग सकता है
03:27हंगरी के विक्टर औरबान ने यूकरेन से मिलने वाले करीब 90 अरब यूरो के ईउ लोन को तब तक रोके
03:33रखा
03:34जब तक कि दुरूजबा पाइपलाइन दुबारा शुरू नहीं हो गई
03:36उनका तर्क था कि वो उचे दाम वाले स्पॉर्ट मार्केट से तेल नहीं खरीच सकता है
03:41अप्रैल में हंगरी में आम चुना हुए और बान तो हार गए और पीटर मौज़ान की जीत हुई
03:46मगर दुजबाद पाइपलाइन तुरंती शुरू कर दी गई
03:49यूकरेन का लोन भी पास हो गए
03:51दरसल समुद्री जहाजों से आने वाला रूसी तेल प्रतिबंद के दाइरे में आता है
03:56और उस पर प्रतिबंद लगाना आसान भी है
03:58क्योंकि वो रूस की 85 प्षट कमाई पर चोड़ करता है
04:01लेकिन जमीन से घिरे देशों की लाइपलाइन यानी पाइपलाइन को बंद करना ब्रिसल्स के लिए यानी यू मुक्षाले के लिए
04:08इतना आसान नहीं
04:10वो एक राज़नेतिक संकट को पैदा कर सकता है
04:12जिसकी जम्मदारी कोई नहीं लेना चाहता
04:14ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या रूस के राश्पती व्लादेबिर पुतिन को अमेरिका इरान जंग ने सीधा और
04:20अनपिक्षित फायदा दे दिया है
04:22मौजूदा हालात में तो इसका जवाब हां में नज़र आता है
04:25पुतिन को खुद कुछ नहीं करना पड़ा
04:27अमेरिका इरान की लड़ाई ने हॉर्मूज के स्ट्रेट को बंद किया
04:31जिससे कीमतें बढ़ी और नतीजे में जहां ब्रिटन को रियायते देनी पड़ गई
04:35तो वहीं हंग्री सुलवाकिया ने रूसी टेल की डाइपलाइन को शुरू करवा दिया
04:40इस युद्ध ने रूस की डूपती अर्थ व्यवस्था को वो लाइफलाइन थमा दी
04:44जिसकी उसे लंबे समय से दर्कार दी
04:46वहीं यॉरप को भी एक ऐसा मौका दे दिया जिसे उसने बिना किसी हिचके चाहट के लपक लिया
04:53ये पूरी सिती बताती है कि कूटनीती में जब जमीनी हकिकत और महेंगाई का दबाव आता है
04:58तो बड़े-बड़े वादे और प्रतिबंद ताश के पत्तों की तरह भेजाते हैं
05:02आज यॉरप के पास नेतिक ताकी पाते तो हैं लेकिन अपनी रिफानीरियों को चलाने के लिए तेल नहीं है
05:08कूटनीती में आज की वरितना ही बाकि देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए आप देखते रहिए आज तर
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