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PM मोदी और जियोर्जिया मेलोनी की मुलाकात के क्या मायने? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:00नवस्कार मैं हूँ अंजिना उमकरशप और ब्लाक इन वाइप में आपका बहुत बहुत स्वागत है
00:04आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि जो मेलेडी टॉफी इतनी चॉकलिटी थी
00:08विपक्ष के लिए वो मेलेडी इतनी तीक ही कैसे हो गई
00:11आज सोशल मीडिया पर हर तरफ मेलेडी की चर्चा है
00:14कई जगा इसका स्टॉक खत्म हो गया है
00:17इससे जुड़े विडियो के व्यूज कुछी घंटों में 100 मिलियन को पार कर गए हैं
00:21और इसकी पेरन कंपनी के नाम से मिलती जुलती
00:23कमपनी के शेर का अपर सर्कृट लग गया है
00:27सोचे असल कमपनी नहीं जो मेलेडी बनाती है
00:30लेकिन उसी के जैसा नाम रखने वाले कमपनी का शेर जो है
00:35वो ऐसा बड़ा की अपर सर्कृट लग गया
00:37और इसकी वज़य थी प्र्रदान्नुती मोदी का
00:39इतली की प्रधानमंत्री जॉजिया मेलोनी को दिया गया गिफ्ट
00:42इतली पहुचे प्रधानमंत्री मोदी ने जॉजिया मेलोनी को मिलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया
00:47सोचल मीडिया पर अकसर प्रधानमंत्री मोदी और जॉजिया मेलोनी के लिए
00:50melody का इस्तमाल
00:52hashtag melody का इस्तमाल किया जाता है
00:55तो प्रदान्वंत्री ने आज melody
00:57diplomacy को real कर दिया
00:58लेकिन विपक्ष को melody के मिठास
01:01रास नहीं आए और उसे इससे
01:03तीखी
01:04मतलब आलोचना वो इसकी कर रहे है
01:07इसके बाद
01:08आपको बताएंगे कि पश्चिमी मीडिया के
01:10मन में और fun में
01:12fun मतलब fun में
01:14भारत के लिए इतना जहर
01:16क्यों भरा है
01:18बीते दिन जब हमने इस reporter की
01:20सच्चाई दिखाई थी तो कई लोगों
01:22के पेट में गंभीर दर्द हो गया
01:25लेकिन वो ये नहीं समझ पाए
01:26कि दरसल
01:28सिर्फ और सिर्फ
01:29भारत का अपमान करने के एक बड़ी
01:32योजना का वो एक हिस्सा था
01:33प्रदानुन्ती मोदी इटली से पहले
01:35नौर्वे के दोरे पर थे जहाँ एक पत्रकार
01:37ने सवाल के नाम पर तमाशा किया
01:39और उसके बाद एक अख़बार ने हदे पार की
01:41उसे प्रदानुन्ती मोदी का एक विवादित काटून
01:43बनाते हुए भारत को सपेरो के देश
01:45जैसा दिखा दिया
01:47आज सवाल ये है कि पश्चमी मीडिया
01:49भारत के खलाफ इतना रेसिस्ट
01:51इतना नसल भेदी
01:53क्यों है वो आज भी
01:55सपेरो का ही देश
01:58बनाना चाहता है भारत को
01:59और आखर में आपको रश्या के राश्रपती
02:01व्लादमिर पूतिन ने बीजिंग दोरे
02:03के बारे में क्या क्या हुआ है
02:05उसके बारे में बताएंगे ट्रम्प को
02:20कोई बताएंगे कि साल 1983 में बनी
02:22एक साधारन टॉफी
02:241983 में बनी
02:26एक सिंपल सी टॉफी
02:292026 में भारत इतली के रिष्टों का
02:31ग्लोबल सिंबल कैसे बन गई
02:33इतली के रोम में जब प्रधानवंत्री
02:35मोदी ने प्रधानवंत्री जोजिया मेलोनी
02:37को मेलोडी टॉफी का
02:39एक पाकेट गिफ्ट के रूप में दिया
02:41तब कूटनीती की दुनिया में एक नए
02:43ट्रेंड की शुरुआत हो गए
02:44ऐसा ट्रेंड जिसमें
02:47सॉफ्ट पावर का एक नया
02:49मॉडल छिपा था अब तक
02:51ज्यादतर देशों की सॉफ्ट पार उनकी फिल्में
02:53उनकी कला, उनकी संस्कृति, उनका इतिहास
02:55उनके पुराने समारक, उनकी भाषा
02:57ये सब हुआ करती थी
02:58लेकिन कूटनितिक संबंदों में
03:01एक टॉफी भी किसी देश की सॉफ्ट पार बन सकती है
03:03ये पहली बार दुनिया ने देखा
03:06और इस टॉफी डिप्लॉमसी की हर तरफ
03:08खूप चर्चा होने लगी, देखिए
03:28मेलडी शब्द मोदी और मेलनी के नाम से बनाया गया है
03:32जोड़कर और शब्द का इस्तमाल पहली बार किस ने किया?
03:34खूद प्रधानवंत्री जॉजिया मिलोनी ने ये टर्म कॉइन किया
03:38जोसे कहते हैं ये शब्द बनाया गढ़ा
03:41साल 2023 में जब दुबाई में
03:43कॉप 28 का शिकर समेलन हुआ था
03:46तब जोड़ा मिलोनी ने प्रधानवंत्री मोदी के साथ एक सेल्फी पोस्ट की थी
03:49जिसका कैप्शन था
03:51गुड़ फ्रेंज एट कॉप 28
03:53हैश्टाग मेलोडी
03:57इसके बाद
03:572024 के जी सेवन समिट में भी
03:59प्रधानवंत्री मोदी के साथ अपनी सेल्फी को
04:03हैश्टाग मेलोडी लिखकर
04:06पोस्ट किया था
04:07और यहीं से यह शब्द भारत और इटली के नए रिष्टों का प्रतीक बना
04:11और आज जब प्रधानवंत्री मोदी ने
04:14प्रधानवंत्री जोड़ा मेलोनी को
04:15मेलोडी टौफी गिफ्ट की है तो
04:17इंटरनेट पर यह तसीरे चाही हुई है
04:19आज शाम तक जोड़ा मेलोनी के
04:21इंस्साग्राम अकाउंट पर इस वीडियो को
04:23136 मिलियन यानि
04:2513 करोड 60 लाक से जादा बार देखा जा चुका है
04:30जबकि एक्स पर भी
04:31इस वीडियो को 94 लाक से जादा
04:43वीउस मिले हैं
04:44यह वीउस भी नेताओं के साथ
04:48आठ लाक होती है
04:53लेकिन प्रदानूती मोदी के साथ
04:55उनका हश्टाग मेलेडी वाला ये
04:57मेलेडी चॉकर्लिट वाला वीडियो
05:0094 लाक से जादा वीउस को पार कर चुका है
05:03यहीं नहीं भारत के कई शेहरों में Blinkit, Zepto जैसे Quick Commerce Platforms पर Melody Toffee sold out हो चुकी
05:12है
05:13मतलब वो लोग मिल नहीं रहा है खरीद नहीं पारे
05:15और जो पारले कमपनी इस टॉफी को बनाती है उसके शेहर में भी 5% का उच्छाल आया है
05:21यह उच्छाल और भी जादा हो सकता था लेकिन क्योंकि पारले कमपनी के शेहर पर 5% का अपर सर्किट
05:28लगा था और इसके कारण एक दिन में शेहर की कीमते इससे जादा नहीं बढ़ सकती थी
05:32इसलिए इस मामले में 5% का ही उच्छाल आया
05:36एक और दिल्चस बात है जिस पारले कमपनी के शेहर की कीमते तेजी से उपर चड़ी वो मेलेडी टौफी वाले
05:45पारले कमपनी है ही नहीं
05:46अब देखें यह कैसा खेल हो गया
05:49मेलेडी टौफी बनाने वाली कमपनी का नाम है पाले प्रोडक्स
05:53जबकि शेहर बाजार में लिस्टेट कमपनी का नाम है पाले इंडस्ट्रीज
05:57यह दोनों अलग-अलग कमपनिया है
06:00जो company melody toffee बनाती है वो शहर बाजार में लिस्टडी नहीं है
06:05लेकिन उसके बहाने किसी और का ही उत्थान हो गया
06:08और पाले इंडस्ट्रीज का शहर बढ़ गया
06:11उस company का पाले जी वाले इस toffee से melody toffee से कोई लेना देना नहीं है
06:16लेकिन प्रदानमती मोधी और प्रदानमती जोजा मेलोनी के विडियो ने ऐसा कमाल किया
06:20कि लोगों ने पाले इंडस्ट्रीज के ही शहर खरीदने शिरू कर दिये
06:23और इससे आप ये भी समझ पाएंगे कि भारत और इटली के रिष्टों में ये melody कैसे एक नई मिठास
06:28घोल रही है
06:29और सोचे इससे पहले किसी ने सोचा नहीं था कि एक रुपे की टौफी कूटनितिक संबंदों में वो काम कर
06:34सकती है
06:34जो बाकी चीजे नहीं कर पाती है
06:37यहां बहुत सारे लोग इस melody moment को सिर्फ एक diplomatic gesture की तरफ से देख रहे है
06:42हकीकत में ये घटना भारत और इटली के संबंदों का सबसे मजबूत आधार बन सकती है
06:46कैसे उसे सुधारन से समझे एक जमाना था जब 1970 के दशक की शुरुवात में
06:51चाइना ने अमेरिका के साथ अपने रिष्टे सुधारने के लिए पिंग पॉंग डिप्लॉमसी की थी
06:58उस वक्त अमेरिका और चाइना के रिष्टों में कोई बराबरी नहीं थी
07:02कहां अमेरिका कहां चाइना
07:05अमेरिका आज के चाइना को चाइना मानता ही नहीं था
07:08लेकिन चाइना के सबसे बड़े नहीं था
07:10माउज ज़ॉंग चाहते थे कि अमेरिका के साथ चाइना के रिष्टे बहतर
07:15इसी दोरान एक घटना हुई जिसे उस वक्त का पिंग पॉंग मोमेंट कहा जाता है
07:20जब तब जपान में वर्ल्ट टेबल टेनिस चैंपेंशिप हो रही थी
07:24जिसमें अमेरिकी खिलाडी ग्लेन कोवन गलती से चाइनीज टीम की बस में चड़ गये थे
07:30अब सोचे आप कब की घटना है टेबल टेनिस चैंपेंशिप था और ये जो ग्लेन कोवन के आप तस्वीर देख
07:38रहे हैं
07:39ये अमेरिकन खिलाडी थे गलती से ये चाइना की बस पे चड़ गए
07:41ये घटना अंजाने में हुई थी लेकिन इसी दौरान चाइना के खिलाडी ने उनकी दोस्ताना बाचीत उनकी होने लगी एक
07:48खिलाडी से
07:49चाइनीज खिलाडी से और उस खिलाडी ने उन्हें एक सिल्क स्काफ भेट के रूप में दी
07:56सिल्का जो स्काफ होता है
07:59इसके बाद पूरी दुन्या में ये तस्वीर बड़ी चर्चित हुई
08:07सिल्का स्काफ और वो भी चाइनीज खिलाडी ने
08:10अमेरिकन खिलाडी ग्लेन कोवन को दीती
08:12चाइना ने मौके का फाइदा उठाया
08:14अमेरिका की पिंग-पॉंग टीम को
08:17उनके देश आने के लिए अमंत्रित कर दिया
08:20ये वो पल था जहांसे अमेरिका और चाइना की दोस्ती हुई
08:23जिस अमेरिका ने साल 1919 के बाद से
08:25अपना कोई प्रतिनिरी मंडल चाइना नहीं बेजा था
08:28उसकी पिंग-पॉंग टीम एप्रिल 1971 में चाइना गई
08:33और इसके कुछ महीनों बाद
08:34अमेरिका के ततकालीन राश्रपती रिचर्ड निक्सन भी पहली बार चाइना के दोरे पर आए
08:38और यहीं से कहते हैं कि चाइना ने तरक्की करने शुरू कर दी
08:42कहने का बतलब यह है कि इस तरह के मोमंस कई बार सामाने लगते हैं
08:47लेकिन यह इतने भी सामाने नहीं होते
08:49अगर प्रधानवनती मोदी ने प्रधानवनती जोजिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की है
08:53तो ऐसा करके हम इटली के साथ अपने रिष्टों को मस्बूत बना रहे हैं
08:57बहुत सारे लोगों को शायद ये बात पता नहीं होगी
08:59कि मेलोडी टॉफी की कहानी में आज के आत्म निर्बर भारत की कहानी भी छिपी हुई है
09:031980 के दशक में भारत के टॉफी उद्द्योग पर बाहरी कंपनियों का बहुत ज़ादा दबदवा बन गया था
09:09देश में वही टॉफी आ बाजार में बिक्ती थी जो इंपोर्टर्ड होने के साथ महेंगी टॉफी आ होती थी
09:13किसे ने कलपना नहीं की थी कि 5 पैसे 10 पैसे में टॉफी आ सकती हैं लेकिन इसके बाद 1983
09:19में मेलेडी टॉफी लाउंच हुई
09:21यहां से भारत को यह आत्म विश्वास मिला कि हम भी इंपोर्टर्ड सामानों को छोड़ कर अपना खुद का सामान
09:27बना सकते हैं
09:28और अपने उप्भोगताओं तक उसको पहुचा सकते हैं और आज भारत की कहानी भी कुछ ऐसी है
09:33भारत भी आब आत निर्भर बन कर मेर इन इंडिया सामान बनाना चाहता है और हम ऐसा कर भी रहे
09:37और यहां आप इस अंतर को भी देखिए कि जब प्रधानुती मोधी रोम गए तो उन्होंने जोजिया मिलोनी को
09:43मिलेडी टॉफी गिफ्ट करके भाटे कंपनी की टॉफी को ग्लोबल मंच दिया
09:46लेकिन जब अक्टूबर दोहजार पचीस में राहूल गांधी कोलम्बिया गए थे तब वहां उन्होंने कोलम्बियन कोफी तयार की थे
09:53और इसे देखकर आज कई लोग ये भी कह रहे हैं कि राहूल गांधी उसे मिसाल को बड़ा बानते हैं
09:59से दुनिया के दूसरे देशों ने पेश किया जब कि प्रधानुत्री मोदी उसे मिसाल को बड़ा बनाते हैं उस मिसाल
10:06को जिसे भारत ने पेश किया और यही अंतर है जिसकी आज सोचल मीडिया पर बहुत चर्चा हो रही है
10:11देखिए
10:14कि अ, करते हैं
10:15मुचक अजस कि अब काद判
10:18कर रखन ignored
10:18कि मयाई पली ऐखने पोटपे
10:25कि मोदी दो टोटवा हो जए बहुत
10:28कि अब कादा दोने कि की कर तभी
10:28हिरा है
10:30मैं सम हमाल
10:35कि अपय को बढ़ प्रैं सत्राव
10:41जनिए सब्सक्ड होग थिए।
10:50अभादे ब्ढप घो टाफिश मॉदि आख अभाद हमोन
10:54मैलोई घट्राम मोध्ड की मेलो
11:07इलिए की ब्रृद्यान मंत्री को आप देखे एं То
11:11काफी उत्सा और जोश के साथ वो बोलती है सोशल मीडिया के रील्स में और हाश्टाग मेलडी भी उन्होंने ही
11:17सबसे पहले लिखा था इटली प्रदानुती मोधी के विदेश तोरे का आखरी पड़ाव है जिसमें टौफी वाली डिप्लॉमसी के साथ
11:23कार वाली डिप्लॉम
11:40कार वाली डिप्लॉमसी के बाद प्रदानुती मोधी और जोजिया मेलोनी के बीच डिनर वाली डिप्लॉमसी दिखी और इसके बाद दोनों
11:48नेताओं ने रोम के कोलोसियम का भी दौरा किया यह रात का दौरा था इससे तस्वीरे आपको उतनी साफ नहीं
11:55दिख रही है ले
12:10इस तस्वीर में आपको दिख रहा है, बहुत सारे इसमें लेर्ज हैं और सर्किलर ये हॉल है, यहाँ पर जोजा
12:16मिलोनी ने एक सेल्फी ली और इस सेल्फी को पोस्ट करते हुए ये लिखा कि
12:19Welcome to Rome, my friend. Thank you.
13:10Welcome to Rome, my friend.
13:39Welcome to Rome, my friend.
13:40Welcome to Rome, my friend.
14:10जोजा मिलोनी को आप देखिए और प्रदानुती मोदी के कूटनेतिक संबंदों में मेलोडी जैसी मिठास दिख रही है, तो इसका
14:15कारण ये है कि मौजूदा वक्त में भारत और इटली के संबंद अपने सबसे मजबूत दौर में हैं और इसमें
14:22जोजा मिलोनी और प्रदान
14:38देशों का पहला ऐसा देश था जो चाइना के Belt and Road Initiative में शामिल हो गया था, इसे आम
14:43भाषा में चाइना का One Belt, One Road Mission कहते थे, जिसमें वो आज का नया Silk Route बना कर
14:49पूरी दुनिया को Ports, Railways, Roads, Pipelines, Digital Network से जोड़ना चाता है, जबकि भारत इसका विरोध करता है, अब
14:57क्योंकि 2022 से
14:58पहले इटली चाइना के इस प्रोजेक्ट का हिस्सा था, इसलिए भारत और इटली के रिष्टों में उतनी गर्म जोशी और
15:04सहचता नहीं थी, लेकिन इसके बाद जौरजिया मिलोनी इटली की प्रधानमंद्री बनी, उन्होंने इटली को तुरंट चाइना के इस प्रोज
15:24है कि चाइना अपना वर्चस्व, अपनी हेजमनी हर देश पर थोपना चाहता है, रूस के साथ उसके बड़े अच्छे संबंध
15:32हैं, लेकिन रूस में जवलादेमिर पूतिन का इंट्व्यू करने के लिए मैं गई थी, तब हमें भी लोगों ने वहां
15:37पर यही कहा था कि आ
15:53भारत ने इसमें अपने लिए मौका देखा, प्रधानुति मोदी और जॉजिया मिलोनी की पहली मुलाकात नवंबर 2022 को इंडिनेजिया के
16:00G20 समिट में हुई, और इसके बाद भारत और इटली के बीच ऐसा भरोसा बना कि 2023 के G20 समिट
16:09में हमने एक ऐसा प्रस्ताव पेश किय
16:11जो चाइना के Belt and Road Initiative का करारा जवाब था, ये था एक ऐसा आर्थिक गलियारा जो भारत से
16:19योरोप के बीच बनना है, और आज के इटली दोरे पर भी प्रधानुति मोदी और जॉजिया मिलोनी के बीच इस
16:25पर बात हुई, और हो सकता है कि जल से जल इसे जमीन पर उतारने की
16:29कोशिशें शुरू हो जाएं, इस प्रोजेक्ट के दो केंदर बिंदू है, एक है भारत और दूसा है योरोप और बीच
16:35में है खाडी देश जोने गल्फ कांट्रीज या मिल्ल इस कांट्रीज भी कहते हैं, अब इस एकनोमिक कॉरिडॉर को दो
16:42भागों में विक्सित किया ज
16:43जाएगा, जिनमें पहले भाग को इस कोरिडॉर कहा जाएगा, जो भारत को मिडल इस के देशों से कनेक्ट करेगा, जैसे
16:51भारत के मुंबई और गुजरात में जो पोर्ट है, वहां से कार्गो शिपिंग रूट भारत को युवेई के जेबैल अली
16:59पोर्ट से जोड़ेगा
17:00तो सीधा पहुंच जाएगे, युवेई, गुजरात और मुंबई से जो समुद्री जहाज सामान लेकर निकलेंगे, वह इस शिपिंग रूट के
17:06रास्ते युवेई के जेबैल अली पोर्ट जाएंगे, जो दुबई से लगवग 35 किलोमेटर ही दूर है, इसके बाद इन सम
17:26नोदी अरब के रियाद से होते हुए जॉर्डन जाएगी, जॉर्डन के बाद इसराइल और फिर इसका आखरी स्टॉप इसराइल होगा,
17:32इसराइल के बाद एक बार फिर ट्रेनों से सामान उतार कर समुद्री जहाजों में लादा जाएगा और इस शुपिंग रूट
17:37के र
17:55आर्थिक रूप पहुँचेगा, अभी भारत और यूरप के देशों के बीट जो व्यापार होता है, उसके लिए काफी घूमकर, स्यूज
18:02के नाल से होते हुए भारत को यूरप के देशों तक अपना सामान पहुचाना पड़ता है, लेकिन ये रास्ता सीधा,
18:09जिसको कहते ह
18:10आप एकदम से पहुच जाएंगे, तो दोनों रास्ते हमने आपके लिए बता दिये हैं, क्योंकि इधर अगर आप देखिए तो
18:16नीचे के रास्ते से सिवेस के नाल से होकर जाना पड़ता है, और वहीं दूसा रास्ता ही एकनॉमिक कोरिडॉर बन
18:21जाएगा, तो सीधे यहा
18:40एकनॉमिक कोरिडॉर बन जाएगा, तब यूरोप के साथ आयात निर्यात करने में भारत अपने 40 प्रतिशत समय की बचत करेगा,
18:47और अभी सिवेस के नाल के रास्ती जहाँ एक समुद्री जहाज को इटली और जर्मनी जाने में लगभग 36 देज,
18:55वही नया कोरिडॉर बन �
18:57या तो 22 दिन लगेंगे, यानि लगवग 12 दिन की बचत होगी, सबसे बड़ी बात यह है कि एकनॉमिक कोरिडॉर
19:04चाइना के बेल्ट एंड रोड इनिशिटिव के रंग को फीका करतेगा, और इसलिए कहा जा रहा है कि यही कोरिडॉर
19:10भारत और इटली के बीच इस मेलडी क
19:12इतना चॉकलेटी बना रहा है, जिसका जिक्र प्रदानवन्ती मोरी और प्रदानवन्ती मेलनी ने भी किया है, इसके इलावा इतली कुछ
19:19और वजहों से भी भारत के लिए महत रखता है, जैसे इतली मशीनरी, डिजाइन, ओड़ो पार्स, लग्श्री मनिफाक्चरिंग, �
19:26टेक्नालोजी में बहुत मजबूत है, और ऐसे में भारत चाहता है कि वो सिर्फ बाजार बनकर ना रहे, बल्कि हम
19:34मनिफाक्चरिंग पार्टन बने, टेक्नालोजी पार्टनर बने और सप्लाई चेर पार्टन बने, इसे आप इस ग्राफिक से भी समझ सकते हैं,
19:42जिसमें इ
19:46पादन में मदद करेंगे, इटली हमें हाइएंड मनिफाक्चरिंग देगा, तो हम उसे इंजिनरिंग टालेंट देंगे, इटली हमें इंडस्ट्रिल टेक्नालोजी देगा,
19:55तो हम उसे सस्ता विशाल बाजार देंगे, और इटली हमें प्रेमियम ब्रांडिंग देगा, त
20:01तो हम उसे start-up ecosystem देंगे और इस तरह दोनों देश मिलकर एक वैश्विक उठपादन का पूरा network बना
20:08सकते हैं भारत और इटली दोनों देशों ने तेह किया है कि वो अपने व्यापार को
20:12दो हजार उन्तीस तक बीस बिलियन यूरो तक ले जाना चाहते हैं जो दो लाग चौबीस जार करोड रुपे होते
20:19हैं जबकि अभी दोनों देशों के बीच एक लाग साथ हजार करोड रुपे का व्यापार होता है
20:25कि हमारे साजह प्रयासों में कि द्वीपक्षे व्यापार के बीस बिलियन यूरो के लक्ष की और तेजी से बढ़ रहा
20:37है भारत में मौजूद
20:40कि 800 से अथिक कि इटालियन कंपनी भारत की ग्रोथ स्टोरी में सक्रिय भागिदार बन रही है इसलिए
20:54हम डिजाइन एंडेवलप इन इंडिया एंड इटली एंड डिलीवर फर वर्ल्ड के सिद्धान पर आगे बढ़ेंगे
21:04फैसन से लेकर फिंटेक तक लेदर से लेकर लोजिस्टिक तक मोबिलिटी से लेकर मैनिफेक्टिरिंग तक हर क्षेतर में हम अपनी
21:19ताकतों को जोड कर पूरी मानोता की भराई के लिए काम करेंगे
21:25विल्दे बढ़ेंत लिए, एध सनुम ऑड़ेंगे लेकर आख को जोड़ेंगे लेकर, लेकर लाड़ेंग से लिए बढ़ेंगे
21:33बढ़ेंगे से लिएकर, बढ़ेंगे हम के लिए ऊने उनों क्युप उन्य वेकर फिसा विल्टे से पम-टति बाली है
21:51a word which I know is very often used in India and it is often used in a very popular
21:59way of saying
22:01which means tough work is the key to success and we're used to build our relations in this way
22:13with a hard work which becomes success at the end. Thank you very much.
22:21ताविक साल 2013-14 में भारत ने 49,068 करोड रुपे की टौफिया निर्याद की थी.
22:27आज ही उन्होंने ये मेलडी और मेलडी से आई तूफान के एक पोस्ट किया और उसमें ये जानकारी दी.
22:34अब भारत हर साल 132 करोड रुपे की टौफिया निर्याद करता है, जो UPS सरकार से 166 प्रतिशत जादा है.
22:42ऐसा उन्होंने क्लेम किया. भारत में टौफियों का मारकेट 2.06 बिलियन डॉलर यानि करीब 20,000 करोड रुपे का
22:50हो चुका है.
22:50और पूरी दुनिया में चाना और अमेरिका के बाद सबसे जादा टौफिया भारत के लोग ही खाते हैं। चाना में
22:55हर साल 43,00,00 तन की टौफिया खाई जाती हैं।
23:0519 लाख तन और अब जब से प्रदान्वंती मोदी ने प्रदान्वंती मेलेनी को मेलेडी टॉफी गिफ्ट की है तब से
23:12हमारे देश में मेलेडी टॉफी को लोग धून धूनकर खरीद रहे है एक्स पर मेलेडी शब्द ट्रेंड करता है
23:34प्रदान्वंती मोदी प्रदानुती मेलेनी से उमर में 26 साल बड़े हैं
23:49के हैं प्रदानुत्री मोधी 75 साल के हैं जबकि प्रदानुत्री मेलोनी 49 साल की मौनिंग कंसाल्ट के मुताबिक दुनिया में
23:56प्रदानुत्री मोधी की अप्रूवल रेटिंग यानि लोग प्रेता 70 प्रतिशत है जबकि प्रदानुत्री मेलोनी की सिर्फ 49 पीज़दी रेट
24:19प्रादर्स फिटली है और प्रदानवंती मोधी की पार्टी का नाम भारतिय जनता पार्टी है और आखरी बात यह है कि
24:24प्रदानवंती मोधी 18 साल के उम्र में राजनीती में आये थे जोजिया मेलोनी 19 साल के उम्र में राजनीती में
24:30कदम रख चुकी थी और दोनों नेताओं
24:33में एक और सबसे बड़ी विस्समानता ये है कि ये दोनों नेता घरीबी से उठकर आए जिनमें प्रदानवंती मोदी के
24:38पिता चाय वाले थे जोजिया मेलोनी की मा भी कौफी काफी घरीब थी और काफी संघर्ष के साथ उन्होंने अपना
24:48जीवन्यापन किया था
24:51हाला कि अब आप ये देखिए कि ये मेलोडी भारत के विपक्षी नेताओं को तीखी लग रही है आज राइबरेली
24:56में विपक्ष के नेता राहूल गांधी ने कहा कि जब प्रदानवंती मोदी को भारत को आर्थिक तूफान से बचाने के
25:02लिए उपाय करने चाहिए थे तब
25:04वो मेलोनी के तौफी खाकर मेलोडी के कह रहे हैं और देश के गरीबों का मजाग उडा रहे है नरेंद्र
25:12मोदी ने जो करना था पिछले तीन महीने में जो आपकी प्रोटेक्शन करनी थी जो दिवार आर्थिक दिवार खड़ी करनी
25:20थी आज के लिए वो उन्होंने नहीं क
25:22उल्टा वो जाकर मेलोनी के तौफी खा रहे हैं और वीडियो बना रहे हैं वीडियो बना रहे हैं जैसे मजाग
25:34चल रहा है वापस आएंगे आप देखना क्या होता है वापस आएंगे आर्थिक तुफान आएगा गरीब लोगों को चोट लगेगी
25:50किसानों को खाद नहीं मिलेगी पेट्रोल डीजल के दाम आस्मान तक पहुँच जाएंगे महंगाई बढ़ेगी उसके बाद नरें रमोदी हाथ
26:00जोड़ेंगे कहेंगे बाईयों और बेहनों मुझे फांची पपट चर्वा दो रोएंगे कहेंगे मेरी गल्ती नहीं है
26:09अगर मेरी गल्ती है तो मुझे पांची पे चर्वा दो कहेंगे आद देखना
26:17अजाहुल गांदी ने सिर्फ मेलडी का विरोध नहीं किया बलकि उन्होंने प्रदानुति मोदी ग्रिमंति अमित शाह के लिए अप शब्द
26:22का इस्तमाल किया गद्दार का
26:27अजाहुल दिल से आपका धन्यवाज करता हूं आप दूर-दूर से आए गर्मी में आप से बात सुनिक मगला अप्याद
26:33जाओगे जब या रसर से कारत तका आका सामने आएंगे
26:39नरेद नमोधिन की बात करेंगे
26:41अभी तच्छा की बात करेंगे
26:44उन한다 दे आप सामने उनको कौल
26:46कि आपका प्रधानमंट्री गदार है
26:49आपका होम मिलिस्टां गदार है
26:51आपका संगतं गदार है
26:53आपने हिंदुस्तान को पेक्के तर्था navrot किया है
26:55आपने हमारे संगतन, आपने हमारे समिधान पर आक्रमन किया है
26:59आपने मेटकर्जी पर आक्रमन किया है
27:02आपने वीरापाशी जी पर आक्रमन किया है
27:04आपने गाशी जी पर आक्रमन किया
27:05खुल के उन्से कहिए
27:09प्रदान मंतरी और ग्रे मंतरी को राहूल गांदी ने गद्दार का
27:14आगे बढ़ते हैं और इसी के साथ अगली खबर का रुख करते हैं
27:17क्योंकि आज जब ये तमाम बातें देश के सामने आ रही हैं
27:20तो कई लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं
27:22और राहूल गांदी ने जो का है उनके खलाफ इस तरह के विवादित भाशन दिये जा रहे हैं
27:25क्या उस देश में आप अभिव्यक्ति की आज़ादी को खतरे में मानेंगे
27:28और क्या उस देश को आप ताना शाह देश कहेंगे
27:31आज चर्चा इस बात को इसलिए हो रही है क्योंकि हमारे देश में चौकीदार चोर है
27:37प्रधानवंत्री को 2019 में कहने से लेकर
27:39अब 2026 में आप प्रधानवंत्री और ग्रेवंत्री के लिए घदार शब्द का इस्तमाल भी खुल कर देख रहे हैं
27:47ऐसे में क्या इस देश में अभी व्यक्ति की आजादी नहीं है ऐसा कहा जा सकता है
27:52भारत में वैसे हालाते हैं जैसे किम जौग उनके उत्तर कोरिया शी जिन पिंक के चाइना में है
27:57इस सवाल हम इसले पूछ रहे हैं क्योंकि नौर्वे की घटना के बाद भारत की चवी एक ऐसे देश की
28:01बनाई जा रही है
28:02जहां लोकतंत्र खत्म हो चुका है लोकतंत्र मर चुका है मानवादिकार बिलकुल नहीं है
28:08नौर्वे में जिस पत्रकार ने भारत को नीचा दिखाते हुए विदेश मंत्राले से पूछा था कि उनका देश भारत पर
28:14क्यों विश्वास करे
28:15उसी नौर्वे के सबसे बड़े अख़वार ने प्रधानुत्री का मजाक उडाते हुए काटून प्रकाशत किया है
28:20इस काटून में प्रधानुत्री मोधी को इस पेरे के रूप में दिखाया गया
28:23और साप की जगा पेट्रोल भरने वाली पाइप को दिखाया गया
28:27इस पर लिखा है एक चालाक और थोड़ा परिशान करने वाला व्यक्ति है
28:31हमारे देश में कुछ लोग इस काटून को देखकर खुश हो रहे हैं लेकिन हम आपसे पूछते हैं कि क्या
28:36इसमें आपको भारत का अपमान नहीं
28:38नहीं दिखता क्या इसमें एक बार फिर से भारत को साप सपेरो वाला देश बतारा कर मजाक उड़ाने की कोशिश
28:44नहीं है यह काटून क्या हमारे देश के तेल संकट की खिली नहीं उड़ाता है और सवाल तो यह है
28:51कि तमाम मुल्क पूरे विश्व के प्रभावित हुए है
28:54अगर हम रश्या को छोड़ दे तो जादतर जगों पर तेल की कीमते बढ़ी है जादतर जगों पर उनकी करंसी
29:02को छोट लगी है लेकिन प्रधानमंत्री का दौरा था इसलिए साप सपेरे से जोड़ कर कैसे एक रेसिस्ट तौर तरीका
29:10दिखाया गया है एक नसल भेदी तर
29:14काटून में वो साथ दिखता है पूछते हैं कि क्या ऐसा होता है कि दुनिया का सबसे स्वतंत्र मीडिया जो
29:18दूसरे देशों को नीचा दिखाता है उनके खलाब नसलिय भेदभाव करता है अगर यह सारा का पहला काटून होता तो
29:25हम मान लेते कि एक क्रिएटिव जर्नलि�
29:28है चलिए ठीक है लेकिन यह हमारे साथ हर बार होता है और बार बार भारत को स्नेक चार्मर या
29:35साप सपेरों का देश बताकर मजाक उडाने की कोशिश होती है और हैरानी की बात यह है कि अपने प्रधानुंत्री
29:41का राजनुतिक विरोध करने के चक्कर में कुछ पार्टियो
29:56अपनी तरीके से वहाँ पर निकलते हैं अपने अपने मुद्दे के हिसाब से वो आज सुबह से इस पर ढोल
30:01बजा रहे है सवाल यह है कि दरसल इन लोगों ने एक नकली चश्मा लगाया हुआ है ऐसा चश्मा जिन
30:08में इन्हें राजनितिक विरोध तो दिखता है लेकिन अ
30:13जिस चश्मे को तोडएंगे और आपको उन सच से रूबरू कराएंगे जो इस इंपोर्टर्ट चश्मे से कता ही नहीं देखा
30:19जा सकता
30:20सच नंबर एक
30:23आज यह चश्मा जो है इंपोर्टर्ट चश्मा वो तूटना चाहिए
30:26नौर्वी कहता है कि पूरी दुनिया में सबसे स्वतंत्र प्रेस उसके देश में है और भारत बहुत नीचे है
30:32लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह रैंकिंग कौन बनाता है
30:35तो आईए अब हम आपको बताते हैं कि यह रैंकिंग जारी कौन करता है
30:39यह ranking France के एक NGO द्वारा जारी किया जाता है, जिसका नाम है Reporters Without Borders, इस NGO के
30:4711 प्रतिशत funding corporate sponsorship से मिलती है, तो corporate companies का तो यह पैसा लेते हैं, जिनमे एक बड़ा
30:54हिसा Open Society Foundations से आता है, यह वही Open Society Foundations है, जिसने साल 2017 में Press Freedom Index
31:01जारी करने वाले France के इस NGO को 2 करोड 24 लाख रुपे की donation दी,
31:0930 लाख रुपे donation, बड़ी बात यह है किस NGO को donation देने वाला Open Society Foundations किसी और का
31:18नहीं बलकि George Soros का है, अब George Soros का नाम लेने पर एक बार फिर से social media में
31:22कई लोगों के पेट का गंभीर दर्द आज सामने निकलने वाला है, लेकिन यह Black and White में fact है,
31:33वही George Soros जिन्होंने 24 जन्वरी 2020 क
31:35स्विजलेंड के डावोस में कहा था कि प्रदानुंती नरेंद्र मोधी भारत को एक हिंदू राष्टरवादी देश बनाना चाहते हैं, वो
31:41ऐसी राष्टरवादी ताक्तों से लड़ने के लिए अपने अलग-अलग संस्ताओं को 1 बिलिन US डॉलर्स रुपे की मदद दें
32:02अब सोचे जो शक्स भारत में तख्ता पलट करने की बाते कहता हैं, अगर उसके NGO की फंडिंग से वर्ल्ड
32:07प्रेस फ्रीडम इंडेक्स तैयार हो रहा है, तो इस पर कितना भरोसा करना है
32:14अब सेश नमबर दो, रिपोर्टर्स विदाउट बोर्डर्स नाम की जो संसाओ प्रेस फ्रीडम इंडेक्स जारी करती है, उसे खुद एक
32:21लेक लिक कर इस बात पर दुख जताया कि जौट सोरोस का उपन ससाइटी फांडेशन हंगरी से जा रहा है
32:26और ये बात उसे पीड�
32:40पर आपको इखाते हैं, कई लोगों को दर्द हो ना हो, हमसे बेपरवा हो कर सच आपके सामने रखते हैं,
32:48तो ये सच आज आपके सामने इस पेपर में है, जब खुल कर दुख जताया जा रहा है सोरोस के
32:54निकलने पर, रसF रिग्रेट सोरोस न्जियो जपार्टर्टर्टर
33:21सच आपके सामने है, ब्लाक इंवाइट में, अब सच नमबर तीन देखिये, जो संसाफ प्रेस फ्रीडम इंडेक्स तयार करती है,
33:27जो सोरोस के उस ओपन ससाइटी फांडेशन से जुड़ी है, जुसका कनेक्शन राहूल गांधी से भी जोड़ा है, शलील शेटी
33:35नाम का ए
33:46अब सच नमबर चार देखिये, जिसके बारे में हमने आपको कल भी बताया था, नौर्वे की जो लेवर पार्टी है,
33:52वो दुनिया के 117 राजनितिक पार्टियों के प्रोग्रेसिव अलाइंस का हिस्सा है, और इस प्रोग्रेसिव अलाइंस में हमारी कॉंग्रेस पार्टी
33:58जब कि यहां भी जोज सोरोस इस गटबंदन का प्रत्य शुरूप से हिस्सा रहा है, कहते हैं कि इसे बनाना
34:05वाला भी था, अब सच नमबर पाँच पर आईए, कॉंग्रेसिव अलाइंस में शामिल नौर्वे की यही लेवर पार्टी आज महां
34:13की सत्ता में है, और इसके द
34:28के लिए प्रेस सबसिडी देती है, ताकि अख़वार भी ठिके रहें, बड़े अख़वारों का मुकाबला कर सके, लेकिन हम पूछते
34:35हैं कि क्या अगर भारत में सरकार किसी चैनल, किसी अख़वार को सबसिडी दे, तो क्या आप उसे निश्मक्ष मानेंगे,
34:43बिल्कु नह
34:43नहीं मानेंगे, और इसलिए नहीं मानेंगे, क्योंकि हमारे देश की व्यवस्ता और संस्कृती अलग है, नौर्वे की अलग है, कई
34:51अख़वार, कई मैगजीन, कई न्यूस चैनल, कई जगों पर इश्तिहार जरूर देती हैं पार्टियां, लेकिन राजनितिक पार्टिय
35:04सारी इश्तिहार देती हैं, सरकारी किसी भी पार्टि की हो, वो इश्तिहार देती हैं, सब सी जी नहीं, हम पूछते
35:12हैं कि जब यहां आप इसतर को समझते हैं, तो बाकी मामलों में इसतर को क्यों नहीं समझा, ये बात
35:16आज सब के सामने आ रही है, तो आज ये आंकडे दे�
35:22है आई आपको दिखाते हैं 2002 में वर्ल प्रेस फीडम में अगर आप देखें इंडेक्स में तो कैसे ये पूरा
35:28सिलसला आगे बढ़ा है खेर आगे बढ़ते हैं और आपको दिखाते हैं कि आज असल मुद्दा क्या है क्योंकि जब
35:34आप देखेंगे तो भारत जिस तरीके से अ
35:51पीछे कौन है यह हमने आपको दिखा दिया और इसी के साथ जिनने आखे बंद रखनी है वो अपनी आखे
35:57बंद रखने के लिए आजाद है पहले यह तो देखा जाए कि इनमें जो दावा किया जा रहा है वो
36:04कितना सही है और कितना हकीकत वास्विक्ता से कितना मेल खाता है
36:20लेकिन फिर भी भारत जिंबाववे में इससे पीछे जिंबाववे ही क्यों 24 देश ऐसे हैं जिने अनाज का निर्यात भारत
36:27से होता है हम उनको निर अनाज देते हैं और इन सब की रांकिंग भारत से बहतर है उसके बाद
36:37आता happiness index इसमें भारत की रांकिंग 147 देशों में 116 है
36:41लेकिन नेपाल की रांकिंग 99 पाकिस्तान की 104 अब सोचे जिस पाकिस्तान में इतनी बुक बरी है जिस नेपाल में
36:47इतने दंगे हुए उसकी स्थिति हम से अच्छी दिखाई जा रही है क्या भारत में कभी वैसा आपने देखा है
36:53लेकिन फिर भी happiness index कहता है कि हम इन देशों
36:56से कम खुश है और इसे में सवाल उपता है कि जितने भी इंडेक्स है यह क्या पश्चमी संगठनों के
37:05और उनके प्रेस फ्रीडम इंडेक्स क्या की ही तरह यह सब कुछ उनके लिए manipulation का एक आधार बना है
37:12और इसका इस्तमाल वो भारत के खिलाफ प्रोपगांडा फैलाने म
37:20हम देते हैं वो अनाज में हमसे उपर हैं हम जिनको दवाईया देते हैं वो भी खुशहाली में हमसे उपर
37:27है भुकमरी से जूज रहे आसपास के हमारे देश भी happiness index में हमसे उपर है तो आज कुछ सवाल
37:34पूछने जरूरी है
37:38भारत के नीती आयोग ने साल 2020 में एक रिपोर्ट जारी की और इस वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स रिपोर्ट पर
37:45सवाल उठाते हुए यह कहा कि इसमें पश्चम जुकावजादा है यानि इसमें यह बताया जाता है कि पश्चमी देशों का
37:51मीडिया तो शांदार है �
37:53लेकिन जो एशिया के देश हैं वहाँ ना तो प्रेस के आजादी है भिव्यक्ती के आजादी और ना मानवादिकार है
38:11अगली खबर का रुख करते हैं अमेरिका के राश्रपती डॉनल्ड ट्राम्प को चाइना की यात्रा से लोटे एक हफता भी
38:16नहीं हुआ था
38:16कि रश्या के राश्रपती व्लादिमिर पूटिन बीजिंग पहुँच गए
38:19ये राश्रपती पूटिन की चाइना की पचीसवी यात्रा है जो रश्या और चाइना के बीच गुट नेबरलिनेस, फ्रेंशिप और को
38:27आपर यही चर्चा है कि किसको जादा महत्व दिया जा रहा है
38:43हलाकि पूटिन की इस यात्रा का कूट नितिक कनेक्शन ट्रॉम्प की चाइना यात्रा से जोड़ा जा रहा है कि ट्रॉम्प
38:48चाइना के साथ डील के रिष्टे के लिए आये थे, पूटिन दिल के रिष्टे की वज़ह से आये है
38:54बीजिंग के ग्रेट हॉल अफ दू पीपल में रश्या और चाइना के बीच देपक्षे बैटक हुई
38:57दोनों देशों ने अपने स्ट्रटीजिक रिलेशनशिप्स को अब तक के उच्चतम स्तर पर होने की बाद दो रहा है
39:03वेश्रिक मंच पर एक दूसे का समर्थन करने की बाद की राश्यपती पूतिन ने एलान किया
39:07कि अब रश्या और चाइना के बीच होने वाला लगभख पूरा व्यापार उनकी करंसी रूबल और युवान में हो रहा
39:14है
39:14दोनों देशों के बीच ये वापार लगभख 23 लाग करोड रुपे तक पहुँच गया है जो डॉलर के लिए बड़ा
39:21जटका है
39:22पूतिन और शी जिन पिंग ने एरान इसराइल युदो और स्ट्रेडफ और मूस की नाकेबंदी से उचाप पूर्ती और व्यापार
39:27पर पड़ रहे असर को लेकर चर्चा की
39:29दोनों देशों ने एरान में अमेरिका और इसराइल के हमलों की आलोचना की और इसे अंतराशे खानूनों का उलंगहन बताया
39:35शी जिन पिंग ने कहा कि अगर ये जंग जल खत नहीं हुई तो दुनिया लॉफ दे जंगल यानी जंगल
39:43राज की तरफ बढ़ सकती है
39:45उन्होंने जोड दे कर कहा कि इस समय निगोसियेशन का रास्ता अपनाना सबसे ज़्यादा जरूरी है
39:51ट्रॉम्प के हालिया चाइना दोरे की वज़े से रश्या और चाइना का ये समिच और भी खास हो जाता है
39:56ट्रॉम्प 14-15 मही को चाइना में है उन्होंने शीजिन पिंग के साथ प्यापारिक तनातनी यूक्रेइन योद इरान संकट पर
40:02चर्चा की थी
40:04ट्रॉम्प के दौरे की तुरंधबाद पूतिन का चाइना पहुँचना अमेरिका को लिस संदेश देना कि रश्या और चाइना के संबंद
40:11अटूट है
40:13प्रेसवारता के दौरान पूटिन ने कहा कि रश्या चाइना को बिना रुकाबट उर्जया पूर्ती जारी रखेगा
40:19उसके पास चॉइंट रिन्योबल एनरजी परियोजनाओं में भी बड़ी शम्ता है
40:23नरसल यूक्रेन, युद और पश्यमी प्रतिबंदों की वज़े से रश्या चाइना पर काफी दिन भर हो चुका है
40:28मिडल इस में तेल की सप्लाई इबादित होने से की वज़े से रश्या इस मौके का फायदा उठाकर चाइना को
40:35जमीनी रास्ते से सुरक्षत इंधन देने की कोशिश में है
40:40रश्या चाइना इस वक्त मंगोलिया के रास्ते चाइना तक जाने वाली पार ओफ साइबीरिया टू नाच्रल गास पाइपलाइन पर योजना
40:47पर गंभीरता से चर्चा कर गए
40:49इस पाइपलाइन के शुरू होने से रश्या को यूरॉप से हुए नुकसान की भरपाई करने चाना को मिडली इस के
40:55सी रूट पर निरभरता कम करने में मतद मिलेगी
40:58हलांकि दोनों देशों के बीच गैस की कीमतों को लेकर बाची तभी अंतिम दौर में
41:46कर दोनों दौर में
42:05इस साल चीन रूस के मेत्रिस सहयोग संधी के हस्ताक्षर की 25 साल गिरा है
42:10इन वर्षों में दोनों देशों ने संधी में तैकिये के सिद्धानतों जिनमें आपस में ना ठकराना और नहीं आपस में
42:15किसी तीसरे देश के दखलंदाजी को स्विकारना
42:18इसका इमानदारी से पालन किया है
42:20दोनों देशों ने आपसी सम्मान, समानता, वादों को इमानदारी से निभाने और साथ मिलकर सहयोग से चलने को महतो दिया
42:26है
42:26तेजी से बदलती दुनिया में चीन और रूस एक मजबूत और स्थिर साज़ेदार बनकर उगरे है
42:34एक राष्ट धक्ष के तौर पर मैने और राष्पती शीजिन पिंग ने महतपूर्ण अंतराश्टी मुद्धों पर विचारवी मर्ष किया है
42:39सबसे एहम बात यह है कि रूस और चीन स्वतंतर और स्वायत विदेश नीति के प्रती प्रतिबद्ध हैं
42:45दोनों देश करीबी रणनीतिक साज़ेदारी के साथ काम कर रहे हैं
42:48और वेश्विक मंच पर स्थीरता बनाये रखने में मतपूर्ण भूमिका निवा रहे हैं
42:52हम साथ मिलकर शान्ती और दुनिया की सम्रदी के लिए काम कर रहे हैं
42:58रश्य और चाइना की दोस्ती केवल हाथ मिलाने या गले मिलने तक सीमित नहीं है
43:02दोनों देश एक दूसे की जरूरत है
43:04मौजूदा परिस्थितियों में तो दोनों देशों को एक दूसे की ज़ादा जरूरत बनती हुई दिख रही
43:08क्योंकि एरान अमेरिका सारी चारों तरफ युद्ध छड़ा हुआ है
43:11और ऐसे में रश्या और चायना चाह रहे हैं कि जब पूरे विश्व में आर्थिक मंदी का दौर गुजर रहा
43:16है
43:16तो कैसे वो अपने आपको मजबूत करें
43:18युक्रेन युद्ध में फसे रश्या को चीन का साथ चाहिए
43:21इरान युद्ध के कारण तेल सप्लाई बादित होने से परिशान चायना को दोस्त रश्या की मदद चाहिए
43:27युक्रेन युद्ध के बाद जब पश्यम देशों ने रश्या पर प्रतिवंद लगाये थे
43:31तो ऐसे समय में चायना ने उसके साथ व्यापार बढ़ा कर उसकी मदद की
43:36इस वक्त रश्या के लिए उसका दोस्त चायना अर्थवेवस्था की रीड उस वक्त बन गया है
43:42साल 2021 में रश्या और चायना के बीच व्यापार जानते हैं कितना हुआ
43:46चौदह लाख चौबीस हजार करोड रुपे का था जो यूक्रेण के बाद बढ़ गया साल 2024 में
43:55दोनों देशों का व्यापार 23,25 मुए
43:58तक पहुँच गया मैं आप देखरहा है ज उस वक्त चायना रश्या का सबसे बड़ा व्यापारिक है
44:04रश्या की कुल व्यापार में चाना की मैं बात कर रही थी जो हमें भी परिशन करता है
44:21हमारा भी ट्रेड डेफिसित ऐसा है वही ट्रेड डेफिसित इस वक्त रशिया भी जेल रहा है यूक्रेइन युद के बाद
44:26रशिया पर कई तरह के प्रतिबंध थे जिसकी वज़े से वो चाइनीज टिकनोलोजी मेनिफाक्टरिंग ड्रोन के पाथ सेने उपकरन सब
44:32कुछ के
44:45हिसा चाइना खरीद रहा है 49% युद में फसा रशिया जब सस्ती दरों पर कच्छा तेल दे रहा था
44:52तब चाइना ने तेल खरीद कर मदद भी की मौके का फाइदा भीट है
44:56अब इरान युद्गे कारण रश्या से कच्चा तेल खरीदना चाइना की मजबूरी बन गया है
45:01इसलिए उसे अपने दोस्त रश्या की पहले से ही कहीं जाद आप जरूरत महसूस हो रही है
45:05आज की वेश्विक परिस्थितियों में कच्चे तेल के तौर पर रश्या चाइना को एक ऐसी चीज दे रहा है जिसकी
45:14उसे सबसे ज़्यादा जरूरत है
45:18चाइना अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत कच्चा तेल इरान से खरीदता था
45:2390 प्रतिशत और ये तेल स्टेट अफ वर्मूस से आता था
45:27ये रूट अब बंद है तो चाइना की जरूरत कौन पूरी कर रहा है रश्या
45:30युद्ध से पहले चाइना रश्या से 20 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल बंगा रहा था
45:35लेकिन युद्ध के बाद इरान से सप्लाई रुकी तो उसने कच्चे तेल की सप्लाई 24 लाख बैरल प्रतिदिन कर दी
45:43है
45:44दोनों देश फिर से पार और साइबिरिया टू पाइपलाइन पर यूजना को शुरू करने की बाद कर रहे हैं
45:48इस प्रोजेक्ट के जर्य रश्या चाइना को मंगूलिया के रास्ते ग्यास की सप्लाई करेगा
45:54यानि चाइना की उर्जया जरूरतों को रश्या अपने दम पर संभालने के लिए खड़ा हो गया है
45:58और यही वज़ा है कि शी जिन पिंग, व्लादिमिर पूतिन दोनों ही दोस्ती के कसीदे पड़ रहे हैं
46:04अमेरिका और यूरोपिया एक्सपर्ट को लगता है कि चाइना और रश्या की दोस्ती उनके विरोध करने की रणनीती का भी
46:09हिस्सा है
46:10लेकिन सच इससे अलग है जिस तरह से पिछले कुछ दश्कों में रश्या और चाइना की नजदी क्या बड़ी है
46:15उसे यही लगता है कि इन दोनों देशों की साज़ेदारी आर्थिक और रणितिक हितों को ध्यान में रखकर पनी है
46:25अगली ख़बर का रुख करते हैं उत्तर प्रदेश में अब रादियों पर कानून का डंडा बड़ी जोर से चल रहा
46:29है
46:29मुक्यमती होगी आदत तनात का साफ संदेशे बेहनों बेटियों के सम्मान सुरक्षा से खिलवार करने वालों का अंजाल
46:34जेल होगा या बरबादी होगी
46:39पुलिस ने पहले मिर्जापुर में फिटनिस की यार में चल रहे जिम जिहाद का खुलासा किया
46:44और अब इसके बुक्य सरगना इमरान खान और मौलवी खलीलूर रह्मान समेट
46:48दस आरोपियों पर गैंक्स्टर अक्ट लगा दिया गया है
46:51और इनके पाँच जिम को सील कर दिया गया है
46:55मिर्जापुर में सेहत बनाने के नाम पर धर्मानतरन की फैक्टरी चलाई जा रही थी
46:59जिम ट्रेनर इमरान खान फरीद और मौलवी खलीलोर रह्मान ने
47:03मिलकर एक सिंडिकेट खड़ा किया जहां जिम आने वाले हिंदू लड़कियों को टागिट किया जाता था
47:08इस गिरों में आलम, फैजल, जहीर, शादाब, अश्वाक, साहिल, सिपाही, इर्शाद शामिल थे
47:17जिम में पहले फिटनिस ट्रेनिंग के बाहने नजदीक क्या बढ़ाई जाती थी
47:20फिर प्यार के जाल में फसाकर एक फिजिकल रिलेशन्शिप, शारिरिक संबंध और इसके बाद ब्लाक मेलिंग का घिनोना खेल शुरू
47:27होता
47:27लड़कियों के आपत्ती जनक फोटोस, विडियोस बनाकर सोशल मीडिया पर वाइरल करने की धमकी दी जाती थी
47:34जबरन पैसे एटे जाते थे, फिर उन पर धीरे धीरे जोर किया जाता था कि वो बुरका पहने, मजार पर
47:41ले जाकर कलमा पढ़ने, इसलाम खबूल करने का दबाव बनाया जाता था
47:44इस पूरे खेल में एक महिला सानो भी शामिल थी, जो लड़कियों का भरोसा जीतती थी और पुलिस का एक
47:51हेट कॉंस्टिबल इर्शाद भी इस काले धंदे में इनका पार्टनर था
47:54जन्वरी के महिने में जब कुछ पीडित हिंदू लड़कियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर आई, तब इस गंदे खेल
47:59का खुलासा हुआ
48:03आज के लिए ब्लाक इन वाइट में इतना ही, अब आपसे हमारी अगली मुलाकात होगी, कल रात नो बजे, तब
48:07तक आप खुश रहिए, सुरक्षत रहिए, स्वस्त रहिए, और आपको घलत समझने वालों को रास्ता दीजे, सफाई नहीं, नमस्कार
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