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  • 2 weeks ago
धुंधली प्रिंटिंग और खराब पेपर क्वालिटी वाली फोटोकॉपी किताबों के कारण कई गरीब छात्र बिना बुक के सेशन खत्म कर रहे. पढ़ें सरताज की रिपोर्ट

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00:07ববག বེ বདત
00:30in Bihar, Urdu Zuban is another one of the other one, which is called the Ditya Raja
00:36Raja. It is so bad that the Urdu as a subject, which I think was wrong, that the Urdu as
00:58a subject,
00:59और वो मार्केट में available ही नहीं है।
01:02इस सरकारे उदासीन्ता का सबसे बड़ा उदाहरण है गयाची का ये हादि हाश्मे हाई स्कूल।
01:08सिर्फ यहीं नहीं बल्कि सूबे के लगभग सभी 72 अलपसंख्यक और 3000 उर्दू विद्यालयों का यही हाल है।
01:15जहां छात्र, बाजार से डुप्लिकेट कॉपी खरीदने या फिर पहले से मौजूद किताबों की महंगी फोटो कॉपी कराने को मजबूर
01:23हैं.
01:55इस अव्यवस्था की सबसे ज़्यादा मार गरीब परिवारों के बच्चों पर पढ़ रही है.
02:00फोटो कॉपी करा कर किताब पढ़ना इन परिवारों के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है.
02:05मजबूरी में सरकार से उनकी क्या कुछ मांग है वो भी सुन लीजिए.
02:36पूरे मामले परच छात्रों की परिशानिया बता रहे हैं स्कूल के प्रिंसिपल डॉक्टर नफासत करीम.
02:43उर्दू की जो बुक बंध हो गई है उसमें दो बातें इंपॉर्टेंट है.
02:48यह इंपॉर्टेंट है कि आज से 25 साल पहले तक जो हमारी स्कूल में जो करिकुलम की किताबें चलती थी,
02:56उसमें हर सब्जिक के लिए उर्दू जुबान में भी किताबें मुहिया थी.
03:01जैसे मालिज़ जोग्राफिया है या तवारीख है या उसके इलावा निसाब की जो किताब है या उसके इलावा जो साइंस
03:11की किताब है.
03:11all the books were released in the Urdh edition of the book
03:16and the children were studying in the Urdh
03:18and used the terminology of the book
03:20and they also gave the exam
03:23and the book of the Urdh
03:26who was an English teacher
03:29but the book was finished
03:33and the children were very difficult to read
03:36and the children were very difficult to read
03:42ुदासीन तक आलम ये है कि साल 2009 में अन्तिम बार सलेबस में चेंज किया गया था तब से अब
03:48तक कोई बदलाव नहीं है छात्र पुराने धर्रे पर ही पढ़ने को मजबूर है यहां तक की पिछले कई सालों
03:54से सरकारी पब्लिकेशन से उर्दू किताबों का नया एडिशन आ
04:09पड़ते हैं क्या कि यह स्कूल जो है यह प्लस तू हाइड बदलाव को है तो यहां पर बच्चों के
04:17लिए जो एसकूल है इसकूल के अंदर जो किताब अपको सरकारी चलती है उर्दू की 910 की और 1112 की
04:27उसमें जो किताबे चलती है किताबे का इडिशन काफी पुराना है य
04:31I am not able to get into the business of a lot of older people.
04:34I am not able to get into the business of a lot of children.
04:42I am able to study this book as a student.
04:50I am able to study this book as a student.
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