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  • 14 minutes ago
क्या NEET पेपर लीक के मास्टरमाइंट तक CBI के हाथ पहुंच पाएंगे? देखें वारदात

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00:01नमस्कार मैं हूँ शमस्ताहरखान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:04पिछले कुछ दिनों से देश भर में एक खबर सुर्खियों में है
00:08खबर डॉक्टरी की चोरी की यानि नीट एक्जाम पेपर लीग की
00:14हाला कि CBI चोरों को पकड़ने की कोशिश में जुटी है
00:17कुछ मोरे हाथ भी लग चुके है
00:20पर सवाल ये है कि क्या मास्टर माइन तक CBI के हाथ पहुच पाएंगे
00:24और उससे भी बड़ा सवाल ये कि इतने लंबे चोड़े ताम जाम
00:28और जबरदस्त गोपनियता बरते जाने के बावजूद
00:32बार-बार सवालों की चोरी कैसे हो जाती है
00:35तो पेश है डॉक्टरी के डगैतों की इंसाइड स्टोरी
00:50पस इस एक प्रिस रिलीज को देख लीजिए
00:53ये भारत सरकार के शिक्षा मंत्राले के तहत आने वाले रास्ट्रिय परीक्षा एजनसी
00:59यानि नैशनल टेस्टिंग एजनसी या यूँ कहें कि इंटिय की तरफ से जारी की गए प्रिस रिलीज है
01:06ये वो इंटिय है जिस पर छात्रों की तादात के हिसाब से देश का सबसे बड़ा एक्जाम करवाने की जिम्मेदारी
01:14है
01:14और वो एक्जाम है नीट
01:16नीट बोले थो डॉक्टर बनाने वाला नैशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट
01:22एंटिय की बस इस एक प्रिस रिलीज के आँखड़े पर नज़र डालते ही आप समझ जाएंगे
01:28कि देश का सबसे बड़ा एक्जाम सच मुझ कितना बड़ा है
01:31आप खुद ही सूचे
01:33एक ऐसा एक्जाम जो भारत के अंदर 551 शहरों में और भारत के बाहर 14 अलग अलग शहरों में हो
01:41और जिस एक्जाम में 22,89,000 स्टुडेंस कुल 5,432 एक्जामनेशन सेंटर पर एक्जाम देते हो
01:50उस एक्जाम की एहमियत क्या होगी
01:54देश को डॉक्टर देने वाले इस एक्जाम में छातर बैठे
01:58उस से पहले इस एक्जाम को कंड़क्ट कराने वाली एजनसी एंटी ए
02:03खुद ऐसे से इमतिहान और तैयारियों से गुजरती है
02:06कि उसके आगे कई बार तो बड़ी बड़ी जासूसी कहानिया
02:10या बड़े बड़े खुफिया उपरेशन तक बौने नज़र आते है
02:13कुश्चन पेपर तैयार करने की तैयारी इतनी खुफिया होती है
02:17कि खुद पेपर तैयार करने वाले दिगच को भी पता नहीं चलता
02:21कि उनके सवाल सवालों के लिस्ट में शामिल होंगे भी कि नहीं
02:26जहां पेपर की सेटिंग होती है
02:28उस बिल्डिंग को उस दोरान पूरी दरह से बाबा आदम के सवाने के बिल्डिंग बना दी जाती है
02:34इंटरनेट, मुबाइल, लैपटॉप, कैमरा
02:37गरजिये कि हर उस लेटिस टेकनलोजी जिस से तयार होने जा रहे कोईश्चन पेपर की नकल की जा सके
02:44उस बिल्डिंग से दूर करती जाती है
02:46एक ही एक्जाम के लिए कोईश्चन पेपर के दो अलग अलग सेट बनते है
02:50इन दो मेंसे कौन से कोश्चन पेपर के सिप एक्जामनेशन हॉल तक पहुँचेंगे ये सिर्फ और सिर्फ एक ही शक्स
02:58को पता होता है और वो होता है NTA का चीज़
03:01कोश्चन पेपर फाइनल होने के बाद अब बारी प्रिंटिंग किया दी है
03:06कोश्चन पेपर किस शहर के किस प्रिंटिंग प्रिस में छपेगा इसकी भी पूरी परदादारी होती है
03:12एक बार कोश्चन पेपर छपने के बाद अब उसे जबरदस सुरक्षा और जीपियस से लैस काड़ियों में बंद कर देश
03:20भर के उन शहरों में पहुचाया जाता है
03:22जहां नीट के एक्जाम के सेंटर होते हैं उन्हें सेंटर के करीब बैंकों के लौकर में कोश्चन पेपर बंद कर
03:29रखे जाते हैं
03:31जिस दिन एक्जाम होता है उस दिन बैंक के लॉकर से कोश्चन पेपर हर उस शहर और जिले की डियम
03:37की अगवाई में बाकाईदा पुलिस फोर्स के साथ निकाल कर आन एक्जाम शुरू होने से पहले सील बंद लिफाफों में
03:45एक्जामनेशन सेंटर तक पहुंचता है
03:47इस पूरी कवायत के दौरान सेसी टीवी कैमरे लगातार इन कोश्चन पेपर पर अपनी नज़रें कड़ाए होते हैं
03:57अब बारी नीट के एक्जाम के शुरू होने की होती है
04:01हर शहर के लिए एक सीटी कॉडिनेटर तैनात किया जाता है
04:04ऐसे कुल 674 सीटी कॉडिनेटर्स की ड्यूटी लगाई जाती है
04:09इन सीटी कॉडिनेटर्स के लावा 6,000 आप्जरवर हर एक्जामनेशन सेंटर पर तैनी नज़र रखने के लिए तैनात किया जाते
04:17है
04:17इन दोनों के अलावा अलग से सेंटर सुपरिन्टेंडन्ट और इन्विजिलेटर्स की हर सेंटर पर मौजूद की होती है
04:25इतना ही नहीं नीट के इस एक्जाम के लिए डिस्टिक अडिनिस्टेशन, पुलिस फोर्स और स्कॉर्ट टीम की भी हर सेंटर
04:32पर तैनाती की जाती है
04:34अब जरा सोचिए, इतना लंबा चोड़ा ताम जाव, कदम कदम पर इतनी निगरानी और इतनी गोपनियता बरते जाने के बावजूद,
04:43एक्जाम से पहले ही अगर पेपर लीग हो जाए, तो उसे आप क्या कहेंगे
04:5124 के बाद 26 में फिर वही हुआ, जिस हाई प्रोफाइल अजनसी यानि एंटिये पर नीट का एक्जाम करवाने की
04:59जिम्मेदारी थी, वो एंटिये दो साल में एक बार फिर नाकाम हो गए
05:04पर सावाल ये है कि आखिर देश के सबसे बड़े एक्जाम को चोरी होने से क्यों नहीं बचाया जा सका,
05:11इतनी गोपनियता बरते जाने के बावजूद पेपर लीग कैसे हो गया, वो कौन लोग है जिरोंने कुछ दरज़त या कुछ
05:19सो चात्रों को चोरी से डॉक्टर बना
05:33अब ये वाइक अभी ये वापस भारबड पेपर लीग हो रहा तो अभी जो सचमें जिन्होंने महनत करी है उन
05:38पर ये बहुत बड़ा इंपक्ट पड़ गढत रहे saja जिनोंने करी और पेपर लीग हो उनके
06:02सर अब एजेंसी चेंज कर देनी चीए एक्जाम कंड़क्शन की या तो फिर ओनलाइन कर देना चीए जेए का सीविटी
06:09का जिसे बहुत सार एक्जाम होते हैं तो पैटर्न वगिरा चेंज करना चीए सर बार बार ही हो रहा है
06:13पिछले साल भी हुआ था सामने नहीं आया था
06:18इस वक्त हमारी आबादी गरीब 148 करोड जाहिर है ये एक बड़ी आबादी है इसी बड़ी आबादी के चलते हर
06:27साल भारत में मरने वालों की तादाद भी ज्यादा है
06:30एक रिपोर्ट के मताबिक भारत में हर साल करीब 95 लाक लोगों की मौत होती है इन में से एक
06:37बड़ी तादाद गुंकी है जिनकी किसी न किसी बीमारी के चलते मौत हो जाती है जिन बीमारियों से भारत में
06:44सबसे ज़्यादा मौत होती है उन में दिल की बीमारी फेप्रे की �
06:48बीमारी टीबी और कैंसर खास है हाला कि हमारे देश में इन बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी और प्राइविट
06:55मिलाकर एक लाग के करीब अस्वताल है इन में 36,626 छोटे बड़े सरकारी अस्वताल जब कि 44,000 प्राइविट
07:05यानी नीजी अस्वताल है देश भर में इन �
07:08और क्लिनिक में काम करने वाले 13,86,150 ऐलोपैथी डॉक्टर है यानी आउसतन हर 811 लोगों के लिए एक
07:17डॉक्टर हाला कि शहरों के मुकाबले गाओं और दूर दरास के इलाकों में जरूरत के हिसाब से डॉक्टर कम है
07:24डॉक्टरों की इन ही कमी को पूरा करने के लिए नी�
07:34के एक्जाम में डॉक्टर बनने का खाब लिए करीब 25 लाक इस्टुडेंट हिसा लेते हैं लेकिन इन में से चुने
07:42सिर्फ 1,30,000 चात रही जाते हैं दुनिया के किसी भी पेशे को उठा लीजे अगर सबसे जादा वक्त
07:49किसी को पेशेवर बनाने में लगता है तो वो डॉ
07:52डॉक्टर ही है एक डॉक्टर बनने में कुल साड़े आठ साल लग जाते हैं एमबीबीस बनने में साड़े चार साल
07:59और एक साल की जरूरी इंटर्शिप जबके पीजी एमडी या एमेस के लिए तीन साल और इस हिसाब से अगर
08:07देखें तो बारवीं की पढ़ाई के बार ड
08:24जाता है एक बार एक्जाम देना दूसरी बार देना पर प्रॉब्लम वाली बात है जो आप पहले मेहनत कर चुके
08:31हैं दुबारा फिर से मेहनत करेंगे वह थोड़ा सा प्रॉब्लम तो हो गई तो बार-बार हो रहा है 2024
08:38में भी हुआ और अभी भी हुआ ऐसा नहीं होना चाह
08:44से इनको भी रिकोगनाइज करना चाहिए और बच्चे के भलाई के बारे में सोचना चाहिए डॉक्टर्स का बात है तो
08:51डॉक्टर तो हमारे जो देश्वासियों के लिए वह भी बहुत माहिन ही रखता है और इसमें कोई भी प्रॉब्लम आ
09:00रहा है तो बिलकुल इसमें सु
09:13दॉटी हो तो पृटी होजया था इस साल तो फिर बहुत पहले पता लग इन तो मनलब बहुत सारे जोग
09:18अच्छा उचा अच्राइजा जो इसमें मैंप होंगे और द्री था लिकिन नए मैंप के
09:41के लिए तीन मईए को नीट का सबसे ताजा और नया एकजाम होना था इस
09:45एकजाम को कंड़क्ट कराने की तैयारी कई महीने पहले से
09:49शुरू हो चुकी था एकजाम को कंड़क्ट कराने वाली एज contradict
09:52इन्टियन डॉक्टरों की पढ़ाई के लिए जरूरी तीन सब्जेक्ट फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायलोजी के कोश्चन पेपर तयार करने के लिए
10:01इन तीनों ही सब्जेक्ट के माहिर उस्तादों की एक टीम सिलेक्ट की ये एक्सपर्ट्स खासतोर पर अलग-अलग य�
10:22इसके बाद यही एक्सपर्ट सब्जेक्ट के हिसाब से आसान, कम मुश्किल और मुश्किल सवालों की लिस्त तयार करते हैं।
10:52सी फाइल खोड़ी, सीसी टीवी कैमरों से भी इसकी निगरानी की जाती है, नीट के एक्जाम के लिए कोश्चन पेपर
10:59के दो अलग-अलग सेट तयार किये जाते हैं। पर इन दो अलग-अलग सेट में से किस से एक्जाम
11:04होगा, इसकी खबर किसी को नहीं होगा। यह सिर्�
11:32इसकी जानते हैं।
11:40कोश्चन पेपर की छपाई के दोरान लगाता सीसी टीवी कैमरों से प्रिंटिंग प्रिस के चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाती
11:47है।
12:08की देश के नामी प्रोफेसर्स होते हैं। उनको जिम्मेदारी दी जाती है कि वो प्रश्णों को एक साथ लेकर आएं
12:16ताकि एक क्वेश्चन पेपर तयार किया जाए।
12:18एक पैनल कौन से क्वेश्चन दे रहा है वो दूसरे पैनल को पता नहीं होता है।
12:22और एक अल्गोरिदम के साथ सारे पैनलों के जो क्वेश्चन साते हैं उनके जरिये एक क्वेश्चन पेपर सेट किया जाता
12:30है।
12:30यानि कि सुनने में ये लगेगा कि यहाँ पर तो लीक की कोई गुंजाईश नहीं है।
12:35लेकिन शायद NTE को भी ये पता नहीं था कि जिनको क्वेश्चन पेपर बनाने की जिम्मिदारी दी गई है वही
12:41पेपर लीक में शामिल हो जाएंगे।
12:43और CBI की जाच है उसमें यही समझ में आया कि जिन प्रोफेसर्स ने पेपर को लीक किया हुआ है
12:50उनके पास वो सारे सवाल थे जो की असली नीट के एक्जैम में आये हुए थे।
13:00प्रिंटिंग प्रेस में पेपर छपते ही उसी वक्त NTA के लोग उसे अपने कस्टडी में ले लेते हैं।
13:06फिर प्रिंटिंग प्रेस से ही कोस्टन पेपर को ट्रांसपोर्ट कर पहले बैंक के लॉकर में रखा जाता है।
13:11और फिर बैंक लॉकर से उसे निकाल कर ठीक एक्जाम वाले दिन एक्जामनेशन सेंटर तक ले जाया जाता है।
13:18जिन गाडियों में ये पेपर प्रिंटिंग प्रिस से बैंक या बैंक से एक्जामनेशन सेंटर तक पहुँचाया जाता है।
13:24उन गाडियों में भी NTA के लोग होते हैं और वो गाडियां GPS से लायस होती हैं ताकि उनकी location
13:31ट्रैक की जा सके
13:32इन तमाम कवायत के बाद 3 में की दोपहे 2 से 5 बजे के तर्मयान देश के अंदर 551 शहरों
13:40और देश के बाहर 14 शहरों में नीट का एक्जाम होता है
13:4322,89,000 स्टूडेंट इसमें हिस्सा लेते हैं 5,432 सेंटर पर एक्जाम ठीट ठाक अपने अंजाम को पहुंचता है
13:52लेकिन फिर तब ही एक खबर आती है
13:55खबर ये कि 3 में की दोपहर 2 से 5 बजे से कई दिन पहले ही एक्जाम का कोश्चन पेपर
14:01लीग हो चुका था
14:02सिर्फ चंद सवाल नहीं बलके पूरा का पूरा पेपर ही लीग था अब सबसे बड़ा सवाल यही था कि इतनी
14:10मुस्तैदी के बावजूद ये पेपर लीग कैसे हुआ
14:17जिते भी पूरे देश के मेडिकल एजुकेशन से लेके जो एजुकेशन सिस्टम के जो मेजर एक्जाम्स है करोडों स्टूडेंट्स जिस
14:26पर डिपेंडेंट हैं उनकी करवाने की बॉड़ी एंटीय को जिम्मेदारी दी गई है जो कि नेशनल टेस्टिंग एजंसी अगर
14:33उसको डीपली स्टडी करेंगे आप तो उसमें पाएंगे कि एंटीय एक एंजियो रिजिस्टर बॉड़ी है जो कि सोसाइटी एक्ट 1860
14:42में रिजिस्टर है आप सोचिए कि कैसे पहली बात ही आजाती है कि जब इत्ता इस तरीके से ऑल्रेडी दोजार
14:51चॉबिस में पच्�
15:02उसके बाद ग्रांट होगी जो संजीब मुकेया नाम से मेजर एक्यूज थी इसके अंदर तो इस तरीके से जब आप
15:08चीजें आ रहे हैं तो आप कैसे देश इत्ता बड़ा देश और इत्ते बड़ा एग्जामिनेशन जो है ये पूरे भारत
15:17का इनी पूरे विश्व का सब
15:18से बड़ा एक्जाम है तो कैसे एक एक एंटी एक एंजियो बॉडी पर आप कैसे निर्बर रह सकते हैं इसमें
15:24एक दिन में जैसे कहते हैं रूम वाज नॉट बिल्ट इन डे इस पे एक कमीटी बननी चाहिए एक पैनल
15:28बनना चाहिए एजूकेशनिस जो ट्रू एजूकेशनि
15:46मोड में करवा लें जब तक उपर से सिस्टम क्लीन नहीं होगा जब तक एक एक ऐसा कहते हैं जिसे
15:54कि ये नो हमें हमें इसकी तहे पर जाना पड़ेगा कि ऐसा हो क्यों रहा है तो ऑनलाइन में भी
16:02कई तूटिया हैं बट जैसा कि अब देखा जा रहा है कि पिछले नाइं�
16:16सारे एजुकेशन इस बैठें इस पर और इस पर विचार मंतन होना चीए कोई एक सुझाव नहीं दे सकते बट
16:21एंटिया कि ये पहल भी कि नेक्स्ट येर से अब नीट ऑनलाइन होगा ये सारी ऑनलाइन होगा सीबीटी मोड पर
16:27ये एक अच्छा मैं बोलूंगा कदब एं�
16:42कोचिंग सेंटर के पास मौजूग थे पेपर लीग की पहली खबर राजस्थान के सीकर से आए राजस्थान पुलिस ने सीकर
16:50के कोचिंग सेंटर के होस्टल में पहुँचकर जब कुछ बच्चों के मोबाइल की जाच की तो ने कुछ वाटसप ग्रूप
16:56और टेलिग्राम �
17:00आएप पर ठीक वही सवाल थे जो नीट के एकजाम में पूछे गए थे
17:03कमाल ये कि पुलिस को ये खबर ये शिकायत किसी और ने नहीं बलके सीकर के एक निजी होस्टल के
17:10संचालक नहीं दी थी
17:11दरसल इस होस्टल संचालक का बेटा केरल के एक मेडिकल कॉलेज से एमबीबियस कर रहा है
17:17उसके बेटे नहीं उसे ये गेस पेपर भेजा था
17:20यही गेस पेपर धीरे धीरे सौ से ज़्यादा बच्चों तक पहुँच गया
17:28हाथ से लिखे हुए 400 सवालों के गेस पेपर को बेहर शातियाना ठंक से बनाया गया था
17:33इसमें 135 सवाल जो नीट में पूछे जाने वाले थे
17:37उसके करम के बारे में जिसे गेस पेपर दिया गया था उसे बता दिया गया था
17:42गेस पेपर बनाकर हाथ से इस ते लिखा गया था ताकि पकड में ना आए और इसका पीडिये टेलिग्राम के
17:49जरिये आगे भेजा जा रहा था
17:53राजस्तान पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरण NTA से संपर्क किया
17:58दो साल पहले इसी नीट के एक्जाम को बिहार में चोरी होते हुए NTA देख चुका था
18:03लियाज़ NTA ने फोरण मामले की जांच CBI को सौब दी क्योंकि दायरा सिर्फ राजस्तान तक्सीमित नहीं था बलकि कई
18:11राज्यों में फैला हुआ था
18:14जब CBI को नीट पेपर लीक मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई तो CBI ने तीन चीजों पर ध्यान
18:21दिया
18:21पहला वो लोग जिनके उपर पेपर को बनाने की जिम्मेदारी थी
18:25दूसरा वो लोग जिनके उपर पेपर को प्रिंट करने की जिम्मेदारी थी
18:29और तीसरा वो लोग जिनके उपर question paper, printing press से examination center पर पहुचाने की जिम्मेदारी थी
18:38और इन सभी लोगों के बारे में पता लगाने के लिए CBI ने बकाईदा NTA के अधिकारियों से भी गहन
18:45पूचताच की
18:46और CBI ने एक लंबे लिस्ट बनाई उन लोगों की जो इस पूरी प्रक्रिया में शामिल थे
18:51जब CBI ने अपनी जाच तेज की तो CBI के सामने दो ऐसे professor का नाम सामने आया
18:57जो की इस paper leak के मामले में mastermind कहे जा रहे हैं
19:02और CBI के हाच जो सबूत लगे हैं उससे साफ हो जाता है कि ये दोनों के दोनों प्रोफेसर
19:07जिने paper बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी ये paper leak में शामिल थे
19:13जैपुर से शरफ कुमार के साथ मुनीश पांडे दिल्ली आज तक
19:21इतने बड़े एक्जाम की चोरी सिर्फ चंद लोगों का काम नहीं हो सकता
19:25इसके लिए बाकाइदा एक पूरा network होता है
19:29NTA में सेंद मारने से लेकर चात्रों तक paper पहुंचाने के लिए
19:34paper खरीदने वाले चात्र भी चाहिए और coaching center के मालिकान भी
19:38क्योंकि चोरी का दायरा जितना बड़ा होगा चोरी के माल की किमत उतनी ही ज़्यादा होगी
19:44लेकिन ये network कितना थाकतवर है
19:47इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है
19:49कि 2024 में बिहार में हुए नीट paper लीक के मामले के
19:54असली mastermind को आज भी पकड़ा नहीं जा सका है
20:03अब CBI मामले की जांच शुरू करती है
20:06हाला कि जांच को अभी अपने अंजाम तक पहुचना बाकि है
20:09लेकिन जो शुरुवाती इशारा मिल रहा है
20:11उसके हिसाब से नीट की लंका घर के भेदिया नहीं ढ़ा दी
20:15हमेशा की तरह इंटेर एक कोश्चन पेपर तयार करने के लिए
20:19जिन माहिर उस्तादों को चुना था
20:21उन में से दो ये थे
20:23प्रोफेसर पीवी कुलकरनी और बाटनी की लेक्चरर मनीशा मांध है
20:28इन दोनों की जिम्मेदारी कैमिस्टरी, बाटनी और बैलोजी के
20:32पेपर तयार करने की थी
20:33इनोंने पेपर तयार तो किया
20:35पर फिर उसी पेपर को पैसों की खातिर कुछ बिचोलियों की मदद से
20:39कई कोचिंग सेंटर के मालों
20:41और प्राइविट ट्यूशन लेने वाले बच्चों को उचे दामों पर बेज दिया
20:46डॉक्टरी की स्चोरी में इनकी एहम साथी बनी पूरे की एक ब्यूटीशियन मनीशा वागबरे
20:52अब इन तीनों के साथ आगे और भी कई लोगों की कडियां जुरती जाती है
20:56अब तक CBI 10 लोगों को गिराफ़तार कर चुकी है
20:59लेकिन अब भी ये पता नहीं चला है कि इस पूरे रैकट का असली मास्टर माइंड कौन है
21:04पर इतना तेह है कि वो जो भी है बहुत बड़ा और ताकतवर है
21:08और ये भी तेह है कि उसके ताहर NTA से जोड़े है
21:11पर क्या CBI उस मास्टर माइंड तक पहुच पाएगी
21:15या बिचौलियों को ही पकड़ कर केस निप्टा देगी
21:18जैसा कि उसने दो साल पहले इसी नीट एक्जाम के बिहार में हुए पेपर लीक के मामले में किया था
21:242024 में बिहार में नीट का पेपर लीक हो गया था
21:28इस सलसले में CBI ने 40 से ज़्यादा लोगों को गिरफतार किया
21:325000 से ज़्यादा पन्नों की चार्शी दाखिल की
21:35लेकिन असली मास्टर माइंड कौन था
21:37या आज भी एक पहली
21:43दरसल NTA खुद नया है
21:45क्योंकि 2013 से पहले खुद नीट ही नहीं था
21:48नीट से पहले भारत में मेडिकल में दाखले के लिए
21:51अलग-अलग एक्जाम हुआ करते थे
21:53हर राज्य अपने हिसाब से
21:55PMT यानि प्री मेडिकल टेस्ट
21:57या स्टेट मेडिकल एंटरंस एक्जाम
21:59या फिर CBSC के जरिए
22:01All India प्री मेडिकल टेस्ट
22:03एम्स इंटरंटेस्ट
22:05और यहां तक कि प्राइवेट कॉलिज
22:06अपने लिवल पर एक्जाम लेते थे
22:08इसमें मुश्किल यह होती थी
22:10कि एक स्ट्ट्रेट को डॉक्टरी का
22:12इंतिहान देने के लिए एक ही साल में
22:1510-20 अलग-अलग एक्जाम देने
22:33इसका विरोध भी किया
22:34इसी के बाद 2013 में पहली बार
22:36नीट लागो हुआ और नीट की परीक्षा हुए
22:39पर कई राज्जों के विरोध को देखते हुए
22:42सुप्रेम कोट ने नीट पर कुछ वक्त के लिए
22:44रोक लगा दी
22:45बाद में कुछ सुझाओं और सुधारों के साथ
22:472016 में नीट फिर से लोटा है
22:50पिर 2017 से देश में मेडिकल की पढ़ाई के लिए
22:54नीट एकलोता एक्जाम बन गया
22:58देश के अलग-अलग हिस्सों से आए दिन
23:01ऐसी खबरे आती रहती है
23:02कि डाक्टरों की लापरवाही के चलते
23:04मरीज की मौत हो गई
23:06अब जरा सोची
23:07चंद हजार या चंद लाख रुपे में
23:10सवालों को खरीद कर विकाओ
23:12कागसों पर जवाब लिखकर
23:14जो छातर इस तरह डाक्टरी को चुराकर डाक्टर बनेंगे
23:18तो बीमार मरेंगे या फिर बचेंगे
23:23जैपुर से शरतकुमार के साथ
23:25मुनीश पांडे दिल्ली आज तक
23:31तो वारदात में फिलाल इतना ही
23:33मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए
23:35आप देखते रही आज तक
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