00:07बिहार का गयाजी शहर जहां की प्यास बुझाने के लिए सरकार ने करोड रुपे बहा दिये
00:13लेकिन आज यहां की हकीकत ये है कि जनता बूंद बूंद पानी के लिए तरस रही है
00:19भीशर गर्मी के इस दौर में लोग पानी के जुगाड के लिए रत जगा करने को मजबूर है
00:2628 नवंबर 2022 को मुख्य मंत्री नितीश कुमार ने बड़े गर्व के साथ हर हर गंगा जल ये उजना का
00:34उदखाटन किया था
00:35तब उन्होंने खुद एक ग्लास गंगा जल पी कर इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया था
00:41लेकिन गया शहर के वाड नंबर 34 में रहने वाली 5000 की आबादी के लिए ये योजना सिर्फ एक छलावा
00:50साबित हुई है
00:50यहां घरों के आगे नीले रंका गंगा जल का पाइप बिच्छा तो दिया गया लेकिन पिछले डेड़ साल से इसमें
00:58पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी
01:00वाड 34 की अकीरा खातू उन्रोज पानी के लिए भीख मांगने को विवश है
01:06गिरते पड़ते पानी लाते हैं कई बार तो ऐसा भी होता है कि लंबी दूरी तै करने के बावजूद बालती
01:13खाली लेकर लोटना पड़ता है
01:43मुसीबत सिर्फ इतनी ही नहीं कि गंगा जल का मीठा पानी नहीं आया
01:48सितम यह है कि जैसे ही गंगा जल की नई पाइपलाइन बिछी प्रशासन ने पुराने पाइप से आने वाली सप्लाई
01:56भी बंद कर दी
01:57अब पुराना पानी कभी चार दिन तो कभी साथ दिन पर आता है और जो आता है वो भी इतना
02:04गंदा कि पशू भी इसे ना पी सके
02:06हालात इतने अमान विये हैं कि लोग साथ आठ दिनों से नहा नहीं पाए हैं और बच्चों को स्कूल भेजने
02:14तक के लिए लाले पड़े हैं
02:41वार्ड पार्षत प्रती निधी ओम यादव का कहना है कि ये इलाका पानी पी रहे हैं
02:46यहां 400 फीट गहरी बोरिंग चाहिए लेकिन विभाग सिर्फ 200 फीट पर काम छोड़ देता है
02:52जब जनता और जन प्रतिनिधी जिम्मेदार विभाग बुढकों के पास गुहार लगाने जाते हैं तो अधिकारियों के पास अजीबों गरीब
03:01बहाने होते हैं
03:03कभी कहा जाता है कि पाइप फट गया तो कभी कहा जाता है कि मोटर की चाब ही रखने वाला
03:09करमचारी हरताल पर है
03:11यह पूरा ड्राइ जोन है हमने कई बार जीम सहाब को भी आवेदन दिया है कई बार हमने नगर सहाब
03:19को भी हमने इस बात से अवगत कराया है
03:20कई जगा बोरिंग किया वसकता है और करीब करीब 400 फिट बोरिंग होगा तभी हमारे एक छेतर में पानी आएगा
03:27अब पता नहीं गुड़को के अधिकारियों को जब फोन करते हैं तो उनका कहना है कि कभी वो पाइप फट
03:35गया कभी कहता है कि करमचारियों को बेतन नहीं मिला इसके कारण तो बो लोग हरताल कर दिये हैं चंकी
03:42का चाभी नहीं खोल पाते हैं
03:49अधिकारी आश्वासन दे रहे हैं लेकिन पिछले डेड़ साल से 85 तडपती इस जनता का सब्र अब तूट रहा है
03:57सवाल यही है कि 4174 करोड की ये योजना कागजी दावों से निकल कर गया की प्यास कब बुझाती है
04:06गया से रतनेश कुमार की रिपोर्ट
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