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  • 44 minutes ago
केंद्रीय कैबिनेट ने एंटी-पेपर लीक बिल को दी मंजूरी, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े आंदोलनकारी

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00:0426 days later, Sona Wanchuk had a
00:35
00:37आईए इस पूरी कहानी को शुरू से समझते हैं
00:3920 जुलाई 2026
00:41दिल्ली
00:42संसत की और बढ़ते हजारों शात्र
00:44सडकों पर पुलिस और बदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की
00:48लाठी चार्ज, आसु गैस के गूले
00:50और संसत के भीतर विपक्ष का जबरजस्त हंगामा
00:59एक तरफ शात्र केंद्रिय सिक्षा मंत्री धर्विंद्र प्रधान के स्थीफे की मांग कर रहे थी
01:03तो दूसरी तरफ विपक्ष सरकार को घिरने में जुटा था
01:06लेकिन सवाल है
01:08आखिर एक परवेश परिक्षा का विवाद देश की सबसे बड़ी राजनितिक लड़ाई कैसे बन गया
01:12कैसे एक शात्र आंदोलन सडक से संसत तक पहुँच गया
01:15और आखिर क्यों पूरा विपक्ष अंदोलन के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है
01:19कहानी शुरू होती है 3 माई 2026 से देश भर में नीट यूजी की परिक्षा आयजित हुई
01:24करीब 22 लाग से ज़्यादा शात्रों ने परिक्षा दी
01:27लेकिन परिक्षा खत्म होने से पहले ही सोशल मीडिया पर पेपर लीग होने के दावे सामने आने लगे
01:33शुरूआत में इसे अफवाह माना गया लेकिन विवाद इतना बड़ा कि 12 माई को आखिरकार परिक्षा रद करने का फैस्वा
01:39लिया गया
01:40लाखों शात्रों को दोबारा परिक्षा देनी पड़ी
01:42महीनों की तैयारी भविष्य की चिंता और मांसिक तनाव
01:46इन सब के बीच कई शात्रों की आत्महत्या के खबरों ने पूरे देश को जखजोड दिया
01:50शात्रों का गुस्सा बढ़ने लगा
01:52सब के मन में सिर्फ एक सवाल था
01:55अगर परिक्षा दोबारा हो सकती है तो दोश्यों को सजा क्यों नहीं मिलती
01:59इसी दोरान 15 मई 2026 को भारत के मुक्षे न्यायधीश
02:02न्यायमूर्ती सूर्यकांत के क्रिप्वणी पूरे विवाद के केंद्र में आ गए
02:06सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर दिखी फृतिकरियाएं शुरू हो गई
02:10इसी बीच अभीजीत दिपके ने कौक्रूच जंतर पार्टी नाम से एक ऑनलाइन गंगात्मक मंच बनाने का फैसला किया
02:17इसका संदेश था हमें कुचलने की कोशिश करो लेकिन हम खत्म नहीं होंगे क्योंकि हम कौक्रूच हैं
02:23देखते ही देखते ये संदेश लाखो युवाओं तक पहुँच गया
02:26कुछी दिनों में इस मंच से लाखो लोग जुड़ गये
02:29अब तक सोशल मीडिया तक सीमित नाराजगी धीरे धीरे सडकों पर उतरने लगी
02:336 जून 2026 दिल्ली का जंतर मंतर यहीं से आंदोलन ने पहली बार राष्टी इस्तर पर अपनी ताकर दिखाई
02:40कोक्रूच जंता पार्टी के आवाहन पर बड़ी संख्या में शात्र प्रदशन के लिए पहुँचे
02:45उनकी तीन प्रमुख मांगे थी पहली नीट पेपर लीग की स्वतलत रजांच
02:50दूसरी केंद्य सिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रदान का स्थीफा
02:53तीसरी पूरी परिक्षा व्यवस्ता में व्यापक सुधार
02:55यहीं से ये आंदोलन सिर्फ परिक्षा तक सीमित नहीं रहा
02:59बलकि सिक्षा व्यवस्ता के खिलाफ बड़े अभिहान का रूप लेने लगा
03:03लेकिन आंदोलन का सबसे बड़ा मोड अभी आना बाकी था
03:0628 जून 2026
03:08फेमस सोशल एक्टिविस्ट सोनम वंग्चुक जंतरमंतर पहुँची
03:12और उन्होंने कॉक्ष जंता पार्टे के आंदोलन को समर्थन देते हुए आमरन अंचन शुरू कर दिया
03:17उनकी भी तीन प्रमुक मांगे थी
03:19सिक्षा मंतरी का स्थीफा, नीट पेपर लीग की नयाईक जाच और सिक्षा व्यवस्ता में बूल भूत सुधार
03:25यही से आंदोलन की तस्वीर बदल गई
03:27अब ये सिर्फ शात्रों का आंदोलन नहीं रहा
03:29बुद्धी जीवी, समाजिक कारिकरता और आम नागरिक भी इससे जुड़ने लगे
03:33आंदोलन का दाइरा लगतार बढ़ता गया
03:3618 जुलाई 2026, संसद का मौनसून सत्र शुरू होने में अब सिर्फ दो दिन बाकी थे
03:42उधर स्वनम वांग्चुक के अंशन का 21 दिन चल रहा था
03:45लगतार बिगरती सिहत के बावजूद उन्होंने अंशन खत्म करने से इंकार कर दिया
03:50इधर कौकरुच जंता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का एलान कर दिया
03:55लेकिन संसद मार्च से ठीक पहले कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे आंदोलन को नया मोर दे दिया
04:0018 जुलाई की सुभर दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर से सोनम वांग्चुक को हिरासत में लेकर सफदर जंग अस्पताल में
04:07भरती करा दिया
04:08अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपना अंचन जारी रखा
04:11यहीं से आंदोलन और देज हो गया
04:14पक्ष ने इसे सरकार की कारवाई बताया
04:16जबकि सरकार का कहना था कि विगरती तबियत को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाना जरूरी था
04:21सोनम वंग्चुप का अस्पताल पहुंचना पूरे आंदोलन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ
04:26अब यह सिर्फ शात्रों का आंदोलन नहीं रहा बलकि राष्टिय राजनेती का बड़ा मुद्दा बन गया
04:3220 जुलाई 2026 दिल्ली संसद मार्च का दिन कौक्रोट जन्ता पार्टी के आवान पर हजारों शात्र संसद की और बढ़ने
04:40लगे
04:40उन्हें रोकने के लिए पहले से भारी पुलिस बल तैनात था
04:43जैसे जैसे भीड आगे बढ़ी वैसे वैसे तनाव बढ़ता गया
04:47कुछी देर में प्रदशन कारियों और पुलिस के वीज धखका मुक्ती शुरू होगे
04:51इस्तिति बिगरने पर पुलिस ने लाठी चार्च किया
04:54आसुगैस के गोले छोड़े और कई प्रदशन कारियों को हिरासत में लिया
04:58इस जड़प में पुलिस कर्मियों समेत कई लोग खायल हुए।
05:01संसत से कुछ ही दूरी पर हो रही इस गटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खीच लिया।
05:06सड़क पर उठी आवाज अब संसत के दरवाजे तक पहुँच चुकी थी।
05:10उधर संसत के भीतर भी यही मुद्धा गूजने लगा था।
05:14विपक्षी दलों ने दोनों सद्नों में सरकार को घेना शुरू कर दिया।
05:17धर्मेंद्र प्रधान के स्तिफे की मांग दोहराई गई।
05:20नीट पेपर लीग की स्वतन तरजांच की मांग उठी।
05:23और शात्रों पर हुई पुलिस का रवाई का मुद्धा भी जोडशोर से उठाया गया।
05:26सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नौक्जों कुई।
05:29कई बार कार्यवाही बादित हुई।
05:31एक शात्र आंदुलन अब पूरी तरह राजनेतिक संग्धर्श में बदल चुका था।
05:3421 जुलाई 2026 आंदुलन ने एक और बड़ा मोड लिया।
05:39राहूल गांधी, प्रियंका गांधी और कॉंग्रेस के कई वरिष्ट नेता प्रधान मंत्री आवास के भाहर धरने पर बैठ गए।
06:09प्रधान मोडी ने कहा था कि पेपर लीग के दूश्यों के खलाफ सक्त कारवाई की जाएगी।
06:13लेकिन विपक्ष इससे संतुस्ट नहीं हुआ। 22 जुलाई को विपक्षियों संसत काले घंडे पहन कर संसत पहुंचे।
06:19संसत भावन के बाहर विरोध प्रदशिन हुआ। वहीं सदन के भीतर भी जम कर हंगामा हुआ।
06:24विपक्ष ने सदन में चर्चा की मांग की लेकिन सरकार ने उनकी शर्तें स्विकार नहीं की।
06:42दिल्ली से शुरू हा विरोध धीरे धीरे देश के दूसरे शेहरों तक पहुँच गया।
06:46चन्नाई, मुंबई, बैंगलूरू, कोलकाता, कई शेहरों में शात्रों और युवाओं के विरोध प्रदशिन हुए।
06:52इस बीच प्रदानमंत्री नरिन मोदी ने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक के दूस्यों को कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट्रेक
06:58अदालतों का गठन किया जाएगा।
07:00लेकिन विपक्ष और कौकरुच जनता पार्टी ने इस भोशना को प्रयाप्त नहीं माना।
07:34विपक्ष अपनी चार मांगो पर अड़ा है।
07:34शिक्षमंती धर्मिंद प्रधान ने कौकरुच जनता पार्टी को दहशत गर्दों की बीटीन बताया।
07:39इसके बाद दूनों बक्षों के बीच आरोप परतेरोप और तेज हो गया।
07:43फिलाल एक तरफ शात्र संगट हैं और विपक्ष अपनी मांगो पर अड़े हुए हैं तो दूसरी तरफ सरकार अपनी रुख
07:49पर कायम हैं।
07:51फिलाल इस टक्राव का कोई आसान समधान दिखाई नहीं देता।
07:54लेकिन इस पूरे घटनक्रम ने कई बड़े सवाल जरूर खड़े कर दी हैं।
07:58क्या ये सिर्फ एक परिक्षा का विवाद है या देश की सिक्षा विवस्ता पर उठता सबसे बड़ा सवाल।
08:03क्या ये सिर्फ एक शात्रों का अंदोलन है या युवाओं के बड़ते असंतोष की आवाज।
08:07और अब सबसे बड़ा सवाल क्या सरकार और अंदोलन कारी किसी साजह समाधान तक पहुँच पाएंगे या ये टकराव आने
08:14वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा।
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