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  • 1 day ago
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक व्यक्ति ने जीते जी अपनी तेरहवीं और पिंडदान करवा दिया। गांव में भोज कराया गया और वजह सुनकर हर कोई हैरान रह गया। जानिए आखिर क्यों 56 वर्षीय रवींद्र प्रसाद ने अपने ही श्राद्ध कर्म का आयोजन किया।

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Transcript
00:21आपको कैसे क्या कुछ इस पर कहना चाहेंगे कैसे क्या समझ में आया आपने अचानक ठान दिया इसे का इसे
00:27समझ आपको पड़ेश हो रहा था इक अचानक है
00:30अचानक है अचानक है शुष आपको बंडारा करा दिया लगवाग कितने लोगों को ट्रेयरोड़र्शी का भंडारा कराया गया है यह
00:49जानकारी मिल लए आपके द्वारा कार्ड भी वित्रित किये गये थे
01:08हैं आपके परिवार में कौन कौन से सदस हैं हमारे परिवार में हमारे मांजिर भाई हैं छोटे वाले बाई हैं
01:13सबसे बड़ा में हुँ दोनों भाईयों की बनात हो तुकि बारबक्चेदार है मैंने मेरे दुब
01:19आपके पास कुछ जाजा संपत्ती है अपने क्या कुछ जाजा संपत्य भी भाईयों के नाम या उनके लड़कों के नाम
01:33की
01:34कि अपना अपना जीवन जो भी हमारे पास होता उसे नखा के भी जारा करता हो जाजा
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