00:00ब्रिटेन जैसी जगह है जहाँ पर सबसे पहले भारती होने जाना शुरू करा था जब हमने भारत से बाहर निकलना
00:05शुरू करा तो ब्रिटेन उन पहले देशों में था जहाँ पर हम जा करके सेटिल हुए तो लगभग अब एक
00:11शताबदी बीच चुकी है जो पहले इंडियन
00:13इमिग्रेंट से उनकी एक शताबदी होने को आ रही है 1925 से 2025 ब्रिटेन तक में पहली बार जो एंटी
00:20इमिग्रेशन रैली निकलिये उसमें भारतीयों का नाम लिया जा रहा है कि ये लोग यहां किसलिए आए है कि खूब
00:25हो रहा है लेकिन इसके बावजूद मैं कह रहा ह�
00:31इज़त भी हिंदुस्तान को खूब मिली है भार पर बाहर उन भारतीयों को इज़त मिली है जो इज़त पाने लायक
00:37हैं बिलकुल मिली है जो जाकर के उनकी सोसाइटीज में कुछ वैल्यू एडिशन दे पाए है उन्होंने उनको इज़त भी
00:43दिये जो वहां पर जाकर गं�
01:01इसका मतलब यह है कि इसका मतलब यहां कि दिस्कृमिनेशन तो नहीं कर रहे है न वो एक डेमोक्रेटिक प्रॉसेस
01:06में अगर भारतीय मूल का कोई वैक दे कोई पॉजीशन पा रहा है तो इसका मतलब वहां बहुत सारे लोगों
01:11ने उसको वोट दिया है और गोरे लोगों �
01:13तो नहीं वोट दिया है, तो ऐसा तो नहीं है कि वो तै करke बैठे हैं, कि हमें इन भूरे
01:17लोगों के अगेंस डिस्क्रिमिनेट करना है, ऐसा तो नहीं होगा, ऐसा तो नहीं होगा ना, लेकिन गंधी यादतें जगह बदलने
01:25से छूट नहीं जाती, और घटिया माननेताएं �
01:27पकड़ लोगे तो समय बीतने
01:29के साथ तुम्हें खुद ही अपने जूठों
01:31पर यकीन होना शुरू हो जाएगा
01:33बिलकुल अतीत में हम
01:35ग्यान का पालना रहे हैं बिलकुल
01:37रहे हैं पर ग्यान पर ये देश
01:39अब चल कहा रहा है हम तो
01:41भावना पर चलने वाले हैं ग्यान और भावना
01:43ये कठे थोड़ी चलते हैं
01:45हमको तो बहुत अच्छा लगता है हम सेंटिमेंटल लोग हैं
01:47कुछ वोलना है हम सेंटिमेंटल लोग हैं
01:49आपका सेंटिमेंट आपको मुबारक हो
01:51दुनिया थोड़े ही उसको सम्मान देगी
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