Skip to playerSkip to main content
  • 7 hours ago
दिल्ली में BRICS की बैठक, क्या मिडिल ईस्ट जंग का निकलेगा हल?

Category

🗞
News
Transcript
00:13बीजिंग में बड़ी बुलाखा
00:19ट्रम्प जिन्पिक की बातों से बने की बात
00:27रुकेगा धमासान या बड़ेगा कोहरा
00:34और मुझ में हाहकार ठमने का इंतजार
00:42तिन्ली में विदेश नीती पर महा मंथन
00:50ब्रिक्स में आया इरान
00:52भारत में सबा
00:58मिसाईलों पर अब मुलाकात भारी
01:07बबो के बाद अब शांती की बारी
01:23लबस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सहीद अंसारी स्वागत है आपका
01:28आज का दिन दो बड़े मंचों के सजने का दिन है उमीदों का दिन है आशंकाओं को दूर करने का
01:35दिन है
01:35मुद्ध कई हैं रेकिन पूरी दुनिया के नजरे टिकी हैं कि क्या इन मंचों से कोई ऐसा समाधान निकलेगा
01:41जो मध्धिपूर्फ में शांती की रहा दिखाएगा या फिर उलजाफ और बढ़ेगा
01:45एक दरफ बीजिंग में टरम्प जिंपिंग मिल रहे हैं तो दूसरी तरफ दिल्ली में ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों के बैठक
01:51हो रही है
01:51और दिल्चस्प बात यही कि इस मंच पर वो दोनों देश भी हैं जो खाड़ी में एक दूसरे पर धौनदार
01:57हमले कर रहे हैं
02:15विदेश मंत्री वंगे ही नहीं आसके चेन का प्रतनिधत्व भारत में उसके राजदू शू फैंग होंग कर रहे हैं उनके
02:22अलावा क्यूबा, मलेशिया, थाईलेंड, वेतनाम, एरान, यूई, मौल्दीव, इत्रियूप्या जैसे देशों के विदेश मंत्री आये हैं
02:28इस मंच से एक साज़ा बयान भी जारी होने वाला है और ये भारत के लिए बड़ी परिक्षा की घड़ी
02:33है जहां एरान और यूई एक दूशे पर बारूदी गूले बरसा रहे हैं, वहां दोनों देशों को एक मंच पर
02:40लाकर आखर किस तरह का साज़ा बयान जारी कराया ज
02:43सकता है क्योंकि एरान ने भारत से अग्रिल किया है कि ब्रिक्ष के मंच से अमेरिका और इसरैल के कारवाईयों
02:49के निंदा करने के लिए एक आम सहमती बनाई चाहे
03:15और आई अब रुख करते हैं बीजिंग का जहां पहुंचे हैं अमेरिका के राश्पती टरम्प उनके और जिंपिंग के बीच
03:22कई महत्पूर मुदों पर बात चीत हो रही है कई डील होनी है और सबसे बड़ा इतजार इस बात का
03:26है कि एरान युदु को लेकर क्या कोई बा
03:42महा युद्ध का समाधान
03:46महा मुलकात में महा शक्ति हो पाएगी आसा
03:52परमाणू पर अड़ेगा या घुटने देखेगा इरान
03:59इरान अड़ा तो मचने वाला है घमासा
04:05बीजिंग की ये तस्वीरे सिर्फ दुनिया के दो महा शक्तियों के मिलन की तस्वीर नहीं है
04:09बलकि एक उमीद है महा तबाही को डालने
04:13मिडली इस्ट में शान्ति लाने और उस विनाश लीला को खत्म करने की
04:18जिसने दुनिया भर में संकट लाख खड़ा किया है
04:24इरान युद्ध शुरू होने के बाद से ही चीन और अमेरिका के रिष्टे तल्क होने शुरू हो गए थे
04:29जिसका सीधा असर ट्रम्प के चीन दौरे पर दिखने लगा
04:32ये दौरा पहले एक बाई डला, दूसरी बाई डला और फिर आखिरकार ट्रम्प बीजिंग पहुँच गए
04:38देरों मीदों के साथ पहुँचे ट्रम्प का शांदार स्वागत भी हुआ
04:42पहले बीजिंग एरपोर्ट पर ट्रम्प को ब्रास बैंक की धोनों के साथ गार्ड ओप अनवर दिया गया
04:50फिर चीनी राश्पती जिन्पिंग और ट्रम्प के हाथ मिलाने और मुस्कुराहट पहलातीन तस्वीरों ने
04:55तारीफों के लिए जैसे एक फुल ही बना दिया
04:59हमें एक दूसरे की मदद करके सफल सम्रिध होना चाहिए और दुनिया को भी नए दौर में ले जाना चाहिए
05:17हाला कि ऐसा भी नहीं है कि चर्म्प और जिन्पिंग सिर्फ और सिर्फ महायुद को खत्म करने के बारे में
05:21बात करेंगे
05:21दोनों के अपने धेरों मुद्धे हैं तकराव है उलजने हैं और सुलजाने के लिए वक्त भी कम है
05:26लेकिन फिर भी एरान युद्ध को नजर अंदाज नहीं किया जाएगा
05:30वज़ा साफ है एरान से सबस्यारा तेल खरीदने वाले चीन को हौरमुच का हाहकार परिशान कर रहा है
05:36तो ट्रम्प करूर और डॉलर खर्च करने के बावजूद बीच युद्ध में अटके हुए है
05:44कहने के लिए चीन रवाना होने से पहले ट्रम्प ने साफ का था कि एरान के मामले में उनने चीन
05:48के मदद की कोई जरूरत नहीं
05:49लेकिन उनके विदेश मंत्री अब कह रहे हैं कि चीन में इस मुद्धे को लेकर बात आगे बढ़ेगी
06:07एक तरफ राश्रपती ट्रम्प की जिन पिंग से मुलाकात तो दूसरी तरफ उपराश्रपती वेंस का ये भरूसा दिलाना
06:13कि एरान के साफ नुकलियर नेगोसिएशन आगे बड़ी है ये साविद करता है कि बैकडोर दिपलोमासी भी इस वक्ट तीजी
06:19से काम कर रही है
06:21On Iran, can you tell us where negotiations stand? The President before he left for Beijing called the latest proposal
06:27unacceptable. So is the U.S. even talking to the Iranians right now or where are things at this point?
06:33Yeah, so look obviously these negotiations are very sensitive. I'm not going to tell you everything because we're trying to
06:38have a productive conversation. I spent a good amount of time on the phone with both
06:42Jared Kushner and Steve Witkoff this morning, a number of our friends in the Arab world this morning. Look, I
06:48think that we are making progress. The fundamental question is, do we make enough progress that we satisfy the President's
06:53red line? And the red line is very simple. He needs to feel confident that we've put a number of
06:58protections in place such that Iran will never have a nuclear weapon.
07:02Trumps के साथ, दुनिया के टेक टेक लीडर्स की एक पूरी फूच भी गई है. तक्नीक को सहज और सुरच्षित
07:07बनाने का मन्तन चल रहा है. लेकिन ये सब कभी काम्याब होगा जब मिसाईलों के मोचे पर सहमती बनेगी. वरना
07:13तक्नीक कब विनाश का हाथ थाम लेती है. पता
07:31बड़े मंचों पर दुनिया के बड़े नीता कई ऐसे मुद्धों पर सहमती बनाने के प्रयास में जुटे हैं जिनके उल्जन
07:37से अर्थनीती, सैननीती, कूटनीती और राजनीती के मोर्चे पर मुच्चे पर मुच्किलें बढ़ी हैं. अब बारी है उन्हें सुलजाने की
07:43मुद्ध कई हैं लेकिन पूरी दुनिया के निजरें डिकी हैं कि क्या इन मंचों से कोई सवाधान निकलेगा जो मध्यपूर्व
07:49में शान्ती की रा दिखाएगा या फिर उल्जाफ और बढ़ेगा.
08:04दुनिया की दो बड़ी ताकत. एक भरता से निदम तो दूसरे में आर्थिक दमखम. बयानों में तीकापन, रिष्टों में तलखी,
08:14लेकिन साथ आने की मजबूरी. ट्रॉंप जिन्पिंग कम कर रहे आपस की दूरी.
08:22गए वो दिन जब कोई बड़ा देश सालों से किसी दूसरे ताकतवर देश से सीधे मूबात न करे. अर्थिनिती, सैनिनिती,
08:29कूट निती और राजिनिती जैसे मोर्ची अब हर देश की हर देश के साथ रिष्टों की मजबूरियों को मजबूर कर
08:36रहे हैं. इनी कुछ मज�
08:49देश न कास बड़ हैं आप देश सीधे मूजरों के बड़ा हैं. अची ज से साथ देश साथ जाएता देश
08:56की हाँ लाश्या देश सीधे में. इनी की है और देश की मोजब को में थेशे का देशे साथ अने
09:04प्राबम, बहुंडतों बड़ना, किस्त की देशे हैं. उसकी पक
09:26जानते जिन्पिंग भी है कि दो बड़ी ताक्तों के बीच टक्राव को नुक्सान दोनों को होता है और इन हालातों
09:31का फाइदा छोटे ताक्ते उठाना शुरू कर देती है
09:36हमारे स्थिर रिष्टे दुनिया के लिए भी ठीक हैं हम दोनों की काम्यावी में दोनों मुलकों के मौके हैं हम
09:40दोनों को सहयोग से पाइदा तक्राव से नुकसान है इसलिए हमें साजेदार बनना चाहिए दुश्मन नहीं आये 2026 में पुराने
09:47दौर को पीछे चोड़ नया
10:03बढ़के कि अर्वो डॉलर के टैरिफ लगा डाले चीन भी चुप नहीं रहा और उसने जवाबी टैरिफ लगा दिये कोविट
10:09के दौरान तो रिष्टे बेहत खराब हो गए जब ट्रंप ने कोरोना वाइरस को चीनी बताते हुए धेरो आरूप लगा
10:14दिये अब दूसरी क
10:28खुद के घर में युद्द का हिसाब किताब देना पड़ रहा है तो दोसी तरफ तेर के खेल में आर्थे
10:33चनोती लगातार तबाब बढ़ा रही हैं जाहरे दोस्ती और दुश्मनी के बदलती परिभाशाओं के बीच बीजिंग में वो राहत तलाश
10:40ने ही गए हैं आज त
10:58और सबकी निगाहें पुरी दुनिया की इस बात पर ठीकी हैं कि क्या मिडलीस्ट में कोई रिजल्ट निकलेगा कोई शान्ती
11:07होगी इस्थाई युद्ध का समाधान होगा या कुछ नहीं क्या उमीद है आपको शेवानी
11:15दो महत्वपूर्ण मंचों पर राजनेता मिल रहे हैं एक तरफ डॉनल्ड ट्रम्प और शीजिंग पिंग के मुलाकात हो रही है
11:21चीन में उस पर भी पूरी दुनिया की नजर है और दूसरी तरफ भारत के अंदर ब्रिक्स फॉरिन मिनिस्टर्स मीटिंग
11:28में ना सिर्फ ए
11:41एहम अपडेट यह आया है कि चीन और अमेरिका दोनों इस बात पर सहमत है कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज सेफ
11:48पैसिज के लिए खोला जाना चाहिए तो यह आम सहमती बनी है और बहुत सारे और मुद्दों पर अभी चर्चा
11:55की जा रही है एहम मुद्दे हैं चाहे वो ता�
12:10जान ही हो रहा है सभी देशों को इंपक्ट बिल्कुल साफ है और मैं चीन की बात करूं तो स्ट्रेट
12:16ओफॉर्मूस से उसके भी एनर्जी सप्लाइज लगभग 90 फीसिदी आते थे वो भी प्रभावित हुए हैं जाहिर तोर पर एक
12:23नई केमेस्ट्री या एक नया पावब
12:39पर है क्या इरान अमेरिका की बीच जो इस समय युद्ध की आशंकाइमत हैं उस पर कोई बात हो सकती
12:49है या नहीं?
12:51देखे अगर एरान और अमेरिका के बीच के युद्ध की हम बात करें तो बहुत सारे बैक चैनल टॉक्स अल्रेडी
12:59हो रहे हैं पिछले बहुत सारे दिनों से और अमेरिका भी अभी ये समझ गया है कि उसके लिए भी
13:05इस युद्ध को जिस तरह से उसने शुरुवात की थी उ
13:20यहां पर जो स्टेक होल्डर है साइद चीन अकेला नहीं है इरान भी एक एहन स्टेक होल्डर है इस पूरे
13:27युद्ध का बहुत सारी शर्ते इरान ने अपनी तरफ से साफ कर दी हैं चाहे वो न्यूक्लियर एनरजी के डेवलाप्मेंट
13:33की बात हो स्ट्रेट ओफ हॉर्मू
13:50पर दूसरे देश जो अभी इसमें डिरेक्ली इन्वार्ड नहीं है लेकिन कोशिश यही कर रहे है कि ओफ रांप हो
13:55क्योंकि सभी को इससे प्रभाफ पढ़ रहा है भारत भी बार बार कह रहा है कि डायलोग होना चाहिए और
13:59अभी जो ब्रिक्स फॉरिंस्टर समिट भारत म
14:14हाँ पर कैदी लेकिन शिवानी इरान नहीं ये अपील भी कर दी ब्रिक्स में आकर कि आप अमेरिका पर दबाओ
14:22बनाएं और एक प्रस्ताव पारित करें क्या ये संभव लगता है शिवानी
14:29कोशिश की जा सकती है सभी देशों की तरफ से ये कहा जा रहा था कि आप बार्चीत के जरीए
14:35डायलोग के जरीए इस पूरे मामले को आगे लेकर जाएए और कोई नहीं चाहता कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मोज जहां से
14:42पूरा व्यापार प्रभावित हो रहा है वो बंद रहे
14:45वहाँ पर सेफ पैसेज ना हो क्योंकि वो जो इलाखा है वो किसी एक देश का नहीं है वो एक
14:50सार्व जो सार्वजनिक एक स्ट्रेट है वो एक जियोग्रफी का एक हिस्सा है तो सभी देशों का ये कहना है
14:59कि वहाँ पर सेफ पैसेज होना चाहिए वहाँ पर किसी भी तरह क
15:02डर और नियंत्रन दिखाने की आवशक्ता नहीं है तो जब एरान भारत आया है और एरान के पॉरेंड मिनिस्टर्स मेरे
15:10सब भारत आने से पहले भी ये बात बहुत बार दोरा चुके हैं कि जो समझोतों की लिस्ट है या
15:15जो बात है उसमें बहुत जादा अविश्वास है क्य
15:29अगर वो अपील कर सकें दोनों देशों को कि किस तरह से आप इस पूरी मामले को सुलजाईए और अमेरिका
15:36से भी इस बात की दरकार की जा सकती है कि कैसे आप इस युद्ध को विराम देंगे क्योंकि इससे
15:42सारा विश्व प्रभावित हो रहा है तो सीधे सीधे डिरेक्ट
15:46टॉक्स या डिरेक्ट एडवाईज होगी की नहीं होगी ब्रेक्स देशों की लेकिन हाँ अपनी बात एक बड़े मंच पर यहां
15:53पर इरान ने भी रख दी है और भारत तो हमेशा से ही पीस की पक्ष में रहा है शांती
15:58के पक्ष में रहा है और डायलॉग के जरीए इस पू
16:16प्लिटिव में फिल हाल इतना ही आप प्लीज अपना बहुत ख्याल रखिएगा देखते रहिए आज तक
Comments

Recommended