00:00Artificial Intelligence अब मौसम की सटीक जानकारी देगा
00:03उत्तरपरदेश में AI आधारित मौसम पुर्वानुमान पढ़नाली शुरू की गई है
00:08जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि किसान अब 10 दिन पहले तक
00:13ये जान सकेंगी कि उनके गाओं या हेट के आसपास कब और कितनी बारिश होने वाली है
00:18भारतिय मौसम विभाग ने उत्तरपरदेश के लिए
00:22Artificial Intelligence अधारित High Special Resolution Rainfall Forecast यानी HSRRF सिस्टम लाँच किया है
00:31ये पैलिट प्रोजेक्ट फिलहाल देश में अपनी तरह की पहली परणाली माना जा रहा है
00:36जो एक किलोमीटर के दाइरे तक बारिश का अनुमान देने में सक्षम है
00:40अभी तक अधिकांश मौसम पुरवानुमान बारा किलोमीटर या उससे बड़े शेत्र के आधार पर तयार होते थे
00:47जिनमें स्थानीय अस्तर पर होने वाले बदलाव अक्सर छूट जाते थे
00:51यही वज़े है कि कई बार एक जिले में भारी बारिश का अलट जारी होता था
00:56लेकिन असल में कुछ हिस्सों में ही बारिश होती थी जबकि बाकी छेत्र सूखे रह जाते थे
01:02यह पर योजना पृत्वी विज्ञान मंत्राले की मिशन मौसम पहल का हिस्सा है
01:07किंड्रे विज्ञान और प्रदरी की राज्यत जिर्मंत्री जितनली सिंग ने 12 मैं को नई दिल्ली में इस परणाली को लाँच
01:15करते वे कहा
01:16कि भारत अब पारम पर एक मौसम पुर्वानुमान से आगे बढ़ कर impact based forecasting की तरफ बढ़ रहा है
01:23यानि अब सिर्फ यह नहीं बताय जाएगा कि बारिश होगी या नहीं बलकि यह भी बताय जाएगा कि उसका असर
01:30किन इलाकों पर कितना पड़ सकता है
01:32सरकार का यदावा है कि पिछले एक दशक में देश के मौसम संबंदी वुनियादी डाजे में बड़ा बदलावाया है
01:39कुछ साल पहले तक देश में केवल 16-17 डॉपलर मौसम रडार थे जबकि अब इनकी संख्या करीब 50 हो
01:47चुकी है
01:47मिशन मौसम के तहट 50 और रडार लगाने की योजना है
01:51उत्तर प्रदेश में भी अलिगड जहासी, लखनो, वारारसी, आजमगड में नए डॉपलर वेदर रडार लगा जाने है
01:58इनसे मिलने वाला डिटा भविश में HSRF मोडल को और मजबूत बनाएगा
02:04अब गाउं अस्तर पर मौसम का अनुवान लगा जा सकेगा
02:08IMD के उत्तर प्रदेश के इंदर प्रमुक मनीश रानालकर के मताबिक
02:13HSRF सिस्टम AI अतारिट डाउन स्केलिंग तकनीक का इस्तिमाल करता है
02:18आसान भाशा में अगर कहें तो ये बड़ी भोगौलिक इकाईयों से मिलने वाले मौसम डेटा को
02:23छोटे और बेहद स्थानी अस्तर पर तोड़ कर अधिक सटीक अनुवान तयार करता है
02:28इस मौडल में आटोमेटिक रेइन, गेज, आटोमेटिक वेधर स्टेशन, डॉपलर वेधर रडार, उपग्रायधारित वर्शा डेटा और उपरी हवा के प्रेक्शनों
02:38को एक साथ जोड़ा जाता है
02:40इसके बाद AI, Algorithm इन आकणों का विशेश विसलेशन कर अनुवान लगाते हैं कि अगले 10 दिनों में किस इलाके
02:48में कितनी बारिश हो सकती है
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