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  • 2 days ago
धार भोजशाला के बाहर हिंदुओं का जश्न, खेली होली, भजनों पर झूमे, देखें

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00:00पताइए आज क्या इस फैसले के बाद लग रहा है आपको अब यहां पर अगला कदम आप लोगों का क्या
00:05होने वाला है क्योंकि आप लोग तो बार-बार करें देखी प्रांट प्रतिष्टा होनी चाहिए आज हाई कोट के निर्णे
00:09नुसार भोश्चाला मांक का मंदिर करार
00:12दिया गया है और हम सभी हाई कोट के निर्णे से प्रसस्यत हिंदू समाज यहां पर आपने देखा होगा अभी
00:18कि तमाम हिंदू समाज ने जश्ट मनाया मिठाएं बाटी होली खेली बस यही हम जल्द से जल्द मांक विराजमान हो
00:26भोश्चाला में यहीं कामला करते हैं यह
00:28देखी हम आपको एक और तस्वीर दिखाते हैं यह देखे यहां पर चुटे छोटे बच्चे भी हैं बड़े भी हैं
00:33यहां और जम करके यहां पर चेश्ट मना रहा हो चेहरे देखिए आप सब्के पूरे लाल रंग से रंगे हुए
00:38भगवा रंग से रंगे हुए चेहरे है
00:40ये और ये खुशी जो है ये हिंदू पक्ष की वो खुशी है जिसके लिए
00:44इनक्या कहना है कि इनोंने लंबी लडाई या लड़ी इसके लिए आप इससे अंदाजा लगा सकते
00:48हैं यह देखिए चेहरे देखिए इनके पूरे तरीके से रंगे हुए हैं तो यह फिलाल यहां पर जो हिंदू पक्ष
00:59की तरफ से जो प्रमुक लोग है वो सब यहां इंखटे हैं लेकिन इन सब के बीच में यह तस्विर
01:03दिखाते हैं यह तमाम उन युवाओं की नौजवान
01:18में आप लोग लगातार मंदिर पर बैटके हनुमान 40 का पाठ कर रहे थी सुंदर कांट का पाठ कर रहे
01:23थे लेकिन अब यह फैसला आया है पूरुष तो बाहर हो ली खेल रहे हैं आप लोग के बीच में
01:27क्या महों लेया है बहुत हम तो बहुत खुश हैं कि हमारी मां जल्�
01:58लगा बात करेंगे आप लुका ने अज रंग लगाया एक दूसरे को कि कितना बड़ा मौका है आप लोगों करें
02:03कई साल का जो इंतजार था मां जो लंदन में बेटे हैं वह आज हमारे धार में आने के लिए
02:09पूरी तरह से तैयार है और मंदिर हमारा बनेगा बहुत जल्�
02:21और विजय हुई है तो मन्ली मी जल्दी बनेगा भारत माता की आज बोश्याला के बाद आगे आगे यह आप
02:30देख सकते हैं यह यह यह पस्वीर काफी है यह बताने के लिए कि धार के लोगों के लिए धार
02:37के बाशिंदों के लिए इस फैसले की एहमियत क्या है
02:41पुरुष हो महिलाए हो जैसे ही फैसला आया है यह एक दूसरे को रंग लगा करके इस तरीके से भजनों
02:47पर जूम करके इस फैसले पर अपनी खुशी जदा रहे हैं पुरुष बाहर होली खेल रहे हैं महिलाए अंदर भजंग
02:54आ रही हैं और मद्द्देश का आयोध्या जिस
02:57विवाद को कहा जाता था आखिरकार हाई कोट ते आज उस पे पहला फैसला देते हुए इन तमाम लोगों के
03:03बरसो पुराने संगर्श को एक जीत की महर आज दे दी है ऐसा इसा कहना और यही खुशी रवीश एक
03:09और बात क्यूंकि लगाता है हमारे दर्शक जो आपको दे�
03:26मुझंद है अगर आप दिखा सके तो लिए पैथ पहली बात तो मैं आपको बता दू परीसर के भीतर तो
03:34प्रवेश वर जीत रहता है वहाँ पर सिर्फ मंगलवार को शुक्रवार को इजाजत होती है मंगलवार को हिंदू पक्ष पूजा
03:41करने जाता है और शुक्रवार को म
03:55तस्वीर दिखाते हैं जहां से भोशाला के अंदर आपको रवेश मिलता है क्योंकि भोशाला जो परिसर है वो तक्रीबन 500
04:02मीटर अंदर है यहां से लेकिन आप देखिए जैसे ही फैसला आया यहां पर पुलिस ने तैयारिया शुरू कर दी
04:07है बैरिकेट्स आने शुरू हो ग
04:24दक्तूसण हम यह से जहला जोगा उ� Kilदूफ जो आपको दिखाते हैं इस्सें आपको थोड़ा अंदाजा लग जाएगा जादा अंतर
04:47आके
04:54है इसके भीतर आपको बता दे कि चारों तरफ करीब सेकड़ों खंबे हैं और उन खंबों पे जो शिला लेक
05:01है जो आकरितिया बनी हुई है उसे हाई कोट के आदेश के बाद जब एसाई ने सर्वे के लिए यहां
05:07चुना था 98 दिनों तक उसकी टीम यहां रही थी तो उन तमा
05:10मशिला लेकों का उन लेक किया गया उसकी कौपी रिपोर्ट तयार की गई और उसके बाद हाई कोट के जजज
05:17जो है वो बकाइदा इन दौर से यहां पहुंचे थे भोशाला में उन्होंने आकर के हाई कोट में जो सब्मिट
05:24की गई थी रिपोर्ट एसाई की तरफ से उस र
05:40एसाई की रिपोर्ट की आधार परी नहीं. बलकि खुद जो जजजज है उन्होंने आकर के उस रिपोर्ट को पहले खुद
05:46यहां देखा. एएसाई की रिपोर्ट पर जो दिया गया था,
05:49वर्णन क्या वो वर्णन यहां के शिलालेखों से मेल खाता है या नहीं जहां पे कमल की आकरिती बनाने की
05:55बात यहां मौजूद है या नहीं संस्क्रिप्ट में श्लोक यहां लिखे है या नहीं श्रिडाम का नाम मावागदेवी का नाम
06:02यहां लिखा है या नहीं यह तमाम च
06:18झाल झाल झाल
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