00:00असकार मैं हूँ शम्स ताहिर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03सी बी आई ने चंदरनात रत मर्डर केस की जांच अब अपने हाथों में ले ली है
00:08इस सिलसले में पकड़े गए तीन शूटरों से लगातार पूछ ताच भी जारी है
00:12लेकिन इसी शुरुआती तफ्तीश में जो तथ्य उभर कर सामने आए हैं वो चौकाने वाले हैं
00:18तथ्य ये कि चंदरनात रत की हत्या में करीब एक करोड रुपे खर्च किये गए
00:23और इस मर्डर केस की सुपारी बंगाल के उसी मध्यम ग्राम से दी गई जहांके चंदरनात रहने वाले थे
00:29जाहिर है सी बी आई लमहा लमहा इस केस के मास्टर माइंड के करीब पहुँच रही है
00:41बंगाल से ही निकली चंदरनात के नाम की सुपारी
00:48सिगनल लैब पर दिया गया कतल का ओर्डर
00:53एक करोड से ज्यादा की रकम का हुआ इस्तिमाद
01:00शूटरों को लोकेशन से ही मिली पलपल की खबर
01:07चार राजियों की क्राइम सिंडिकेट का खूनी कनेक्शन
01:13कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर
01:15मध्यमग्राम का यही वो शैलेश पाड़ा इलाका है
01:17जहां बुधवार 6 माई की राद
01:19कातिलों ने पश्चिम बंगाल के सीम
01:21शुभिंदू अधिकारी के पीए
01:23चंदरनात रत को अपनी गोलियों का निशाना बना
01:28इस केस की कफ्तीश अपने हाथ में लेने के बाद
01:30सीबियाई की टीम अब तक दो-दो बार
01:33मौकायवारदात का जायजा ले चुकी है
01:35बलड स्टेन यानि खून के धबों और बैलेस्टिक एविडेंस
01:39कलेक्ट करने से लेकर
01:40सीन ओफ क्राइम के एके किंच की मैपिंग कर
01:43पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर चुकी है
01:46फुट्प्रिंट और फिंगर प्रिंट जैसे फिजिकल एविडेंस भी जुटाएं
01:51उधर राज सिंग, मैंक राज मिश्र और विकी मौरिया की सूरत में
01:55सीबियाई के पास इस केस के तीन शूटर तो खैर पहले से ही मौजूद है
02:00ऐसे में अब अगर कुछ बाकी है तो वो है पूरे शूटाउट की कहानी को समझना
02:05और उस मास्टर माइंड तक पहुँचना जिसने चंदरनाथ के कतल की साजिश रची और सुपारी दी
02:11जाहिर है इसके बाद ही सीबियाई चंदरनाथ रथ की हत्या की असली वज़र यानि मोटिफ पर से परदा उठा पाईगी
02:19लेकिन अब तक की तफ्तीश में ही इस केस को लेकर सीबियाई को जो कुछ पता चला है वो भी
02:25कम चौकाने वाला नहीं है
02:27भले ही इस केस का कनेक्शन यूपी बिहार और जारखंट से जुड़ता नजरा रहा हो
02:32लेकिन चंदरनाथ का दुश्मन कोई दूर बैठा शक्स नहीं
02:35बलकि पश्चिम बंगाल के मध्यगराम का ही एक लोकल आदमी है
02:40जिसने उसके नाम की सुपारी दी
02:42अब अगर इस लोकल के पीछे भी किसी और का हाथ हो
02:45तो वो सच तफ्तीश में सामने आ सकता है
02:50अभी तक तीन लोगों को ग्रिफतार किया है
02:52पस्चिम बंगाल पुलीस ने उनसे भी CBI की टीम लगातार पूचताच करके
02:57ये समझना चाती है कि इस मर्डर के पीछे मोटिव क्या रहा
03:00क्या ये मर्डर फोर गेन था या फिर कोई आपसी रंजिस थी
03:05या फिर कोई राजनेतिक कारण से चंदनात को रास्ते से हटाया गया
03:10इस बारे में अलग-अलग पहलों को खंगालने में जुटी हुई है CBI की टीम
03:15और सूत्रों के मताबिक CBI के हाथ ऐसे कुछ तत्व सामने आए हैं
03:19जो आने वाले दिनों में इस पूरे तहकीकात को एक नया दिशा देगी
03:25सूत्रों की माने तो बिहार के बकसर सी गिरफतार मयंक राज मिश्र और विकी मोरिया ने ये कबूला है
03:31कि उन्हें जिसने चंदरनात के कतल की सुपारी दी वो आदमी मध्हमगराम का ही है
03:36इस आदमी ने पहले चंदरनात की लोकेशन साजह की
03:40उनका मूवमेंट ट्रैक करने में शूटरों की मदद की
03:43और फिर इसी आदमी ने सिगनल एप पर कतल का ओर्डर भी दिया
03:47फिलहाल सी बियाई मध्हमगराम के इस शक्स की तलाश में जुटी है
03:51ताकि बाकी कडियों को जोड़ा जा सके
03:53असल में शूटरों की शकल में सी बियाई के हाथ
03:56इस केस के तीन अहम कड़ी जरूर लगे हैं
03:59लेकिन ये भी सही है कि इस मर्डर केस को लेकर
04:02तीनों को A to Z सारी जानकारी नहीं है
04:05कम से कम तीनों से अब तक हुई पूछताच के बाद
04:09तो कुछ ऐसे ही संकेत मिले
04:10बहुत मुम्किन है कि कतल की साजिश रचने वाले शक्स ने भी
04:14अपने बारे में पहले से ही कम से कम जानकारी शेयर की है
04:18ताकि मामले की सीक्रेसी बनी रहे
04:20और साथी साथ वो खुद को भी कानून के नजरों से छुपाए रख सके
04:24इसलिए सीबियाई के लिए अभी साजिश की तहे तक पहुँचने के लिए
04:28डिडीटल अवीडिन्स एक हम कड़ी साबीत हो सकते हैं
04:32अब बात जब डिडीटल अवीडिन्स की चल रही है
04:49असल में बकसर से लेकर यूपी होते हुए बंगाल पहुँचने तक ये मैंक ही था जिसने पूरे रास्ते में पढ़ने
04:55वाले सभी टोल नाकों पर अपने मोबाइल फोन से यूपी आई पेमेंट पूलिस ने हावडा के बाली टोल गेट पर
05:03किये गए यूपी आई पेमेंट क
05:04ट्रैक करते हुए ही शूटरों को धर दबुचा था लेकिन अब जानकारी मिली है कि शूटरों ने सिर्फ बाली टोल
05:11गेट पर ही नहीं बलकि पूरे रास्ते के तमाम टोल नाकों पर यूपी आई के जरिये पेमेंट की थी और
05:17इस यूपी आई का ओनर मैंक राज मिश्र ही
05:32बलकि इसके लिए काम महीने भर से भी ज्यादा समय से चल रहा था
05:36करीब महीने भर से तो चंदरनाथ की तस्वीरें और पल-पल की लोकेशन किराय के कातिलों को शेयर की जा
05:43रही थी
05:43ताकि वो टार्गेट को अच्छी तरह पहचानने के साथ-साथ उसके मूव्मेंट को भी ठीक तरह से समझ ले
05:49मसलन वो कहां रहते हैं, क्या करते हैं, घर से कब निकलते हैं, कहां जाते हैं, कब लोटते हैं, वगएरा
05:56वगएरा
05:57शूटर बंगाल चुनाओ के दौरान ही एक बार चंदरनाद रथ के काफी करीब पहुँच चुके थी
06:02इरादा उन्हें सेकंड फेज के चुनाओ से पहले ही टार्गेट करने का था
06:06लेकिन पूरे राज्य में मौझूद चुनाओी भीड और भारी सुरक्षा व्योस्था के चलते, शूटरों को तब ये प्लान डालना पड़ा
06:16अब जानी की इस वारदात को अंजाम देने में खातिलों ने तक्रिबन कितने रुपए खर्च किये
06:21तो CBI से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस हत्याकांड में कम से कम एक करोड रुपए या फिर
06:27उससे भी ज्यादा की रकम लगाई गे
06:29इन में तक्रिबन सत्तर लाख रुपए तो सुपारी के तौर पर ही दिये गए
06:33इसके अलावा बाकी के खर्चे भी थे
06:36शूटरों के पास कम से कम दो ग्लॉक 47 एक्स लेवल के पिस्टल होने की बाद सामने आई है
06:41कुछ चश्मदीदों ने दावा किया है कि एक शूटर एक ही हत्यार से लगातार नॉन स्टॉफ फाइरिंग कर रहा था
06:48और ऐसी फाइरिंग बेहद सौफिस्टिकेटेड हत्यार से ही की जा सकती है
06:52किसी देशी कट्टे से नहीं
06:54वैसे भी जो क्राइम सिंडिकेट इतने बड़े आदमी को टार्गेट कर रहा हो
06:59जिसका निकसस चार या फिर उससे भी ज़्यादा राज्यों से जुड़ा हो
07:03उसके शूटर किसी काम चलाओ हत्यार से तो गोली चलाएंगे नि
07:07ग्लॉक जैसे ऐसे हाई प्रोफाइल हत्यारों के बारे में ये कहा जा सकता है
07:11कि ये ब्लैक मार्केट में 10 लाख रुपए तक में मिलते हैं
07:15इस हिसाब से देखें तो ये रकम आसानी से 90 लाख रुपए तक पहुँच जाती है
07:19फिर इसके अलावा गाड़ी और बाइक्स का इंतजाम करना
07:22उनके लिए भी बिलकुल असली से दिखने वाले फेक नंबर प्लेट्स जुगार करना
07:27चेसिस नंबर तक घिस देना
07:29महिने भर से भी ज्यादा समय से टार्गिट का पीछा करना
07:33इन कामों में भी पैसा लगता है
07:37चंद्रनात रत की हत्या सेकेंड फेज के इलक्सन से पहले होनी थी
07:42लेकिन भारी भीड और सुरक्षा की वज़ा से हत्याकांड को शूटर अंजाम नहीं दे पाए
07:49कुछ इस तरह के खुला से सीबी आई के सामने आये है
07:53सीबी आई की टीम कोलकाता में मौजूद है और अपनी जांच को लगातार आगे बढ़ा रही है
07:59सीबी आई को पता चला है कि सूटर्स को सिगनल एप पर किसी ने फोटो भेजा था
08:05और चंद्रनात रच को मारने का आदेश दिया था
08:09वो आदेश किस ने दिया था
08:10सीबी आई की टीम अब इस बात का पता लगा रही है
08:14सूटरों के मुताबिक जानकारी ये भी मिली है
08:17कि सूटर्स को सतर लाग से लेकर एक करोण तक की रकम किसी ने दिती
08:24जिसके बाद सूटर्स अत्या धुनिक हतियार से चंद्रनात रच की हत्या कर देते है
08:31तफ्तीश में शूट आउट में इस्तिमाल किये गए निसान माइकरा कार के बारे में भी जानकारी काफी हद तक साफ
08:36हुई है
08:37खबरों के मुताबिक इस कार का इंतजाम केस से जुड़े बकसर के शूटर मैंक राज मिश्र नहीं किया था
08:43हलंकि कार बिहार नहीं बलकि जारखंड की बताई जाती है
08:47जिसे पहले लिफ्ट किया गया और फिर इस काम में यूज किया गया
08:50इस तरह इस केस का कनेक्शन अब तक बंगाल के बाहर यूपी बिहार और जारखंड से भी जुड़ता नजर आ
08:58रहा है
08:58ये कहा जा रहा है कि शुट आउट के नेटवर्क के इसी फैलाव को देखते हुए बंगाल सरकार ने इस
09:04केस को CBI के हवाले करने का फैसला किया
09:07ताकि एक सेंट्रल एजनसी के तौर पर CBI खुल कर मामले की तफ्तीश कर सके
09:13कुछ इसी बात को ध्यान में रखते हुए CBI ने आठ ओफिसर्स की एक ऐसी SIT बनाई जिसमें सभी राज्यों
09:20के ओफिसर्स को शामिल किया गया
09:22ये रहा CBI का वो अफिशियल ओडर जिसमें अलग-अलग जगहों के अफसरों के नाम शामिल है
09:27इन में सबसे उपर नई दिल्ली के CBI के DIG पंकज कुमार सिंग का नाम है
09:32जिसके बाद नई दिल्ली से ही दो SP सुभाष चंद्र कुंडू और अनिल कुमार यादों है
09:37जबकि अगला नाम जारखन के धनबाद से DSP विकास पाठक का है
09:42जिसके बाद पटना और रांची के DSP अमित कुमार और कुलदीब है
09:46जबकि लखनों के CBI इंस्पेक्टर विवेक शिवास्ताओ को भी इस टीम में रखा गया
09:51यह ओर्डर कहता है कि इस टीम की तरफ से की जाने वाली जांच का सुपरवीजन
09:55कोलकाता के जॉइंट डारेक्टर करेंगे
09:58जो जरुवत पड़ने पर इस टीम में और भी आफिसर्स को शामिल करने का फैसला कर सकने है
10:04पश्यमंगाल के मुक्यमंतरी शुबेंदू अधिकारी के पीए चंदरनाथ रत की हत्या भले ही पश्यमंगाल में होई हो
10:11लेकिन इस हत्याकान के तार पश्यमंगाल से निकल कर जारखन उत्तरप्रदेश से सिलीगुडी तक जुड़ते नजर आ रहे हैं
10:20यही वज़े हैं कि इस पूरे मामले की जाच सी बी आई को स्वाम दी गई है
10:25वज़े हत्या भले ही पश्यमंगाल में हुई हो
10:29लेकिन हत्यारों ने जिस गारी का इस्तिमाल किया वो जारखन की थी नंबर सिलीगुडी का था
10:36और जिन तीन लोगों को गिरफतार किया वो यूपी विहार बाॉडर के रहने वाले और अपराधियों के पुराने परचित थे
10:44ऐसे में CBI के सामने पश्यमंगाल के साथ साथ बिहार उत्तरप्रदेश वह तमाम अन्य राज्यों में भी जात के तार
10:54पकड़ने होंगे
10:55तब ही इस पूरे हत्याकान की पड़ते सामने आएंगी और साफ हो सकेगा कि आखिर चंदरनात रत की हत्या की
11:03पीछे सुपारी किलिंग की वजह क्या थी और फाइनेंसर कौन था
11:10अब तक सामने आचुके CCTV फुटेज के अलावा तफ्तीश में कुछ और CCTV फुटेज भी CBI के हाथ लगे जिससे
11:17शूट आउट को अंजाम देने का पूरा सीक्वेंस काफी हद तक क्लियर होता दिख रहा है
11:22इन फुटेज के मुताबिक मैंक राज मिश्र ही इस निसान माइकरा कार को लेकर चला था
11:26कतल से पहले वो बंगाल पहुँचने के बाद जशोर रोड इलाके के बिराटी मोड के पास इस गाड़ी से उत्रा
11:33जिसके बाद ये कार बारासाथ के ग्यारा नंबर रेलवे फाटक के पास पहुँचाईगे
11:38जहां एक दुकान के सामने कार कतल वाले दिन शाम चार बचकर पांच मिनट से छे बचकर पचपन मिनट तक
11:45खड़ी रही
11:46जिसके बाद कातिल कार को लेकर आगे निकल रही
11:51चंदनात रत के मर्डर में सीबी आई की तफ्तीश हुई तेज साथ मिंबर की टीम इस समय बारासाथ के अलग
11:58अलग जगों पर घूम कर इलाखे का मुएना कर रही है
12:00और कई जगों पे लोगों से बादशीत करके उस दिन क्या हुआ था ये समझने की कोशिश में है
12:05सूतर के हुआले से खबर सीबी आई के हाथ में ऐसी कई तफ्त्व आये हैं
12:09खासकर वो सीबी कई सारे सीबी फुटेज जहां इन हमलावरों को देखा गया उनके गारियों को देखा गया
12:14आज एक टीम CBI की पहुँची थी बारासाथ के 11 नंबर रेल गेट पे जहां एक बाइक बरामत किया गया
12:22था और जिस बाइक को इस हमले में इस्तमाल किया गया था
12:25फिलहाल एक टोल प्लाजा में एक और टीम पहुची और पहुचने के बाद वहां के CCTV के साथ बाकी CCTV
12:32को मैच करके देखने की कोशिश हो रही है ताकि टाइम फ्रेम को समझा जाए कि कितने बजे उस टोल
12:38प्लाजा को क्रॉस किया था वो गाड़ी और उसके बाद जिस समय घटन
12:53है उसे भी समझने की कोशिश में हैं CBI की टीम अब चूंकि इस केस के तीन शूटर पुलिस के
13:02हाथ लग चुके हैं शूटाउट के बाद इन तीनों के साथ साथ बाकी के शूटरों के भागने का रूट मैप
13:08भी काफी हद तक साफ हो चुगा है जानकरी के मताबिक वारदात
13:12को अंजाम देने के बाद दोढ़िया इलाके से शूटर अलग-अलग दिशाओं में निकल गए लेकिन इसके बाद सभी के
13:18सभी फिर से रात 11 बजे स्यालदा स्टेशन पर इकठा गूँ और वहीं से यूपी और बिहार के लिए ट्रेन
13:25पकड़ने कोलकाता से तापस सेंगु
13:28और लखनों से संतोष शर्मा के साथ अर्विन दोझा दिल्ली आच्छतर
13:59ये CCTV फुटेज चंदरनात रथ मर्डर केस में शूटर के तौर पर गिरफतार किये गए राज सिंग का है
14:06वही राज सिंग जो इस वक्त CBI की रिमांड पर है
14:09CBI बेशा कुछ से लगातार पूछताच कर रही हूँ
14:13लेकिन बलिया में उसका परिवार ये दावा करने में जुटा है कि राज सिंग का इस केस से कोई लेना
14:19देना नहीं
14:19खुद राज सिंग की मां जामवंती देवी ने वारदात के वक्त अपने बेटे के अपने साथ होने का दावा किया
14:26है
14:26और अब राज सिंग के परिवार नहीं बलिया के अपने घर का एक ऐसा CCTV फुटेज जारी किया है जिसमें
14:32राज सिंग वारदात वाले दिन और वारदात की शाम अपने घर में नज़र आदा
14:38अब अगर ये CCTV फुटेज सही है तो इतना तो साफ है कि राज सिंग कम से कम शारिरिक तौर
14:44पर तो दो जगर यानि मौकाय वारदात पर मौजूद नहीं हो सकता
14:48ऐसे में चंद्रनाथ मर्डर केस में राज सिंग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठते हैं
14:55हलांकि ये भी सही है कि CBI ने कभी ये नहीं कहा कि राज सिंग मौकाय वारदात पर था या
15:01उसने चंद्रनाथ पर गोली चलाई
15:02लेकिन जिस तरह इस case में राज सिंग को अरिस्ट किया गया उससे लगता है कि राज सिंग परदे के
15:08पीछे से इस सुपारी किलिंग के खेल में शामिल है
15:11बहुत मुम्किन है कि वो एक लाइनर या फैसिलिटेटर के तोर पर कातिल सिंडिकेट का हिस्सा
15:17इस मडरकेस में पकड़े गए तीनों आरोपी फिलहाल तेरा दिन की रिमान पर है
15:22ये समझा जाता है कि जब CBI उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश करेगी
15:26तब उनकी गुमिका भी काफी हद तक साफ हो चुकी होगी
15:31चंदरनात रत की मौत को लेकर रहस से इसलिए भी और स्यादा गहरा है
15:35क्यूंकि इससे पहले भी शुभिंदू अधिकारी के तीन और करीबियों की पिछले तेरा सालों में
15:41रहसमे हालाग में मौत हो चुकी है
15:43अपने तीन करीबियों को खोने वाले शुभिंदू के चौथे साथी का यूँ एकाएक रहसमे करीके से मारा जाना भी सवाल
15:51खड़े करता है
15:512013 में जब शुभिंदू त्रिनमुल के सांसत थे तब उनके पिये प्रदीब जागी मौत हो गई थी
15:58इसके बाद 2018 में उनके पिये सो शुभब्रोतो चक्रवर्ती की भी रहसमे हालात में जान गई
16:06इसे सुईसाइड बताए गया
16:072021 में शुभिंदू के एक और पिये फुलक लाहिडी की भी जान संधिक परिस्तितियों में गई थी
16:14सवाल ये है कि आखिर शुभिंदू के करीबियों को साल दर साल कौन एक एक गर टार्गिट कर रहा है
16:21और क्यों ये राज भी कहना है
16:25पलिया से अनिल अकिला के साथ आज तक ब्यूरो
16:29तो वारदात में फिलहाल इतना ही
16:31देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रहिए आज तक
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