00:003, 3, 4, 3, 3, 1, 2, 3, 3, 2, 3, 3, 3, 3, 4, 3, 4, 3, 4, 3,
00:064, 4, 3, 3, 4, 4, 3, 4, 4, 5, 4, 3, 4, 5, 4, 5, 6, 6, 7, 8,
00:089, 10.
00:11कहते हैं जुकता है आसमान जुकाने वाला चाहिए
00:15दिल्ली के टीचर कृश्ण कुमार पर ये बात एकदम सटीक बैठती है
00:19दियान से देखे इन तस्वीरों को ना कोई स्कूल है ना कोई क्लास्रूम फिर भी बच्चे मन लगा कर मगन
00:25होकर पढ़ रहे हैं
00:26यह कृष्ण सर की क्लास है जो हर दिन नहरू प्लेस के नजदेक एक पार्क में लगती है
00:31अध्यापक क्रिश्ण कुमार आर्थिक रूप से एक अमजोर परिवार की बच्चों को पढ़ाते हैं
00:36जो बच्चे किनी कारणों से स्कूल नहीं जा पाते उन्हें वो स्कूल में दाखिला दिलाने में भी मदद करते हैं
00:43अधियापक कृष्ण कुमार बच्चों को कॉपी किताबे भी खरीत कर देते हैं
00:47दिन रात की मेहनत की बाद इनके पढ़ाए 12 बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिला मिल चुका है
00:53और अन्य बच्चे दाखिले के प्रयास में है
00:56इनकी मेहनत बच्चों में जलकती है
00:58तीन महिने से कृष्ण सरकी क्लास में आ रही आशा
01:01गिंती पहाडों के साथ साथ अब इंग्लिश भी सीख गई है
01:06अच्छा आप यहाँ कब से आ रही हैं पढ़ने?
01:09तीन महिने अभी तक आपको क्या क्या सिखाया है?
01:21मुझे की स्वेलिंग आपको याद है? क्या है?
01:27और गिंती भी स्वेलिश अबे? अपको गिंती आती है? तुनाईये
01:41पहड़ा
01:52आशा की तरह ही तीन महिने से पढ़ने आ रहे राम ने कमाल कर दिया है
01:56सत्रा तक पहाडे पढ़ लेते हैं, गिंती आने लगी है और इंगलिश भी समझते है
02:02यहाँ कब से आप पढ़ने आ रहे हो?
02:03तीन मेने
02:04क्या क्या सिखा है आपने?
02:06सत्रा तक पाड़े, सो तक गिंती, काकगा, और लिखना भी जानती हो आप?
02:14क्या क्या लिख लेती हो?
02:15हिंदी भी लिख लेता हूँ, हिंदी आती है पूरी
02:32हैरानी की बात यह है कि यह बच्चे अभी तक स्कूल नहीं जाते हैं
02:36इन्हें टीचर क्रिश्न ही पढ़ाते हैं
02:39ऐसे एक प्यारी सी बच्ची मीरा है जो कल तक लिखना नहीं जानती थी
02:43क्रिश्न सर्गी क्लास में मैट्स, इंग्लिश, हिंदी अब सभी विश्यों को पढ़ने लगी है
02:48आपने यहां क्या कैसी सीखा है?
02:52ABCD और 33 गिंती
02:54अचा ABCD सुनाईए?
02:57A, B, C, T, E, F, G, H, I, J, K, L, M, L, O, P
03:07गिंती सुनाईए?
03:0930 का
03:10हाँ गिंती सुनाईए?
03:133, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15
03:22किसी बदलाव की कोशिश में सबसे बड़ी चुनाउती होती है
03:25लोगों की सोच को बदलना और भरोसा कायम करना
03:29क्रिश्चु कुमार की जीवन में इस दोनों चुनाउतिया पहाड की तरह थी
03:33लेकिन उन्होंने इन बच्चों की माता-पिता को समझाया
03:36उन्हें भरोसा दिलाया
03:37तब कहीं जाकर माता-पिता ने बच्चों को इनकी क्लास में भेजना शुरू किया
03:43आपका बच्चा यहां पढ़ रहा है कब से पढ़ रहा है तो बच्चा क्या क्या पढ़ रहा है
04:08अच्छा घर पर भी पढ़ाई करता है आपका बच्चा यहां पढ़ता है अच्छा कब से पढ़ रहा है बच्चा यह
04:16पढ़ रहा है तीन महीना तो इसको क्यों नहीं बेज रहते
04:48अच्छा काम करते हैं तो लोग आपके साथ जुड़ते चलिए अच्छा काम करते हैं तो लोग
04:51नहीं बेजले जाते हैं इस मुहीं में अफरीदाबाद से आने वाले राजीव गेरा भी जुड़ गय हैं जो
04:56बच्चों को पढ़ाने के लिए रोज समय नकालते हैं तो बच्चों को पढ़ाने आ रहा है कैसे इसकी जानकारी मिली
05:03और कहां
05:04I am from Faridabad and I have seen him on the Instagram channel.
05:09After watching, I felt that they are doing a lot of work for their children.
05:14So, I felt a lot of inspiration because they are doing a lot of work for their children.
05:21They are doing a lot of work for their children.
05:24So, I felt that they are doing a lot of work for their children.
05:28Our children are doing a lot of work for their children.
05:34Then, in order to HR, we will need to work as a way of helping families.
05:35So, we would need to work out them.
05:36So, Sir, how long have you been on a trip?
05:39I am from 45 minutes.
05:41We will have been on a trip for 4 children.
05:45Today, it's been a long trip.
05:47Krishna Sir has been around 60 children.
05:51It's a dream that there is some children to go there.
05:54be
05:54a
05:54a
05:55a
06:01a
06:04a
06:04a
06:04a
06:05a
06:05a
06:06a
06:06a
06:07a
06:07a
06:07a
06:07a
06:07a
06:07a
06:07a
06:08a
06:08a
06:08a
06:08a
06:08a
06:08a
06:11a
06:13a
06:13a
06:19a
06:23a
06:24a
06:24a
06:26a
06:27a
06:27a
06:27a
06:27a
06:27a
06:38a
06:38a
06:38a
06:38a
06:38a
06:38a
06:39a
06:39a
06:39a
06:39a
06:39a
06:39a
06:39a
06:39a
06:39a
06:39a
06:40a
06:40a
06:40a
06:40a
06:40a
06:40a
06:40a
Comments