Skip to playerSkip to main content
  • 3 hours ago
सुबह के नौ बजते ही जैसलमेर की सड़कों पर सूरज आग बरसाने लगता है। चिलचिलाती धूप, तपते डामर और लू के तीखे थपेड़ों के बीच शहर का लगभग पांच किलोमीटर लंबा यातायात क्षेत्र मानो भट्टी में बदल जाता है, लेकिन इस तपिश के बीच भी 39 यातायात पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य से डिगते नहीं, उनकी निगरानी में रहते है प्रतिदिन करीब 25 हजार वाहन। सफेद वर्दी पसीने से भीग जाती है, चेहरों पर गर्म हवाओं की मार साफ दिखाई देती है, फिर भी चौराहों पर खड़े जवान लगातार वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करते रहते हैं। किसी के हाथ में सीटी है, कोई धूप के बीच हाथ उठाकर ट्रैफिक थाम रहा है तो कोई राहगीरों को सुरक्षित रास्ता दिखा रहा है। तपते सूरज के नीचे यह दृश्य केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और सेवा का जीवंत चित्र बन जाता है।

लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हाल ही में पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देश पर यातायात पुलिसकर्मियों के लिए छाया, ठंडे पानी और राहत की व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक विश्राम का समय निर्धारित किया गया है, ताकि तपती गर्मी के बीच ड्यूटी निभा रहे इन प्रहरियों को कुछ राहत मिल सके।



Category

🗞
News
Transcript
00:00BEEP
00:04BEEP
00:05BEEP
00:06BEEP
Comments

Recommended