00:00अब पीम की नेत्रित की शेली कॉलेजियों में पढ़ाई जाएगी इस पर बड़ी बहस छड़ गई है और पूछा जा
00:06रहा है कि क्या अब युनिवर्सिटियों में समाज सास्त्र पढ़ाया जाएगा या फिर निताओं का वेक्तित गुजरात के सबसे पुरानी
00:14सरकारी इं�
00:27पर आधारित मोदी तत्व और राश्प्रिय स्वाइम सेवक संग यानि आरेस पर पढ़ाई करनी हुई नया से अकले सत्र से
00:38शुरू हो जाएगा 1881 में बड़ादा कॉलेज के रूप में शुरू ही ये यूनिवर्सिटी उनीचास में पूरी तरह से विश्वध्याले
00:46बनी
00:57सबसे खु़ए और विविद महाल वाले कैंपस हो में इसकी पहचान रही है अब भी ए समाज सास्थ के चौथे
01:04साल और में समाज सास्थ के पहले साल में तीन नए मोडियूल जोड़े जा रहे हैं जिसमें सोशियलजी ऑभारत हिंदू
01:11सोशियलजी ऑफ पड़ाया जाएगा
01:16सबसे ज़्यादा चर्चा आफ़ी मोड्यूल की हो रही है इसी में मोदी तत्व पढ़ाया जाना है इसमें शमास सास्ट्री मैक्स
01:23वेवर के करिश्माई निर्टित्व सिधान्त के जड़िये मोदी के निर्टित्व शैली चुनावी परदर्शन जनता में उनकी शबी और नी
01:46वग भी करना पड़ सकता है समास सास्ट्री विभाग के प्रमुग डॉक्टर वेरें सिंग ने इंडिया टोड़े को बताया कि
01:52इसका बचाव करते वे वो भी कहा कि मोदी तत्व में तत्व का मतलब ऐसा एलेमेंट है जिसे नजर अंदाज
01:59नहीं किया जा सकता उनके मुता�
02:14नीती आयोग की पड़ियोजनाओं के तहत गावों में सर्विक तब उन्हें आरेसस से जुड़े संगठन जमीनी अस्तर पर सक्रिये मिले
02:22इसलिए इसका समास सास्त्री अधिन सरूरी लगा लेकिन यहीं से विवाज शुरू हो गया आलोशकू का कहना है कि जब
02:31कोर्स तयार
02:31करने वाले लोग खुद सरकारी संस्थाओं और नीती आयोग से जुड़े हो तो मौझूदा परदान मंत्री पर पार्ठे कर्म बनाना
02:38हितों के टकराव का मामला बन सकता है
02:41राजनीतिक विरोध भी तेज है कॉंग्रेस के नेता तारिक अनवर ने से दुर्भाग गिपूर्ण बताते हुए कहा कि जिन संगठनों
02:48को पढ़ाया जा रहा है उनका आजादी की लड़ाए में कोई योगदान नहीं था
02:53ये फैसला ऐसे वक्त आया है जब यूनिवर्सिटी पहले भी एकाडमिक सुतंत्ता को लेकर विवादों में रही है
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